. गाँव की देसी लड़की की गरमा गरम वर्जिन चूत Antarvasna Hindi Sex Stories सेक्सी भावना बोली की मेरे मम्मी पापा शहर गए है घर मे मैं और दादी है लेकिन मुझे घर में डर लग रहा है.
दादी को उठाया लेकिन वह तो घोड़े बेच के सोयी है.
इसलिए मैं यहाँ आके बैठ गयी.
मैंने कहा, “यहाँ जमीन पर बैठने से अच्छा है तूम मेरी खटिया पर आ जाओ.
मैं वैसे भी अभी नहीं सोऊंगा.
मुझे से बात करनी है…” सेक्सी भावना मेरी चारपाई पर आ गई और मैंने उसे ठंड से बचने के लिए मोटी चद्दर दे दी.
मैंने तकिये के निचे छुपाई सिगारेट निकाली और गुंजन को फोन लगाया.
गुंजन फोन सेक्स के लिए तैयार बैठी थी और जैसे ही उसने फोन उठाया वोह बोली, “अरे कहा चले गए थे मेरी चूत तुम्हारे लंड के लिए बेताब बनी हुई थी….
!”सेक्सी भावना ने फोन से बहार आ रही आवाज सुन ली और अपनी हँसी रोकी नहीं पाई.
मेरी गर्लफ्रेंड गुंजन ने राज खोल ही दिया मेरा.
मेरा मन अब गुंजन से बातों में नहीं लग रहा था क्यूंकि जब मेरी खटिया में सेक्सी भावना जैसा वर्जिन माल जो बैठा था.
मैंने मेरी गर्लफ्रेंड गुंजन को झूठ बोलकर फ़ोन कट कर दिया की अभी मेरी आ गयी हैं बाद में बात करता हूँ.
मेरी सिगारेट भी ख़तम हो चुकी थी.
देसी वर्जिन गर्ल भावना मुस्कुराते हुए मेरी तरफ देख के बोली, “गर्लफ्रेंड है आप की….
?” मैने कहा, “हाँ भी और नहीं भी…खर्चे करवाने में हाँ और काम के लिए नहीं……!” मेरी बात सुन गाँव की देसी लड़की भावना हंस पड़ी.
मैंने करीब से उस सेक्सी देसी लड़की के सेक्सी और मोटे मोटे बोबे देंखे वो देसी लड़की करीब 18-19 साल की ही होगी पर उसके बोबे फुल कर बहुत मस्त हो रखे थे.
मैंने सेक्सी भावना के मोटे मोटे बोबों से नजर हटाये बिना ही उससे पूछा, वैसे तूम हो बड़ी खुबसूरत क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है… ??? सेक्सी भावना बोली, “हाँ मेरा एक बॉयफ्रेंड था लेकिन मेरे चाचा के लड़के ने उसे मार मार के सीधा कर दिया” मैंने इस गाँव की देसी लड़की की गांड और बाकी के शरीर पर नजर डालते हुए कहा, “कहाँ तक पहंचे थे तूम लोग रिश्तें में” सेक्सी भावना,”सोरी…मैं कुछ समझी नहीं” मैंने बेझिझक उसे कहा, “ आरे यार मेरा मतलब है की क्या तुम दोनों ने कभी चुदाई करी हैं…?”गाँव की वर्जिन गर्ल भावना हंसी और बोली, “उसी रात चुदाई करवाने की प्लानिंग थी जिस रात राहुल भैया ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन साला डरपोक निकला मैंने उसे फोन किया इसके बाद तो उसके कभी रिसीव ही नहीं किया” सेक्सी भावना की जवानी और उसकी बातें सुनके मेरा मोटा तगड़ा खड़ा हो चूका था, वैसे मैंने कभी सोचा नहीं था की वो इतनी बिंदास्त बातें कर लेती है.
मुझे पूरा यकीन था अगर सही गियर दबाता गया तो आज चुदाई का बंदोबस्त जरुर हो जाएगा.
