. थ्रीसम सेक्स कहानी में मुझे एक मंत्री और उसके चेलों से होटल के कमरे में चुदना पड़ा अपना काम निकलवाने के लिए.
उन्होंने चोदा मुझे और मुझे मजा भी आया! कहानी के पहले भाग हरामी मंत्री ने मुझे और मेरे पति को फंसाया में आपने पढ़ा कि एक्सपोर्ट लाइसेंस बनवाने के लिए मुझे मन्त्री और अफसर को अपने जिस्म से खुश करना था.
मैं उनके साथ होटल के कमरे में थी और वे मुझे शराब पिलाने के बाद नंगी देखने को लालायित थे.
अब आगे थ्रीसम सेक्स कहानी: यह कहानी सुनें.
ऑडियो प्लेयर 00:0000:0000:00आवाज बढ़ाने या कम करने के लिए ऊपर/नीचे एरो कुंजी का उपयोग करें। मैं उठ कर खड़ी हुई, वो तीनों भी उठ खड़े हुये और मेरे आस पास ही खड़े हो गए। मंत्री जी ने मेरी साड़ी का पल्लू मेरे कंधे से उठा कर नीचे गिरा दिया, और ब्लाउज़ में कसे मेरे स्तनों को देख कर बोले- अरे अय्यर, अगर इसके गाल इतने गोरे, तो इसका छाती कितना गोरा होइंगा। अय्यर बोला- अरे मंत्री जी अब तो ये अपनी ही है, इसका ब्लाउज़ खोल कर देख लेते हैं। कहते हुये अय्यर ने पीछे से मेरे ब्लाउज़ के हुक खोले और मेरा ब्लाउज़ उतार दिया। गोरे बदन से लिपटे काले ब्रा को देख मंत्री जी का लंड तो उनकी लुंगी में खड़ा हो गया। तीसरे ने तभी दु:शासन की तरह मेरी साड़ी खींच कर खोल दी.
तो अय्यर ने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोल कर मुझे पेटीकोट से भी आज़ाद कर दिया। दूध जैसा गोरा चिकना बदन और उस पर काले रंग की सेक्सी लांजरी! अय्यर बोला- लगता है सब सोच कर आई थी! अब जब उनके सामने नंगी ही हो गई थी, तो शर्म किस से करती और किस बात की करती! मैंने कहा- इन मंत्री जी की आँख तो मैंने पहले ही दिन पकड़ ली थी कि ये बंदा हरामी है, मुझे लग रहा था कि हमारा काम नहीं करेगा। मंत्री जी बोले- अरे मैडम, मैं तो आपका गुलाम हूँ, आप काम बोलो? कहते हुये उन्होंने मेरे दोनों मम्मों को ब्रा के ऊपर से ही पकड़ कर दबाना शुरू किया। मैंने ये भी देखा, हर काम पहले मंत्री जी करते थे, फिर अय्यर और उसके बाद वो तीसरा। वो शायद मंत्री का चमचा रहा होगा। वो बोला भी कुछ नहीं और मुझसे थोड़ा दूर ही था, बस ललचाई नज़रों से मुझे देख रहा था। मंत्री जी ने अपना चेहरा मेरे सीने में गड़ा और मेरे क्लीवेज को अपनी जीभ से चाटने लगे। अय्यर मेरे पीछे खड़ा पीछे से मेरी गांड पर अपना लंड घिसा रहा था। मैंने मंत्री जी का सर अपनी बांहों में भर के कस के अपने सीने से चिपका. लिया.
मैं भी इस थ्रीसम सेक्स के लिए तैयार थी.
तो मंत्री जी ने अपने हाथों से मेरी कमर, मेरी जांघों को सहलाया, चड्डी के ऊपर से ही मेरी चूत को भी थोड़ा सा रगड़ा। फिर अय्यर ने मेरी ब्रा का हुक खोला तो मंत्री जी ने मेरी ब्रा को मेरे जिस्म से अलग कर दिया.
