. कुतिया बना कर जोर जोर से गांड मारी मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड की हिन्दी सेक्स स्टोरी थोड़ी देर के बाद मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड कल्पना आंटी को मेरा लंड अपनी गांड के चुभने लगा तो. वो पीछे पलट कर देखने लगी, तो में डर गया, लेकिन मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड कल्पना आंटी ने मुझे कुछ नहीं बोला उन्हों ने मुझे एक नॉटी स्माइल दी और फिर आगे देखने लग गई वो ऐसे रिएक्ट करने लगी जैसे कुछ हुआ ही नहीं है.
अब मुझे मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड कल्पना आंटी के हॉट और सेक्सी जिस्म को छुने का ग्रीन सिग्नल मिल चुका था.
अब में और आगे होकर लंड को गांड पर महसूस करने लगा और वो भी अपनी गांड पीछे करके लंड को दबाने लगी.
फिर मैंने इधर उधर देखा तो अब हमें कोई नहीं देख रहा था और फिर में अपना एक हाथ मेरी मम्मी की गांड पर रखकर आगे झुककर देखने लगा और फिर धीरे-धीरे गांड को सहलाने लगा.
यंहा भी देंखे>> फिर सब वहाँ से हटने लगे और में थोड़ा दूर हटकर खड़ा हो गया.
फिर मेरी मम्मी मेरे पास आई और मुस्कुराते हुए बोली कि बेटा मज़ा आया तो में बोला कि आंटी जी अभी कहाँ मज़ा आया? तो वो मुझसे बोली के बेटा जब रात में सब सो जायेंगे तो पीछे स्टोर रूम में आ जाना तुम्हे ज़न्नत की सैर पर लेकर चलूंगी.
आंटी की बात सुन कर में बहुत खुश हो गया आज मै मेरी माँ की उम्र की औरत के साथ नाजायज शारीरिक सेक्स संबंध बनाने वाला था अब मै सबके सोने का इंतजार करने लगा.
फिर रात के 2 बजे में और मेरी मम्मी की फ्रेंड छुपते छुपाते हुए सेक्स करने के ले स्टोर रूम में पहुच गए.
कल्पना आंटी लाल रंग की नाइटी पहने थी और वो बहुत सेक्सी लग रही थी.
फिर मैंने झट से सेक्सी कल्पना आंटी को हग कर लिया और अपने होंठ उनके होठों पर रखकर फ़्रेच किस करने लगा और एक हाथ से बूब्स और दूसरे हाथ से उनकी मोटी मोटी गांड दबाने लगा.
अब वो भी सिसकारी निकालने लगी ओह्ह्ह भानु प्रताप कम ऑन, तो में भी जोश में आ गया.
अब मैंने सेक्सी कल्पना आंटी के मुँह में अपनी जीभ डाल दी तो अब सेक्सी कल्पना आंटी मेरी जीभ आइसक्रीम की तरह चूसने लगी.
अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और फिर मैंने उनकी नाईटी उतार दी.
वो ब्लेक ब्रा और ब्लेक पेंटी में थी.
अब में ब्रा के ऊपर से ही उनके बड़े-बड़े बूब्स दबाने लगा और अब वो मेरा लंड पेंट से बाहर निकालकर सहलाने लगी.
फिर मैंने उनकी ब्रा भी उतार दी और ज़मीन पर लेटाकर बूब्स के एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया.
अब वो मेरा सिर अपने बूब्स पर दबाने लगी थी.
फिर मैंने उनके दोनों दूध से भरे मोटे मोटे बूब्स को अपने मुह से चूस-चूस कर निचोड़ डाला और अब में आंटी के हॉट जिस्म को चुमते हुए नीचे सरकने लगा तो अब वो अह….. अह… करके मौन करने लगी.
फिर में उनकी पेंटी के ऊपर से ही किस करने लगा.
अब वो बहुत गर्म हो चुकी थी और उन्होंने मुझे उठाकर एक जोरदार किस करते हुए मेरे पूरे कपड़े निकाल दिए और नीचे बैठकर मेरा लंड चूसने लगी.
अब मेरे मुँह से सिसकारी निकल रही थी.
अब मेरा लंड एकदम कड़क हो चुका था और वो मेरे लंड के आगे वाले हिस्से पर अपनी जीभ बहुत मस्त तरीके से घुमा रही थी.
फिर सेक्सी कल्पना आंटी बोली कि अब मुझे चोदो प्लीज.
कल्पना आंटी को डॉगी पोजिशन में किया और पीछे से पूरा का पूरा लंड डाल दियाफिर मैंने उन्हे डॉगी पोजिशन में किया और पीछे से अपना 12 इंच लम्बा लंड एक ही बार में पूरा डाल दिया.