मैंने सेक्सी भावना को कहा, “तूम सेक्सी लगती हो यार, तुम्हे कोई भी मिल जाएगा…साला एक हमारी किस्मत फूटी है की गर्लफ्रेंड है लेकिन कुछ मजे नहीं करवा रही”सेक्सी भावना बोली, “वो फोन पर तो आप से गन्दी गन्दी चुदाई की बातें कर रही थी.
” मैंने कहा, “फोन पे ही सब कुछ हो रहा है, मैं रोज रात को दिल को समझा के और उसकी फोटो देख कर मुठ मार कर सो जाता हूँ” सेक्सी भावना की नजर शरमाते – शरमाते मेरे लंड की तरफ बढ़ी, और शायद यह की देसी लड़की समझ गयी थी की मेरा मोटा तगड़ा लंड पेंट के अंदर खड़ा हो चूका था.
मैंने सेक्सी भावना का हाथ अपने हाथ में लेके उसे अपनी छाती पर रख के कहाँ देखो, “हैं ना फ़ास्ट फ़ास्ट धडकने” उस देसी गर्ल ने हाथ हटाया नहीं और मैंने धीमे से उसका हाथ इस तरह निचे किया के जाते जाते वह मेरे मोटे तगड़े लंड से घिस के जाएँ.
मेरा मोटा तगड़ा लंड उसके हाथ को छूते ही उसे भी मेरे लंड की गरमी का अहेसास हुआ.
वो अब गर्म हो चुकी थी और उठ के जाने लगी शायद वो बाथरूम में अपनी चूत में ऊँगली करने के लिये जा रही थी.
तभी मैंने पीछे से उसका हाथ पकड़ लिया और उससे पूछा “क्या हम दोनों एक दुसरे की मदद नहीं कर सकते…? फिर मैंने उस देसी वर्जिन गर्ल भावना को चारपाई मैं खिंच लिया और उसके होंठ से अपने होंठ चिपका दिए.
पहले तो उस लडकी ने थोडा नाटक करा लेकिन थोड़ी देर में ही वो भी गर्म हो उठी और फिर यह गाँव की देसी लड़की मेरे होंठो से अपने होंठ लगा के चूसने लगी.
मैंने चद्दर को झटका और सेक्सी भावना को अंदर ले लिया मैं भी अंदर आ गया.
मेरा मोटा तगड़ा लंड कब का खड़ा था इसलिए मैंने अपनी पेंट कम्बल के अंदर ही उतार दी और सेक्सी भावना के मोटे मोटे बोबे बहुत जोर जोर से दबाने लगा.
सेक्सी भावना उई माँ… आह… उह आह… आह ओह करती रही और फिर मैंने उसी पूरी नंगी धडंगी कर डाला.
सेक्सी भावना की गरमा गरम चूत मस्त साफ़ थी, अंधेरा होने के कारण साफ साफ तो नहीं दिखी लेकिन उसको कपडे उतार कर नंगी करते वक्त मेरे हाथ उसकी चिकनी चूत पर गए थे और मुझे एक मस्त मुलायम चूत का स्पर्श हुआ था.
मैं अब वर्जिन भावना की गरमा गरम चूत में मेरी गुसाना चाहता था में उसकी वर्जिन चूत को चुसना और चाटना चाहता था इसलिए मैंने 69 की पोजीशन बना के उसकी चूत की तरफ अपना मुहं ले गया.
देसी वर्जिन गर्ल भावना की चूट के उपर होंठ लगाते ही वो उई माँ आह… उमह… उई.. आह… ओह करने लगी और मैंने धीरे से उसको जीभ गरम चूत के अंदर तक दे दी.
वोह मेरा मोटा तगड़ा लंड पकड के हिला रही थी, मैंने उसे कहाँ, “मेरा गर्म लंड ले लो मुहं में मेरी जान..मुझे भरोसा है की तुम्हे मेरा गरमा गर्म लंड अपने मुह में लेकर चूसने में बहुत आनंद आएगा….