मेरे भरे हुये गोल, गोरे, चिकने स्तनों को देखकर वे बोले- देखा अय्यर, दिस इस द बियूटी ऑफ नॉर्थ। कितना चिकना, मस्त बॉडी ए। अय्यर भी मेरे स्तनों को सहला कर बोला- बिल्कुल सर, लगता है बहुत केयर करता अपना बॉडी का! मैंने कहा- क्यों नहीं, मैं तो अपनी बॉडी की फुल केयर करती हूँ। खूबसूरत दिखना किसे पसंद नहीं। मंत्री जी बोले- मगर तुम तो वैसे ही वेरी बियूटीफुल, आग है पूरा आग। और वो जा कर फिर से सोफ़े पर बैठ गए, एक पेग डाला पिया, और फिर बोतल उठा कर आए और मेरे स्तनों पर दारू गिरा दी और फिर मेरे स्तनों से चाट चाट कर दारू पीने लगे। अय्यर ने अपना कोट, टाई, शर्ट, पेंट सब उतार दी और सिर्फ चड्डी में आ गया। चड्डी में उसका तना हुआ लंड साफ झलक रहा था। उसे नंगा होते देखा मंत्री जी ने भी अपने कपड़े उतार दिये किन्तु उन्होंने लुंगी के नीचे से बड़ा सारा देसी कच्छा पहन रखा था। अय्यर मेरे बदन पर दारू गिराता और मंत्री जी मेरे बदन पर यहाँ वहाँ चाट चाट कर दारू पीते। और फिर उन्होंने मेरी चड्डी भी उतार दी और बोले- अय्यर, अब दारू डालना। जब अय्यर ने दारू मेरे कंधों पर गिराई तो मंत्री जी ने मेरी चूत से मुंह लगा लिया और वहाँ से दारू पी। ना सिर्फ चूत से बल्कि मेरे चूतड़ों, से मेरी जांघों से, पाँव से, पेट से पीठ से हर जगह से मुंह लगा कर दारू पी। और मेरा शिवज रीगल में मुफ्त में स्नान हो गया। खैर जो कोई मर्द आपके बदन को इस तरह से चूसता चाटता है तो मज़ा तो आपको भी आता है। मुझे तो दो दो मर्द चूस चाट रहे थे। फिर मंत्री जी बोले- अरे बस बस, बहुत हो गया दारू, अब कुछ और करते है। कहते हुये उन्होंने अपना देसी कच्छा खोल दिया और सोफ़े पर बैठ गए.
मंत्री ने मुझे इशारे से अपने पास बुलाया, और मुझे अपनी जांघ पर बैठने को कहा। मैं उनकी जांघ पर बैठी तो उनका 6 इंच का कडक लंड मेरी कमर से छू रहा था। उन्होंने मेरे दोनों मम्में अपने हाथों में पकड़ कर चूसे और मेरे पूरे चेहरे को अपनी जीभ से चाट गए, जैसे मेरे चेहरे पर कोई शहद लगा हो। मैंने भी उनका लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और हल्के हल्के उसे सहलाने लगी। अय्यर सामने बैठा, दारू पी रहा था। मंत्री बोले- देखो तुम हमारा दोस्त, हमारा जान, मगर हमारा बोलने का गाली का गुस्सा नहीं करना। मैंने कहा- कोई बात नहीं मुझे तो इस सब में गाली खाना अच्छा लगता है। मंत्री जी खुश हो कर बोले- अरे वह तुम तो बिल्कुल मेरे मतलब की हो। एक बार मैंने अपनी बीवी की मारते हुये उसे बहन का गाली दिया तो साली ने मुझे भागा दिया, करने ही नहीं दिया। मैंने कहा- अरे नहीं उस जाहिल को क्या पता, आप मुझे, मेरी माँ बहन सबको गाली दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मंत्री बोला- वाह, पर तेरा वो मादरचोद पति उसको समझ नहीं आया.
