डार्क

उत्तेजित मौसी की गर्म चूत ठंड के मौसम में चोदने को मिली

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

उत्तेजित मौसी की गर्म चूत ठंड के मौसम में चोदने को मिली 1

. उत्तेजित मौसी की गर्म चूत ठंड के मौसम में चोदने को मिली मुझे रोज सुबह जल्दी इंजीनियरी महाविद्यालय जाना होता था और मैं अपने समय के हिसाब से तैयार होकर चला जाता था.
मौसी जी के घर में बाथरूम एक ही था.
उस दिन मुझे देर हो रही थी और मैं जल्दी में बाथरूम में घुस गया.
तब मैंने देखा कि मेरी मौसी जी बाथरूम में नंगी होकर नहा रही हैं.
थोड़ी देर के लिए तो मैं उनके नंगे सेक्सी बदन को बस देखता ही रह गया.
मेरी नंगी मौसी जी मेरी ओर देख कर हंस दीं और बोलीं- ऐसे क्या देख रहा है? तब मुझे होश आया कि मैं कहां हूँ और क्या देख रहा हूँ जब मुझे होश आया तो मैं बाहर निकल आया.
फिर जब मौसी जी नहा कर बाहर निकलीं तो मैं अन्दर घुस गया और जल्दी से तैयार होकर इंजीनियरी महाविद्यालय चला गया.
सुबह वाला वो नज़ारा बार बार मेरी आंखों के सामने आ रहा था.
मैंने आज से पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था.
मेरे दिमाग में मौसी जी की गांड और चूत को चोदने के गंदे गंदे विचार आ रहे थे.
मैंने उन सब गंदे गंदे विचारों को भूलना चाहा, पर मुझसे ये नहीं हो पाया.
जब मैं वापस घर आया तो अपनी मौसी जी से नज़रें नहीं मिला पा रहा था.
तब मौसी जी के दिमाग में एक खेल चल रहा था, वो मैं समझ ही नहीं पाया था.
उस दिन से मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मुझे दूसरे रूम में सोने को बोल दिया.
उसके दो दिन बाद शनिवार को स्कूल और इंजीनियरी महाविद्यालय बंद थे और मैं देर तक सोता रहा.
उस वक्त मैंने टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहनी थी.
नामर्द मौसा जी अपनी दुकान पर चले गए थे.
बच्चे भी उनके रूम में सो रहे थे.
मौसी जी सुबह को झाड़ू लगाती हुई मेरे रूम में आईं तो उनकी हलचल की वजह से मेरी नींद खुल गयी पर मैं सोने का नाटक करता रहा.
सुबह की रोशनी की वजह से मैंने रजाई चेहरे पर डाल रखी थी मगर वो रजाई एक जगह से फटी थी, जहां से मैं मौसी जी की हरकतें देख रहा था.
मौसी जी ने एक टी-शर्ट और सलवार पहनी हुयी थी.
मैंने नोटिस किया कि वो बार बार मेरे लंड की ओर देख रही थीं.
फिर की चुदास से भरी बहन ने धीरे से पास आकर मेरे पैरों पर हल्के से हाथ फेरा.
इस वजह से मेरे शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गयी.
वे थोड़ा मुस्कुराईं और आगे बढ़ कर मेरे नंगे पैरों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था तो मैं यूं ही सोया रहा.
दस मिनट बाद मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने रजाई के अन्दर हाथ डालते हुए मेरी टी-शर्ट थोड़ी ऊपर की और पेट पर हाथ चलाने लगीं.
मेरा लंड अपने आकार में आने लगा.
तब मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने अचानक से मेरा लंड पकड़ लिया.
उनकी इस हरकत से मैं एकदम से बौखला गया और उठ गया.
समाज में बदमानी के डर की वजह से मैं डरा हुआ था लेकिन मौसी जी हंस रही थीं.
