. कुतिया बनाकर चुदाई करी ससुर ने गीली चुत रगड़ने के बाद पति के काम पर जाने के बाद अब मुझे ही पूरा घर और सास के साथ साथ ससुर का ख्याल रखना था.
अब नई नई शादी होती है तो पति पत्नी दिन रात बस चुदाई ही करते है.
उस दौरान मैंने भी अपने पति से खूब सेक्स किया.
इसलिए पति के जाने के बाद मेरी काम रस से गीली चुत बार बार गीली हो जाती.
हमारा घर छोटा था और मेरे सास ससुर मेरे बगल वाले बैडरूम में ही सोते थे.
मैं उस रात 2 बजे तक अपनी गीली चुत रगड़ती रही और धीरे धीरे कामुक आनंद लेती रही.
मैं सलवार और पेंटी खोलकर अपने मोबाइल फोने में देख रही थी की तभी मुझे मेरे बैडरूम के बाहर कुछ आहट सुनाई दी.
मैंने जल्दी से अपनी पेंटी पहनी और धीरे धीरे भर जाकर देखने लगी.
बाहर देखा तो कोई नहीं था.
अगले दिन मैं फिर हस्तमैथुन करने लगी और इस बार मैं रजाई में घुस कर अपनी गीली चुत में ऊँगली कर रही थी ताकि अगर कोई बैडरूम में आए तो मुझे अपनी पेंटी और सलवार पहनने का वक्त मिल जाए.
अचानक मेरे बैडरूम का दरवाजा खुला और ससुर जी अपना लंड हिलाते हुए एक पैर पर कूदते हुए मेरी रजाई में घुस गए.
मैं जल्दी जल्दी अपनी सलवार ऊपर करने लगी और ससुर जी को बोली ” पापा जी आप यहाँ क्या कर रहे हो !! “ ससुर जे मेरी रजाई में घुसे और मुझे अपने दोनों हाथो से जकड़ कर गले लगा लिया.
मुझे अपने गले से लगा कर मेरे लंगड़े ससुर जी ने मेरे कान में बोला जी शकुन्तला बहु रानी तेरे इस गीली चुत में इतनी कामुकता है तो मुझे ही बता देती मेरा भी कुछ भला हो जाता ये बोल कर मेरे लंगड़े ससुर जी ने जल्दी से मेरा नाडा खोला और रजाई में ही मेरी. सलवार में हाथ डाल कर पेंटी उतारने लगे.
उस वक्त सब कुछ इतनी जल्दी हुआ की मुझे कुछ समज नहीं आया की क्या करू और क्या न.
ससुर जी ने पेंटी नीचे की और मेरी गीली चुत को अपने हाथ से रगड़ने लगे.
मेरे लंगड़े ससुर जी ने जैसे ही मेरी गीली चुत रगड़ने लगे मैं बस उनके वश में होती चली गई.
मैं नंगी ही बेजान होकर वही पड़ी रही और ससुर जी मेरे जवान और सेक्सी शरीर को रजाई के अंदर चोदने की तैयारी करने लगे.
मेरे लंगड़े ससुर जी ने अपनी धोती से ऊपर से निकाला हुआ था जिसे वो मेरी जांघ पर रगड़ने लगे.
वो धीरे धीरे अपनी कमर हिला मेरे शरीर पर अपने चिपचिपे लिंक को रगड़ रहे थे.
मैं कामुक हो गई तो अपनी ब्रा में हाथ डाल कर अपने स्तनों को दबाने लगी.
रजाई में जरा भी शकुन्तला नहीं थी.
ससुर जी धीरे से आगे बढे और उन्होंने मेरी ब्रा को खींच कर मेरे दोनों स्तनों को बाहर निकाल दिया.
स्तन बाहर निकाल कर मेरे लंगड़े ससुर जी ने रजाई में ही उन्हें चूसना शुरू कर दिया और मेरे हाथ अपना लंड थमा दिया.
मैं अपने बड़े नाखुनो वाले हाथ से उनके पुरे लंड को दबाने और नीचने लगी.
ससुर गन्दी आवाज निकालने लगे और जोर से मेरे दोनों निप्पल्स को चूसते रहे.
