. मोनी की तरफ से मेरे लिये अभी तक की ये पहली बार की गयी पहल थी इसलिये उसके खींचने से अब मैं भी एक बार तो उसके ऊपर आ गया जिससे मोनी का छुईमुई सा नर्म नाजुक बदन मेरे तले दब सा गया और उसके मुँह से हल्की. एक आह … सी निकल गयी। उसका बदन इतना अधिक भरा हुआ तो नहीं था मगर बेहद ही नर्म और मुलायम था जो कि मेरे शरीर को अब अन्दर तक गुदगुदाने लगा था। मोनी के ऊपर आकर मैंने अब सीधा अपने होंठों को उसके होंठों से. जोड़ दिया जो कि बेहद ही गर्म और मुलायम थे। मैं उसके होंठों को पहली बार चूम रहा था.
उसने अपनी गर्दन को घुमाकर अपने होंठों को मेरे होंठों से दूर कर लिया। मैंने भी अब मोनी के होंठों को फिर से पकड़ने कोशिश नहीं की बल्कि नीचे खिसकता हुआ उसके घुटनों के पास आ गया। मेरा तो ध्यान अभी भी उसकी चूत चाटने में अटका हुआ था इसलिये नीचे आकर मैंने अपने सिर को अब फिर से उसकी जाँघों के बीच घुसा दिया। वह अब. कसमसा उठी और अपने दोनों हाथों से मेरे सिर को पकड़कर मुझे फिर से अपने ऊपर खींचने की कोशिश करने लगी.
पता नहीं मोनी ने कभी अपनी चूत चटवाई ही नहीं थी या फिर शर्म के कारण वो मुझे अपनी चूत को चाटने नहीं देना चाहती थी? उसके खींचने के बाद मैं उसके ऊपर तो आ गया था लेकिन अभी तक मैंने कॉन्डोम नहीं पहना था इसलिये कॉन्डोम पहनने के लिये मैं अब फिर से उठने लगा.
मगर अब जैसे ही मैंने अब उठने की कोशिश की मोनी जोरों से कसमसा उठी.
मोनी शायद सोच रही थी कि मैं अब फिर से उसकी चूत के पास जाने की कोशिश कर रहा हूँ इसलिये मोनी ने जोरों से कसमसाकर अपना एक हाथ अब मेरी गर्दन पर डाल लिया और मुझे ऊपर से पकड़ लिया। “एक मिनट म मैं … व व वो … लगा लेता हूं…” मैंने कॉन्डोम का नाम लिये बिना मोनी से कहा मगर मोनी ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया.
“वो क्क ओ कॉन्डोम … लगा लेता हूं!” मैंने फिर से कहा मगर मोनी ने अब भी मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और मुझे अब भी वैसे ही पकड़े रही! मैंने अब धीरे से उठने की दोबारा कोशिश की जिससे कि मोनी ने हल्का सा कसमसाकर अब अपना दूसरा हाथ भी मेरी गर्दन में डालकर मुझे पकड़ लिया और. पहली बार उसके मुंह से कुछ ऐसे शब्द निकले- म म मुझे … रखना है! मोनी ने हल्का सा कुनकुनाते हुए कहा जिसे सुनकर मुझे झटका सा लगा.
मेरी हैरानी लाजमी थी क्योंकि अभी तक तो मोनी मुझसे बात भी नहीं कर रही थी और अब बच्चा रखने को कह रही थी? मैं समझ तो गया था कि मोनी बच्चा रखने की बात कर रही है मगर फिर भी मैंने दोबारा सुनने के लिए उससे पूछ ही लिया- क्क्या! क्या रखना है? मैंने जानबूझकर अपना मुँह मोनी के कान के. पास ले जाकर फुसफुसाते हुए कहा और धीरे से एक बार उसके मखमली गाल को अपने होंठों से ही सहला दिया। मोनी ने मेरी बात का अब कोई जवाब तो नहीं दिया मगर हल्का सा कसमसाकर उसने अपने गाल को मेरे होंठों से दूर कर. लिया और नीचे से थोड़ा सा अपनी जाँघों को फैला दिया। अन्धेरे में इतना साफ तो नहीं दिखाई दे रहा था मगर फिर भी मैं जितना देख पा रहा था मोनी अपनी गर्दन को एक तरफ करके चुपचाप बिल्कुल शान्त लेटी हुई थी. परन्तु उसकी साँसें अब बहुत ही तेजी से चल रही थीं। वो मेरी तरफ नहीं देख रही थी बल्कि अपना मुँह दूसरी तरफ किये हुए लम्बी-लम्बी और काफी गहरी साँसें ले रही थी। मैंने भी अब एक नज़र तो मोनी की तरफ देखा. फिर धीरे से अपने पैरों से ही उसकी जाँघों को पूरा फैला दिया जिसका उसने अब कोई विरोध नहीं किया.