फिर मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मुझे गले लगाना चाहा मगर मैं बोला- मौसी, ये गलत है.
तब मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मुझे बताया कि अगर हम किसी को न बताएं, तो किसे पता चलेगा! फिर मौसी जी ने मुझे चुदाई के बारे में बताया और लंड और चूत के रिश्ते के बारे में बताते हुए कहा कि दुनिया में सिर्फ लंड और चूत में चुदाई का रिश्ता होता है, बाकी सब तो हमारे समाज के बनाये गए कानून हैं.
उनकी बातों मैं आकर मैं भी बहक गया.
उस वक्त वो मेरे पास ही बैठी थीं और मैं उनके बूब्स से खेलने लगा.
तब मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी.
इस उम्र में भी उनके बूब बहुत भरे हुए और सख्त थे.
मैं जोर जोर से उनके मम्मों का रस निकालने लगा.
मौसी जी कामुक होने लगी थीं.
उनकी मादक आवाज निकली- आह … आहिस्ता दबाओ बहुत तेज दर्द होता है बेटा.
मैं बोला की मौसी जी में आपको नंगी देखना चाहता हूँ.
सच बता रहा हूँ दोस्तों, ये बोलते वक्त मेरी गांड फट गयी थी.
मेरी सेक्सी मौसी जी बोली की अच्छा बेटा … इतनी जल्दी हिम्मत बढ़ गई तुम्हारी बहुत जल्दी खुल गए हो तुम मुझसे, ठीक है बेटा, तू खुद ही उतार दे मेरे कपड़े और मुझे चोदने के लिए नंगी कर डाल और पेल दे अपना लंड मेरी गांड और चूत के छेद में…मैं वर्जिन लड़का जैसे ही सेक्स करने के लिए उनके कपड़े निकालने को आगे हुआ, उसी वक्त उनके बच्चे ने उन्हें आवाज़ लगा दी और वो जल्दी से अपने बच्चे के पास चली गईं.
उनका बेटा उस वक्त उठ गया था.
मैंने आधे घंटे तक अपना फ़ोन चलाया और नहाने चला गया.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की तू थोड़ी देर रुक जा, मैं पहले इन दोनों को रेडी कर देती हूँ.
बाद मैं तुझे भी कर दूंगी.
उनकी ये बात मैं समझ गया और घर देखने लगा.
कुछ देर बाद उनके बच्चे रेडी हो गए, तब मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मुझे बाथरूम जाने को बोल दिया, मैंने वैसा ही किया.
उतनी देर में मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने बच्चों को नाश्ता कराया और उन्हें खेलने के लिए घर से बाहर भेज दिया ताकि वो मेरे साथ सेक्स कर सके.
उसके बाद मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने घर का मुख्य दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया और बाथरूम का दरवाजा खटखटाया.
मैंने कुंडी खोल दी और वो अन्दर घुस आईं.
मैं अन्दर नंगा होकर नहा रहा था और मेरा औज़ार तनकर खड़ा था.
वो मेरा कड़क वर्जिन लंड देख कर बोलीं- कितना बड़ा है! तेरे नामर्द मौसा जी का तो इससे आधा ही है.
मैं बोला- मेरा लंड छह इंच का है.
अब आप अपने भी कपड़े उतारो ना! मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की ज्यादा जल्दी है, तो खुद ही उतार दे.
मैंने जल्दी में मौसी जी के कपड़े उतारे और उनके बूब्स चूसने लगा.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की ऐसे नहीं करते बेटा, पहले मैं करती हूँ ठीक है … ध्यान से देखना.
मैं बोला की ओके.
फिर मौसी जी ने पहले मेरे बदन पर ढेर सारा पानी डाला, फिर साबुन मला और अच्छे से नहलाया.
सबसे आख़िर में मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मेरे लंड को देखा और बोलीं- तुम अपने लंड की कभी सफाई नहीं करते? मैं बोला की नहीं.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की तो अबसे करना शुरू कर दो मेरे लिए.
