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आंटी के स्तनों से खेलने के लिए उनके ब्लाउज में हाथ डाला

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आंटी के स्तनों से खेलने के लिए उनके ब्लाउज में हाथ डाला 1

. आंटी के स्तनों से खेलने के लिए उनके ब्लाउज में हाथ डाला मैं किसी भी तरह सेक्स का आनंद लेना चाहता था.
मैं अक्सर बाजार जाकर वहा आती जाती औरतों को देखा करता.
उनके जोर जोर से हिलते स्तन और मटकती गांड देख मुझे मन ही मन कामुक कर देता.
मेरा लंड कडा होजाता जिसे मैं बार बार अपने हाथ से मसलता.
किस्मत से एक दिन बाजार में मुझे ऐसा करते देख एक औरत ने देख लिया.
वो पियाज लेने के लिए नीचे बैठी और उन्हें छाटने लगी.
सब्जी बेचने वाले चाचा के ठीक पीछे खड़ा मैं आंटी के दूध से भरे मोटे मोटे स्तनों को ललचाई नजरों से देखने लगा.
मेरी गन्दी नजर ठीक उनके दूध से भरे दोनों बड़े बड़े स्तनों के बीच की दरार पर थी जो की उनके गहरे गले वाले ब्लाउज में से मुझे बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी.
मेरी माँ की उम्र की सेक्सी आंटी के दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों को देख कर मेरा लंड कठोर हो गया था जो की मेरी पेंट के उप्पर से फुला हुआ दिखाई देने लगा.
आंटी की नजर जब मेरे खड़े लंड पर पड़ी तो वो मेरे लंड को देखकर मुस्करा उठी.
उन कामुकता से भरी आंटी की मुस्कान मेरे लिए किसी हरी झंडी के सिग्नल जैसा था.
उन्हें पता था की मेरी गन्दी नजर उनके कामुक जिस्म पर है.
आंटी ने अपने प्याज लिए और उठ कर चलती बनी.
अब इतनी सेक्सी आंटी को मैं ऐसे ही कैसे जाने देता.
तो मैं भी अपने लंड को सहलाते हुए उनके पीछे निकल पड़ा.
मैंने सोचा आंटी का घर पता लग गया तो बस हर दिन उनके घर के आसपास ही घूमता रहूँगा ताकि उनके साड़ी ब्लाउज से ढके मादक जिस्म को अपनी नंगी आँखों से देख सकूँ.
यही सोच कर मैं उनके पीछे निकल पड़ा.
आंटी ने 3 से 4 और हरी सब्जियां खरीदी और अपने घर को निकल पड़ी.
कुछ ही दूर चलने के बाद उन आंटी का घर आ गया.
उन्होंने दरवाजा खोला और अंदर जाने से पहले पीछे मुड़कर मुझे देखा.
मुझे देख वो हल्का सा मुस्कुराई और अंदर अपने घर में चली गई.
दोस्तों उन्हें उस वक्त दरवाजा ही बंद नहीं किया और वो अंदर चली गई.
मैं बाहर खड़ा यही सोचा रहा की आंटी ने मुझे कोई इशारा तो नहीं दिया.
आंटी ने दरवाजा खोला वो इस बात का संकेत था की आंटी मुझे अंदर बुला रही है और वो मेरे साथ कुछ तो करना चाहती है.
मैंने साहस जुटा कर अपना कदम आगे बढ़ाया और अंदर उनके घर में घुस गया.
अंदर जाते ही मैंने आंटी को सोफे पर लेटा देखा.
मुझे आंटी ने कहा “बाहर का दरवाजा बंद करदो बेटा!!” बस दोस्तों उसके बाद तो मेरा लंड बे वजह खड़ा हो गया.
मैंने जल्दी से दरवाजा बंद किया और अपना लंड पकड़ कर भाग कर वापस आया.
अंदर आते ही आंटी ने न तो मुझ से मेरा नाम पूछा न पहचान.
उन्होंने सीधा अपनी साड़ी और पेटीकोट उठाया और मुझे टांगे खोल कर देखने लगी.