!” सेक्सी भावना लंड को मुहं में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी गरमा गरम चूत को चूसने लगा.
करीब 5 मिनिट तक हम एक दुसरे के सेक्स अंग चूसते रहे और मैं अगर सेक्सी भावना और चुस्ती तो झड ही जाता इसलिए मैंने लंड उसके मुहं से निकाला और उसके पास सो गया.
मैंने उस लड़की का एक पाँव उठा के मैंने अपनी झांघ पर रख दिया.
उसकी चूत कुछ खुल गई और मैंने उसकी गरम चूत के अंदर दो ऊँगली डाल के मस्त हिलाना चालू कर दी.
इसके दो फायदे थे पहला यह की देसी वर्जिन गर्ल भावना की गरम चूत की उत्तेजना बढ़ती और वह खुल भी जाती…और दूसरा यह की मेरा मोटा जो उत्तेजना के चरम सीमा पर खड़ा था वो शांत हो जाता.
सेक्सी भावना से अब रहा नहीं जा रहा था, वो मेरे कंधे पे दांत से काटने लगी और अपने नाख़ून मुझे गडाने लगी और बोली…..”दे दो मुझे तुम्हारा मोटा लंड दे दो, मेरी प्यासी चूत बहुत खुजली कर रही है..इसकी मस्त चुदाई कर के उस बहन की लौड़ी की सारी खुजली मिटा दो…जल्दी आह आह आह्ह्ह्ह….
!’मैंने अब अपने लंड को गरम चूत के छेद पर रख दिया और धीमे धीमे गरम चूत के अंदर डालने लगा.
सेक्सी भावना वर्जिन थी इसलिए उसकी चूत बहुत ही टाईट थी.
मैं लंड इस गाँव की देसी लड़की की चूत में आराम आराम से घुसेड़ना चालू किया, फिर भी सेक्सी भावना को दर्द हो रहा था और वह वहीँ दबे आवाज में मुझे धीरे से करने को कहने लगी.
मैंने धीमे धीमे कर के आधा लंड इस गाँव की देसी लड़की की गरमा गरम चूत में दे दिया था और उस से बर्दास्त नहीं हो रहा था.
मैंने कुछ 3-4 मिनिट धीमे धीमे कर के पूरा लंड सेक्सी देसी वर्जिन गर्ल भावना की चूत में घुसेड दिया.
उसकी साँसे फुल गई और उसे ठंड में भी पसीना होने लगा था.
मैंने अब उस गाँव की देसी लड़की की गरमा गरम चूत में के झटके देने चालू कर दिए और सेक्सी भावना की चीखें बढ़ने लगी.
इस भरी ठंडी रात में मेरे लंड के उपर भी इस गाँव की देसी लड़की की गरमा गरम वर्जिन चूत की सख्ताई का दबाव था इसलिए मैं बहुत जल्दी उस लड़की की गरम चूत के अंदर झड गया.
लेकिन इस रात में मैंने सुबह 4 बजे गाँव की देसी लड़की भावना की गरमा गरम वर्जिन चूत के अंदर एक बार दुबारा अपना लंड दे दिया दोस्तों अब तुकी चूत से थोड़ा बहा रहा था और उसकी चूत पहले के मुकाबले थोड़ी ढीली भी लग रही थी.
दोस्तों हमारी दूसरी बार की चुदाई करीब आधे घंटे चली और इस बार उस देसी को मेरे लंड से अपनी चूत चुदवाते वक्त थोडा कम दर्द हुआ.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स कहानी “गाँव की देसी लड़की की गरमा गरम वर्जिन चूत Antarvasna Hindi Sex Stories” बहुत पसंद आई होती यदि आप इस हिन्दी सेक्स कहानी का अगला भाग पढ़ना चाहते हो तो निचे लाइक बटन. पर जरुर क्लिक करना.
स्रोत:इंटरनेट