और वो तेरा यार जो तेरे साथ आया, उसको मैंने बोला कि मुझे ये औरत चाहिए, मगर वो नहीं माना। अब मैं तो जो चीज़ देखता, जो मुझे पसंद आ जाए, मैं उसे नहीं छोड़ता, अब तुम पसंद आई, तो देखो तुम मेरे सामने बैठी हो नंगी। मैंने कहा- आपने राजेश जी से कहा था इस बारे में? मंत्री बोला- अरे खुल्लम खुल्ला कि मुझे एक रात के लिए ये औरत दे दो मैं तुम्हारा सब काम कर दूँगा। मगर वो माना ही नहीं। तो मैंने भी कहा कि चल दफा हो मादरचोद। और ये अपने अय्यर साब … इन्होंने ने ही ये. आइडिया दिया। और देखो जो मुझे चाहिए था, मेरी गोद में है। फिर मंत्री मेरे चूतड़ को दबा कर वो बोले- चल अब अपने होंठों का कमाल दिखा.
और मंत्री जी ने मुझे नीचे फर्श पर बैठने का इशारा किया। मैं उनकी गोद से उठी और नीचे फर्श पर बैठी तो मंत्री जी भी थोड़ा सा आगे को खिसके और उन्होंने ने अपना लंड मेरे मुंह के पास किया। मैंने उनका काला गंदा सा लंड अपने हाथ में पकड़ा और जब अपने मुंह के पास किया तो उसमें से गंदी. सी बदबू आई, शायद ठीक से धोया नहीं। मगर मैं भी कम नहीं थी, मैंने स्कॉच की बोतल उठाई और महंगी विदेशी शराब से उनका लंड धो दिया। और फिर अपने मुंह में लिया। लंड चूसना तो मेरा पसंदीदा काम है, तो अब तो मंत्री जी काला मोटा लंड मेरे हाथ में था। मैंने उसे पहले अपने गुलाबी होंठों से चूमा और फिर धीरे से अपने मुंह में लिया और जैसे जैसे मैं चूसती गई, मंत्री जी की चीखें निकालने लगी। मैं समझ गई कि मंत्री सिर्फ जिस्म का भूखा है मगर इसमें दम ज़रा भी नहीं नहीं। मेरी सोच सही साबित हुई, जब 5 मिनट की लंड चुसई में मंत्री जी मेरे मुंह में ही झड़ गए और मेरे सर को कस के पकड़ लिया- पी रंडी का औलाद, पी अपने यार का माल पी। साली कुतिया, मज़ा ला दिया, तेरी माँ की चूत, साली पक्का रंडी है तू, रंडी का औलाद हो, बहुत ही खतरनाक रंडी। साला चूस चूस कर ही खल्लास कर दिया मुझे! मजबूरी में मुझे मंत्री का सारा माल पीना पड़ा। जब मंत्री जी फारिग हो गए तो अय्यर ने मुझे पकड़ कर उठाया और खींच कर बेड पर ले गया.
उसने मुझे किसी कुतिया की तरह धक्का दे कर बेड पर गिराया और खुद भी मेरे ऊपर आ गिरा। वो मेरे होंठों को अपने होंटों में लेकर चूसने लगा। मुझे बड़ी हैरानी हुई कि साली चमचागीरी की भी कोई हद होती होगी। जिस मुंह में अभी उस गंदे से मंत्री का बदबूदार वीर्य भरा था, उन्हीं होंठों को वो ऐसे चूस रहा था, जैसे मैं बिल्कुल फ्रेश उसके पास आई हूँ। मेरे मुंह के अंदर तक जीभ डाल कर वो चाट रहा था। मैंने भी बिना किसी दिक्कत के अपने मुंह में पड़े मंत्री के वीर्य के बाकी बचे अंश उसके मुंह में डाल दिये और मन में सोचा- ले चाट कुत्ते, अपने मालिक का माल चाट! साले मुझे रंडी कहते हैं, तुम सब रंडी की औलाद हो। मैंने खुद अपनी जीभ उसके मुंह में डाल दी। तभी मैंने अपनी टाँगें खोलकर अय्यर की कमर के गिर्द लपेट दी और उसे अपनी ओर खींचा.