फिर वो बोली कि आराम से करो, अब में उन्हें तेज़-तेज़ चोदने लगा और दोनों हाथों से बूब्स भी दबा रहा था.
अब वो भी अपनी गांड आगे पीछे करके चुदवा रही थी.
अब मुझे वो बहुत ही अनुभव वाली लग रही थी, क्योंकि वो मेरे लंड को बहुत अंदर तक ले रही थी.
अब उन्होंने मुझे नीचे लेटाकर मेरा लंड अपनी चूत में ले लिया और दोनों हाथ मेरे पैरों पर रखकर बहुत स्पीड में अपनी गांड उछाल-उछाल कर चुद रही थी, अब में बहुत मज़ा ले रहा था.
फिर मैंने उन्हें खड़ा करके दीवार के सहारे चिपका कर उनका एक पैर हाथ में पकड़ कर अपना लंड चूत में डाल दिया और चोदने लगा.
अब वो बस याहह एस्स एस्स बोले जा रही थी और हम दोनों पसीना- पसीना हो चुके थे.
अब वो बार-बार मेरे लंड को बाहर निकालती और फिर दोबारा चूत में डालती जिससे मुझे और भी मज़ा आ रहा था.
यहाँ भी देंखे अब मैंने उनको ज़मीन पर लेटाकर उनके दोनों पैरो को अपने कंधो पर रखकर चोदने लगा और अपने हाथ से बूब्स को निचोड़ भी रहा था.
अब उनकी चूत पूरी गीली होकर बहने लगी थी, शायद वो दो बार झड़ चुकी थी, लेकिन अभी भी मज़े से चुदवा रही थी.
अब मेरा लंड भी हार नहीं मान रहा था और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे जा रहा था.
फिर सेक्सी कल्पना आंटी मुझे नीचे करके मेरे लंड पर सवार हो गई, तो अब में उनके बूब्स मुँह लेकर चूस भी रहा था.
अब वो ऊपर से और में नीचे से धक्के लगा रहा था और फिर मेरा पानी उनकी चूत में ही निकल गया और वो भी मेरे साथ में ही झड़ गई और झट से मेरा लंड मुँह में लेकर चाटने लगी.
अब वो मेरा पानी ऐसे चाट रही थी, जैसे उनको शहद का मज़ा मिल रहा हो और चाट-चाटकर मेरा पूरा लंड चिकना कर दिया और फिर मुझसे बोली के बेटा आब अपने इस औजार को मेरी गांड में डालो.
मेरी माँ की बेस्ट फ्रेंड अपनी गांड मरवाने के लिये कुतिया बन गईफिर मैंने कल्पना आंटी से अपनी गांड मरवाने के लिये कुतिया बन्ने के लिये बोला.
फिर वो मुस्कुराते हुए अपनी गांड मरवाने के लिये कुतिया बन गई और फिर मैंने उनकी गांड पर अपने मुह से थूका और अपने हाथ से उनकी गाने के छेद में मेरा थूक मलने लगा जब उनकी गांड चिकनी हो गई तो मैंने बिना समय बर्बाद करे अपना 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड एक जोर के झटके के साथ उनकी गांड के छेद में गुसा डाला.
यहाँ भी देंख कल्पना आंटी की गांड में मेरा लंड गुस्ते ही उनकी दर्द के मारे चिंखे निकल गई और उनकी आंखो से आंसू निकलने लगे और वो अपनी गांड मरवाते मरवाते अह….
आह………… उमह….
आह… करने लगी.
फिर करीब दस मिनट तक मैंने उनकी गांड मारी होगी के तभी मेरे लंड ने जवाब दे दिया और आंटी की गांड में मेरे लंड से गर्मा गर्म वीर्य का एक फव्वारा छुट पड़ा.
फिर मैंने आंटी की गांड से अपना लंड निकाल लिया और नंगा ही उनसे चिपक गया और उनके सेक्सी जिस्म के साथ चुम्मा चाटी करने लगा.
मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड कल्पना आंटी मुझे किस करने लगी और बोली कि बेटा तूने तो आज इस उम्र में मुझे बहुत मज़ा दे दिया.
फिर में बोला कि मज़ा तो आपने मुझे दिया थैंक यू.
उसके बाद हम अपनी-अपनी जगह पर जा कर सो गये.
तो दोस्तों ये थी मेरी इंडियन सेक्स स्टोरी वो भी हिन्दी फॉन्ट में.
दोस्तों आप सभी को मेरी हिन्दी सेक्स स्टोरी “ कुतिया बना कर जोर जोर से गांड मारी मेरी मम्मी की बेस्ट फ्रेंड की हिन्दी सेक्स स्टोरी ” कैसी लगी मुझे ईमेल करके जरुर बताना.
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स्रोत:इंटरनेट