. मैंने लड़की की बाजू को कस कर पकड़े रखा और अपना लण्ड बाहर निकाल लिया.
सुमेर मुझसे बोला- आमिर, इसे चुदाई कहते हैं.
क्या तुमने पहले कभी चुदाई नहीं की है? तो मैंने कहा- नहीं, मैंने नहीं करी है पर अब करना चाहता हूँ.
इस लड़की को मैं भी चोदना चाहता हूँ.
ये कौन है? सुमेर बोला- ये पारो है, हमारे घर में नौकरानी है.
मैंने गौर से देखा, पारो का गोरा रंग था और साफ़ सुथरी थी, सुन्दर नैन नक्श थे.
सुमेर बोला- इसे तुम जब मर्जी चोद लेना पर ये राज किसी पर जाहिर मत करना, बेचारी लड़की बदनाम हो जाएगी.
आगे सुमेर बोला- देख आमिर, तेरा लण्ड तो तगड़ा है और पहली चुदाई ख़ास होती है, उसे यादगार बनाना चाहिए.
मैं तेरे लिए कोई कुंवारी लड़की ढूंढता हूँ.
मैं सुमेर से बोला- जब तक कुंवारी लड़की नहीं मिलती, इसी से काम चला लेता हूँ.
तो सुमेर बोला- देख आमिर भाई, थोड़ा सब्र रख, इतना उतावला होना ठीक नहीं है.
लड़की भी राजी होनी चाहिए, तभी पूरा मजा आता है.
फिर उसने लड़की, जिसका नाम पारो था, उससे पूछा- पारो क्या तुम मेरे दोस्त आमिर से चुदना चाहती हो? तो मेरी बीवी बनी आपा सारा बोली- तो आमिर … फिर तुमने पारो को चोदा? मैंने कहा- थोड़ा सब्र रखो और पूरी कहानी सुनो! फिर मैंने कहानी आगे बढ़ाते हुए कहा: तो पारो शरमाते हुए बोली- इनका लण्ड तो तगड़ा है चुदाई में बहुत मजा आएगा.
लेकिन आप मेरी एक बात मानो तो इनके लिए मैं कुंवारी लड़की का इंतज़ाम कर देती हूँ.
तो सुमेर ने पूछा- वो लड़की कौन है? तो पारो बोली- मेरी छोटी बहन … उसका नाम गुलाबो है.
वह कुंवारी है और उसे मेरी चुदाई के बारे में सब पता है.
वह भी उतावली है चुदाई के लिए! क्यों न उसकी पहली और आमिर की पहली चुदाई करवा दें? मैं और भी उतावला हो गया और बोला- जल्दी करवाओ.
तो पारो और सुमेर हंसने लगे- ठीक है, आज ही करवाते हैं.
पारो को छोड़ दो.
सुमेर बोला- पारो, इस काम के लिए तुझे ढेर सारा इनाम दूंगा.
और आमिर … पहले ठीक से चुदाई देख और सीख लो.
मैंने पारो को छोड़ दिया तो सुमेर पारो के पास आकर उसे चूमने लगा.
वे दोनों मुझे दिखा कर किस करने लगे और सुमेर उसके बूब्स दबाने लगा और पारो उसके लण्ड को सहलाने लग गयी.
सुमेर का लण्ड खड़ा हो गया तो सुमेर बोला- आमिर ध्यान से देख ले कि कैसे चुदाई करते हैं.
और अपना लण्ड पारो की चुत में घुसा कर दनादन धक्के लगाने लग गया और कुछ देर बाद झड़ गया.
पारो बोली- मैं आज रात को गुलाबो को तैयार करके लेकर आती हूँ.
और अपने कपड़े पहन कर भाग गयी.
सुमेर बोला- पहली बार कुंवारी लड़की की झिल्ली फट जाती है और थोड़ा बहुत खून निकलता है.
और चुत भी टाइट होती है इसलिए आराम से घुसेड़ना और जितने प्यार से करोगे उतने दोनों को मजे आएंगे.
और अपने बाल झांटें साफ़ कर लेना.
उसके बाद मैं रात भर के लिए सुमेर के घर रूक गया.
समय कट नहीं रहा था और मैं उतावला हो रहा था.
