. चाची जी की साड़ी निकाल फेंकी और पेटीकोट उठाकर चोदा हिन्दी सेक्स स्टोरी चाची की चूत में उंगली डाल दी और जोर जोर से हिलाने लगाफिर मैंने किसिंग चालू कर दी, तो अब चाची जी ने भी मेरा साथ दिया। फिर मैंने एक किस लिया और उनकी जुबान से अपनी जुबान लगाकर चाटने लगा और अपने हाथ से बूब्स भी दबा रहा था। फिर मैंने उनसे सर खिड़की पर और पैर सीट के ऊपर रखने को बोला और उनकी साड़ी ऊपर करके उनकी. पेंटी निकालकर उनके हाथ में दी और अपनी सगी वर्जिन चाची की चूत में उंगली डाल दी और जोर जोर से हिलाने लगा। फिर उन्होंने भी मौन करना चालू कर दिया।फिर मैंने उनको बस ध्यान देने को बोला और अपना मुँह चूत के. पास ले जाकर धीरे-धीरे चूसना चालू कर दिया। अब उन्हें भी मज़ा आ रहा था और अब चूसते-चूसते उनकी चूत से पानी निकलने लगा था तो वह सब मैंने अपने मुँह में भर लिया और उनको किस करने लगा। फिर मैंने अपने मुँह का. पानी उनके मुँह में डालकर उन्हें टेस्ट करवाया। यहाँ भी देंखे>>फिर मैंने उनके बूब्स को दबाना चालू कर दिया। अब वो भी मेरा लंड मुँह में लेकर चूस रही थी और अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर ऐसा लगभग 20 मिनट. तक चला, अब मेरी 45 साल की चाची जी के मुह के अंदर मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मैंने उनसे बोला की चाची जी मेरा निकलने वाला है, तो उन्होंने बोला कि निकलने दो बेटा मै तुम्हारा सारा का सारा वीर्य पी जाउंगी और 2 मिनट में ही मेरा पानी निकल गया और उन्होंने मेरा पूरा पानी पी लिया।फिर कुछ ही टाईम के बाद स्टॉप आया और हम बस से उतर गये। चाची ने मुझसे बोला के बेटे आज पहली बार किसी मर्द ने मेरे इस शरीर को. छुआ है और आज पहली बार मैंने किसी के लिये अपने दिल में वो जगह बनाई है जो कभी तुम्हारे चाचा के लिये बनाई थी आज मै तुम्हारे चाचा जी के सारे हक़ तुम्हे देना चाहती हूँ आज से मै तुम्हारी हूँ तुम मेरे साथ जो. भी करना चाहते हो मै तैयार हूँ.
मेरी चाची ने मुझे बोला के बेटे तुम्हारी ये चाची आज तक वर्जिन है आज तुम अपनी चाची की चूत की और गांड की सील तोड़ने के लिये किसी होटल में ले चलो.
दोस्तों चाची की बात सुन मुझे बहुत खुशी हुई फिर मै चाची को उनकी माँ के घर छोड़ने जाने की बजाए उन्हें वही पास एक होटल में चोदने के लिये ले गया.
फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी चाची जी का ब्लाउज निकाला फैंकाफिर होटल में पहुचते ही हमने एक हनीमून रूम बुक करवाया और सेक्स करने के लिये उस रूम में चले गए.
हनीमून रूम में पहुचते ही मैंने रूम का दरवाजा बंद करा और फिर मैंने मेरी चाची जी को बेड पर सुलाया और उनको गुलाबी गुलाबी होंठो को किस करने लगा, कभी गाल पर, कभी लिप पर। फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी चाची जी का ब्लाउज निकाला फैंका.
चाची जी का ब्लाउज खोलते ही मेरे जमने उनकी लाल ब्रा थी जिनमे उनके मोटे मोटे बूब्स कैद थे मैंने उनकी ब्रा में से उनके बूब्स निकाले और उनके बूब्स के निप्पल को अपने मुहे में लेकर चूसने लगा और एक हाथ से उनकी साड़ी और पेटीकोट उप्प्पर उठा उनकी पेंटी में उंगली करना चालू कर दिया। अब चाची जी के मुँह से आअहह हहुउ हूउ. आअहह निकलना चालू हो गया था।फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से चाची जी की साड़ी निकाल फेंकी अब वो पेटीकोट और ब्लाउज में थी। फिर मैंने उनका पेटीकोट उप्पर उठाकर पाने मुँह से उनकी चूत चाटने लगा और अपनी पूरी जुबान. उनकी चूत में डालकर बड़ी ज़ोर से चूसने लगा उनके पेटीकोट के अंदर थोडा अँधेरा जरुर था पर मुझे उनकी चूत बुल्कुल साफ साफ नजर आ रही थी। यहाँ भी देंखे>>अब मेरी 45 साल की चाची जी पागल होकर बोली ओह माई डियर. बेटे तुम तो मेरा पेटीकोट उठाकर ही मेरी चूत चाटने लग गए बेटे मुझे नहीं पता था की पेटीकोट उठाकर चूत चटवाने में इतना आनंद मिलता है.
आब तो में अपनी चूत भी ऐसे ही पेटीकोट उठाकर चुदवाउंगी मै चूत चुदवाने के लिये मेरा पेटीकोट नहीं उतरूंगी यदि तुम्हे मेरी चूत चोदनी है तो ऐसे ही चोदनी पड़ेगी.
