. छत पर चोदने लगा गहरी नींद में सोई हुई कुंवारी लड़की को मैं सेक्सी कांता मामी जी के साथ उनके बेडरूम में बैठकर इधर उधर की बातें करने लगा.
मुझे नानी के गाँव गए लगभग एक साल हो गया था तो सेक्सी कांता मामी जी ने गाँव की काफ़ी बातें बताई जिसमें से काम की यह थी कि हमारे पड़ोस वाले घर में एक खूबसूरत और सेक्सी लड़की रहती थी जिसका नाम नुपुर शर्मा था.
नुपुर शर्मा अभी तक तो कुंवारी ही थी और बहुत जल्द उसकी सगाई होने वाली थी.
नुपुर शर्मा और मैं हम उम्र थे.
मैं उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के साथ बचपन में खूब खेला करता था और उसके साथ सेक्स करने के सपने भी देखा करता था.
मुझे एक दुःख सा हुआ सुन कर कि जिस लड़की को मैं चोदना चाहता था बचपन से उस साली की सगाई हो रही है पर यह तो होना ही था.
कुछ दिन बीते और एक दिन नुपुर शर्मा मेरी नानी के घर आई क्योंकी मेरी सेक्सी कांता मामी जी से उसे कुछ काम था शायद ! नुपुर शर्मा मुझे देख कर थोड़ा शरमा गई, संकोचवश कुछ बोल न सकी तो सेक्सी कांता मामी जी ने कहा- पहचाना क्या इस जवान गबरू लड़के को? जिस पर वो थोड़ा सा शरमा गई और खिलखिला कर हंस दी.
मुझे नुपुर शर्मा की यह मासूमियत से भरी अदा बड़ी मनभावुक लगी.
उस दिन हमारे बीच काफी बातचीत हुई और मैंने उसे कॉलेज लाइफ के बारे में बताया.
उस सेक्सी पड़ोसन लड़की ने मुझसे मेरी पसंद और आदतों के बारे में पूछा और उन्हें बेहद साधारण पाकर प्रभावित सी लगी.
मुझे पता चला कि नुपुर सेक्सी कांता मामी जी से सिलाई बुनाई सीखती है और इस कारण काफी आती जाती है.
उस दिन के बाद से मैं नुपुर शर्मा के ख्यालों में खोया रहता था, उस सुन्दर लड़की का खूबसूरत चेहरा, मोटे मोटे बूब्स और गोल मटोल गांड के बारे में सोचकर मेरे जिस्म के अंदर गर्मी सी आ जाया करती थी.
वह पड़ोसन लड़की कुछ दिन के अंतराल पर मेरी नानी के घर पर आती रहती थी और अक्सर हमारी बात होती थी पर और लोग भी रहते थे इसलिए संकोच वश मैं ज्यादा बोलता नहीं था.
मैंने उसे अक्सर अपनी ओर देखते हुए पाया और मैं खुद उसे नज़र बचा कर देखता था.
हम अक्सर एक दूसरे को अपने घर की छत से देखा करते थे.
मेरा दिल उसकी चुदाई करने का करने लगा था और मुझे भी लग रहा था कि वह मुझमें कुछ रुचि ले रही है और शायद वो भी उसकी शादी से पहले मेरे साथ अवैध शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहती हैं पर मैं कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि उसकी सगाई हो रही थी और उसके साथ अवैध शारीरिक सम्बन्ध बनाकर जोखिम उठाना ठीक नहीं था.
खैर मैं उससे हंसी मजाक भी करता था.
कुछ दिन बीते ही थे की उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के परिवार वाले उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के ससुराल जाने लगे किसी काम से ! पर क्योंकि अभी सगाई होनी थी, इस कारण लड़की को ससुराल नहीं ले जा सकते थे, तो उन्होंने नुपुर को हमारे यहाँ सेक्सी कांता मामी जी के साथ रहने के लिए कहा.
वह हमारे यहाँ रहने आई, पहले दिन सब कुछ ठीक ठाक गया, काफी हंसी-मज़ाक हुआ और अगला दिन आया.