मैं खुसी से आगे बड़ा और आंटी की कच्छी उतार कर उनकी नशीली चूत चाटने लगा.
इस तरह मैंने सेक्सी आंटी की  काली चूत चाटी.
मेरा खड़ा लंड देख वो पहले ही गीली हो राखी थी.
बस दोस्तों मैंने अपने दोनों हाथो से उनकी जांघो को खोला और अंदर की नशीली चूत पर अपनी जुबान लगाने लगा.
आंटी की नशीली चूत काली थी और बड़ी सी थी.
उसका स्वाद कुछ खास अच्छा नहीं था.
अब दोस्तों वो कोई खाने की चीज तो है नहीं जो स्वादिष्ट हो खाने में.
मैं आंटी की  काली चूत चाटता हुआ उसकी सुगंध लेने लगा.
मुझे धीरे धीरे नशीली चूत का नशा होने लगा और लंड से पानी टपकने लगा.
मैंने  काली चूत चाटते हुए सामने देखा तो मुझे बस आंटी के दो बड़े बड़े पहाड़ जैसे स्तन दिख रहे थे.
स्तनों के बीच में आंटी के रसीले होठ देख मुझे उनसे प्यार हो गया.
ऐसा जिस्म और गर्म शरीर मैंने पहली बार महसूस किया.
मैंने आंटी की  काली चूत चाटते हुए अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाए और दोनों स्तनों को उनकी चोटी के ऊपर से दबोच लिया.
आंटी का ब्लाउज बहुत ही ज्यादा टाइट था और ऊपर से मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को दबोच रहा था.
कुछ देर ब्लाउज के उप्पर से ही आंटी के दबाने के बाद मैंने नोटिस करा की अब आंटी के दोनों बड़े बड़े स्तन भी कड़क हो गए हैं.
मेरी माँ की उम्र की उन कामुकता से भरी आंटी के दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों से खेलने के लिए उनके ब्लाउज में हाथ डाला और आंटी के बड़े बड़े स्तनों को प्यार से छूने लगा.
आंटी – अहह अहह उउह्ह्ह !! बेटा करके आंहे भरने लगी!! मैंने कहा – हम्म्म !! ह्म्मम्म्म्म !! बस कुछ इसी तरह की आवाज निकाल कर मैं आंटी की  काली चूत चाटता रहा और आंटी के भरे जिस्म को करीब से देखता और छूता रहा.
कुछ देर बाद आंटी की नशीली चूत से रस निकलने लगा.
मैं धीरे धीरे उसे अपने मुँह में भरता रहा और साथ ही उनके स्तनों को ब्लाउज के अंदर ही दबाता रहा.
मैंने किसी आवारा कुत्ते की तरह नंगी आंटी की  काली चूत चाटी और ठन्डे हाथो से उनके दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों को दुबारा से दबोच लिया.
मैं उनकी नशीली चूत चाट चाट कर बस रस मलाई निकालने ही वाला था की तभी आंटी ने अपने हाथ अपने स्तनों पर रखे और मेरे हाथो को पकड़ कर मुझ से अपने स्तन जोर से दबवाने लगी.
मैंने ब्रा के ऊपर से काफी जोर से उनके स्तन मसलना शुरू कर दिया.
जब मुझे मजा आने लगा तो मैंने अगले ही पल अपने ठन्डे हाथ ब्रा के अंदर घुसाए और आंटी के को जोर जोर से दबाना शुरू कर दिया.
ठन्डे हाथ लगते ही आंटी के शरीर पर रोंगटे खड़े हो गए.
आंटी – अहह बेटा तेरे हाथ !! मैं अपने ठन्डे हाथ आंटी के गर्म और नरम स्तनों पर लगा कर उन्हें भी गर्म करने लगा.
आंटी की दोनों चोटियों पर कड़ी चूचिया थी जिन्हे मैं अलग अलग तरह से खींचे दबाने लगा.
नशीली चूत चाट चाट कर मेरी जुबान थक गई पर जब आंटी की जांघो को थरथराते देखा तो मैं खुद को रोक न सहा.