अपनी चाची जी की बात सुन में बहुत खुश हो गया था क्यों की आज से पहले मैंने कभी किसी महिला की पेटीकोट उठाकर चुदाई नहीं करी थी आज ये पहली बार होने जा रहा था आज मई इतहास रचने जा रहा था। फिर मैंने ज़ोर-ज़ोर से मेरी चाची जी की चूत को चुसना और चाटना चालू कर दिया। अब उनकी चूत का पानी निकलने वाला था और उन्होंने बताया भी नहीं. और पूरा का पूरा पानी में पी गया। फिर चाची जी ने मेरा लंड अपने मुँह में लेकर उसे चाटना चालू कर दिया।दोस्तों चाची जी मेरे लंड को लौलीपॉप की तरह जोर जोर से अपने मुहे के अंदर लेकर चूस रही थी अब मुझसे. कंट्रोल नहीं हो रहा था क्यों की चाची जी के लंड चूसने से मेरे लंड पर जोर जोर से गुदगुदी हो रही थे.
चाची जी बहुत अच्छे से मेरा लंड चूस रही थी.
चाची जी ने मेरे लंड को चूस-चूसकर 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा कर दिया था।फिर मैंने उनके मुह से अपना 12 इंच लम्बा तना हुआ लंड बाहर निकाला और चाची जी का पेटीकोट उठाकर उनकी चूत में अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा.
चाची जी की चूत बहुत टाईट थी मेरा लंड उनकी चूत में गुस ही नहीं पा रहा था मई समझ गया के चाची जी ने काफ़ी टाईम से किसी के साथ सेक्स नहीं किया है इसी कारन मेरे लंड को उनकी चूत के अन्दर जाने में तकलीफ़ हो रही है। चाची जी का पेटीकोट उप्पर उठाया और 12 इंच. लम्बा लंड उनकी वर्जिन चूत में गुसा चोदने लगाफिर मैंने मेरी 45 साल की चाची जी का पेटीकोट निचे करा और उनसे तेल लाने को बोला फिर वो अपने ड्रेसिंग टेबल से एक तेल की शीशी लेकर आई और मुझे देकर बोलने लगी. मेरी चूत और गांड में थोडा अच्छे से तेल लगा लेना जिसे सेक्स करने में बहुत मजा आयगा.
फिर मैंने वापिस चाची जी का पेटीकोट उप्पर उठाया और थोड़ा तेल उनकी चूत में और गांड में डाल दिया और थोड़ा सा मेरे लंड पर भी लगाया और फिर एक जोर के झटके के साथ मेरा लंड उनकी चूत की गहराई में कूदा दिया अभी मेरा आधा ही लंड उनकी चूत में गुस पाया था.
मेरा आधा लंड मेरी 45 साल की चाची जी की चूत में गुस्ते ही उनकी आंहे निकल गई फिर मैंने आचानक से एक ज़ोर का झटका दिया तो वो इतने में ज़ोर से चिल्लाई कि कोई सुन न ले। अब मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी चूत में गुस चूका था फिर मैं धीरे-धीरे करके अपने लंड को चाची जी की चूत के अंदर बाहर. करने लगा तो वो हुउऊुऊऊउउउ हाआअआया आआ आराम से डार्लिंग बोलने लगी।अब में उसे ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा और वो आआअशजफफ्फ बेटा और जोर से अह……… आह… आह… फ़क में बेटा….. फ़क माय पुसी… करके चिल्लाने लगी। दोस्तों आज मै मेरी सुहागन चाची की वर्जिन चूत को चोद रहा था मुझे तो इस घटना पर बिलकुल बी यकीन नहीं हो पा रहा था की आज ही मेरी गन्दी नजर मेरी चाची पर पड़ी और आज ही वो मेरे बिस्तर में आ गई शायद आज के दिन मै उप्पर. वाले से और कुछ भी मांगता तो वो भी मुझे मिल जाता.
यहाँ भी देंखे>>दोस्तों मेरी 45 साल की चाची जी की चूत में मेरा 12 इंच लम्बा और 4 इंच मोटा लंड गुस्ते ही उनकी वर्जिन चूत की सील टूट चुकी थी और उनकी चूत से खून निकलने लगा था चुदाई के दौरान पूरा बिस्तर खून में संद चूका था पर मेरी चाची को उससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था आज वो चुदवाने की आग में अंधी हो चुकी थी.
दोस्तों मै भी किसी भूके कुत्ते की तरह उनकी चूत को उचक उचक कर चोदे जा रहा था.
फिर मैंने करीब 25 मिनट तक मेरी 45 साल की चाची जी को बहुत दिल लगा कर चोदा क्यों की ये मेरी और मेरी चाची हम दोनों के जीवन की पहली चड़ाई थी.
25 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरे लंड से मेरा गर्म गर्म वीर्य चाची जी की चूत के अंदर ही निकल गया और फिर मैंने चाची जी की गांड भी चोदी चाची जी की पड़ने के लिये यंहा पर क्लिक करे.
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हमारी इस पोर्न वेबसाइट के एक पाठक है विनय जिन्हें पेटीकोट साड़ी में चुदाई की हिन्दी सेक्स स्टोरी और सलवार फाड़ चुदाई की कहानी बहुत अच्छी लगति है ये हिन्दी सेक्स स्टोरी उनकी फरमाइश पर ही प्रकाशित करी गई है यदि आप की भी कोई फरमाइश या सुझाव है तो आप हम से सम्पर्क कर सकते है.
स्रोत:इंटरनेट