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आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है 5

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आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है 5 1

. यह कहानी सुनें.
सुनीता की फैमिली से धीरे-धीरे मेरी भी जान पहचान हो गयी.
हम दोनों एक दूसरे के घर भी आने जाने लगे थे.
सुनीता को मैं दीदी बोलती थी.
उसकी उम्र करीब 35-40 साल की होगी.
लेकिन उसने अपने आपको काफी मेंटेन किया हुआ था.
वैसे उसके घर में सब एक से बढ़कर एक थे और खुले विचार के थे.
सब मॉडर्न कपड़े पहनने वाले थे.
जिससे मैं भी उनके घर कुछ भी पहनकर चली जाती थी.
फिर चाहे वो स्कर्ट हो या कैपरी या शार्ट मिडी.
क्योंकि सुनीता दीदी और रवीना भी ऐसे ही ड्रेस पहनती थीं.
वो सब काफी खुश रहते थे.
हम सब एक दूसरे की हर ख़ुशी, गम में एक दूसरे के साथ शरीक होने लगे.
रवीना और गौतम मुझे मौसी बोलने लगे थे.
एक दिन मैं थोड़ी इठलाती हुई बोली- मैं तुम दोनों को मौसी जैसी दिखती हूँ? रवीना बोली- नहीं यार, आप तो बहुत हॉट लगती हो.
मैं अबसे आपको दीदी बुलाऊंगी.
फिर गौतम भी दीदी बोलने लगा.
मैं रवीना की बात करूं तो वो 20 साल की जवान लौंडिया थी.
अभी अभी जवान हुई ही थी और मस्त जिस्म की मालकिन थी.
उसको देखकर सनी का मन मचल रहा था.
वो रवीना की सील तोड़ना चाह रहा था.
धीरे धीरे रवीना भी सनी से क्लोज होने लगी थी.
तभी अचानक एक दिन दीदी मेरे पास आई और बोली- मधु, हम लोग अपने घर जा रहे हैं.
मैंने कारण पूछा तो पता लगा कि रवीना की एड्मिशन की लास्ट डेट आ चुकी है.
इसलिए वो लोग एड्मिशन करवा कर एक सप्ताह में आने की कह रहे थे.
फिर दीदी बोली- गौतम नहीं जा रहा है.
वो यहीं रहेगा, तो उसका थोड़ा ध्यान रख लेना.
ये बात जैसे ही सनी को पता चली तो सनी बोला- यार दीदी, मुझे रवीना की सील तोड़नी है.
कुछ करो ना.
मैं बोली- कितनी को चोदेगा साले? सनी बोला- आप भी तो कितनों से चुदती हो … और सबको मेरा जीजू बना देती हो.
मैं तो कुछ नहीं बोलता ना.
मैं हंस कर बोली- ऐसा कर तू भी रवीना के साथ चला जा … और जब भी मौका मिले, चौका लगा देना.
उसको ये बात अच्छी लगी और उसने सुनीता दीदी से बात की.
वो सब मान गए और सनी भी उन लोगों के साथ चला गया.
मैं अपने घर में अकेली थी और गौतम अपने घर में अकेला था.
कभी कभी वो मेरे घर आ जाता था.
मैं तो पूरे दिन अपने यारों के साथ मजे करती थी.
सनी के ना होने की वजह से मैं जिसको भी बुलाती, वो मेरे घर आ जाता और मुझे खुलकर चोद देता था.
उधर सनी भी रवीना को चोदने में सफल हो गया था और वो भी जब तब रवीना को चोद देता था.
उसकी ये सेक्स कहानी मैं आपको फिर कभी बताऊंगी.
एक दिन रात 8 बजे दीदी का कॉल आया.
वो बोली कि आज गौतम का बर्थडे है.
मैं चौंकते हुए बोली- दीदी, आप दिन में क्यों नहीं बोलीं.
मैं उसके लिए कुछ गिफ्ट तो ले आती.
दीदी बोलीं- कोई बात नहीं.
बाद में गिफ्ट दे देना … तुम कौन सा भागी जा रही हो.
तभी डोरबेल बजी.
तो मैंने दीदी से कहा- दीदी अभी फोन रखती हूं, कोई आया है.
फिर फोन कट करके मैंने गेट खोला, तो सामने गौतम खड़ा था.
मैंने गौतम को जोर से गले लगाते हुए हैप्पी बर्थडे विश की.
मेरे गले लगाते ही वो चौंक सा गया.
उसने भी पीछे से दबाव डाल कर ‘थैंक्यू दीदी ..’ बोला.
मुझे ऐसा लगा कि वो मुझसे मजा ले रहा है.
तो मैं उससे अलग हो गई.
गौतम बोला- दीदी, आपको मेरी बर्थडे का कैसे पता है? मैं बोली- तेरी मॉम ने अभी ही बताया यार.
चल केक लेने चलते हैं.
वो बोला- दीदी, मैं सब कुछ ले आया हूँ.
बस आपको बुलाने आया था.
मैं बोली- अच्छा कौन कौन आया है? गौतम बोला- मैंने किसी को नहीं बुलाया है.
मॉम डैड नहीं है ना.
बस मैं और आप.
मैं उसे प्यार से देखती हुई बोली- चल ठीक है.
बस मैं एक मिनट में तैयार हो जाती हूं.
गौतम बोला- आप तो ऐसे ही बहुत अच्छी लग रही हो.
आज गौतम मुझे अजीब नज़रों से देख रहा था.
ये बात मुझे कुछ अटपटी लगी.
मैं उसे देखती हुई बोली- ओके तुम चलो … मैं चेंज करके आती हूँ.