जैसे जैसे अय्यर मेरे करीब आया, वैसे वैसे उसका 7 इंच का लंड अपने आप मेरे जिस्म में घुसता चला गया। अय्यर न सिर्फ देखने में हट्टा कट्टा था, असल में भी दमदार था। उसने मेरे जिस्म को ज़्यादा तो नहीं नोचा मगर मेरी चूत को वो दबा कर पेला के साला मज़ा ही आ गया। ऐसी धांसू चुदाई तो बहुत बरसों से नहीं हुई थी। पहले नीचे लेटा कर चोदा, फिर घोड़ी बना कर, फिर गोद में बैठा कर, खड़ी करके, हर तरह से मुझे चोदा। अय्यर असल में एक मर्द पट्ठा था। बेशक वो आराम से चोद रहा था मगर आराम आराम से ही उसने मुझे एक घंटे के करीब चोदा। मैं तो यह भी नहीं जान पाई कि उसकी चुदाई में मैं कितनी बार पानी छोड़ गई.
सच में उसने मेरी तसल्ली करवा दी। जब वो मेरी चूत के अंदर अपनी मर्दानगी को झाड़ रहा था तो उसने जोश में आ कर मेरे दोनों मम्मों को इतनी बेदर्दी से अपने हाथों में जकड़ा ऐसा लगा जैसे उसकी सख्त मर्दाना उँगलियाँ मेरे मम्मों की नर्म चमड़ी को चीर कर अंदर ही. घुस जायेंगी। मगर अय्यर ने सच में मेरी माँ चोद कर रख दी; सारा बदन जैसे तोड़ दिया हो। जब अय्यर उठकर बाथरूम में गया तो वो मंत्री का चमचा भी अपनी लुल्ली हिलाता हुआ आ गया। मैंने देखा 4-5 इंच की उसकी छोटी सी. लुल्ली, मैंने सोचा ऐसी लुल्ली तो मैं घर में अपने पति की नहीं लेती तेरी क्यों लूँगी। जब उसने मेरे ऊपर चढ़ने की कोशिश की तो मैंने लात मार कर उसे गिरा दिया- चल भाग यहाँ से भोंसड़ी केऐसी दो इंच लुल्ली नहीं चाहिए मुझे! उधर देख मंत्री जी, या अय्यर जी जैसा सामान है तो आ, चल भाग साले मादरचोद! मेरी गालियां सुन कर उस बेचारे की तो सिट्टी पिट्टी गुम हो गई और वो अपनी छोटी सी लुल्ली पकड़ कर दूर जा कर बैठ गया। अय्यर के के बाथरूम से बाहर आने पर मैं बाथरूम में गई और फ्रेश होकर बाहर आई। और आकर बेड पर लेट गई। उसके बाद हम वैसे ही नंगे लेटे बातें करते रहे। रात का करीब 1 बज गया था। मेरे साथ लेटे लेटे मंत्री जी. मेरे जिस्म को छेड़ रहे थे तो मैंने भी उनके लंड को छू कर सहलाना शुरू किया.
इतने में मंत्री जी फिर से तैयार हो गए। मंत्री जी ने मुझे चोदना शुरू किया तो अय्यर अपने फोन पर मेरी चुदाई की वीडियो बनाने लगा, कभी फोटो खींचता तो कभी विडियो बनाता। मैंने पूछा- अरे सब कुछ दे तो रही हूँ, फिर ये विडियो और नंगी पिक्स किस लिए? मंत्री जी बोले- अरे तेरा क्या, साली दो टके की रंडी, कल को अगर हमारे खिलाफ हो गई तो, ये चीज़ तेरे घर, गली मोहल्ले वालों के दिल बहलाने के काम आएगी। मैंने हंस कर कहा- कोई बात नहीं, कोई फर्क नहीं पड़ता। उसके बाद मंत्री ने भी मेरी चूत को अपनी मर्दानगी से भर दिया। मंत्री के हटते ही अय्यर फिर से आ गया और जो उसने मुझे पेला, तो मेरी चूत को आँसू आँसू रुला दिया। उसकी दमदार चुदाई से मैं भी रो दी। अय्यर के चोदने बाद वो चमचा फिर से आ गया और मेरे जिस्म पर यहाँ वहाँ चूमने चाटने लगा। मैंने कहा- ओए, क्या चाहता है? उसने अपनी लुल्ली हिलाकर कहा- तुझे चोदना चाहता हूँ रंडी! मैंने कहा- मादरचोद, तू मुझे चोदेगा? चल दफा हो। वो गिड़गिड़ाया- कुछ तो करने दो। मैंने कहा- चल ऐसा कर मेरी चूत चाट कर हाथ से कर ले। कमाल की बात वो इसके लिए भी राज़ी हो गया। वो मेरी चूत चाटने लगा और मैं आँखें बंद करके सो गई। मुझे नहीं पता उसने मेरी चूत चाट कर मुट्ठ मारी या मेरे सोने का फायदा उठा कर मुझे चोद भी दिया, मुझे नहीं पता। मैं तो शराब के नशे और तगड़ी चुदाई के कारण थकी हारी सो गई। सुबह 11 बजे मैं सो कर उठी तो होटल के कमरे में कोई नहीं था, मैं अकेली ही बेड पर नंगी लेटी थी। होटल की हाउस कीपिंग वाला लड़का सारा कमरा साफ कर चुका था.
