. चुदाई का चस्का पार्ट 5 - सविता भाभी को प्रेग्नेंट करा Hindi Sex Story आज सेक्सी रंडी सविता भाभी कयामत ढा रही थी.
लाल रंग की साडी, लाल रंग का ब्लॉउज उसके सुंदरता को और बढा रहा था.
आज उसके बडे बडे स्तन कुछ जादा ही आकर्षित कर रहे थे, उसकी जुल्फो ने तो उसके चेहरे पर एक तेज बिखर रहा था क्या गजब दिख रही थी.
मेने उससे कहा – मैं- सविता भाभी जी आज आप कुछ जादा ही सुंदर दिख रही हो, आपके चेहरेपे एक तेज झलक रहा है!! – राज ये सब तुने कल दि दवाई का नतिजा है, कल तुने मुझे मेरी शादी के तीन साल बाद सही रूप से एक लंडकी से औरत बना दिया.
तेरे वीर्य का नतिजा है ये.
मैं- मेरे मैं इतनी ताकहै तो फिर आप इसे मेडिकल मे बेचके पैसा कमा सकती हो.
सविता भाभी- हँसते हुए बोली ही….
ही…ही राज तुम्हारे पर सिर्फ मेरा हक है, इतनी किमती चीज बेचने के लिये थोडी है.
मैं- हक तो बस अगले कुछ दिन ही ना( मे मुरझाई स्वर मे बोला) – …राज ये तो सही बात है, लेकींन आज तुम मेरी खुशी के लिये इतना कुछ कर रहे हो तो मेरा भी फर्ज कुछ बनता है ना.
मैं- मतलब उसके बाद भी सविता भाभी- तूम आगे की मत सोचो अभी के पलो के मजे लो.
ने मेरे होटो को चुमलिया.
आज कुछ अलग ही फील सविता भाभी के होटो को चुंमने मैं आ रहा था.
मेरा रोम रोम रोमांचित हो रहा था.
सविता भाभी भी एक प्यासी की तरह मेरे होटो का रसपान कर रही थी.
उसने अपनी जुबान मेरे होटो पे घुमाते हुवे अपने दोनो नाजूक होटोमे मेरे होट समा लिये थे.
एक रियल फ्रेंच किस का अनुभव मुझे आ रहा था जो मैने अभी तक खाली पॉर्न मुवि और अग्रेजी मुवि मैं देखा था.
हम दोनो के होटो के साथ अब हमारे हाथ भी एक दुसरे को सहला रहे थे.
मुझे आज कुछ अलग ही फील हो रहा था.
कुछ जादा ही उत्साह हम दोनो को महसुस हो रहा था.
मेने उसके गाल से धिरे धिरे हाथ घुमाते हुवे उसके नाजूक कानो से उंगली घुमाई .
सविता भाभी मानो सुख के सागर मे डूब गयी.
अहआआआआआआ …एक लम्बी सिसकार भर उसने अपना समर्पण किया.
वो मेरे बाहो मे थी.
मैंने सविता भाभी को सोफे पे लिटा दिया और उनके सेक्सी जिस्म को जगह जगह चूमने और चाटने लगा.
मेने मेरी जुबान से भाभी की गर्दन पे चाटते हुए अपना एक हाथ भाभी के पर रखा कर दबाया.
मेरी इस हरकत से मानो सेक्सी सविता भाभी और उत्तेजित हो गयी.
उसने अपना शरीर जैसे हवा मे उठा दिया.
अब मै बच्चे की चाह में अंधी सविता भाभी के ब्लाउज का एक एक बटन खोलने लगा ,और उसी तरह उसे किस करके मेने उसका के सारे बटन खोले.
लाल कलर के डिझायनर ब्रा मे सविता भाभी के बडे बडे बुब कुछ जादा ही आकर्षित लगणे लगे थे.
मेने सेक्सी सविता भाभी के दोनो मोटे मोटे बोबो की दरार पर अपना मुह घुसा दिया और बेतहाशा चुंमने और चाटने लगा.
सविता भाभी मेरे पुरे बदन पर हाथ घुमा रही थी.
मेने उसके गर्दन के पिछे हाथ डालकर उसे थोडा आगे खिचा और उसका आधा खुला ब्लाउज निकाल दिया.
