. किस टूटने के बाद चाची फिर से बोलीं- यह गलत है.. हमें यह नहीं करना चाहिए.
मैंने कहा- चाची अब कुछ नहीं हो सकता, अब हम लोग बहुत दूर निकल आए हैं.
मैंने अपने कपड़े निकाले और एक एक करके चाची के सारे कपड़े निकाल दिए.
चाची का बदन दूध की तरह गोरा था एक भी दाग नहीं.
उनका चांदनी जैसा बेदाग़ बदन था, स्वर्ग की अप्सरा जैसी चाची मेरे सामने एकदम नग्न थीं.
मैंने अपनी किस्मत को सराहा कि मुझे आज ऐसी औरत मिल गई.
फिर मैंने उनके पैरों पर किस किया.
किस करते करते ही मैं उनकी जांघों तक आ गया.
इस वक्त चाची का पूरा बदन कांपने लगा था.
उत्तेजना के मारे सांसें उनकी जोर-जोर से चलने लगी थीं.
मैं उनकी चूत के पास किस करके आया और अपनी जुबान उनकी चूत पर रख दी.
उत्तेजना के मारे चाची ने अपनी गांड उछाल दी.
उत्तेजना के मारे उनका बुरा हाल हो रहा था.
मैं उनकी चूत को चूस रहा था.
वे कामुक आवाज में बोलीं- अमित कुछ करो, अब मुझसे रहा नहीं जाता.
मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होंठों को चूसने लगा, पूरे चेहरे पर चूसने लगा.
उनकी सांसें मुझे जोर-जोर से मेरे चेहरे पर लग रही थीं और मुझे उत्तेजित कर रही थीं.
मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर रखा और बोला- क्या आप तैयार हो? चाची ने हां में अपना सर हिलाया, वो बोलीं कुछ नहीं.
फिर मैंने अपने लंड का टोपा चूत के अन्दर डाल दिया.
उनकी आह निकल गई.
फिर धीरे-धीरे मैंने धक्के लगाने प्रारम्भ किए.
हर धक्के पर जवाब चाची अपनी गांड उछाल कर जबाब दे रही थीं.
उनकी चूत कई महीनों से प्यासी थी.
मैं उनके चेहरे का रस पिये जा रहा था.
साथ ही मैं पूरी ताकत से लंड के धक्के लगाये जा रहा था.
मेरा पूरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में जा रहा था.
हम लोग स्वर्ग का मजा महसूस कर रहे थे.
पूरे कमरे में हमारी हमारी गर्म सांसों का कोलाहल था और कमरा गर्म आवाजों से भर गया था.
हमारे चुंबनों की आवाज और हमारी सांसों की आवाज से कमरे का माहौल बहुत गर्म हो गया था.
लगभग 15 मिनट धक्के लगाने के बाद चाची ने अपने पैरों से मेरी कमर जकड़ ली और कहने लगीं- मेरा होने वाला है.
मैं बोला- हां चाची मेरा भी होने वाला है, मैं अपना वीर्य कहां निकालूं? वह बोलीं- मेरे अन्दर ही कर लो, अब तुम्हारा सब कुछ मेरा है.
फिर 5 मिनट और धक्के लगाने के बाद मैं उनकी चूत में ही झड़ गया.
हम लोगों की सांसें जोर जोर से चल रही थीं.
चाची की आंखें बंद थीं, वे कुछ नहीं बोल रही थीं.
मैंने कंबल उठाया और हम दोनों ने ओढ़ लिया.
मैंने चाची को गले से लगाया और उनके गाल पर किस किया.
चाची जी धीरे से बोलीं- तुमने मुझे आज जो खुशी दी है, वह मुझे आज तक नहीं मिली, आज के बाद से मैं तुम्हारी दीवानी हो गई हूं.
मैंने कहा- मैं भी आप का दीवाना हो गया हूं और आपसे बहुत प्यार करने लगा हूं.
उस पूरी रात में मैंने तीन बार चाची को चोदा.
इस तरह हमारी चुदायी 2 महीने तक चलती रही.
फिर एक दिन चाची बोलीं कि मैं गर्भवती हूं, अब हम लोग क्या करेंगे? मैंने कहा- ये आप मुझ पर छोड़ दो यह मेरी निशानी है, हमारे प्यार की निशानी है, मैं उसे दुनिया में लाऊंगा.
तो चाची बोलीं- यह कैसे संभव है? मैं बोला- चाची आप मेरा साथ दो, तो सब कुछ संभव है.
फिर थोड़े दिन बाद मेरी मां को पता चल गया कि चाची गर्भवती हैं और वह जान गई थीं कि उसके पीछे मैं हूं.
इस बात को लेकर घर में बहुत बवाल हुआ.
सबने चाची को कहा- गर्भपात करा लो.
लेकिन मैं और चाची टस से मस नहीं हुए.
थोड़े और बवाल के बाद हमारे घर वाले मान गए.
मैंने उन्हें समझाया कि चाचा अब जेल से आने वाले नहीं हैं.
चाची का कोई ख्याल रखने वाला होना चाहिए उनकी बेटी का तो ख्याल रखने वाला होना चाहिए.
मैं और चाची एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं.
ये सब दलीलें सुनकर मेरे घर वाले मान गए और थोड़ी ना नुकुर के बाद चाची के घर वाले भी ये सोच कर मान गए कि उनकी बेटी का घर फिर से बसने वाला था.
मेरे मां-बाप ने कहा- तुम अपनी चाची को लेकर किसी और शहर चले जाओ, वहां उसके साथ घर बसा लो.
मुझे यह बात जंच गई, मैं और चाची दिल्ली चले आए और मैंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब कर ली.
अब मैं और चाची और उनकी बेटी एक साथ रहते हैं.
यहां सब हमें पति-पत्नी की तरह जानते हैं.
मेरी चाची माफ कीजिएगा, जो अब मेरी बीवी है, वो 7 माह के गर्भ से है.
हम लोग बहुत सुखी परिवार हैं और एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं.
मेरी चाची मुझसे बहुत प्यार करती हैं.
मैं भी चाची से बहुत प्यार करता हूं और उन्हीं से प्यार करता रहूंगा.
तो दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची कहानी आप सभी का कहानी पढ़ने के लिए बहुत शुक्रिया.
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स्रोत:इंटरनेट