ठीक है, रुको मैं अभी आती हूँ! इतना बोल कर वो बाहर चली गईं.
आते वक्त उनके हाथ में एक लेडीज़ रेज़र था.
उससे मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मेरे लंड और चूतड़ के नीचे के बाल साफ़ कर दिए, फिर साबुन लगा के अच्छे से साफ किया.
मैं एक वर्जिन लड़का अभी उसी सुख को महसूस कर रहा था कि अचानक से उन्हें ना जाने क्या हुआ कि मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मेरा लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगीं.
वो अहसास मैं आपको बता नहीं सकता.
मैं तो जैसे जन्नत में पहुंच गया था.
मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने दस मिनट तक मेरा लंड चूसा और मैं उनके मुँह में ही झड़ गया.
वो मेरा सारा माल गटक गईं.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की बड़ा अच्छा स्वाद मिला.
बहुत दिन बाद इतना बेहतरीन माल चखा है.
मैं बोला की इसमें कैसा मज़ा आता है? मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की ठण्ड रख बेटा … अभी तो बहुत कुछ मजा आना बाकी है.
उनके इतना बोलते ही मैंने मौसी जी को गले लगा लिया और अपनी इच्छा बता दी.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की ठीक है, लेकिन मैं जैसा कहूँ, तुम्हें वैसा करना होगा.
मैं बोला की मैं सब कुछ करूँगा.
फिर मौसी जी ने मुझे रेडी होने को बोल दिया.
वे बाहर आकर मेरे कपड़े निकाल कर रखने वाली थीं.
मैं जब बाहर निकला तो मौसी जी ने एक पुरानी जींस और टी-शर्ट निकाल रखी थी.
मैं बोला की मौसी जी मेरी चड्डी कहां है? मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की जितना दिया है, उतना पहन ले! मैं बोला की ठीक है, नाश्ता कहां है? ‘पलंग पर बैठ … अभी लेकर आती हूँ.
’ फिर पांच मिनट बाद वे छोटे बच्चों की दूध की बॉटल लेकर आईं.
उसमें वो गर्म दूध लेकर आई थीं.
मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने पलंग पर बैठकर मेरा सर अपनी गोद में ले लिया और बोतल से दूध पिलाने लगीं.
मेरी मौसी जी बोली की मेरे बेटे को दूध पिने की भूख लगी है! लो आराम से पी लो.
अभी तो बहुत मेहनत करनी है मेरे प्यारे बच्चे को! मैं बोला की अब आप मुझे अपने बूब्स के निप्पल से दूध चूसने दो ना मौसी जी इस बोतल की क्या जरूरत है.
मुझसे और सब्र नहीं होता.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की तुझे उसके लिए ताकत की जरूरत होगी, तो अभी चुपचाप पी ले.
मैं छोटे बच्चे की तरह बोतल से दूध पीने लगा और सारा दूध पी गया.
फिर मैंने उनके चूचों से खेलना शुरू किया.
मैं मेरी माँ की बहन के बूब्स सहलाने और धीरे धीरे दबाने लगा.
तब मौसी जी ने मुझसे अपने चूचे चुसवाने के लिए अपने बूब्स कपड़ों से बाहर निकाल लिए.
मेरी मौसी के बूब्स बहुत ज्यादा मोटे मोटे थे मैं उन्हें किसी छोटे बच्चे की तरह अपने मुहँ में लेकर चूस रहा था.
इसमें उन्हें भी मज़ा आ रहा था.
मैं खुद पर कण्ट्रोल नहीं कर पा रहा था लेकिन मौसी जी ने आराम से करने को कहा था इसलिए बहुत तकलीफ हो रही थी.
कुछ मिनट बाद मौसी जी ने मुझे बूब्स से हटा कर मेरा चेहरा अपने चेहरे के सामने ले लिया और मेरे होंठ चूसने लगीं.