उसके कंधोसे किस करते करते उसके पीठ पे किस करणे लगा, वेसे ही मेने का हुक अपने दातो से खोल दिया.
सविता उतर गयी और उनके दूध से भरे मोटे मोटे बोबे हवा में आजाद झूलने लगे.
अब मेने उसे वापस सोफे पे लेंटा कर उसके बुब पर तूट पडा.
कभी एक, कभी एक साथ दोनो बुब मे अपने मु मे लेकरं चुस रहा था.
सविता भाभी नीचे मानो तडप रही थी.
मे पुरे जोश मे था.
मेने भाभी के सेक्सी जिस्म से उनकी साडी निकाल फेकी.
सविता भाभी की गांड पर लाल कलर का और खुले बुब का रूप मुझ पे कयामत ढा रहा था.
मेने पेटीकोट को निकाल दिया और अब मेने भी अपने सारे कपडे उतार दिये.
मे खाली अब अंडर वेअर और सविता भाभी लाल कलर की डिजायनर निकर मे थी.
उसके गोरी जांघो के बीच पतली कमर पे लगी निकर मे सविता भाभी मानो कोई से कम नही दिख रही थी.
आज मे सविता भाभी के इस रुपसे पुरा घायल हुवा था.
मेने उसके पेर के लास्ट उंगलीसे अंगुठे तक चूमना चालू किया .
इस हरकत से सविता भाभी मानो झटपटा ने लगी.
आज उसकी सिसकीया और भी सेक्सी लग रही थी.
अहहहहहहहह…..राज ….
आहहहहहह….
खा जागो ….
मुझे…..अहआआआआआआ…..बहोत मजा आ रहा है.
मै सविता भाभी के गोर गोर पैरो को चाटते हुवे धिरे धिरे उपर आ रहा था.
सविता भाभी इधर उधर अंगडाई ले रही थी.
उसे ये बहोत ही रोमांचित कर रहा था.. मुझे भी सविता भाभी की तडप और उत्साहित कर रही थी.
मेने सेक्सी भाभी की गोरी-गोरी जांघो को चाटते हुवे देखा, सविता भाभी की पुरी चुत ने छलके पानी से गिली हो चुकी थी.
मेने उस् पे अपना हाथ फेरा.
वेसे सविता भाभी ने अपना हाथ नीचे करते हुवे को उपर से ही पकडा और सहलाने लगी.
अब मेने मेरा मु उसके दोनो जांघो के बीच घुसाकर निकर के उपर से ही चाटणे लगा.
सविता भाभी जोर जोर से सिसकार रही थी.
राज….
आय लव्ह यु….
आज तो मे तेरे लिये मर भी जाऊ…आहाआआआआआआ लंबी सिसकारिया भर रही थी.
मेरे लंड भी अब थोडा थोडा पानी छोडमर अंडर वेअर को गिली कर रहा था .
मे उठा और सविता भाभी की निकर खिची, उसने अपने उठा कर मुझे उसे निकाल ने मे मदत की.
उसने भी उठ कर मेरी अंडर वेअर निकाल दि.
जेसे ही उसने अंडर वेअर निकाली वेसे ही मेरा तना हुवा लंड के सुन्दर से मुह पर जाकर लगा .
उसने भी उसे सहलाते हुवे अपनी जुबान उसपे घुमाई.
लंड का चमडा पिछे खिसका कर टोपे पर चाटना शुरू किया.
मेरे मे मानो करंट दोड गया .
मेने सविता भाभी का एक बोबा अपने हाथ मे लेकर बहुत जोर से दबाया.
सविता भाभी जोर से चिल्लई आई…..फिर भाभी मेरे 9 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड को अपने मुह मे लेकर किसी की तरह चुसने लगी.
मे उसके बुब को दबा रहा था.
वेसे उसका स्पीड बढ जाता था.
मुझे लगा मे ऐसें ही झड जाउगा.
तो उसको मेने कंधो पे पकड खडा किया.
उसका एक पेर सोफे पे रखा.
नीचे बैठे मेंने अपना मु उसके चुत मे लगा दिया.
इस हरकत से सेक्सी पानी पानी हो गई.
