. अम्मी जान के बूब्स से दूध पीने के बाद जोरदार चुदाई करी मैं हमेशा मेरी सेक्सी माल कामुकता से भरी सेक्सी अम्मी जान को गन्दी नजरों से ही देखा करता था मगर मेरी कामुकता से भरी सेक्सी. अम्मी जान को ये बात पता नहीं थी की मैं उन्हें गन्दी नजर से देखता हूँ उनकी नजरों में तो मैं उनका राजा बेटा था.
मेरा मन हमेशा यह चाहता था कि में अपनी अम्मी जान के बूब्स इस तरह से दबाऊँ कि बस मज़ा आ जाए.
दोस्तों हुआ यह कि एक हफ्ते के लिए मेरे अब्बू जान को किसी जरुरी काम से लाहौर जाना पड़ा.
फिर एक दिन अम्मी जान किचन में काम कर ही थी, तो मुझे उनके झुकने पर उनके बूब्स नजर आए, तो में उनको देखता ही रह गया.
अब कामुकता से भरी सेक्सी अम्मी जान को मालूम था कि में उनके बूब्स देख रहा हूँ.
फिर में किसी काम से घर से बाहर गया और रात को करीब दस बजे वापस घर पर आया तो अम्मी जान ने कहा कि वो टेबल से गिर गई है, तो मैंने कहा कि कहाँ लगी है? तो उन्होंने कहा कि कंधे पर लगी है और कमर में भी बहुत तेज दर्द हो रहा है बेटा.
फिर मैंने कहा कि तेल मालिश कर देता हूँ दर्द कम हो जायगा और आपको अच्छी नींद आ जायगी.
तो मेरी माँ ने कहा कि ठीक है बेटा कर दे तेल मालिश.
अब्बू जान की गैरमौजूदगी में आज यही सही मौका था अपनी सगी माँ का बलात्कार करने का.
फिर मैं हवस का पुजारी बेटा तुरंत तेल की बोतल लाया और अम्मी जान से कहा कि आप लेट जाओ, तो वो अपने पेट के बल लेट गई.
मेरी मम्मी के बूब्स इतने बड़े थे कि उनके लेटने के बावजूद वो उन पर उठी हुई लग रही थी.
फिर मैंने कहा कि सलवार नीचे कर दो, तो उन्होंने कहा कि खुद ही कर लो बेटा, तो मैंने उनकी सलवार नीचे करने से पहले पूछा कि आपकी सलवार को कितनी नीचे करूँ? तो अम्मी जान ने कहा कि जितनी तेरी मर्जी करे उतनी कर ले, अब में तो बहुत खुश हो गया था.
फिर मैंने एक झटके में मेरी अम्मी जान की सलवार उतार दी, तो वो शरमा गयी.
जब मैंने मेरी माँ की सलवार खोली तब मुझे पता चला की उन्होंने अपनी सेक्सी गांड पर पेंटी नहीं पहनी थी, तो मेरे लंड में 1000 वॉट का झटका लगा.
अब मेरा मन तो कर रहा था कि अभी घोड़ी बनाकर उनकी गांड मार दूँ, लेकिन फिर मैंने खुद पर कंट्रोल किया.
अब उनकी कमर पर मालिश करते-करते मेरी उँगलियाँ अम्मी जान की सेक्सी गांड से टच हो रही थी तो मैंने डरते हुए पूछा कि सिर्फ़ कमर या गांड पर भी.
तो उन्होंने ऊईईईईईईईईई के साथ कहा कि पूरा काम कर दो.
फिर मैंने अपनी पेंट उतारी और अपना 8 इंच लम्बा लंड उनकी गांड पर रखा और एक झटका दिया तो मेरा सिर्फ़ टोपा ही उनकी के छेद में घुसा था.
गांड चुदाई के दौरान फिर अम्मी जान के मुँह से तो चीखों की बारिश हो गई, तो मैंने अगले 4 धक्को में अपना लोहे की रॉड जैसा कठोर लंड मेरी नंगी अम्मी जान की गांड में डाल दिया.
तो वो जैसे जल रही थी ऊओ हाईईई बेटा और चोद रे कुत्ते.