कभी मैं  काली चूत को ऊपर ऊपर से चाटता तो कभी उसे खोल कर अंदर से.
कभी मैं अपनी जुबान गोल गोल घुमाता तो कभी नशीली चूत को अपने होठों से चूसता.
मैंने हर वो हत्कण्डा अपनाया जिस से आंटी अपनी कामवासना शांत करवाने के लिए मुझे अपना कामुकता से भर जिस्म सौंप दे.
मैं कुछ देर इसी तरह लगा रहा और मेरा लंड अपनी लम्बी लम्बी लार टपकने लगा और मुझे से कहने लगा की बेटा अब मुझे भी मजा लेने दे !!” पर दोस्तों मुझे नशीली चूत का नशा था मैं उसे चोदने का कम चाटने का ज्यादा ख्वाब देखता था.
मैं इसी तरह आंटी की टाइट चूत को चूसने व चाटने में लगा रहा और आंटी की अचानक सासे तेज हो गई.
उन्होंने मेरा सर अपने दोनों हाथो से पकड़ा और मेरा मुँह अपनी नशीली चूत पर चिपका दिया.
ओरल सेक्स करने के दौरान नंगी आंटी की नशीली चूत से सफ़ेद मलाई निकलने लगी.
मैं लगातार मलाई को चाट कर साफ करता रहा और नशीली चूत को दुगनी तेजी से चूसता चाटता रहा.
करने के दौरान मैंने आंटी की  काली चूत चाटी और उनकी सारी मलाई खा ली.
आंटी को खुश करने के बाद मैं मेरी माँ की उम्र की नंगी आंटी की चुदाई करने के लिए खड़ा हुआ और मैंने चुदाई करने के लिए नंगी आंटी की नशीली चूत पर थूक लगाया और अपने लंड को उनकी टाइट चूत के अंदर डालने लगा की तभी आंटी ने मेरी छाती पर पैर रख कर मुझे उनकी चुदाई करने से रोक. दिया.
आंटी मुझसे बोली की नहीं मुझे तुम्हारे साथ अवैध सेक्स संबंध नहीं बनाने मैं तो बस तुम्हारे साथ ओरल सेक्स करना चाहती थी अब ये ज्यादा हो रहा है बेटा !! मैंने मेरी माँ की उम्र की उस कामुकता से भरी आंटी से कहा आंटी जी आपने ओरल सेक्स तो कर लिया अब मैं आपकी चुदाई करना चाहता हूँ अब आप मुझे आपके साथ बनाने से मत रोकिये मेरा विश्वास करिए मेरे साथ सेक्स करके आप को भी बड़ा आनंद आयगा.
ये सुनकर आंटी उठ खड़ी हुई और घुस्से से मुझे हल्का सा धक्का देकर बोली नहीं तुमने सुना नहीं अब इतना ही काफी है मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं करना चाहती मुझे बस तुम्हारे साथ ओरल सेक्स करना था जो मैंने कर लिया और तुम्हें भी. तो मेरे साथ ओरल सेक्स करने में आनंद आया होगा ना बेटा बस अब इससे ज्यादा कुछ नहीं करना.
आंटी घुस्से से मुझे डांट ही रही थी की तभी अचानक से उनकी नजर मेरे खड़े लंड पर पड़ी जो की चुदाई करने के लिए लार टपका रहा था.
आंटी मेरे लंबे मोटे लंड को घुर घुर कर देखने लगी.
मैं पिछले 40 मिनट से किसी कुत्ते की तरह मेरी माँ की उम्र की आंटी की नशीली चूत चाट रहा था और उस वजह से अब मेरा लंड उस कामुक आंटी की चुदाई करने के लिए अपनी लार टपका रहा था.
बस आंटी उसी लम्बी टपकती लार को देख कामवासना से भर गई और मेरे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए बहक गयी.
मेरे खड़े लंड के मुँह से लसलसी लार टपक रही थी.
मेरा नसों से भरा कड़ा लंड आंटी को काफी पसंद आया.