आहहआआआआआ राज …..तुम …..यार… मे अपनी जुबान से उसके चुत को बेताहाश चाट रहा था.
चुत से निकले पाणी का स्वाद आज मुझे कुछ खास लग रहा था, और उसकी खुशबू मुझे और रोमांचित कर मेरा जोश बढा रही थी.
कुछ समय बाद सविता भाभी ने मेरे बालो को पकड उपर उठा लिया और उसने मेरे होटो मे होट डाल चुंमने लगी , हमारी एक दुसरे की जुबान एक दुसरे को चुस रही थी.
उसने मुझे जोर से दबोच रखा था.
वेसे ही अवस्था मे हम सोफे पर गीर गये .
हम जैसे एक दुसरे मे समा गये थे.
मेरा लंड उसकी चुत को टटोल रहा था.
वो भी अपने चुतड उठा कर उसको अंदर समा लेने की कोशिश कर रही थी.
अब उसने अपना हाथ नीचे मेरे लंड को चुत पर घुमाने लगी.
उसने लंड को चुत के छेद पर सेट किया.
मेने भी एक दम आराम से लंड अंदर डाल दिया.
लौड़ा अंदर डालने की गती इतनी धीमी थी की अंदर जाने का वो अहसास मुझे महसुस हो रहा था वो मे शब्दो मे बयांन नही कर सकता.
सविता भाभी की कसी हुई चुत की गर्मी मेरे लंड को और उत्तेजित कर रही थी.
करिब 10 मिनिट उसी रफ्तार से चुदाई का आनंद लिया.
लंड और चुत के मिलन का सही अहसास हम दोनो अनुभव कर रहे थे.
हम दोनो भी अब चरम पर आ गये थे.
मेने अब अपनी रफ्तार बढा दि , नीचेसे सविता भाभी भी मानो उछल उछल कर मेरा साथ दे रही थी.
पंचक पंचक लंड और चुत के मिलन की आवाज पुरे हॉल मे गुंज रही थी.
जोर जोर से सिसकीया लेने लगी आआआआआआआआ राज मे आने वाली हु …..जोर से….
आहहहहा..आआआआआआआआ….
उंम्म्मम्म्मम्म्मम्म्मम…और जोर से ……..आआआआआआआआ ……….
म्म्मम्म्मम्म्मम्म और एक लंबी सास छोड हम दोनो ही झड गये.
मै भाभी के उपर वैसे ही लंड अंदर रख गीर गया.
चुदाई का असली सुख क्या होता है , यह मुझे भाभी की इस चुदाई मैं महसुस हुवा.
करिब 10 मिनिट बाद हम लोग उठ कर बाथरूम गये.
एक दुसरे को साफ किया और नहाके उसके रूम मे गये.
और एक दुसरे को किस करते बेड पर गीर गये.
एक दुसरे को चिपकर हम लोगो को कब आख लगी पताही नही चला.
एक घंटे बाद मेरे लंड पे कुछ हलचल महसुस हुवी.
मेरे लंड को सहला रही थी.
मे भी जाग गया.
और खाली उसके हरकतो को देखता रहा.
उसने मेरे लंड को मु मे भर चुसना शुरू किया .
तगड़ा लंड अब उसी रफ्तार से खडा हो गया वैसे ही सविता भाभी मेरे उपर आई और लंड को चुत पर सेट करके उसके उपर बैठ गयी और पर उप्पर निचे होने लगी.
इसी अवस्था मे मे उसने करिब 20 मिनिट जम कर चूदाई की और दो बार झड गयी.
अब उसने मुझे उपर आने को कहा तो उसे मेने घोडी बनणे को बोला.
वह भी वो पोजिशन मे आ गयी.
अब मेने लंड सेट कर जोर दार चुदाई शुरू की.
मेने नीचे हाथ लेके भाभी की चुत का पानी उंगली मे ले उसकी गांड मे उंगली डालने लगा भाभी भी विरोध नही किया.
तब मैंने से लंड निकाल उसके गांड के गुलाबी छेद पे लगाकर अंदर डालने कीं कोशिश करी.
तभी सविता भाभी बोली राजा लंड का गर्म गर्म पानी मेरी चुत मे ही निकाल देना.
मेने भी भाभी को ओके जानू कह कर गांड मे लंड घुसा दिया.
