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आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है 1

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आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है 1 1

. यह कहानी सुनें.
फिर अगर बच्चे की शक्ल सनी से मिल जाती तो मैं सबको क्या बोलती.
इसका तो बस एक ही उपाय था कि मैं सनी से ना चुदूं … जो कि मुमकिन बात नहीं थी.
फिर मैंने सनी को सारी बात बताई.
तो सनी बोला- ठीक है, मैं कुछ दिनों के लिए चला जाता हूँ.
इस बात पर मैंने उसे साफ मना कर दिया क्योंकि सनी के लंड के बिना मैं जी ही नहीं सकती थी.
मैं बोली- मेरे पास एक और प्लान है.
सनी बोला- क्या प्लान है? मैं- अगर मैं गर्भ धारण करने समय अलग अलग लोगों का स्पर्म लूं … तो कैसा रहेगा! सनी बोला- क्या बात कर रही हो दीदी! पहले ही आप कितनों से चुद चुकी हो … अब क्या पूरे मोहल्ले का लंड लोगी? मैं बोली- हां …. जरूरत पड़ी तो ले भी लूंगी.
वो मेरी सुनकर चौंक गया.
अब मैं बिल्कुल खुली सांडनी बन चुकी थी.
मेरा जिससे दिल करता … और जो मन को भा जाता … उसी से चुदवा लेती थी.
वैसे मैं किसी से आसानी से चुदती नहीं थी.
लेकिन जिस समय मैं मूड में होती, उस समय जो भी मुझे लाइन मारता और मुझे वो अच्छा लग जाता … तो फिर उसके साथ मैं बेड पर ही होती थी.
मैं उस वक्त की बात करूं, जब मैं प्रेगनेंट हुई, तो उस दौरान मैं 8 लोगों से चुदी थी और उन आठों के लंड रस के योगदान से मेरा बेटा हुआ था.
मुझे ही पता नहीं है कि मेरे बेटे का बाप कौन है.
इतना पक्का था कि उन आठों में से एक मेरा भाई था, एक मेरे पति थे और एक मेरे जीजू थे.
इनके तीन के अलावा पांच नए लंड थे.
मेरे भाई और पति और जीजू के बारे में तो आप सब लोग जानते ही हो.
इस सीरीज में मैं उन पांच की पहली चुदाई बताऊंगी.
आज मैं उन पांच में से एक से चुदाई की कहानी लिखना शुरू कर रही हूँ.
यह बात तब की है, जब अमित ने बोला था कि चलो डॉक्टर से सलाह ले लेते हैं कि तुम अभी मां बनने के लिए तैयार हो या नहीं.
मैं बोली- ठीक है चलो.
डॉक्टर से सलाह लेने जाने के लिए मैं रेडी होने लगी.
मैंने अमित से पूछा- क्या पहन कर चलूं? अमित बोला- कुछ भी पहन लो जान … तुम सारी ड्रेसेज में अच्छी लगती हो.
मैं मजाक करती हुई बोली- अच्छा फिर बिकनी में चलूं! इस पर अमित थोड़े गुस्से में बोला- तुम आजकल बहुत बेशर्म होती जा रही हो.
मैंने सोची कि अमित मेरी इतनी बात सुनकर मुझे बेशर्म बोल रहा है.
अगर उसे पता चला कि उसके पीठ पीछे उसकी बीवी की चूत में लंड ना जाने कितनों के जाते हैं … तो पता नहीं क्या होगा.
तभी अमित बोला- सूट ही पहन लो.
मगर तब तक मैं जींस और टॉप पहन चुकी थी.
मैं बोली- रहने दो, अब मैं तैयार हो चुकी हूँ.
उसने कुछ नहीं कहा.
मैं अमित के सामने आती हुई बोली- कैसी लग रही हूँ.
तो अमित मेरी गांड दबाते हुए कहा- मस्त लग रही हो जान.
फिर हम दोनों डॉक्टर के यहां निकल गए और कुछ देर में डॉक्टर के पास पहुंच गए.
हमने पहले से ही डॉक्टर से अपॉइंटमेंट ले रखी थी, तो हम दिए हुए समय पर आ गए थे.
मैं अमित के साथ डॉक्टर के केबिन में पहुंच गयी.
हम दोनों ने मिलकर सारी बातें डॉक्टर को बताईं.
उसी समय मैंने गौर किया कि डॉक्टर मेरी चूचियों को घूर रहा था.
पहले तो मैंने नजरअंदाज किया मगर उसकी निगाहें मेरे चुचों में घुसी जा रही थीं.
जब भी मैं उसके तरफ देखती, तो वो नजरें हटा लेता.
हालांकि मुझे उसका घूरना अच्छा लग रहा था.
बातों बात में डॉक्टर हमारी सेक्स लाईफ के बारे में पूछने लगा.
अमित ने उसे हम दोनों की पूरी कहानी बताई.
डॉक्टर बड़ा मजा लेकर सब सुन रहा था.