मतलब अगर उसने आधे घंटे में कमरा साफ किया तो उसने पिछले आधे घंटे से मुझे नंगी देखा होगा। मैंने बिना किसी शर्म के उठ कर उस से पूछा- क्या नाम है तुम्हारा? वो बोला- रोहित। मैंने पूछा- कितनी देर पहले आया? वो बोला- 20 मिनट हो गए। मैंने पूछा- 20 मिनट में क्या किया? वो चुप रहा। मैं उठ कर खड़ी हुई.
एक 20-22 साल का नौजवान लड़का, और उसके सामने खड़ी 34 साल की भरी पूरी औरत जो बिल्कुल नंगी खड़ी थी। मैंने पूछा- मैं तो बेसुध सो रही थी, कुछ किया तो नहीं तुमने? वो बोला- नहीं मैडम। मैंने पूछा- करेगा? वो मुझे बड़ी हैरानी से देखने लगा। मैंने कहा- अगर मूड है तो आ जा, वरना मैं चली नहाने! वो एकदम से आगे आया और मुझसे लिपट गया। सारी रात जिस जिस्म को दूसरे मर्दों ने नोचा खसोटा, उसे सुबह को एक नौजवान फिर से नोचने लगा। दो मिनट बाद उसने भी अपने कपड़े उतार दिये। 7 इंच का बड़ा प्यारा सा गोरा गोरा लंड उसका, मैंने खास तौर पर उसका लंड चूस कर देखा। कभी इतनी छोटी सी उम्र के लड़के से सेक्स नहीं किया था मैंने! मगर अब अगर मौका मिला तो मैंने सोचा क्यों छोड़ा जाए। बस मैंने उस लड़के को अपनी बांहों में भरा और बिस्तर पर कूद गई।. मैंने तो सोचा था 20 साल का नादाँ लड़का है, मगर वो तो औरत पाते ही मर्द हो गया। साले ने आधे घंटे तक बड़े तरीके से पेला। उसने खुद भी मज़ा लिया और मुझे भी मज़ा दिया। इस सब से निबट कर मैं करीब 2 बजे घर पहुंची, सारा जिस्म टूटा पड़ा था। हालत बड़ी खराब थी। करीब 4 बजे मेरे पति और राजेश दोनों घर आ गए। घर आते ही दीपक मुझे लिपट गए। राजेश जी बोले- पूछो मत प्रीति, बड़ी मुश्किल से पता नहीं कहाँ कहाँ से सिफ़ारिशे निकाल कर बड़ी मुश्किल से केस खत्म करवाया है। रेल बन गई हमारी तो! मैंने मन में सोचा ‘अरे भोंसड़ी वालो … तुम्हें क्या पता, इस सबके पीछे मैं हूँ, जिसने अपनी सेंटर की सिफ़ारिश लगाई तो जाकर ये काम सम्पन्न हुआ है। कई बार पैसा सिफ़ारिश जान पहचान वो काम नहीं करते जो भोंसड़ी कर गुजरती है। दोस्तो, कैसी लगी आपको यह थ्रीसम सेक्स कहानी?
स्रोत:इंटरनेट