. जब चुदास बढ़ी, तो मैं स्वीटी की टी-शर्ट निकालने लगा.
स्वीटी ने कहा- इधर नहीं, मेरे बेडरूम में चलते हैं.
मैं स्वीटी को अपनी गोद में उठाकर बेडरूम ले गया.
फिर उसकी टी-शर्ट और ब्रा निकाल कर मैंने उसके मम्मों पर हमला बोल दिया.
मैं बहुत ज़ोरों से स्वीटी के मम्मों को चूसने में लग गया.
इस सब में स्वीटी को भी मजा आ रहा था.
वो मेरा सिर और भी ज्यादा अपने मम्मों पर दबा रही थी.
उसके मम्मों को चूसने के साथ ही मेरा एक हाथ स्वीटी की चूत पर ले गया.
स्वीटी ने अपनी कैपरी के अन्दर पेंटी नहीं पहनी थी, तो मैंने उसकी गीली चूत में बड़ी वाली उंगली घुसा दी.
मेरी उंगली लेने में स्वीटी को दिक्कत हुई … उसकी चीख निकल गई उम्म्ह… अहह… हय… याह… मतलब स्वीटी पहली बार चुदने जा रही थी, वो बिल्कुल सीलपैक माल थी.
फिर मैंने स्वीटी की कैपरी को निकाल दिया.
अभी वो मेरे सामने एकदम न्यूड थी.
मैंने उसकी पूरी बॉडी को प्यार से देख रहा था, तो उसने शर्मा कर हाथों से चेहरा छिपा लिया.
फिर मैं उसके दोनों हाथों को हटा कर उसकी गर्दन और कान पर किस करने लगा, जिससे उसकी पूरी बॉडी में सिहरन सी दौड़ गई.
अब स्वीटी से कंट्रोल कर पाना मुश्किल था.
वो बोल रही थी- प्लीज़, अब मेरे अन्दर अपना डाल के मुझे चोद दो … और मत तड़पाओ.
तो मैंने भी मौका देख कर स्वीटी को सीधा लेटा दिया.
उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख कर अपने 6 इंच के लंड से बड़ी कोशिश के बाद हल्का सा झटका मारा, तो थोड़ा सा लंड अन्दर जाते ही सील टूट गई और खून निकल आया.
इस धक्के से स्वीटी की चीख निकल गयी और वो रोने लगी.
वो रिक्वेस्ट करने लगी कि लंड बाहर निकाल दो.
मैंने कहा- जानू पहली बार थोड़ा दर्द होगा, फिर मजा ही मजा है.
ऐसा कहते हुए किस करने के साथ मम्मों को दबाते हुए मैंने उसकी चुदाई को जारी रखा.
मैं उसे चूमता रहा, उसके मम्मों को मसलता सहलाता रहा.
जैसे ही स्वीटी नॉर्मल हुई, मैंने दूसरा हल्का सा धक्का लगा दिया.
इस बार भी स्वीटी को दर्द तो बहुत हुआ, पर उसने दर्द को सहन कर लिया.
फिर ऐसे ही प्यार से छोटे छोटे धक्कों के साथ मैंने अपना पूरा लंड स्वीटी की चूत में डाल दिया.
इस बीच स्वीटी लगातार रो रही थी, पर कुछ देर बात वो नॉर्मल हो गयी.
फिर धीरे धीरे मैंने धक्के लगाना चालू किए.
अब स्वीटी को भी मजा आने लगा और वो भी साथ देने लगी.
फिर स्वीटी को घोड़ी बना के चोदा.
उसकी चूत बेहद टाईट थी.
मुझे अब तक की सबसे ज्यादा टाईट चूत चोदने को मिली थी.
उस रात चूंकि स्वीटी का पहली बार का चोदन था, तो ज्यादा न चोदते हुए पूरी रात में एक बार और चुदाई का खेल हुआ.
फिर किस करते हुए एक-दूसरे से लिपट कर सो गए.
सुबह घर जाते वक्त मैंने स्वीटी को उठाया, तो स्वीटी तो मानो आसमान में उड़ रही थी.
उसने चूत चुदाई को इतना एन्जॉय किया था कि वो मस्त हुई पड़ी थी.
उसने किस करते हुए मुझे ;आई लव यू’ बोला.
फिर मैंने स्वीटी के सिर और होंठों को किस करके उसे ‘आई लव यू’ बोला.
इसके बाद मैं अपने घर चला गया.
बस अब तो हम दोनों की गाड़ी पटरी पर दौड़ने लगी थी.
हम दोनों को जब भी मौका मिलता था, चुदाई का खेल शुरू हो जाता था.
अब तो स्वीटी भी पूरा साथ निभा के चुदाई को पूरा एन्जॉय करती थी.
तो दोस्तो … ये थी मेरी पहली कहानी.
आपके सामने और कहानियों के साथ जल्दी पेश होऊंगा.
तब तक के लिए अलविदा.
सेक्स कहानी कैसी लगी, ये मुझे जरूर बताइयेगा.
मेरा ईमेल एड्रेस है [email protected]
स्रोत:इंटरनेट