. बॉस ने मुझे ऐसे ही किस करते करते मेरी चूत में लंड डाल ही दिया.
मैं वर्षों की प्यासी जैसे आज बस उसकी हो जाना चाहती थी.
उसके कंधे पकड़कर मैं आह करती हुई बस उसके लंड से झड़ना चाहते थी। वे मुझसे ऐसे चिपके हुए थे जैसे मानो मुझे कभी छोड़ेंगे ही नहीं। फिर अचानक मैंने महसूस किया कि और भी हाथ मेरे बदन पर चल रहे हैं.
मैंने अपनी आंखें खोली तो देखा कि मेरे हस्बैंड भी मेरी गर्दन और मेरी चूचियों पर अपने हाथ फिरा रहे थे और उनका लंड ठीक मेरे मुंह के सामने था.
मैंने अपने पति का लंड सीधा अपने मुंह में ले लिया और उनको मजा देने लगी.
कुछ देर इसी पोजीशन में करने के बाद हमने पोजीशन बदलनी चाही। लेकिन मेरे हस्बैंड को यह पसंद था, वह हमेशा से चाहते थे कि दो मर्दों के बीच में मैं अकेली हूं और वे दोनों मुझे चोदें.
मेरे हस्बैंड ने अपने बॉस से कहा- सर, आप सीधे लेट जाइए! और मुझे उनके लंड के ऊपर चूत सेट करके बिठा दिया.
फिर पीछे आकर उन्होंने भी अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया.
यह पोजीशन मुझे भी शुरू से पसंद थी आज मैं अपनी चूत में दो दो लंड ले रही थी.
उनके बॉस मुझे नीचे से मेरी चूचियों को पीते और मुझे चोदते और पीछे से मेरे हस्बैंड मेरी कमर पर किस करते और मुझे चोदते! मैं एक साथ बहुत नोची जा रही थी.
फिर भी मुझे बहुत मजा आ रहा था … मैं आनंद की गहराई में गोते लगा रही थी.
उन दोनों ने मेरी कमर और मेरे पेट को अपने हाथों से जकड़ रखा था जैसे मैं उन्हें छोड़कर कहीं चली जाऊंगी.
पर आज तो मैं बस खूब चुदना चाहती थी। हमने इस पोजीशन में 15-20 मिनट तक सेक्स किया.
मेरे हस्बैंड इस बीच झड़ने वाले थे, उन्होंने ऐसे ही मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया और वो मुझे और अपने बॉस को छोड़कर अलग हो गए.
अब बस नीचे से उनके बॉस मेरी चूत में धक्के मार रहे थे। फिर उन्होंने मुझे अपने ऊपर से हटाया और मुझे घोड़ी बनने के लिए कहा.
मैं अपने पति के बॉस के सामने घोड़ी बन गई और फिर उन्होंने कंडोम से लगा लंड मेरी चूत में डाल दिया.
इस पोजीशन में मुझे थोड़ा दर्द हुआ.
कभी उनके बॉस मेरे कूल्हों पर मारते, कभी मेरी कमर पर किस करते! मैं भी उनका भरपूर साथ दे रही थी.
अब शायद उनका भी होने वाला था, उन्होंने मुझे ऐसी घोड़ी बने बने मेरी चूत में अपना सारा वीर्य छोड़ दिया.
इन सबके बीच मैं अब तक तीन चार बार झड़ चुकी थी, मेरी जांघें अब कांपने लगी थी.
तो हमने थोड़ी देर आराम करने का निश्चय किया.
हम तीनों बेड पर लेट गए.
लेकिन 15-20 मिनट बाद इनके बॉस फिर से तैयार हो गए। मैंने उनसे कुछ देर रुकने के लिए कहा लेकिन वे नहीं माने, मुझे उल्टा लेटा कर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे.
मुझे बहुत दर्द हुआ पर कुछ देर बाद अच्छा लगने लगा.
अब वे अपनी वासना शांत करना चाहते थे.
अब उनके चोदने से मेरी सांसें फूल गई थी पर अब की बार वे झड़ने का नाम नहीं ले रहे थे। फिर उन्होंने मुझे हर पोजीशन में चोदा.
मैं पड़ी पड़ी बस उनका साथ दे जा रही थी.
लेकिन इस बार भी मैं एक बार फिर झड़ गई और कुछ देर बाद इनके बॉस भी झड़ गए और सारा पसीना पसीना हो गए.
फिर मेरे हस्बैंड हम सबके लिए कुछ ठंडा लेकर आए और हमने फिर आराम किया.
आज मैं इनके बॉस को खुश कर चुकी थी.
फिर मैंने उनसे अपने हस्बैंड का प्रमोशन मांगा तो उन्होंने मुझे मुस्कुरा कर हां में जवाब दिया। मैं और मेरे हस्बैंड एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे क्योंकि आज हमारी ख्वाहिश भी पूरी हो चुकी थी और हमारी फाइनेंशियल स्थिति भी बेहतर होने जा रही थी.
फिर उनके बॉस ने मेरे हस्बैंड को कुछ पैसे भी दिए और कहा- आगे जब भी मनीषा जी को मेरी जरूरत हो तो मुझे याद कर लेना.
वे यह कहकर जाने लगे तो मैंने जाकर उनके बॉस को अपनी बांहों में भर लिया.
मेरे हस्बैंड यह सब देख रहे थे क्योंकि उन्होंने हमें वो दे दिया था जो हमने सोचा भी नहीं था.
फिर वे चले गए.
और फिर मेरे हस्बैंड ने मुझे अपने सीने से लगा लिया.
आज के समय में हर कोई चाहता है कि उसे कुछ नया मिले … चाहे वह सेक्स लाइफ हो या फिर अपनी खुद की लाइफ! हमने जो किया, हमें नहीं पता कि वह गलत था या सही … पर हमें इसके बदले बहुत कुछ मिल चुका था जिसकी आगे चलकर हमें बहुत जरूरत पड़ने वाली थी। आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? कृपया मुझे ईमेल कर कर जरूर बताएं.
मेरी पिछली कहानी मैंने दूसरे लंड से चुदने की इच्छा पूरी की पर आपने मुझे ढेरों मेल किये.
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स्रोत:इंटरनेट