. अआह राम … इतना मजा तो मुझे अब तक मेरी गर्लफ्रेंड ने भी नहीं दिया था, जितना मजा चाची दे रही थीं.
उनके गुलाबी होंठों पर मेरे लंड का सुपारा लगा हुआ था और चाची लंड चूस रही थीं.
कुछ देर बाद मैंने चाची को 69 पोजीशन में ले लिया.
मैं नीचे रहा और उनको मैंने अपने ऊपर ले लिया.
अब वो बहुत गर्म हो गई थीं और अपनी चुत को मेरे मुँह पर लगा कर मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं.
नीचे से मैं उनकी चुत को चाटे जा रहा था.
उनकी चुत से कामरस बह रहा था और मैं चूस चूस कर उनके दाने को चचोर रहा था.
तभी मैंने एक उंगली चाची की गांड में डाल दी.
चाची की हल्की सी चीख निकल गई, पर उन्होंने मेरे लंड को चूसना नहीं छोड़ा.
उन्होंने तनिक उठते हुए अपनी चुत को हटा कर मेरे मुँह में अपनी गांड लगा दी थी.
मैंने भी चाची की चुत छोड़कर उनकी गांड के छिद्र को चूसना चालू कर दिया.
दोस्तो, अगर लड़की को एकदम से गर्म करना है, तो उसको पहले खूब रगड़ो और उसकी चुसाई करो.
वो एकदम से हॉट हो जाएगी.
जैसे ही मैं चाची की गांड चूसने लगा, उन्होंने मेरा लंड चूसना छोड़ दिया और मेरी जीभ से अपनी गांड चुसाई का मजा लेने लगीं.
मैं उनकी चुत के दाने को भी अपनी उंगलियों में दबा कर मसल रहा था.
थोड़ी देर बाद चाची का फिर से कामरस निकल गया.
मेरा भी अब निकलने वाला था, तो मैंने चाची के मुँह में जोर जोर से धक्के मार कर उनके मुँह में लंड रस गिरा दिया.
चाची ने मेरी रबड़ी खा ली थी.
अब हम दोनों निढाल होकर पड़े थे.
कोई आधे घंटे के बाद मैं चाची के ऊपर चढ़कर उन्हें चूमने लगा.
मैं उनके हरेक अंग को चाटने चूसने में लगा था.
मैं उनकी चुत में थूक लगा कर उंगली करने लगा और बाद में मैं फिर से उनकी चुत को चूसने लगा.
चाची फिर से गर्म हो गयी थीं और अब तक मेरे लंड में भी जान आ गयी थी.
मेरा लंड किसी रॉड की तरह सख्त हो गया था.
मैंने चाची को चित लेटाया और उनके ऊपर चढ़ गया.
चाची ने अपनी टांगें खोल कर मेरे लंड के लिए चुत खोल दी थीं.
मैं लंड को उनकी चुत पर रगड़ने लगा.
चाची मस्त आवाजों से बोल रही थीं- आह मां के लौड़े … अब चोद भी दे साले … अब नहीं रहा जाता.
दोस्तो, हमेशा लड़की को गर्म करके चोदो, उसी में ज्यादा मजा आता है.
मैंने देर ना करते हुए चाची की चुत के दरवाजे पर लंड टिकाया और एकदम से पूरा लंड अन्दर पेल दिया.
मेरे इस अचानक हमले से बेखबर चाची की चीख निकल गयी और वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगीं.
मैं लंड पेल आकर उन्हें किस किए जा रहा था.
उनकी चुत किसी भट्टी की तरह तप रही थी.
फिर मैंने शॉट लगाने शुरू किए.
पहले मैं चाची की चुत में आहिस्ते आहिस्ते धक्के लगा रहा था.
वह ‘अआह हमउ अआह उम्म्ह… अहह… हय… याह… ह्म्म्म अआह..’ ऐसे सिसकारी निकाल रही थीं.
उनके चेहरे पर आनन्द ही आनन्द झलक रहा था.
मैं उन्हें धक्के पर धक्के लगा रहा था.
उनके आम ऊपर नीचे हिल रहे थे.
उनकी चुत में मेरा लंड घपाघप जा रहा था.
उनके कामरस से मेरा लंड भीग चुका था.
लगातार दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने चाची की चुत से लंड निकाल कर उनको घोड़ी बनाया और ढेर सारा थूक उनकी चुत पर और मेरे लंड पर लगा दिया.
फिर पीछे से चाची की चुत में मैं लंड पेलने लगा.
मुझे घोड़ी बनाकर लौंडिया चोदना बहुत पसंद है.
पीछे से चुत और गांड चाटना भी मेरा शगल है.
मैं चाची की चूत में पीछे से धक्के लगा रहा था.
चाची अब जन्नत का मजा ले रही थीं.
उनके मुँह से बस सिसकारियां निकल रही थीं.
बाकी सब काम मैं पीछे से कर रहा था.
अगले ही पल मैं चाची की चुत में ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगा, जिस कारण थोड़ी देर में चाची का कामरस मेरे लंड पर आ गया और चाची का काम उठ गया.
चाची की चुत के गर्म लावे से मैं भी पिघल गया और चाची की चुत में ही मैंने अपना लावा छोड़ दिया.
हाय दोनों का गर्म गर्म लावा बड़ा सुकून दे रहा था.
चाची की चुत में से बहता लावा मुझे अपने लंड पर बड़ी सुखद अनुभूति दे रहा था.
मैं लंड निकाले बिना ही उनके ऊपर ढेर हो गया.
थोड़ी देर बार चाची उठीं और बाथरूम में जाकर खुद को साफ करके आ गईं.
वो मेरे लंड को चूसकर साफ करने लगीं.
चाची मुझे गले लगाकर बोलीं- हमारे बीच आज जो भी हुआ है, उसके बारे के किसी को भी बताना मत.
आज के जैसा मजा मुझे कभी नहीं मिला.
काश तुम मेरे पति होते.
वे मुझे गले लगाकर किस करने लगीं.
उसके बाद उस रात मैंने चाची की 2 बार और चुदाई की और सो गया.
उसके बाद मैं जितने दिन गाँव रहा और जब भी मुझे गांव जाने का मौका मिला, हम दोनों चुदाई कर लेते थे.
कभी खेत में चुदाई हो जाती थी … तो कभी घर की छत पर चुदाई काण्ड होने लगता था.
मुझे चाची की चुत लेने में इतना मजा आता है कि अब मैं मौका मिलते ही गांव चला जाया करता हूँ और चाची की चुत चोद कर आ जाता हूँ.
दोस्तो, कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी, कुछ गलती दिखी हो, तो नजरअंदाज कर दीजिएगा.
पहली बार चुदाई की कहानी लिखी है.
आप अपनी प्रतिक्रिया मुझे [email protected] पर बता सकते हैं.
धन्यवाद दोस्तो.
स्रोत:इंटरनेट