वो चुपचाप वैसे ही लेटी रही। मोनी की जाँघों को फैलाकर अब मैं भी अपने घुटनों के बल हो गया और एक हाथ से मोनी की चूत के मुँह को टटोलकर अपने लँड को सीधा ही उस चूत के गीले मुँह पर लगा दिया जिससे मोनी ने हल्की झुरझुरी ली और अपने बदन को कड़ा सा करके वो उचक गयी। मोनी शायद मेरे लंड के प्रवेश के लिये तैयार हो. गयी थी लेकिन मैंने अपने लंड को सीधा ही उसकी चूत मे घुसाया नहीं, बल्कि अपने सुपारे को धीरे धीरे उसकी चूत पर घिसना शुरु कर दिया जिससे मोनी ने अपने बदन को अब और भी तान दिया, उसका गर्मी से तप रहा बदन अब हल्का-हल्का थरथराने सा लगा था। मैंने अपने लंड के सुपारे को मोनी की चूत पर घिसकर पहले तो उसे चूत के रस से अच्छे से गीला किया फिर धीरे से अपने सुपारे को सही से उसकी चूत के मुँह पर लगा कर एक जोर का धक्का. लगा दिया! मोनी तो पहले से ही मेरे हमले के लिये तैयार थी और उसकी चूत का द्वार भी कामरस से भीगकर बिल्कुल चिकना हो रखा था जिससे अब एक ही झटके में मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो ‘उम्म्ह… अहह…. हय… याह…’ कह के जोरों से कराह उठी। इतना होने के बाद मैंने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर खींचकर उसके साथ ही एक जोर का धक्का और लगा दिया जिससे लगभग अब मेरा पूरा लंड मोनी की उस सँकरी गुफा में उतर गया और वो. “ऊऊम्म्म् … म्म्मी.
ईईई … ह्ह्ह्…” कहकर एक बार फिर से तेजी के साथ कराहने लगी। वाकई में ही मोनी की चूत काफी कसी हुई थी। पिछली रात तो मैं सोच रहा था कि मोनी ने अपनी जाँघों को भींचा हुआ है इसलिये मुझे उसकी चूत इतनी कसी हुई लग रही है। मगर असल में ही उसकी कमसिन चूत बहुत कसी हुई थी। उसकी चूत में लंड डाल कर ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि वो शादीशुदा है बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे कि मैंने अपना लंड किसी. कुँवारी लड़की की चूत में पहली बार घुसाया हो। मोनी पूरी तरह से कुँवारी तो नहीं थी, मगर शायद उसकी ‘मुनिया’ की अभी तक ठीक से कुटाई नहीं हुई थी। शादी से पहले उसने किसी से सम्बन्ध बनाये हों इसका तो कोई सवाल ही नहीं उठता, मगर शादी के बाद भी शायद मोनी का पति उसके साथ अच्छे से संभोग नहीं करता था क्योंकि उसकी चूत की दीवारें अभी भी इतनी तँग और कसी हुई थीं जैसे कि मैं पहली बार उसकी चूत मे लंड घुसा रहा हूं। इसका कारण यह भी हो सकता था कि शायद मोनी का पति बहुत अधिक शराब पीता था जिसकी वजह से वो कुछ करने की बजाय सो जाता होगा और वैसे भी मोनी अपने पति के साथ इतना रहती भी तो नहीं थी, तभी तो मोनी को अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ था … उसकी शादी को दो साल से भी ज्यादा का समय हो गया था मगर अभी तक उसको कोई बच्चा नहीं था.
अब सारी बात मेरी समझ में आना शुरू हो गयी थी कि आखिर क्यों मोनी ने मुझे कॉन्डोम लगाने से मना कर दिया और वह बिना गर्भ निरोधक के ही मेरा मूसल लंड अपनी चूत में लेने के लिए तैयार हो गई.
कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
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स्रोत:इंटरनेट