. भाभी मेरा खड़ा लंड देख कर बोलीं- रोहन इतनी उम्र में तुम्हारा ये इतना बड़ा कैसे है? तुम्हारे भैया का तो इससे काफी छोटा है … अगर तुम कहो तो इसकी भी मसाज कर दूँ? मैंने हां में सर हिला दिया.
भाभी ने मेरे लंड को हाथ से पकड़ लिया और मजे से सहलाने लगीं.
फिर देखते ही देखते गप से मेरे खड़े लंड को भाभी ने अपने मुँह में ले लिया और लंड चूसने लगीं.
वाओ … भाभी जी से लंड चुसवाने में क्या मज़ा आ रहा था.
मैंने भाभी से कहा- भाभी, ये तो ग़लत है, अपने मुझे नंगा कर दिया और आप कपड़ों में बैठी हो.
मेरा इतना बोलते ही उन्होंने अपनी साड़ी उतार दी.
मैंने इशारा किया तो भाभी ने अपना ब्लाउज पेटीकोट ब्रा सब उतार दिया.
बस अब भाभी अपने देवर के सामने पेंटी में मेरे साथ बैठी थीं.
मैंने अपनी शर्ट उतारी और भाभी को अपने ऊपर खींच कर होंठों से होंठ लगा दिए.
भाभी भी मुझे चूसने लगीं.
करीब 15 मिनट तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे.
भाभी मेरे लंड पर हाथ ले जाकर उसे हिला रही थीं और दूसरा हाथ सर पर घुमा रही थीं.
मैं भी एक हाथ से उनके चुचे दबा रहा था और दूसरे हाथ से उनकी पेंटी में हाथ डाल कर भाभी की चूत को मसल रहा था.
भाभी जी के मुँह से आहा ऊंह ऊम्हा आहा की मादक सिसकारियां निकलने लगीं.
तभी मैं बोला- भाभी, अपनी पेंटी निकाल दो.
भाभी ने चड्डी निकाली, तो मैं बोला- अब आप औंधी होकर अपनी चूत मेरे मुँह पर रख कर हो जाओ.
भाभी 69 की पोजीशन में हो गईं.
उनकी चूत मेरे मुँह पर लगी थी और मेरा लंड उनके मुँह में घुसा हुआ था.
हम दोनों एक दूसरे के आइटम चूस रहे थे.
सच में इतना मज़ा आ रहा था दोस्तो … मैं आपको बता नहीं सकता.
दो मिनट में ही गर्म भाभी ने अपना सारा लावा मेरे मुँह में निकाल दिया.
मैंने उनकी चूत को चाट चाट कर पूरा साफ कर दिया.
इससे हुआ ये कि भाभी दुबारा से गर्म होने लगीं.
भाभी भी मेरा लंड गपागप चूस रही थीं.
अब भाभी मेरे लंड के नीचे लटक रहे मेरी गोटियों को मुँह में लेने लगीं और फिर लंड चूसने लगीं.
मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि बस यूं समझो कि जन्नत का मजा आ रहा था.
करीब दस मिनट बाद मेरा भी काम तमाम होने को हो गया था.
मेरा भी सारा लावा निकल गया.
भाभी भी सारा दही पी गईं और लंड को चाट कर साफ़ कर दिया.
फिर भाभी मेरे पास आ कर लेट गईं.
उन्होंने कहा- देवर जी, अभी इतना मज़ा आया है, तो आगे चुदाई में कितना मजा आएगा.
मैं बोला- हां भाभी, आगे आगे देखो क्या मस्त मजा आने वाला है.
भाभी ने कहा- पर रोहन अभी मुझे घर जाना होगा क्योंकि देर हो जाने से किसी को शक ना हो जाए.
रात को मैं पूरी प्लानिंग से आऊंगी.
मैं घर पर बोल दूंगी कि रोहन की वाशरूम में नस पर नस चढ़ जाने से उसको दिक्कत हो रही है.
वो अकेला है, उसको कोई परेशानी ना हो, इसलिए में उसके पास रुक जाऊंगी.
फिर रात को पूरा खेल खेलेंगे.
मैंने कहा- ठीक है भाभी जी मुझे आपका इन्तजार रहेगा.
रात को तय प्लानिंग के साथ भाभी जी मेरे पास आ गईं, वे अपने साथ बियर की दो बोतल भी लाई थीं.
हम दोनों ने खाना आदि खा कर बियर का मजा लेते हुए चुदाई की तैयारी शुरू कर दी.
भाभी ने अपने कपड़े उतारे और वे सिर्फ ब्रा पेंटी में मेरे साथ मेरे बिस्तर में आ गईं.
हम दोनों ने 69 का मजा लेने का तय किया.
फिर भाभी जी अपनी पेंटी उतारी.
अभी भाभी अपनी चूत शेव करके आई थीं.
उनकी चिकनी सांवली सी चूत एकदम मस्त फूली हुई थी.
मैंने भाभी की चिकनी चूत को खूब चूस कर गर्म किया और इस बार उनको झड़ने से पहले ही एक बार चोदना तय किया.
भाभी की टांगें खोल कर मैंने उनकी चूत की फांकों में लंड का सुपारा टिकाया और धचाक से लंड पेल दिया.
भाभी कराह उठीं उम्म्ह… अहह… हय… याह… और उन्होंने मीठे दर्द के साथ मेरे लंड को सहन कर लिया.
मैंने भाभी की धकापेल चुदाई चालू कर दी.
कुछ ही देर भाभी जी भी गांड उठा उठा कर लंड लेने लगीं.
दस मिनट बाद मैं भाभी की चूत में ही झड़ गया.
इसके बाद भाभी ने मुझसे कहा- अभी मुझे और मजा लेना है.
मैंने कहा- हां मुझे भी अभी पूरा मजा लेना है.
इस पूरे मजे के लिए आप सभी दोस्तों को मेरी कहानी के अगले भाग का इन्तजार करना होगा, जो मैं आप सभी के मेल आने के बाद लिखूँगा.
मैं अगली सेक्स स्टोरी में आपको बताऊंगा कि कैसे भाभी को मैंने 2 दिन तक लगातार चोदा.
दुनिया रात में सोती है और हम पूरी रात चुदाई का खेल खेलते थे.
दोस्तो, कैसी लगी मेरी भाभी की चुदाई कहानी, मैं उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को अच्छी लगी होगी.
मुझे ईमेल करके ज़रूर बताएं.
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स्रोत:इंटरनेट