हमारे यहाँ नानी और माँ नीचे सोते थे और नाना बाहर ! मैं और सेक्सी कांता मामी जी ऊपर छत पर सोते थे जहाँ भाई को भी सोना होता था पर वो नीचे सोना पसंद करता था माँ और नानी के पास.
नुपुर जब आई तो तय हुआ कि वो सेक्सी कांता मामी जी के साथ ऊपर सोएगी.
अब ऊपर यह व्यवस्था थी कि मैं एक तरफ़ सोता था, सेक्सी कांता मामी जी बीच में और नुपुर उनकी बगल में ! एक दिन की बात है मैं गाँव के बाज़ार घूमने चला गया था तो मुझे बहुत ज्यादा थकान हो गयी थी इसलिए मैं खाना खाकर छत पर जल्दी सो गया.
रात को करीब 2 बजे मेरी आँख खुली तो देखा कि काफी चाँदनी रात है.
मुझे आदत है चादर के साथ सोने की तो मैंने चादर के लिए इधर उधर देखा तो देखा बगल में सेक्सी कांता मामी जी के सिरहाने के उस तरफ है.
मैंने अपना बिस्तर थोड़ा सेक्सी कांता मामी जी के बिस्तर के पास खींच लिया और उनके उस तरफ रखी चादर उठाने के लिए झुका तो देखा मेरे बगल में सेक्सी कांता मामी जी के बजाये नुपुर लेटी थी.
उस खूबसूरत और सेक्सी लड़की को देखकर एकदम से मेरी धड़कन तेज़ हो गई और मैं वापस लेट गया चादर खींच कर और सोचने लगा कि क्या करूँ? मेरा चुदास से भरा दिमाग सुपर फास्ट रेल गाड़ी से भी तेज भाग रहा था ! फिर मैंने सोचा अगर आज कुछ नहीं किया तो बहुत पछतावा होगा तो. मैंने चादर अपने ऊपर से हटा कर देखा कि नुपुर उस तरफ चेहरा किये लेटी थी और उस साली की गांड मेरी तरफ थी.
उस साली ने अपने सेक्सी जिस्म पर साड़ी और ब्लाउज पहन रखा था, नीचे से उसकी साड़ी घुटनों तक उठी हुई थी और पल्लू कंधे से उतर चुका था, जिसके कारण कमर साफ़ दिख रही थी.
मैंने मेरी दोनों आँखों को फाड़ कर बड़े ध्यान से देखा, मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था जो मेरी मोटी मोटी आँखे देख रही थी.
उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के गोरे चिकने पैर और उन पर सजी चांदी की पायल, तीखे कटाव वाली कमर और उठे हुए गोल गोल कूल्हे… आय हाय !!! उसकी कमर साफ़ गोरी सी, ब्लाउज़ में छिपी मक्खन जैसी चिकनी पीठ, चाँद की रोशनी में वो क़यामत लग रही थी !मैं मेरी पूरी ज़िन्दगी में पहली बार ऐसी सेक्सी चीज़ देख कर मैं हैरान रह गया था ! फिर मैंने धीरे से खिसक कर अपना सर उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के पैरों की तरफ कर लिया और कुछ देर. वैसे ही लेटा रहा यह देखने के लिए कि कोई जाग न रहा हो.
फिर मैंने बहुत ही आराम से अपने हाथ से उसकी साड़ी का छोर पकड़ा और बहुत धीमे धीमे उसे ऊपर खिसकाया.
मैंने उस पड़ोसन लड़की की साड़ी इतनी ऊपर कर दी कि उसकी गोरी गोरी नंगी जांघें दिखने लगी.
डर के मारे मेरा हाथ कांपने लगा इसलिए मैं वापिस सीधा हो गया और थोड़ा रुक कर गहरी साँसें लेने लगा.
मैं बार बार उसकी चिकनी और गोरी गोरी जांघ को देख रहा था जिससे मेरा लिंग काफी कड़ा हो गया था.
फिर मैंने धड़कन धीमी होने पर थोड़ी हिम्मत जुटाई और नुपुर के करीब खिसक कर लेट गया.