मेरे शरबती लंड को देख उनका मुँह बंद हो गया और वो वापस अपनी टांगे खोल कर सोफे पर चुदवाने के लिए लेट गई.
उस वक्त मुझे पहली बार अपने लंड पर बहुत ही ज्यादा गर्व हुआ और मैं आगे बढ़कर आंटी की मलाईदार नशीली चूत पर थूका और अपने लंड के टोपे को अंदर  काली चूत में पेलने लगा.
लंड अंदर डाल कर मैंने आंटी की नशीली चूत का भरता बनाना शुरू कर डाला.
लंड अंदर जाते ही आंटी की आंखे मुझे प्यार से देखने लगी.
मैं उन आँखों में अपनी आँखे डाल कर नशीली डाल कर चोदने लगा.
मेरा लंड सफेद मलाई दार नशीली चूत को चोद रही थी और मुझे काफी आनंद आ रहा था.
नशीली चूत अंदर से और ज्यादा गर्म थी.
नशीली चूत चोदते हुए मैंने आंटी के ब्लाउज को खोलना शुरू किया.
मेरी आंखे आंटी की नरम फूली हुई छाती पर टिकी थी और मैं कपकपाते हाथो से मैं उनके ब्लाउज को खोल रहा था.
इस दौरान आंटी ने मेरे हाथो को पकड़ा और उन्हें सहलाना शुरू कर दिया.
ब्लाउज उतारने के बाद मैंने आंटी के दोनों स्तनों को ब्रा के ऊपर से खींच कर निकाला और दोनों खड़ी चूचियों को अपने होंठों से चूसने लगा.
कामुकता से भरी आंटी के बड़े बड़े स्तन काफी ज्यादा नरम नरम थे.
मुझे मेरी माँ की उम्र की आंटी के दोनों स्तनों को चूसने में काफी ज्यादा आनंद आ रहा था कामुकता से भरी आंटी भी काफी मजे में थी.
कभी आंटी के स्तन दबाए तो कभी नशीली चूत चोदी.
आंटी का शरीर बहुत ही ज्यादा कामुक था और उनका चेहरा भी काफी सुंदर था.
नशीली चूत चोदते हुए मैं थोड़ा सा आगे बड़ा और आंटी में सर को दोनों हाथो से पकड़ कर उनके होठो को चूमने लगा.
अपने कूल्हे हिला हिला कर मैं अपने उनके बड़े होठो को अपने होठो के बीच दबा कर चूस रहा था.
कामवासना से भरी नंगी कामुक आंटी की नशीली चूत धीरे धीर अंदर से गीली होने लगी और अगले ही पल बस एक बड़ी सी पानी की धार निकली जिसने मेरे लंड को नशीली चूत से बाहर निकाल फेका.
होठो को चूसने के बाद आंटी ने अपने मुँह से अपनी जुबान निकाली और मैं उसे चूसने लगा.
दोस्तों इसी तरह मुझे काफी मजा आ रहा था.
मैं लगातार उनकी जुबान को अपने होठो से चूस रहा था.
आंटी की साडी लिपस्टिक और आँखों का काजल खराब हो गया.
बालो की माँ चुद गई और नशीली चूत का फटकार भोसड़ा बन गया.
नशीली चूत से कामरस निकालने के बाद मैंने अपने लंड को वापस अंदर पेल दिया और नंगी आंटी की टाइट चूत को चोदकर अपनी कामवासना शांत करने में लगा रहा.
चुदवाते चुदवाते धीरे धीरे नंगी आंटी की नशीली चूत में दर्द और शरीर में बेचैनी बढ़ने लगी.
चुदवाने के दौरान वो धीरे धीरे छटपटाने लगी और मैं उन्हें जकड़ कर बड़े ही खतरनाक तरीके से चोदता रहा.
आंटी को दबोच कर मैंने उन्हें काफी चोदा और अपने लंड को आनंद दिया.
उनका बड़ा सा गर्म शरीर मुझे काफी आनंद दे रहा था.