वे बहुत जोर जोर से मेरे होंठ चूस रही थीं, लग रहा था जैसे अभी मेरे होंठ खा जाएंगी.
शायद मेरे साथ अवैध शारीरिक सम्बन्ध बनाने की हवस उनके उप्पर भी सवार थी.
वे बार बार मेरी जीभ चूस रही थीं.
मेरा वर्जिन लंड पैंट में कड़क होकर खंभा बनता जा रहा था.
दस मिनट किस के बाद मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने बोला- कुछ सीखा बेटा? मैंने हां में सर हिला दिया.
फिर मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मेरी टी-शर्ट को निकाला और पलंग पर लिटा कर मेरे निप्पल चूसने लगीं.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
मेरी छाती पर थोड़े बाल हैं, लेकिन इसके बावजूद वो चूसे जा रही थीं.
सही कहूँ तो वो मेरे सारे जिस्म को जोर जोर से चूसे जा रही थीं.
फिर मौसी जी धीरे धीरे नीचे की ओर सरकने लगीं, मेरी नाभि को चाट कर चिकनी बना दिया.
कुछ देर चाटने के बाद मेरी जींस उतारने लगीं तो मैंने कहा- कोई आ जाएगा!मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की बेटा जब तक मैं बच्चों को बुलाने नहीं जाती, तब तक वो नहीं आने वाले … और तेरे नामर्द मौसा जी तो दुकान से ही बाहर जाने वाले हैं.
यदि वो गए … तो वो सोमवार को ही वापस आएंगे.
मैं बोला की क्यों? मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की वो दुकान के लिए सामान लेने दूसरे शहर जाने वाले हैं.
जाएंगे तो उनका फ़ोन आएगा … और फिर मजे ही मजे होंगे.
मैं बोला की सच, मौसी! तब तो मैं आपको बहुत प्यार करूँगा.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की अच्छा, क्या करोगे? कुछ आता तो है नहीं … पहले सीख लो, बाद में मौका दूंगी.
मैं बोला की ओके.
फिर मौसी जी ने मेरी जींस उतार कर मुझे नंगा कर दिया.
मेरे वर्जिन लंड ने जींस के अन्दर बहुत चिकनाई फैला दी थी.
मेरे लंड को मुठियाते हुए मौसी जी बोलीं- कितना अच्छा लंड है, बहुत मजे आने वाले हैं.
मौसी जी ने पहले मेरे लंड को थूक से चिकना बना दिया, बाद में पूरा मुँह में भर कर चूसने लगीं.
इस वजह से मैं ज़्यादा देर तक टिक नहीं पाया और कुछ ही मिनट में दुबारा झड़ गया.
वे पहले की तरह मेरा सारा माल पी गईं.
लड़कों को पता होगा कि पहली बार लंड चुसवाने का अहसास कैसा होता है.
फिर वो अपनी सलवार उतार कर मेरी बगल में आकर पैर खोल कर लेट गईं.
मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मुझसे चूत चूसने को बोला.
मैं कुंवारा लड़का बिना कुछ बोले उनके पैरों के बीच में आकर उस रंडी की गर्म चूत देखने लगा.
मेरी नंगी मौसी जी बोली की क्या हुआ बेटा, कभी चूत नहीं देखी क्या? मैं बोला की नहीं मौसी.
उस रंडी की गर्म चूत काली थी.
मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने अपनी झांटें अच्छे से साफ की थीं.
मैंने उंगली से छुआ, तो वो गीली और चिकनी थी.
चूत से आने वाली महक मुझे पागल बना रही थी.
मैंने थोड़ी देर उंगली चलाई और फिर चूसने लगा.
यह मेरा पहला मौका था … तो मुझे उल्टी होने जैसा फील हुआ.
“पहली बार चूत चूसने पर ऐसा होता है.
चिंता मत करो, इससे कुछ नहीं होता और आदत लग जाएगी.
” हुआ भी वैसा ही.