फिर मैंने अम्मी जान की कमीज़ को एक झटके में फाड़ दिया, उन्होंने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी, तो में उनकी पीठ को चाटने लगा और जब 10 मिनट के बाद भी में नहीं झड़ा तो मैंने कामुकता से भरी सेक्सी अम्मी जान को सीधा किया और उनके नंगे जिस्म पर जगह जगह पागलों की तरह चुम्मा चाटी करने लगा और चुम्मा चाटी के दौरान मैंने उनके दूध से भरे मोटे मोटे बूब्स इतने ज़ोर जोर से दबाए कि अम्मी जान के मुँह से चीख. निकल पड़ी.
फिर मैंने पूछा कि क्या हुआ अम्मी जान? तो मेरी कामुकता से भरी 45 साल की अम्मी जान बोली कि अम्मी जान के लोड़े, में तेरी अम्मी जान हूँ कोई धंधा करने वाली सड़क छाप रंडी नहीं हूँ थोड़ा प्यार से कर ले.
फिर मैंने कहा कि अम्मी जान में आपके इन मोटे मोटे बूब्स का ताजा दूध पीना चाहता हूँ.
मेरी कामुकता से भरी 45 साल की अम्मी जान बोली कि यह बूब्स तेरे ही तो हैं बेटा, पहले तो तू मेरी चाट फिर में तेरा लंड चूसूँगी साले, तेरा बाप का लिंग तो इसका आधा भी नहीं है, वो सेक्स के दौरान जल्दी ही अपना माल छोड़ देता है और फिर हम कामसूत्र की 69 की पोज़िशन में हो गये और फिर 5 मिनट के बाद हम दोनों अम्मी जान बेटे ने एक ही साथ अपना पानी छोड़ दिया.
अब्बू जान की गैरमौजूदगी में यही बिलकुल सही मौका था अपनी माँ के साथ सेक्स संबंध बनाने का और उनकी जोरदार चुदाई करने का तो फिर मैंने तुरंत ही मेरी कामुकता से भरी सेक्सी अम्मी जान की जोरदार चुदाई करने के लिए उन्हें पलंग पर लेटा दिया और उनके दूध से भरे से किसी छोटे बच्चे की तरह खेलने लगा.
मेरी नंगी माँ के मोटे मोटे बूब्स के साथ खेलने का परिणाम ये हुआ की करीब दस मिनट के बाद मेरा लंड फिर से मेरी अम्मी जान का काम लगाने के लिए तैयार हो गया.
मैंने अम्मी जान से कहा कि कंडोम तो दो.
फिर उन्होंने कहा कि बेटा कंडोम की कोई जरूरत नहीं मैंने ऑपरेशन करा रखा है और में अब तेरे से बिना कंडोम के चुदवाने के बाद भी तेरे बच्चे की अम्मी जान नहीं बनूँगी.
फिर में सब्र ना करते हुए अम्मी जान के मोटे मोटे दूध से भरे बूब्स पर टूट पड़ा और उनकी निपल्स को चूसने लगा और अपने दाँत से काट काट कर दूध पीने लगा.
फिर मेरी कामुकता से भरी 45 साल की अम्मी जान बोली कि काटो मत प्यार से दूध पी लो मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ घर का माल हूँ घर में ही रहने वाली हूँ.
लेकिन अब मुझ मादरचोद बेटे को तो बहुत मज़ा आ रहा था और में ज़ोर-ज़ोर चूस भी रहा था और दूसरी तरफ अपना लोहे की रॉड जैसा कठोर लंड उनकी बहुत ही टाईट चूत में पेल भी रहा था, तो इस पर अम्मी जान आआह ओह ऊहहहहह हाईईई आआ करने लगी और में उनके बूब्स को किसी छोटे बच्चे की तरह अपने मुँह में लेकर चूस रहा था.
मेरी 45 साल की अम्मी जान के बूब्स में इस उम्र में भी बहुत सारा दूध था.
फिर मैंने 30 मिनट तक अम्मी जान का दूध पिया और उनकी 1 इंच की निप्पल को अपने दातों से काटने लगा और फिर रात को 3 बजे अम्मी जान की एक बार फिर से जोरदार चुदाई करी और उनकी गांड भी मारी.
अब जब भी मेरे पिता जी घर पर नहीं होते थे तब हम माँ बेटे अब्बू जान की गैरमौजूदगी में जोरदार चुदाई का गंदा खेल खेला करते….
स्रोत:इंटरनेट