मुझे उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के बालों की मंद मंद सी महक आ रही थी.
मैंने आँख बंद की और फिर हाथ को संतुलित कर के धीरे से हिम्मत करके नुपुर शर्मा के जांघों पर रख दिया, अगर वो जाग जाती तो सोचती कि मैंने गहरी नींद में रखा होगा.
मैं थोड़ी देर वैसे ही रुका रहा और जब लगा वो गहरी नींद में है तो मैंने हथेली को फैला कर उसकी जांघ को महसूस किया.
उसकी जाँघ गजब की मुलायम और चिकनी थी.
मैंने मेरे हाथ को गहरी नींद में सोई हुई पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा की गोरी गोरी जांघों पर फेरा और उसकी चिकनाहट को भी महसूस किया.
मेरे रोयें खड़े हो गए थे और मेरे अंदर चुदास भर चुकी थी.
फिर मैंने हाथ हटा लिया और नुपुर के और करीब खिसक गया.
थोड़ी देर वैसे ही रुका रहा क्योकि मुझे डर था कि अगर वो उठ गई तो शायद सेक्सी कांता मामी जी से सब बोल देगी.
डर के मारे मैं और कुछ नहीं कर रहा था.
मैं वैसे ही लेटा रहा और पता नहीं कितना समय बीता होगा कि वो पीछे की ओर यानि मेरी तरफ पलटने लगी पर मैं इतनी करीब था कि वो मुझसे सट गई और वो एक तरह से मेरे बदन के ऊपर उसका बदन टिक गया था.
मेरे दिल की धड़कन फ़िर बढ़ गई.
पर जब वो पड़ोसन लड़की सीधी नहीं हुई तो मुझे लगा कि शायद वह भी जाग रही और जान बूझ कर ऐसा कर रही है.
इससे मुझे थोड़ी हिम्मत मिली और मैंने धीरे से, फिर भी सावधानी के साथ, उसकी कमर पर हाथ रख दिया.
कोई हलचल नहीं हुई.
मैं थोड़ा सा नीचे खिसक गया इतना कि उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के मोटे मोटे कूल्हों के बीच मेरा लिंग बैठ जाए, पर उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के पुट्ठे थोड़ा नीचे थे तो मैंने धीरे से उन बड़े बड़े कसे हुए पुट्ठों पर हाथ रखा और थोड़ा ठेलने लगा, मुझे डर था कहीं नुपुर जाग न जाए पर वो धीरे धीरे वापस पुरानी अवस्था में हो गई और उसकी पीठ सीधी हो गई पहले जैसे.
अब उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के पुट्ठों के बीच की दरार थोड़ी ऊपर हो गई.
मेरा लिंग पत्थर की तरह कड़ा था और खड़ा होकर फड़फड़ा रहा था.
मैंने धीरे से अपनी हाफपेंट नीचे सरकाई और अपनी चड्डी उतार कर बगल में रखकर वापस हाफपेंट पहन ली.
उसकी साड़ी को मैंने धीरे धीरे ऊपर खींचा और कमर तक ले आया.
अब तक मुझे विश्वास हो गया था कि नुपुर जाग रही है और मेरी मदद कर रही थी क्योंकि अन्दर पेटीकोट के नीचे उसने कुछ नहीं पहना था.
इस कारण बिना समय बर्बाद किये मैंने अपनी हाफपेंट को नीचे खींच दिया और अपना लंड निकाल लिया.
वह एकदम फनफना रहा था और 7 इंच का हो रहा था.
लंड आगे से थोड़ा सा गीला हो चुका था इस कारण और आनन्द आ रहा था.
हम छत पर थे और कोई देख न ले इसलिए मैंने चादर को खींच कर नुपुर के खुले हुए उभरे भरे चुतडों पर भी डाल दिया.
अब दृश्य यह था कि कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा और मैं एक चादर में थे, उसकी साड़ी कमर तक उठ चुकी थी जिससे उसका पिछवाड़ा पूरा नंगा था और मैंने भी अपनी हाफपेंट उतार दी थी और नीचे से पूरा नंगा था.
