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चुदाई की कहानी शबनम भाभी की 2

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चुदाई की कहानी शबनम भाभी की 2 1

. मैं- ओह शबनम भाभी, लव यू भाभी, लव यू सो मच भाभी, आई वान्ट टू लव यू, आई वान्ट टू किस यू भाभी, आई वान्ट टू फक यू भाभी, वान्ट टू फक योर पिंक पुसी, वन्ना फक योर ऐसहोल.
और न जाने भाभी के प्यार में क्या क्या बोलता चला गया.
करीब दस-पंद्रह मिनट बाद लगा कि अब कंट्रोल करना मुश्किल है तो अपना हाथ सामने दीवार पे मारने लगा और जैसे ही मेरे लंड का फव्वारा छूटने का हुआ तो मेरा हाथ सामने के शावर के हैंडल पे चला गया और उसको कसके पकड़ लिया.
मेरे लंड से पिचकारी की भांति मेरे सफेद माल की धार बह निकली और सामने की दीवार को वीर्य ने सराबोर कर दिया.
लंड से लास्ट धार के निकलते ही मेरे दिल को एक सुकून सा मिला और अनजाने में ही शावर का हैंडल मुझसे मुड़ गया.
पानी की छीटे पड़ते ही मेरी आँख खुली.
पानी की बूँदें ऐसे हालात में बहुत ही रिलैक्स फील करवा रही थीं, लेकिन अचानक मेरी नजर बाथरूम के शीशे में गई.
पीछे शब्बो (शबनम भाभी) खड़ी थीं… मैं उस समय एक अलग ही सुरूर में था.
जिसे दिलो जान से चाहते हों और जिसकी याद में मुठ मारी हो, वो अगर सामने आ जाए तो क्या होगा, ये तो मुझे नहीं पता.
लेकिन मेरी नजर शीशे में भाभी की नजरों से टकराई.
वो अभी भी साड़ी और ब्लाउज में थीं, तो मैं फिर से उनको एकटक प्यार से देखता रहा.
यूं लग रहा था कि जैसे बारिश हो रही है और सामने एक अप्सरा सज धज के अपने प्रेमी के इंतजार में खड़ी है.
उस समय उस अप्सरा के लिए मेरी नजरों में अथाह प्यार था.
शायद वो भी उस प्यार को अपनी नजरों से पढ़ने का प्रयास कर रही थीं.
करीब पन्द्रह-बीस सेकंड तक हम एक दूसरे को शीशे में ऐसे ही देखते रहे.
फिर भाभी बिना कुछ कहे ही जाने लगीं.
तब मुझे होश आया कि ये क्या हो गया.
पता नहीं भाभी कितने देर से खड़ी थीं.
उस समय मेरे बदन पे टी-शर्ट थी, जोकि भीग चुकी थी, नीचे मेरी कैप्री पैरों के नीचे पड़ी थी.
मुठ मारने के कारण मेरा लंड सिकुड़ चुका था.
मैं वैसे ही दौड़ा तो मेरा पैर कैप्री में फंस गया और मैं बाथरूम के दरवाजे से होते हुए धड़ाम से बाहर की ओर गिरा.
मेरे मुँह से जोर से कराहने की आवाज निकली.
मेरी चीखने की आवाज सुनकर भाभी वापस दौड़ते हुए आईं, तब तक मैंने अपनी कैप्री को ऊपर चढ़ा लिया था.
भाभी ने मुझे पकड़कर उठाया और मुझे मेरे बेडरूम में लेजाकर बेड पे बिठाया.
फिर पूछा- लगी तो नहीं? मैंने न में सिर हिलाया.
भाभी मुझे देखने लगीं.
मैंने कहा- भाभी एम सॉरी, मैंने वो आपको देखा नहीं था.
उन्होंने मेरी बात को जैसे सुना ही नहीं और कहने लगीं- कपड़े चेंज कर लो, पूरे गीले हो गए हैं.
मैं कपड़े चेंज करने के लिए उठा तो उन्होंने रोकते हुए कहा कि टावेल और कपड़े कहाँ हैं मैं लाती हूँ.
तो मैंने उन्हें बताया और उन्होंने अल्मारी से टावेल व कपड़े आदि निकाल कर बेड पे रख दिए.
फिर उन्होंने मुझसे आयोडेक्स के बारे में पूछा कि है या नहीं.
मैंने न में सर हिला दिया.
तो वो अपने घर आयोडेक्स लेने चली गईं.
तब तक मैंने कपड़े भी चेंज कर लिए.
वैसे मुझे चोट तो नहीं लगी थी लेकिन घुटने के बल गिरने के कारण घुटने में दर्द जरूर हो रहा था.
भाभी आयोडेक्स लेकर आईं.
मैं बेड के एक सिरे पर घुटना नीचे लटकाए बैठा था और भाभी नीचे बैठके घुटने पे आयोडेक्स मलने लगीं.
मैं उनके चिंतित चेहरे को ही निहारे जा रहा था.
कोई मेरे लिए भी इतना परेशान है, ये देखकर मुझे बहुत खुशी हुई.
खैर अब असल मुद्दे पे मैं आया और भाभी से बोला- भाभी आप वापस क्यों आईं? उन्होंने बताया कि लैपटॉप की बैट्री डाउन हो गई थी तो उसी का वो चार्जर लेने आई थीं.
मैंने भाभी से कहा कि भाभी आपको डोर बेल बजाना चाहिए न! उन्होंने कहा कि तुम दरवाजा बंद क्यों नहीं रखते? उनकी इस बात पे मैं चुप हो गया.
ये बात सही है दोस्तो कि मैं जब रूम में होता हूँ, तो डोर कभी लॉक नहीं करता, सिर्फ रात में जब सोने जाता हूँ, तभी दरवाजा बंद करता हूँ.
दरवाजा बंद न होने की वजह से कई बार भाभी बिना डोर बेल बजाए ही आ जाती हैं.
कुछ देर बाद मैंने उनसे पूछा- भाभी आप कितनी देर से वहा पे खड़ी थीं? उन्होंने कहा- जब तुम मुझे याद कर रहे थे.. मैं तब से वहीं पे थी.
मैंने उनसे कहा कि आपने फिर मुझे बोला क्यों नहीं.
उन्होंने सिर ऊपर करके मुझको देखते हुए बोला- तुम कुछ सुनने की हालत में थे भी? इस बात पे मैं चुप हो गया.
मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या बोलूँ.
फिर वो खड़ी हुई और चार्जर के बारे में पूछने लगीं.
अब मुझसे कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था तो मैं भी उनके जस्ट सामने खड़ा हो गया और उनकी आँखों में आँखें डालते हुए मैंने ‘भाभी आई लव यू’ बोल दिया.
उनके चेहरे पे कोई भाव नहीं था.. उन्होंने दुबारा चार्जर के बारे में पूछा, तो मैंने चार्जर लाकर उनके हाथ में थमा दिया और उनका चेहरा देखने लगा.
उन्होंने एक बार मुझे देखा और अपने रूम के ओर जाने लगीं.
मैं उनको जाते हुए देखता रहा और जब वो चली गईं, तो हाल में आकर सोफे पे बैठ गया और अभी के हालातों के बारे में सोचने लगा.
ऐसे करते करते मुझे नींद आ गई.
दोस्तो, आगे की कहानी के लिए आपको अगली कड़ी का इंतजार करना होगा.
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स्रोत:इंटरनेट