जब मुझे ठीक लगने लगा तो मैं उस रंडी की गर्म चूत को जोर जोर से चाटने लगा.
मैं उस रंडी की गर्म चूत की दोनों फाँकों को खोल कर अन्दर तक चूसने लगा.
इस वजह से वो पागल होने लगीं.
मैंने नोटिस किया कि जब मैं उस रंडी की गर्म चूत के दाने को चूसता हूँ, तो उनके शरीर में झुरझुरी होने लगती थी.
मुझे चूसते हुए दो मिनट ही हुए होंगे, तभी मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने मेरा सर अपनी चूत दबा दिया और वो आह, आह करती हुई झड़ने लगीं.
मैं उनका सारा पानी पीने लगा.
मैं भी हवस की आग में उनका सारा पानी पी गया था.
वो पानी बड़ा नमकीन था.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की आज तक मुझे ब्लोजॉब करने में इतना मज़ा कभी नहीं आया जितना तेरे साथ आया है.
भांजे आई लव यू.
मैं बोला की आई लव यू टू, मौसी.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की हां चलो, जल्दी करो.
तेरा लंड तो बैठने का नाम ही नहीं ले रहा है.
मेरे ठंडे लंड की सवारी करने के लिए उस मौसी जी ने पहले मुझे अपने निचे लेटा दिया और मेरा ठंडा लंड अपनी गर्म चूत में सैट करके बैठने लगीं.
धीरे धीरे मेरी माँ की चुदास से भरी बहन ने पूरा लंड अपनी गर्म चूत में ले लिया और मेरे लंड पर उप्पर निचे कूदने लगीं.
मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था.
मेरे लंड की सवारी करते करते मेरी नंगी मौसी जी सिसकारने लगीं.
मेरी माँ की नंगी बहन मेरे खड़े लंड की सवारी ज्यादा देर तक नहीं कर पाईं और कुछ ही मिनट में झटकों के साथ मेरे लंड पर झड़ने लगीं.
उस रंडी की गर्म चूत का चिकना पानी मुझे अपने लंड पर महसूस हो रहा था.
सेक्सी मौसी जी चुदाई के बाद ऐसे ही मेरे ऊपर लेट गईं.
मेरी उत्तेजित मौसी जी बोली की तेरा लंड तो बहुत लम्बा और मोटा है रे बेटा.
तेरे नामर्द मौसा जी तो कभी मुझे इतनी जल्दी गर्म करके झाड़ नहीं पाए.
मैं बोला की मौसी अभी मेरा नहीं हुआ अभी मेरा पानी निकलना बाकी है.
मेरी नंगी मौसी जी बोली की पता है.
लेकिन मैं थक गई हूँ.
थोड़ी देर रुक जाओ.
तुम्हारा ये पहला सेक्स है ना बेटा इसलिए वीर्य निकलने में देर लग रही है.
कुछ देर बाद जब मेरी नंगी मौसी को आराम मिल गया, तो मुझे चोदने के लिए अपने ऊपर आने को बोल दिया.
मैं उनकी चुदाई करने के लिए उनके ऊपर चढ़ गया.
उन्होंने मेरा लंड अपनी गरमा गर्म गरमा गर्म चूत के अंदर फिट करा और फिर मुझे धक्का देने को बोला.
मुझे इसी पल का इंतज़ार था, मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लंड उनकी गरमा गर्म चूत के अंदर बच्चेदानी तक पेल दिया.
दर्द के मारे उनके मुँह से एक जोर की चीख निकल पड़ी उई माँ… आह.. मार डाला रे हरामी तूने तो.
मेरी नंगी मौसी बोली की भोसड़ी के आराम से डाल मैं तेरी माँ की बहन हूँ कोई रंडी नहीं हूँ.
पहली ही चुदाई में मार डालेगा क्या मुझ दो बच्चों की माँ को हरामी? एक तो इतना लम्बा और मोटा लंड है, ऊपर से मेरी चूत भी गीली है.