तो रात को लगभग आठ बजे खाना खाने के बाद सब सोने चले गए तो सुमेर मुझे चुपचाप छिपा कर उसी जगह ले गया.
वहां पारो ने घास फूस पर चादर बिछा कर बिस्तर लगा दिया था और सफाई कर दी थी.
हमें देख कर पारो बोली- आप थोड़ी देर रुको, मैं गुलाबो को लेकर आती हूँ.
मैं लण्ड में तनाव महसूस हो रहा था और लण्ड खड़ा हो रहा था.
मैं उतावला हो रहा था तो सुमेर से बोला- भाई, गुलाबो कैसी दिखती है? सुमेर बोला- थोड़ा सब्र रख … सुंदर है.
बाकी वो आ ही रही है, खुद ही देख लेना.
तभी पारो गुलाबो का हाथ पकड़ कर वहां ले आयी और बोली- आमिर, ये लो तुम्हारी गुलाबो … आराम से करना.
मैंने सब इंतजाम कर दिया है.
हम दोनों दूसरे कोने में जा रहे हैं.
और सुमेर का हाथ पकड़ कर बोली- गुलाबो को हमारे सामने शर्म आयेगी इसलिए चलो हम उधर चलें.
और वे दोनों दूसरी तरफ चले गये.
गुलाबो ने गुलाबी रंग की फ्रॉक पहन रखी थी और सर पर चुनरी ओढ़ रखी थी, उसने अपना चेहरा छुपाया हुआ था.
पारो ने गुलाबो का श्रृंगार गुलाबों से किया था उसकी उम्र 18-19 साल की होगी.
पतली कमर गोरा रंग, गोल सुडौल बूब्स और वह बहुत कमसिन लग रही थी.
मैं एकदम लपका और उसके बूब्स पकड़ लिए.
गुलाबो चिल्लाई- दीदी बचाओ, बहुत दर्द हो रहा है.
तो पारो बोली- आमिर, आराम से करो, गुलाबो अब तुम्हारी ही है.
ज्यादा शोर मत करना, कहीं कोई आ न जाए! मैंने भी उसकी चीख सुन उसके बूब्स छोड़ दिए और उसे गोद में उठा कर बिस्तर पर ले गया.
मैंने उसे बस्तर पर बिठाया और सॉरी बोल कहा- माफ़ करना, मैं तुम्हारे इंतज़ार में बेकरार हो गया था.
अब आराम से करूंगा.
मैं गुलाबो को देख कर दीवाना हो गया था और उसकी एक झलक के लिए बेकरार था.
मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था, मेरा तो लंड उसे देख कर बेकाबू हो गया और मेरी हालत काम रोग से ग्रस्त हो गयी.
गुलाबो शर्मायी हुई अपने पैरों की तरफ देख रही थी.
उसने हल्का सा घूंघट किया हुआ था.
उसका चेहरा शर्म और आगे जो होने वाला था वह सोच कर लाल हो रहा था.
वह थोड़ी सी घबराई हुई थी.
मैंने थोड़ा सा आगे होकर उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और उसको बिठाया.
या खुदा!! उसका नर्म गर्म हाथ पकड़ते ही मेरे तनबदन की आग और भड़क गयी और मेरा लंड सनसनाता हुआ पूरा 8 इंची बड़ा हो गया और सलामी देने लगा.
वह पूनम की चांदनी रात थी और कमरा चांदनी से नहाया हुआ था.
गुलाबो के आने से मानो कमरा गुलाबी हो गया था.
पारो ने गुलाबो का श्रृंगार गुलाबों से किया था तो मैंने गुलाबो की तारीफ करना शुरू कर दिया.
मैंने कहा- गुलाबो, तुम बहुत सुन्दर हो.
जब से तुम्हारे बारे में पारो से सुना है, तब से मैं तुम से बहुत प्यार करने लगा हूँ और तुमको पाना चाहता था.
आज अल्लाह के करम से तुम मेरी होने वाली हो! वह और भी शर्माने लगी और मेरे बहुत कहने पर मीठी आवाज़ में बोली- मैं भी आपको प्यार करती हूँ.
कहानी आगे जारी रहेगी.
आपका आमिर आप अपनी राय मेरी ईमेल [email protected] पर दें.
स्रोत:इंटरनेट