मेरे लंड का टोपा ही भाभी की गांड के अंदर घुसा था और वो जोर से चिल्लई आई… उसे दर्द हो रहा था.
मगर मेने जोर से एक झटके के साथ अपना पुरा लंड मे डाल दिया.
सविता को बहुत दर्द हो रहा था जिस कारण वो रोने लगी मगर उसने मुझे रोका नही.
मेने भी अब जोर से तगड़ा लंड पेलना चालू किया.
थोडी देर मे ही वह नॉर्मल हो गयी.
मे अब चरम पर आ गया था.
तो उसको मेने सिधा किया और तगड़ा लंड उसकी चुत मे डाल भाभी की चुत चोदनि शुरू करी.
सविता भाभी भी चुतड उठकर साथ दे रही थी.
दो मिनिट बाद हम एक साथ झड गये .
एक दुसरे को चिपके नंगे ही पाच मिनिटं वैसे ही पडे रहे.
बाद मे मे भाभी से अलग हुआ और भाभी जी के बाजू मेंलेट गया.
उसके बाद हमने ऊस दिन और दो बार चुदाई करी.
सविता भाभी और मेरी चुदाई का ये सिलसिला करिब 12 दिन तक चला.
एक दिन सविता भाभी ने मुझे बताया की मेरे पिरियड मिस हुए है और ये प्रेग्नेंट होने के लक्षण है शायद तुमने मुझे कर दिया है और में अब तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ.
दोस्तों ये बात भाभी के लिये बहुत ख़ुशी की बात थी क्यों की बच्चे की चाह ने ही उन्हें मुझसे अपनी चुदवाने के लिये मजबूर कर दिया था.
दुसरे दिन वो के पास गयी और प्रेगनेनसी टेस्ट किया जिसमे पता चला की वो मेरे बच्चे की माँ बनने वाली है.
आज हमें हमारी चुदाई का फल मिल गया था.
सविता भाभी मुझसे प्रेग्नेंट होकर बहुत खुश थी उसने मुझे धन्यवाद दिया.
लेकींन मे अब मायूस हुवा की अब शायद सविता भाभी मुझसे रीशता नही रखेगी.
उसको मेने बधाई दी और उसको पुछा अब मेरा क्या होयेगा.
सविता भाभी मूस्कुरा के बोली तुम्हारे लंड ने तो कमाल कर दिया आज तुमने मुझे प्रेग्नेंट करके इतना बडा गिफ्ट दिया है तो अब मेरा भी कुछ बनता है ना.
अभी 3 महिने हम नही कर सकते क्यो की इन तीन महिनो मे सेक्स करना रिसकी है और मे कोई रिस्क नही लेना चाहती.
पर तेरे लिये इन दिनो के लिये कुछ जुगाड जरूर करूनगी उसके बाद मे हु ही.
अब मुझे भी थोडी राहत मिली की उसने मुझे तुरंत काम होने के बाद छोडा नही.
दो तीन दिन ऐसें ही निकल गये, अब मुझे चुत चुदाई की आदत लग गयी थी और रोज तिन चार बार चोदने के लिये खड्डा चाहिये था.
खाली खाली मन नही लग रहा था.
तभी मुझे मेरी प्यारी रेखा दीदी की याद आ गयी और मेने सोचा क्यो ना इस शनिवार गाव जाये और उनके का मजा लुट कर आया जाये.
मेने गाव मे रेखा दीदी के डॉक्यूमेंट लाने का बहाना बताकर माँ से परमिशन ली और अपनी करने के लिये गाव जाने की तयारी करने लगा.
मै शनिवार को दोपहर की गाडी से गाव पहुच गया.
आगे क्या हम के बिच क्या हुआ ये और भी मजेदार है, ये जानने के लिये मेरी अगली सेक्सी स्टोरी का वेट करे.
सविता भाभी को कोप्रेग्नेंट करने की मेरी यह हिंदी सेक्स स्टोरी “चुदाई का चस्का पार्ट 5 – सविता भाभी कोप्रेग्नेंट करा Hindi Sex Story” आप सभी को कैसी लगी मुझे जरूर बताना और निचे लाइक बटन पर जरुर क्लिक करना….
स्रोत:इंटरनेट