. फिर मैंने दूसरा पेग बनाया और उसकी गोद में आकर बैठ गयी.
उसको एक गिलास पकड़ाया और अपने होंठ से गिलास को चाट चाट कर हल्का हल्का सिप लेने लगी.
रोहित बेचारा जोर जोर से काँपने लगा, उसकी बोलती बंद हो गयी थी.
मैंने गिलास साइड रखा और उसके बदन पर हाथ फेरने लगी, उसकी गर्दन पर हल्के हल्के चुम्बन देने लगी.
रोहित आह भरते हुए- अह अहा … हम्म्म हम्म! मेरा मंगलसूत्र उसके सीने पर लग रहा था.
मेरी पायल धीरे धीरे खनक रही थी.
पूरे जिस्म में गर्मी सी होने लगी.
माहौल पूरा कामुक हो चला था.
मुझसे रहा ना गया.
मैंने अपने रस भरे गुलाबी होंठ रोहित के बड़े काले होंठों पर रख दिए और अपनी हाथ उसकी गर्दन पर.
हम लोग एक दूसरे को चूमने लगे.
बीच बीच में जीभ निकालते और तेज़ तेज़ होंठों को चूसते रहते.
मेरा हाथ धीरे धीरे उसके गर्दन से सीने फिर सीने से सहलाते हुए उसके पर लोअर गया.
पूरा तम्बू बना हुआ था मानो फाड़ कर बाहर आ जायेगा सीधा मुँह में.
मैं उसके लंड को लोअर के ऊपर से रगड़ने लगी.
रोहित कहराते हुए- भाभी रहा नहीं जाता, करो अभी कुछ! मैं घुटने के बल फर्श पे बैठ गयी और उसका लोअर नीचे सरका था दिया.
उसका लंड फ़न फ़नाते हुए बाहर निकला जैसा सोचा था वैसा ही पाया.
एकदम मोटा कड़क लम्बा कुंवारा लंड पूरा सात इंच से बड़ा एक हथियार जो मेरी छोटी सी गुलाबी चुत में घुस कर हंगामा मचा देता.
मैं उसके लंड को मुठ्ठी में भर के आगे पीछे करने लगी, उसके लंड के मोटे सुपारे को चाटने लगी और अपने मुँह में घुसा लिया। मैं लंड चूसने की खूब शौकीन हूँ। काफी देर तक उसके लंड को चूसती रही.
और वो कहराता रहा- जोर जोर से … आह आह … भाभी भाभी.
उसके गोटे भी मुँह में लेके चूसने लगी.
रोहित तो काम वासना में भर गया.
मैं जोर जोर से मुठ मारती फिर लंड चूसती रहती.
तभी उसने मेरी गर्दन पकड़ी और मेरे मुँह को चोदने लगा.
मेरे मुँह से घों घों गला घुटने की आवाज़ आने लगी.
इतने में वो बोला- भाभी मेरा गया.
साले ने सारा गाढ़ा वीर्य मुँह में छोड़ दिया जो मेरी नाक से भी हल्का बाहर आने लगा था.
रोहित बोला- भाभी, सॉरी.
मुझे माफ़ कर दीजिए मुझसे रहा नहीं गया.
मुझे तो गुस्सा आ गया सारा मूड उसके सॉरी ने खराब कर दिया था.
मैंने उसको घर जाने बोल दिया और बेचारा चुपचाप चलने लगा.
मैंने सोचा कि इसका पहला बार है सोच कर नजर अंदाज़ कर दिया.
आखिर था तो तगड़ा लम्बा कुंवारा काला लंड 7.
5 इंच होगा कमसे कम मेरे पति विक्रम जितना ही.
मैंने उसको रोक लिया.
वो मेरे बदन को सहलाने लगा, उसका काल नाग फिर जाग चुका था.
मैं ये मौका चूकना नहीं चाहती थी, वो मेरे स्तनों को ऊपर से दबाने लगा.
मैं उसका साथ देने लगी.
फिर उसने मेरा गाउन उतार दिया और मेरे चूचुकों को मुँह में लेके चूसने लगा.
मैंने उसके लोअर में हाथ डाल दिया और उसके लंड को ऊपर से दबाने लगी.
इतने में उसका लंड खड़ा हो गया और सलामी देने लगा.
मैंने आव देखा न ताव उसका लोअर झट से नीचे उतरा और अपनी नाइटी उतार फेंकी, अभी मैं पूर्ण रूप से नंगी थी बस गले में मंगल सूत्र था.
मैंने उसको सोफे पर धक्का देकर बैठा दिया, उसके लंड को पकड़ा और अपनी चुत पर सेट कर दिया.
गप्प … आवाज़ हुयी और उसका तगड़ा लंड मेरी चुत के अंदर तक घुस गया.
अब मैं उसके ऊपर बैठ कर उछल उछल के धक्के देने लगी.
वो भी मेरी गांड पकड़ के मज़े ले रहा था.
रोहित- आह भाभी … आह भाभी … मज़ा आ गया भाभी और तेज़ और तेज़! मैं- उम्म्ह… अहह… हय… याह… क्या लंड है तेरा बे, चोद चोद आह आह! मैं जोर से उछलती, उसका लंड पूरा चुत के जड़ तक लेती.
उसका लंड एकदम मशीन की तरह अंदर बाहर हो रहा था.
मेरी चुत भी योनि रस से रिस रही थी.
रोहित- और तेज़ और तेज़, ऐसे करती रहो! मैं- आह आह हम्म आह आह.
इतने में उसने मेरे दोनों पैरों को पकड़ा और गोद में उठा लिया.
और गोद में उछाल उछाल के चोदने लगा.
मैं- आह … बिल्कुल मेरे पति जैसे कर रहा है, चोद साले चोद! रोहित- ले साली भाभी, ले चुद चुद.
लगभग 10 मिनट तक उछाल उछाल के उसने मेरी हालत ख़राब कर दी.
फिर मैं घोड़ी बन गयी और उसको पीछे से चोदने को कहा.
वो पीछे से अपने लंड को मेरी चुत में डाला फिर धक्के मारने लगा.
फच.. फच.. कर आवाज़ आने लगी.
रोहित- आह भाभी ये कैसी आवाज़ है? मैं- गधे मैं झड़ रही हूँ, तू चोदता रह बस बोल मत कुछ! रोहित ने ताबड़तोड़ धक्के शुरु कर दिए और मेरी गांड की थाप और फच फच की आवाज़! वो बोला- ले भाभी ले चुद साली चुदकड़ … धप धप! रोहित का लंड अब मेरी बच्चेदानी से जोर जोर टकरा रहा था.
मैं जोर चिल्लाई- आह आह … आह अहह.
उसका गर्म गर्म वीर्य लावा की तरह फूट निकला और मेरी चुत से लेकर बच्चेदानी के अंदर तक भर गया.
वो फिर मेरे ऊपर गिर गया और उसने मुझे बांहों में काफी देर तक पकड़े रहा.
रोहित के चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान तैर रही थी और मेरे मन में मानो मेरी जीत हुई आखिर उसका चुत का भूत जो उतार दिया था और मज़ा मिला वो अलग.
फिर तो जब मौका मिलता … मैं जम के रोहित से चुदवाती.
पर कुछ महीने बाद उसकी पढ़ाई पूरी हो गयी तो बड़े बुझे मन से वो घर गया.
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स्रोत:इंटरनेट