साले बहन के लंड अभी रुक जा हरामी, जब मैं तुझे बोलूँ तब मुझे चोदना शुरू करना बेटा.
मेरी नंगी मौसी के मुँह से गाली सुन कर मुझे मज़ा आ गया था और मेरा जोश भी बढ़ गया था.
पहली बार मेरे लंड ने चूत की गर्मी महसूस की थी, वो अहसास मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.
इस दौरान में उनके मोटे मोटे बूब्स के भूरे भूरे निप्पलस से खेलने लगा.
इस बार मैंने उनके होंठ चूसने के बजाए चाटने लगा.
जब उनका दर्द कम हुआ, तब उन्होंने कमर हिलाना शुरू किया और मुझे धक्के मारने को बोला.
मैं भी आहिस्ता आहिस्ता धक्के मारने लगा.
कुछ देर बाद उन्होंने मुँह से ‘आह … उह …’ की आवाज निकालना शुरू कर दी और बोलने लगीं- आह और जोर से करो विशाल … और जोर से चोदो आह.
मैं उनको फुल स्पीड से चोदने लगा.
चुदते चुदते मेरे हर धक्के के साथ उनके मुँह से आह आह की चीखें निकल रही थी.
मैं बिना रुके लगातार दस मिनट तक धक्के लगाता रहा.
तभी उन्होंने मुझे कसके पकड़ लिया और झटके लेती हुयी फिर से झड़ गईं.
उनकी और मेरी सांसें फूलने लगी थीं.
मैं थोड़ी देर रुक गया और फिर से धक्के लगाने लगा.
अब वो रंडी चुदवाने के लिए फिर से मेरे ऊपर चढ़ गईं … लेकिन इस बार उन्होंने मेरे पूरे नंगे बदन को अपने नंगे जिस्म से ढक दिया.
मेरी नंगी मौसी मेरे ऊपर लेट गयी थीं.
मेरा कड़क लंड अपनी गरमा गर्म चूत के अंदर सैट करके ऊपर नीचे गांड हिला हिलाकर पूरी मस्ती से चुदवाने लगीं.
कामसूत्र की इस सेक्स पोजीशन में मेरी माँ की नंगी बहन का पूरा नंगा बदन मेरे नंगे जिस्म से रगड़ खा रहा था.
मैं अपने लंड को उनकी गरमा गर्म चूत के अंदर बाहर होता हुआ महसूस कर रहा था.
मेरी गर्दन पर चलने वाली उनकी गरम गरम सांसें मुझे मदहोश कर रही थीं.
अपनी माँ की बहन को चोदते चोदते अब मैं झड़ने की कगार पर पहुंच चूका था और अब मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी चलने वाली थी.
मेरी को पता था की अब मेरा वीर्य निकलने वाला है वे चाहतीं तो मुझे हटा सकती थीं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया इस बात से ये साफ़ था की वो चाहती थी की मेरा वीर्य उनकी बुर के अंदर ही निकले.
उस समय मैंने उन्हें कसके अपनी बांहों में जकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से झटके देता हुआ उनकी चूत के अंदर ही झड़ने लगा और अपना पूरा का पूरा वीर्य उनकी बुर के अंदर ही खाली कर दिया.
दोस्तों चुदाई ख़त्म करने के बाद मेरी नंगी मौसी बोली की बेटा अभी कपड़े पहन लो और सो जाओ मुझे मेरे छोटे छोटे बच्चों को बुलाने जाना है.
मौसी बोली की अभी तो तुम्हे मेरी गांड की भी चुदाई करनी है तो थोड़ी नींद ले लो फिर वापिस सेक्स करेंगे.
मैंने जैसे तैसे कपड़े पहने और सो गया.
दोस्तों इसके आगे की गांड चुदाई की हिंदी सेक्स स्टोरी आप इस लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं :-
स्रोत:इंटरनेट