. नीचे दिखती मस्त गोरी जांघें, पतली टांगें और ऊपर के टॉप के हिलने डुलने से दिखती लाल पेंटी और उसमें लगी हुई लाल रंग की जाली से दिखते हुए बिल्कुल हल्के बाल… मानो चूत को भोसड़ा बना देने का आमंत्रण दे रहे थे। आज मुझे भी काजल की खूबसूरती का सही अंदाज़ हुआ था.
जिस तरह रत्नेश भैया कड़क मस्त कसरती और खूबसूरत जिस्म के मालिक हैं, उसी तरह काजल भी कमसिन कली लग रही थी जो सिर्फ रत्नेश भंवरे को ही अपना कामरस देना चाहती थी। हम लोग तुरन्त दरवाज़े से अंदर हुए और मैंने दरवाज़ा लगा दिया। आज काजल फूल मूड में थी और अपने चूतड़ और चूत को चुदवा चुदवा कर मानो फड़वान चाहती थी रत्नेश भैया से, क्योंकि रत्नेश भैया ने सुबह ही अपनी मस्त जवानी और ताकतवर चुदाई का ट्रेलर दिखा दिया था। वैसे रत्नेश भैया थे ही इतने सेक्सी और हैंडसम। उनका कसरती जिस्म कातिलाना अंदाज़ और चोदू लुक किसी भी लड़की की चूत गीली करने के लिए काफी था। आज. रत्नेश भैया ने भी सफेद रंग की शर्ट पहनी थी जो पेपर कॉटन की थी, जिसमें से उनकी 5 इंच की फूली छाती और 14-15 इंच के फूले हुए डोले शोले साफ दिखाई दे रहे थे। मोटी मज़बूत टांगों पर नीले रंग का जीन्स। शर्ट की एक खुली बटन से बहुत ही हल्के दिखते बाल और ढेर सारा छाती का उभार ने काजल को उतावली कर दिया था रत्नेश भैया के जिस्म से लिपट जाने के लिए। वह पास आयी और रत्नेश भैया की छाती पर अपना सर रख लिया और उनसे कस. कर लिपट गयी। काजल तो मानो इंतज़ार ही कर रही थी दरवाज़े के बन्द हो जाने का। काजल के गोल गोल बिल्कुल कड़क हो चुके बूब्स के उनकी छाती से छूते ही रत्नेश भैया में भी सनसनी सी फैल गयी और उन्होंने भी काजल को. अपनी छाती पर इस तरह दबाया कि उसके बूब्स अच्छी तरह से उनकी छाती से दब जायें… काजल के मुँह से आह आह रत्नेश राजा की सिसकारी निकलने लगी। गजब की पहलवानों वाली तरकीब थी यह भी लड़की के बूब्स दबाने की। इसके. बाद काजल ने रत्नेश भैया के मस्त गुलाबी होंठों पर एक किस कर दिया और बार बार किस करके अपने होंठ दूर कर लेती और रत्नेश भैया को किस नहीं करने दे रही थी। काजल अपने दोनों हाथों की उंगलियों से रत्नेश भैया के. बालो में उंगलियां चलते हुए किस कर रही थी और रत्नेश भैया किसी हीरो की तरह अपनी हीरोइन को मज़बूत बांहों में जकड़े हुए खड़े थे। अब मौका मिलते ही रत्नेश भैया ने काजल के छोटे छोटे गुलाबी होंठों को अपने होंठों. में दबा लिया और काजल के कोशिश करने पर भी नहीं छोड़ा। काजल ने भी अपनी जुबान उनके मुँह में डाल दी और दोनों एक दूसरे की जुबान और होंठ जमकर चूसने लगे। मैं यहाँ वहाँ पूरे फ्लैट में घूम कर मुआयना कर रहा था. क्योंकि मुझे भी ऐसे देखना अच्छा नहीं लग रहा था। हालांकि मेरा लन्ड भी तनकर तम्बू बन चुका था लेकिन अब क्या कर सकते हैं। वैसे मैं ज़्यादा गौर से और पास से उन लोगों को नहीं देख रहा था, मैं अपना कुछ भी काम कर रहा था लेकिन मेरा पूरा ध्यान उन दोनों पर ही था। अब रत्नेश भैया ने जोश में धकाते हुए काजल को सामने दीवार से टिकाकर खड़ा कर दिया और उसकी कॉटन की बनियान से दिखते बूब्स की गहरी काली और बिल्कुल सख्त. चूचियों को अपने दोनों हाथों की उंगलियों की चिमटी से पकड़ लिया और किसी किशमिश की तरह मसलने लगे। चूचियों के मसलने से काजल आंखें बन्द करके आहें भरने लगी और किसी मछली की तरह लहराने लगी, काजल ने रत्नेश भैया की छाती पर हाथ रखा और उनके शर्ट के दिखती मज़बूत फूली छाती को सहलाने लगी। कंट्रोल ना होने पर काजल ने रत्नेश भैया की शर्ट को छाती के ऊपर से दोनों हाथों से पकड़कर खींच दिया। रतनेश भैया की चिट बटन वाली शर्ट. खुल गयी और उनकी मर्दाना छाती आज़ाद हो गयी जिस पर काजल ने पहले तो ढेर सारा चूमा और फिर पागलों की तरह चाटने लगी। अब रत्नेश भैया ने अपने हाथ काजल के मुलायम चिकने चूतड़ पर रख दिए थे और कॉलेज गर्ल काजल के. चूतड़ों को बेइंतहा मसलने सहलाने का आनन्द ले रहे थे। करीब 5 मिनट के बाद रत्नेश भैया ने काजल की पेंटी पर से अपने हाथों से सहलाना शुरू कर दिया, लाल रंग की जालीदार पेंटी से हल्की दिखती चूत को वे बहुत आहिस्ता से सहला रहे थे और अपनी बड़ी वाली उंगली कभी कभी काजल की चूत में हल्के से डालते। काजल बहुत गर्म हो चुकी थी और रत्नेश भैया अभी भी उसे तड़पा रहे थे। काजल आह आह की आवाज़ करते हुए मानो रोने सी लगी थी. और अपने हाथ से भैया का रॉड से कड़क हो चुका लन्ड जीन्स के ऊपर से ही सहलाने लगी। कहानी के अगले भाग में जानेंगे कि कामुकता की अग्नि में जल रही काजल बिन पानी किसी मछली की तरह कैसे तड़पने लगी और क्या वह अपनी. चिकनी चूत में मूसल जैसा लन्ड ले पाई। मुझे मिल रहे आपके प्यार के लिये पाठकों और अन्तरवासना का धन्यवाद। आपका प्यार ही मेरी प्रेरणा है। अपनी प्रतिक्रियाएँ ज़रूर दें! लव शर्मा [email protected] कहानी का. अगला भाग: काजल की चुदाई: दूध वाला राजकुमार-8.
स्रोत:इंटरनेट