मेरे ठन्डे हाथ गर्म हो चुके थे और मेरे लंड से लस्सी निकलने वाली थी.
कुछ इसी तरह आंटी को धके लगते हुए मैंने अपना एक पैर सोफे पर रखा और खड़ा होकर आंटी की नशीली चूत में अपना लंबा और मोटा लंड किसी नुकीले खंजर की तरह घोंपता रहा.
मेरी माँ की उम्र की नंगी करने के दौरान मैं एक पैर सोफे पर और एक पैर जमीन पर रख कर नशीली चूत में लंड फसा कर उठक बैठक लगाने लगा.
मेरा लंड सामने की जगह मुँह नहीं कर रहा था बल्कि वो नीचे की तरफ मुँह कर के नशीली चूत के अंदर फस था.
इसी तरह चुदाई करने के दौरान मैं बस उठक बैठक लगाता हुआ नशीली चूत को चोदता रहा और पूरा आनंद लेता हुआ नंगी आंटी के कामुक शरीर को देखता रहा.
नंगी आंटी भी चुदवाते चुदवाते मेरे नंगे शरीर को देखी रही और सेक्स का खूब आनंद लेती रही.
मैं आंटी को बहुत देर से चोद रहा था और बस अब मेरे लंड से लस्सी निकलने वाली थी.
चुदाई के दौरान जैसे ही मेरा लंड जरूरत से ज्यादा कड़क हो गया तो आंटी को पता लग गया की अब चुदाई करते करते मेरे लंबे मोटे लंड से वीर्य निकलने वाला है.
उन्होंने मुझे अपनी एक टांग से धका दिया उनके धक्के की वजह से मैं नीचे फर्श पर नंगा गीर पड़ा.
मैं जैसे ही अपने चूतड़ों के बल फर्श पर गिरा मेरे लंड ने अपनी लस्सी छोड़ दी.
लस्सी की धार निचे फर्श पर गिरी और उसकी कुछ बुँदे मेरी माँ की उम्र की नंगी आंटी की नशीली चूत के ऊपर गिरी.
मेरे चूतड़ों की हड्डी दर्द करने लगी और मैं वही नंगा बैठा आंटी को गुस्से से देखता रहा और बोला “क्या हो गया आंटी जी !!!” आंटी खड़ी हुई और फिर अपने मोटे मोटे स्तनों पर पहले ब्रा पहनी और फिर अपना टाइट ब्लाउज पहना.
अपने दूध से भरे मोटे मोटे स्तनों पर ब्रा और ब्लाउज पहनने के बाद कामुक आंटी मेरे करीब आई और बड़ी चंचलता से मेरे कान में धीरे से बोली “बस तू इसी लायक है तेरी इतनी औकात कहा की तू मेरे अंदर अपना वीर्य झाड़े मैं तो सिर्फ ओरल सेक्स करना चाहती थी तेरे साथ मगर तेरे लम्बे. और मोटे लंड को देखकर बहन गयी और चुदवा बैठी.
उसके बाद आंटी ने मेरे पकड़े उठाये और मेरे ऊपर फेक कर बोला की बेटा तूने मेरी बहुत खतरनाक चुदाई कर ली अब चल जा यहाँ से और जब भी बुलाऊँगी तो आ जाना मेरे ब्लाउज में हाथ डालकर मेरे मोटे मोटे स्तनों से खेलने के लिए और ओरल सेक्स करने के लिए.
मैं खड़ा हुआ और अपने कपड़े पहन कर आंटी के घर से निकल गया.
दोस्तों आंटी तो मेरे साथ सिर्फ ओरल सेक्स करना चाहती थी मगर मैंने उनके अंदर इतनी ज्यादा कामवासना भड़का दी थी की आखिर कार उन्हें मुझे अपनी भोसड़ी को चुदवाना ही पड़ा.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “ओरल सेक्स करने के बाद माँ की उम्र की आंटी के स्तनों से खेलने के लिए उनके ब्लाउज में हाथ डाला” बहुत पसंद आयी होगी और आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करेंगे….
स्रोत:इंटरनेट