चूँकि मुझे पता था कि नुपुर साथ देने वाली है इसलिए मुझे अन्दर ही अन्दर काफी ख़ुशी और आवेश महसूस हो रहा था, मैंने अपने गर्म-गर्म सख्त लंड को पकड़ा और उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के सुपारे को नुपुर की चिकनी गांड की दरार में धीरे से खिसका दिया.
मैं मेरे 9 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को नुपुर की वर्जिन चुत में डालना चाहता था पर वह चिकने पन के कारण बार बार फिसल रहा था.
मैंने पुनः प्रयास किया और उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के एक पुट्ठे को थोड़ा ऊपर करके लंड को उस दरार में सटा दिया.
उस चिकनी, गर्म गांड के गूदों के बीच में फंसे लंड को मैंने हल्का सा आगे पीछे किया तो वो मज़ा आया जिसे मैं बयान नहीं कर सकता !वर्जिन और कुंवारी पड़ोसन लड़की नुपुर शर्मा अब तक कोई हलचल नहीं की थी तो मैंने सोचा कि पहले यह तय करना आवश्यक है कि क्या नुपुर सही में सोने का नाटक कर रही है? मैंने फिर लंड को बाहर खींच लिया और धीरे से और नीचे खिसक कर. अपना सर उसकी गांड के पास ले गया.
मेरी कोशिश थी कि चादर के अन्दर ही रहूँ.
मैंने उस कुंवारी लड़की के पैरों को धीरे से आगे पीछे कर दिया.
अब वह वर्जिन कुंवारी पड़ोसन लड़की उस करवट थी जिससे मेरी तरफ उसकी थी और उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के घुटनों से मुड़े हुए पैर आगे पीछे थे जिससे उसकी योनि और उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के आसपास के घने बालों को मैं देख सकता था.
हालाँकि रात के चलते कुछ ख़ास न दिखता पर चाँदनी रात के कारण चादर के अन्दर भी काम भर का दिख रहा था.
मैंने थूक लगाकर उसकी वर्जिन चुत के अंदर मेरी ऊँगली घुसा डाली और फिर अंदर बहार करने लगा और मेरे ऊँगली से ही उसकी चुत चोदने लगा.
कुछ ही सेकेंड हुए कि वह ऐंठ गई और एकदम से चुत कस ली.
मुझे मेरा जवाब मिल गया था, मैं अपना मुंह उसकी चुत के पास ले गया और पूरी चुत को चाट लिया धीरे से ! हालाँकि मेरे लिए यह सब पहली बार था पर मैंने नग्न फ़िल्मों में और काफी और स्रोतों से यह सीख रखा था और कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था.
मैंने एक बार और चुत पर अपनी जीभ चौड़ी करके फेरी ही थी कि उससे एक गीला पदार्थ निकला.
मैंने अब सीधे होना ठीक समझा और फट से वापस ऊपर सर करके लेट गया नुपुर के पीछे.
मैं अभी भी उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के एकदम पीछे सट कर लेटा था.
मैं सीधा हुआ ही था कि पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा अपने कूल्हे थोड़ा पीछे किये और ऐसे चिपक गई मुझसे कि मेरा लिंग उसकी योनि के एकदम नीचे छूने लगा.
मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था ! मैंने अब अपना संयम खो दिया और उसकी पीठ से अपनी छाती चिपका दी.
मेरी गर्म-गर्म साँसें उसकी पतली गर्दन पर लग रहीं थी! मुझे उसकी तेज़ धड़कन महसूस हो रही थी और उसकी छाती भी ऊपर-नीचे होती दिख रही थी.
मैं एकदम मदहोश होने लगा.
फिर मैंने चादर को पूरा खींच कर उसको और अपने को अच्छे से ढक लिया.
नुपुर अभी तक कुछ बोली नहीं थी.
हम दोनों एक करवट लेटे थे और मैं उस सेक्सी लड़की के पीछे चिपका था.