वो बोला- ठीक है दीदी.
मैंने स्माइल दे दी.
वो जाते जाते बोला- दीदी, आज ना आप मिनी स्कर्ट पहन लेना … उसमें आप काफी हॉट लगती हो.
ये कह कर वो हंसने लगा.
मैं बोली- भाग बदमाश.
वो दौड़ कर चला गया.
हमारे बीच ऐसी बातें सामान्य थी.
वो चला गया तो मैं अपने रूम में गयी और सोची कि पहन ही लेती हूं.
बेचारे का दिल रह जाएगा.
मैंने अपनी अलमारी से मिनी स्कर्ट के बदले माइक्रो मिनी स्कर्ट निकाली, जो कि पिंक कलर की थी.
मैंने सोचा कि आज गौतम को पानी पानी कर ही दूंगी.
इस माइक्रो स्कर्ट के ऊपर एक छोटा सा टॉप निकाल लिया.
रेड कलर की ट्रांसपरेंट ब्रा पैंटी का सैट निकाला और जल्दी जल्दी से हल्का सा मेकअप करके तैयार हो गयी.
ये ड्रेस मैं सिर्फ दोस्तों की उस पार्टी में पहनती हूँ, जहां चुदने का प्लान होता.
मेरी स्कर्ट मात्र 8-10 इंच की होगी.
ये सिर्फ इतनी ही लम्बी थी, जिससे मेरी गांड ढक जाए और टॉप भी सिर्फ चूचियों तक ही का था … बिना बांहों का.
फिर मैं गौतम के पास चल दी.
उसके घर की डोरबेल बजाई.
जैसे ही उसने दरवाजा खोलकर मुझे देखा, उसका मुँह खुला का खुला रह गया.
मैं समझ गयी कि आज ये तो गया, मेरी जवानी का दीवाना हो गया.
फिर मैं चुटकी बजाती हुई बोली- क्या हुआ? वो जैसे नींद से जागा और मुझे अन्दर आने को बोला.
जैसे ही मैं अन्दर गयी, उसने झट से दरवाज़ा बन्द कर दिया.
मैं पहली बार किसी के बर्थडे में बिना गिफ्ट के आयी थी.
फिर मैं और गौतम केक के पास गए.
मैं केक देखकर हैरान हो गयी और चौंकते हुए बोली- तुम 19 साल के हो गए हो.
उस पर 19 साल की मोमबत्ती लगी थी.
वो मुस्कुरा दिया.
उसकी इस मुस्कान में मर्दों वाली बात थी.
फिर हम दोनों ने मिलकर केक काटा और एक दूसरे को केक खिलाया.
मैंने उसके पूरे चेहरे पर केक मल दिया.
तो गौतम ने भी मेरी चेहरे पर केक लगा दिया.
फिर गौतम बोला- दीदी मेरी गिफ्ट? मैं तो कुछ लेकर नहीं गयी थी.
फिर मैं बोली- यार मुझे पता नहीं था.
इसलिए मैं गिफ्ट नहीं ला पायी.
गौतम थोड़ा उदास सा हो गया.
फिर मैंने उसको गले से लगा लिया और बोली- मैं कल दे दूँगी, जो भी तुम्हें पसन्द हो.
वो बोला- बर्थडे आज है … तो गिफ्ट भी आज ही चाहिए.
मैं बोली- आज तो कुछ नहीं है.
गौतम बोला- अगर मैं आपसे कुछ मांगू तो दोगी? मैं बोली- हां बिल्कुल.
गौतम बोला- पर मुझे अभी ही चाहिए.
मैं बोली- हां बोलो, अगर मेरे वश में होगा तो जरूर दे दूँगी.
गौतम मेरे दूध देखते हुए बोला- आपके पास है दीदी.
मैं बोली- ठीक है … अगर होगा तो पक्का दे दूँगी … तुम बोलो तो सही.
गौतम बोला- दीदी वो मुझे … मैं बोली- आगे तो बोलो यार.
वो बोला- दीदी मुझे अपनी वर्जिनिटी आपके साथ तोड़नी है.
मुझे यह सुनकर समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोलूं.
मैं थोड़ी गुस्से में बोली- ये क्या बकवास कर रहे हो? गौतम बोला- प्लीज़ दीदी बस एक बार! मैं बोली- दीदी भी बोलते हो और ऐसी सोच रखते हो.
वो बोला- प्लीज़ दीदी, जब से आपको देखा है.
बस एक ही सपना है कि अपना कौमार्य आपकी चूत में ही भंग करूं.
उसके मुँह से चुत की बात सुनकर मैं दंग रह गयी और बोली- तुम पागल हो गए हो.
मैं जाने लगी.
तभी उसने मेरे पैर पकड़ लिए और बोला- प्लीज़ दीदी मान जाओ ना.
अभी अभी 19 का हुआ हूं.
जन्मदिन है आज मेरा … आप इतना तो कर ही सकती हो दीदी.
वो मेरे पैरों को वो जोर से पकड़े हुआ था, जिससे मैं हिल भी नहीं पा रही थी.
मेरी समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करूं.
मैंने गौतम के बारे में कभी ऐसा नहीं सोचा था.
लेकिन मेरी जवानी से ये भी नहीं बच पाया था.
गौतम ने मेरी चुदाई किस तरह की, वो सब मैं मेरी जवानी की कहानी के अगले भाग में लिखूंगी, आप अपनी राय मुझे कमेंट्स में बताएं.
इमेल नहीं दी जा रही है.
मेरी जवानी की कहानी का अगला भाग: आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है- 6
स्रोत:इंटरनेट