डार्क

चिकनी चाची और उनकी दो बहनों की चुदाई 6

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

चिकनी चाची और उनकी दो बहनों की चुदाई 6 1

. परवीन- आआह ऊऊऊह … धीरे.. मैं- इतने बड़े मम्मों को, आंटी, कोई कैसे छोड़ सकता है.
मैं दीवानों की तरह आंटी के मम्मों को चूसने लगा.
आंटी के दोनों चुचे एकदम लाल हो गए थे.
फिर मैं उनका पूरा बदन चूमने लगा और चूसने लगा.
उनके कड़क निप्पलों को काटने लगा.
परवीन- आआह … साले इतना ज़ोर से कोई काटता है कमीने … धीरे चूस ऊऊऊफ्फ … जालिम.. अब तक आंटी पूरी गर्म हो चुकी थीं.
मैंने बिना देर किए उनकी पैंटी उतार दी और उनकी चुत को मसलने लगा.
आंटी की सिसकारियां बढ़ने लगीं.
उनकी चुत में आग लगी थी.
मैं नीचे बैठ गया और उनकी चुत को चूमने लगा.
आंटी मचल उठीं- मेरे मर्द ने कभी मेरी चुत को चाटा ही नहीं है.
… आह मेरी ख्वाइश तू अब पूरी कर दे.
मैं आंटी की मखमली चुत चाट रहा था.
चुत काफी नमकीन थी.
अब शहद ढूंढने का समय भी नहीं था.
परवीन- आआह ऊह … ऊम्म … आंटी मेरे बाल खींचने लगीं और तरह तरह की हरकतें करने लगीं.
उनका बदन पूरा मचल उठा था.
औरत को जितना लंड मजा देता है, उससे कहीं ज़्यादा मज़ा आपकी जीभ देता है.
परवीन- वाओ … क्या चूस रहा है.
मेरे लाल … दाने तक चला गया … शाबाश.. मैं और अन्दर जीभ को धकेलने लग.
करीब 5 मिनट चूत चाटने के बाद आंटी झड़ने वाली थीं.
परवीन- आह … मैं झड़ने वाली हूँ … आआह ऊम्म्म.. उन्होंने मेरे सर को चुत के और करीब दबा दिया और चुत ने पानी छोड़ दिया.
मेरे मुँह में उनका पानी आ गया था.
मैं बाथरूम जाकर मुँह धोकर आया.
आंटी खुश थीं.
लेकिन मेरी खुशी अभी बाकी थी.
परवीन- अब तू जो बोलेगा, मैं वो करूँगी.
मैं- पहले मेरा लंड को चूस लो.
आंटी लंड चूसने को एकदम रेडी थीं.
मैं बेड पर बैठ गया और वो नीचे बैठ कर लंड को हिलाने लगीं.
फिर आंटी ने एकदम से पूरा लंड अन्दर ले लिया.
मैं- बाप रे … आपने तो पूरा अन्दर ले लिया.
उनकी लंड चुसाई देख कर मेरे तो होश उड़ गए.
आंटी एक पोर्न स्टार के जैसे लंड चूस रही थीं.
लंड को खाए जा रही थीं.
मेरी सिसकारियां और आंटी की चूसने का साउंड मिलकर मज़ा आने लगा.
आआआह ऊऊम्म पप्पपच … मैं झड़ने वाला था.
मैंने आंटी को तुरंत हटा दिया.
मैं जल्दी नहीं झड़ना चाहता था.
परवीन- क्यों हटा दिया? मैं- मैं झड़ने वाला हूँ.
परवीन- कोई बात, नहीं मैं रस पी लूंगी.
मैं- मैं पूरा माल आपके मुँह में दूंगा … लेकिन इतना जल्दी मैं झड़ना नहीं चाहता हूँ.
मुझे मालूम था कि ज़्यादा देर तक करने की ये एक कला है.
परवीन- तुम तो बहुत कुछ सीख गए हो … बदमाश.
मैं आंटी को ज़ोर से हग किया और उन्हें पेट के बल लेटा दिया.
फिर मैं उनकी कोमल गांड को सहलाने लगा.
मैं- आंटी तेल कहां है.
परवीन- मैं लेकर आती हूँ.
मैं- आप कहीं नहीं जाओगी … मैं लेकर आऊंगा … आप बस बता दो.
परवीन- ड्रेसिंग टेबल के पास कोकोनट आयल रखा है.
मैं तेल लेकर आया.
आंटी बिल्कुल वैसे ही लेटी थीं.
मैं एकदम से उनके ऊपर लेट गया.
मेरा लंड उनकी गांड के छेद में लग रहा था.
मैं तेल से गांड को मसाज करने लगा.
आंटी तो मज़े ले रही थीं.
मैंने आंटी को कुतिया बनाया और मैं शुरू हो गया.
परवीन- धीरे करना बेटा … गांड की चुदाई करे 5 साल हो गए हैं.
मुझे यही चाहिए था.
मैंने ये बात सुनते ही एक ज़ोर का झटका दे मारा.
आधा लंड गांड में घुस गया था.
आंटी की चीख इतनी तेज थी कि क्या बोलूँ … यूं समझो कि कोई औरत बच्चे को जन्म देने के वक़्त चीखती है … वैसी चीख निकली थी.
मुझे डर था कि कहीं बगल वाले घर के लोग ना आ जाएं.