कुछ पल बाद डॉक्टर ने मुझसे पूछा- आप अपनी सेक्स लाइफ से खुश हैं? तो मैंने हां में सर हिला दिया.
इसके बाद डॉक्टर ने कुछ टेस्ट करवाने के लिए लिख दिए और अमित को बोला- आप दोनों एक हफ्ते बाद आइएगा.
मैडम की जांच करनी होगी.
अमित बोला- डॉक्टर, मैं तो परसों चला जाऊंगा.
आप मुझे कल की अपॉइंटमेंट दे दें.
डॉक्टर बोला- देखिए मुझे कल छुट्टी नहीं है … और दूसरे डॉक्टर एक सप्ताह बाद आएंगे.
लेकिन अमित कल के अपॉइंटमेंट के लिए रिक्वेस्ट करने लगा.
डॉक्टर वैसे ही मुझे ललचाई नज़रों से ताड़ रहा था.
मैंने उसी समय होंठों पर बहुत हल्की सी स्माइल ला दी तो वो डॉक्टर नाटक करते हुए मान गया.
वो बोला- ठीक है … जाते हुए ये टेस्ट करवाते जाइएगा.
इसके बाद डॉक्टर ने अमित के कान में कुछ बोला और हम दोनों बाहर आ गए.
अमित ने मेरे टेस्ट करवाने के लिए सैंपल दे दिए और हम दोनों घर आ गए.
अब फिर से कल जाना था.
मैंने अमित से पूछा- डॉक्टर ने तुम्हारे कान में क्या बोला था? अमित बोला- कुछ नहीं यार … वो बोला था कि कल तुम नीचे से खुली वाली ड्रेस पहन कर आना.
मैंने पूछा- ऐसा क्यों? वो बोला- वो तुम्हारी जांच के लिए ऐसा कह रहा था.
मैं समझ गई कि डॉक्टर मेरी चुत में उंगली पेलेगा.
अगली सुबह मैंने चूत को अच्छे से साफ किया.
वैसे मेरी चूत पर कभी बाल होते ही नहीं हैं, फिर भी साफ कर ली क्योंकि मुझे कुछ अंदेशा था कि आज कुछ होने वाला था.
डॉक्टर को दिखाने जाने से पहले मैंने अपनी चूत पर अच्छी सी परफ्यूम का स्प्रे मारा और एक स्टायलिश ब्रा पैंटी पहन ली.
ऊपर से एक मिडियम काले रंग की सेक्सी सी फ्रॉक पहन ली.
अगर अमित मेरे साथ ना होता, तो आज मैं मिनी स्कर्ट पहन कर जाती.
लेकिन ये फ्रॉक भी काफी सेक्सी थी.
अगर मैं इस फ्रॉक की बात करूं, तो ये मेरे घुटनों से थोड़ी ऊपर तक की थी और ऊपर से मेरी चूचियों को पूरा आकार दे रही थी.
मेरी दोनों चूचियां किसी पहाड़ी के समान एकदम तनी हुई थीं.
मैं इस फ्रॉक में भी बड़ी हॉट माल लग रही थी.
फिर हम दोनों डॉक्टर के दिए गए वक़्त पर पहुंच गए.
अमित मेरे कान में बोला- शर्माना मत, डॉक्टर है.
यदि वो तुम्हारे प्राइवेट पार्ट को थोड़ा बहुत टच करे तो कोई दिक्कत वाली बात नहीं है.
मैंने मासूम बीवी की तरह अपने पति से हामी भर दी.
अमित को क्या पता था कि मैं तो आज इस डॉक्टर से चुदने तक की सोचकर आई हूं.
डॉक्टर ने हम दोनों को केबिन में बुलाया और रिपोर्ट हाथ में लेते हुए बोला- सब कुछ ठीक है.
लेकिन जांच करने में मुझे 30-40 मिनट लगेंगे.
तब तक आपको बाहर बैठना होगा.
अमित बोला- ओके जब तक मैं अपना एक काम खत्म करके आ जाता हूँ.
मुझे बीस मिनट लगेंगे.
इतना कह कर अमित चला गया.
अमित के जाते ही डॉक्टर मुझे खा जाने वाली नज़रों से घूर रहा था.
वो बोला- मधुजी, आप इस ड्रेस में बहुत ही प्यारी लग रही हो.
मैं बोली- थैंक्यू जी, आप भी काफी हैंडसम हो.
वो मुस्कुरा कर बोला- अच्छा! डॉक्टर ने मुझ पर लाइन मारना शुरू कर दिया था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी.
दोस्तो, मेरे बच्चे की पैदाइश में पहला अजनबी मर्द ये डॉक्टर होने वाला है.
इस चूत में लंड सेक्स कहानी के अगले भाग में आपको डॉक्टर के साथ मेरी चुत चुदाई की कहानी का लुत्फ़ मिलेगा.
इसलिए आप अपनी राय मुझे कमेंट्स में बताएं.
इमेल नहीं दी जा रही है.
चूत में लंड की कहानी का अगला भाग: आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है- 2
स्रोत:इंटरनेट