ससुर जी की टांग टूटी थी इसलिए मेरे लंगड़े ससुर जी ने मुझे खींच कर अपने ऊपर बैठा दिया.
अपनी गीली चुत की चुदाई करवाने के लिए मैं ऊपर बैठी और धीरे से उनके नरम लंड को धीरे से चुत में घुसा दिया.
उसके बाद ससुर जी हसने लगे और मैं धीरे धीरे अपनी गांड हिला कर अपनी गीली चुत से अंदर लंड रगड़ने लगी.
चुदाई के दौरान ससुर जी ने मुझे आगे झुकने को कहा तो मैंने उनसे पूछा क्यों ? तो ससुर जी ने कहा ” तेरे बूब्स से दूध कैसे चुसुंगा शकुन्तला बहु रानी!! ” ससुर जी ने अपने दोनों हाथो से मेरे मोटे मोटे दूध से भरे स्तन पकड़े और उन्हें अपने मुँह के पास खींच कर मेरे निप्पल दबा कर चूसने लगे.
मेरे निप्पल टाइट और खड़े हो रखे थे जिन्हे चूस चूस कर ससुर जी मुझे और भी ज्यादा आनंद दे रहे थे.
कुछ देर बाद ससुर जी ने मुझे खड़े होने को कहा.
मैं खड़ी हुई और ससुर जी मेरे पीछे अपनी एक टांग पर खड़े होकर मेरी काम रस से गीली चुत में लंड पेलने लगे.
मैंने कहा – ससुर जी आप ऐसे कैसे मेरी चुदाई करोगे एक टांग पर खड़े होकर ? ससुर – चुप कर साली प्यारी रांड और बस कुतिया बन जा मेरे खड़े लंड से अपनी गीली चुत चुदवाने के लिए.
मेरे लंगड़े ससुर जी ने कुतिया सेक्स पोजीशन में मेरी चुदाई करने के लिए मुझे कुतिया बनाया और खुद एक टांग हवा में उठा कर मेरी गांड पर जोर से धके लगाने और मैं उनकी कुतिया बन कर चुदाई करवाने लगी.
मेरे लंगड़े ससुर जी ने मेरी कमर पकड़ कर उसे नीचे किया और मेरी पीछे से गांड निकाल कर उसे चोदते रहे.
काश मैं उन्हें पीछे से ऐसी चुदाई करते हुए देख पाती.
चुदाई के दौरान ससुर जी की लंड के निचे उनके लटकते गोटे मेरी काम रस से गीली चुत पर जोर से चाटे मारते रहे और चुदाई के दौरान धीरे धीरे मेरी सासे तेज होती रही.
बगल वाले बैडरूम में ही मेरी सास सो रही थी और मेरे बैडरूम में ससुर जी में मेरी चुदाई कर रहे थे.
ससुर जी के लम्बे मोटे लंड से चुदते चुदते अब मेरी गीली चुत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया.
तभी ससुर जी ने मुझे धका दिया और मेरी दोनों टाँगे खोल कर मेरी काम रस से गीली चुत से निकलने वाले पानी की अमृत धारा को अपने मुँह में ले लिया.
मेरे लंगड़े ससुर जी ने पहले तो मेरी चूत से टपक रहा काम रस अपने मुँह में भरा और फिर वो मेरे सामने ही उसे अम्रत की तरह पी भी गए.
रस पीने के बाद मेरे लंगड़े ससुर जी ने मेरी गीली चुत को अपनी जीभ से बड़ी अच्छी तरह से चाटकर साफ कर दिया.
चुत चाटते चाटते मेरे लंगड़े ससुर जी अपना लंड हिलाते रहे और बाद में खड़े होकर मेरी जांघ पर अपना माल झाड़ दिया.
तो इस तरह मेरे लंगड़े ससुर ने कुतिया बनाकर मेरी शकुन्तला बहुत खतरनाक चुदाई करी चुत रगड़ने के बाद और मेरी कामुकता शांत करी.
दोस्तों कुतिया बनाकर चुदाई तो चुदाई पर जब मेरे लंगड़े ससुर जी ने मेरी काम रस से गीली चुत से टपकता रस किसी प्यासे कुत्ते की तरह चाटा और पिया तो मैं बस उनकी दीवानी हो गई.
स्रोत:इंटरनेट