परवीन- मुझे इतना दर्द कभी नहीं हुआ था.
साले अपने मूसल को बाहर निकाल मादरचोद … मुझसे नहीं होगा.
तुझे जितना चाहिए, तू उतनी मेरी चुत मार ले .. उसके अलावा भी तू जो बोलेगा, वो करूँगी.
मुझे बक्श दे.
लेकिन एक बार लंड जो अन्दर घुस गया, मैं कहां रुकने वाला था.
मैं- कुछ भी करोगी … सोच लो? परवीन- कुछ भी करूँगी.
मैं- हिना आंटी की चुत दिलाओगी? परवीन- हां मंज़ूर है.
मैं- तेरी बड़ी बेटी आशना की चुत दिलवाएगी? परवीन- साले मादरचोद, मेरी बेटी के ऊपर भी नज़र डाल रखी है.
तेरे मूसल से जो मैं दर्द सह रही हूँ, वो काफी है.
मैं अपनी बेटी को भी इतना दर्द नहीं दे सकती.
ये सुनते ही मैंने एक और ज़ोर से धक्का मारा.
मेरा पूरा लंड आंटी की गांड में चला गया था.
आंटी तो मुझसे दूर जाने की नाकाम कोशिश करती रहीं और चीखती रहीं.
परवीन- आआह … ऊऊऊफ्फ … मर गयी मैं … पहले वो रंडी रेशमा को मारूँगी, फिर तेरी माँ को ये सब बोलूंगी.
मैं- क्या बोलेगी रंडी … यही कि तुमने मुझे अपने घर बुलाया था चुदाई के लिए.
मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.
परवीन- अब निकाल भी दो … मैं किसी को कुछ नहीं कहूंगी.
मेरी बेटी को भी कनविंस करूँगी.
मैं- ज़रूरत नहीं है … तेरी बेटी तो आलरेडी सैट है … मैं उसे खुद पटा लूँगा.
मैं ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.
आंटी आगे पीछे कर रही थीं.
इसके कारण थोड़ा तकलीफ होने लगी.
इसलिए उनके बाल मैंने हाथ में पकड़ लिए और खींचने लगा.
साथ ही उनके चूतड़ों को बजाने लगा.
परवीन- मादरचोद, मार क्यों रहा है … साले मुझे छोड़ दे प्लीज.
एक और विनती है, तू तो मेरी बेटी को लेकर ही रहेगा.
लेकिन उसे ऐसा बेरहमी से चोदना मत.
मैं- जहां दर्द आता है, वही तो मज़ा आता है.
परवीन- अब बस भी कर दे … और कितनी देर पेलेगा मुझे … आह.. मैं- अपना माल तेरे मुँह में छोड़ दूँ? परवीन- हां … तू प्लीज जल्दी लंड निकाल दे.
मैंने गांड से लंड निकाला और तुरंत आंटी के मुँह में लगा दिया.
आंटी लंड चूस नहीं रही थीं.
इसीलिए मैं ही उनका मुँह चोदने लगा.
दो मिनट तक मैं उनके मुँह में लंड आगे पीछे करता रहा.
फिर उनके मुँह में ही झड़ गया.
परवीन- क्या तूने रेशमा की गांड भी ऐसे ही मारी है? मैं- फार्म हाउस में तो रेशमा चाची की गांड इसे भी बहुत बुरी तरह से मारी है.
परवीन- उसने कुछ नहीं कहा? मैं- पहले तो चीखती रहीं, फिर सहयोग करने लगीं.
आपकी तो 42 की गांड है, फिर भी आप इतना क्यों मचल रही थीं.
परवीन- सच कहूं … तो मुझे इतना दर्द नहीं हुआ.
लेकिन ऐसा चीखने से तुझे और मज़ा आएगा ना … इसलिए ऐसे किया.
तेरा लंड तो मूसल है.
मैं- इतनी फिक्र करती हो मेरी खुशी की? परवीन- तू बाकी के सब मर्दों जैसा नहीं है … मैंने तुझे गांड मारने बुलाया, लेकिन तूने मुझे पहले खुशी देकर खुश किया, फिर मेरी गांड मारी.
तू औरत की प्यास को समझता है.
तुझे जो मदद चाहिए, वो मैं करूँगी.
तू मेरी लाइफ में मिला हुआ सबसे बेहतर मर्द है.
तेरे बीवी बहुत खुश नसीब है.
तुझे हिना चाहिए, आशना चाहिए, मैं तेरी हेल्प करूँगी.
मैं आंटी को इमोशनल किस किया.
मैं- फिलहाल तो मुझे हिना आंटी चाहिए.
परवीन- तू प्लान बना ले, मैं उसे फ़ोन करती हूं.
अगले भाग में हिना आंटी को मैंने कैसे पटाया और कैसे चोदा, ये सब जानिए.
मेरा विचार है कि सेक्स में पहले औरत को खुश करो, फिर तुम वैसे भी खुश हो जाओगे.
आपके कमेंट्स और सजेशन ईमेल और इंस्टाग्राम पे बताईये [email protected] Instagram: handsome_hunk2307 चुदाई की कहानी जारी रहेगी.

स्रोत:इंटरनेट