उसने अपने दोनों नंगे पैरों के बीच में से हाथ डाला और मेरे खड़े हुए लंड को अपनी के छेद पर रख कर चुदवाने के लिए थोड़ा सा नीचे हो गई.
उस सेक्सी लड़की की काफी गीली थी और मेरा लंड लोहे की रौड सा कड़क इसलिए मेरे लंड का टोपा उस पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की की वर्जिन चुत की सील तोड़ते हुए अन्दर घुस गया.
फिर मैंने धीरे धीरे अपनी कमर ऊपर खींची और पुट्ठे आगे बढ़ाया तो बात बन गई और लंड अन्दर घुसने लगा.
मेरा लंड उस पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की की वर्जिन चुत में घुसाने के दौरान ऐसा लग रहा था जैसे मक्खन में चाक़ू.
वर्जिन चुत में मेरा पूरा लंड घुसते ही मेरा पूरा शरीर रोमांचित हो उठा ! मैंने थोड़ी देर लंड को अन्दर ही रहने दिया इस डर से कहीं नुपुर को चोदने के दौरान तेज दर्द न हो ! वो कड़ा लोहे सा लंड उसकी गरम गीली और. चिकनी योनि में घुसा हुआ था और मैं मदहोश सी हालत में ऊपर उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के ब्लाऊज़ को खोलने की कोशिश कर रहा था.
मैंने ब्लाऊज़ खोला और पीठ पर बहुत ही हल्के से अपनी एक उंगली उसकी पीठ पर फ़िरानी शुरू की.
उसे गुदगुदी हुई तो उसने गर्दन घुमा कर मेरी ओर देखा.
उसकी गोल गोल काजल लगी हुई हिरनी सी ऑंखें और वो शरारत भरी हंसी ने मुझे अपने पन का वो एहसास दिया जो इस दुनिया में किस्मत वालों को ही शायद मिलता है ! मैं उससे मंत्रमुग्ध हो गया! इसी दौरान मैंने धीरे धीरे अपने लिंग को थोड़ा अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.
अब मैं पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा की चुत को धीरे धीरे चोदने लगा मुझे उसकी चुदाई करने में बड़े मजे आ रहे थे.
फिर मैं अपना एक हाथ उस कुतिया की गोल मटोल चूची पर ले गया और धीरे से उस पर अच्छी पकड़ से दबाया तो उस कुंवारी लड़की के मुंह से के मारे जोर की आह निकल गई, मैंने झट से नुपुर शर्मा के मुंह पर हाथ रख लिया.
डर के मारे मेरी गांड फट गई जब मैंने मेरीसेक्सी कांता मामी जी को देखा तो वह गहरी नींद में घोड़े बेच कर सो रही थी.
मैंने फिर धीरे से उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के बोबे सहलाए और निप्प्ल को मसला.
अब धीरे धीरे वो थोड़ा पेट के बल हो गई थी और मैं उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के थोड़ा और ऊपर ! मैंने अपनी छाती उसकी पीठ से सटा ली और दोनों हाथों से बोबे पकड़ लिए फिर धीरे धीरे झटके देने लगा.
इसमें उम्मीद से ज्यादा ताकत लग रही थी पर आनंद उससे कहीं अधिक ! फिर मुझे लगा मैं झड़ जाऊँगा तो मैं रुक गया, अपना लंड उस कुंवारी लड़की की खून से संदी चुत से बाहर खींचा और अपने एक हाथ से नुपुर की वर्जिन चुत रगड़ने लगा.
वह कुछ देर में बहुत तेज़ ऐंठ कर झड़ गई और उसे एकदम से सेक्स का परम आनन्द मिल गया.
इसी दौरान मैं अपने होंठों को उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के कानों पर, गर्दन पर और गर्दन के पीछे फेर रहा था.
फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया.
वह हाथ हटा के सीधे लेट गई पीठ के बल और फिर वापस मेरा लिंग पकड़ कर हिलाने लगी.
हस्तमैथुन के दौरान ही मुझे तो उस कुंवारी लड़की के कोमल हाथों के स्पर्श मात्र से ही सेक्स के चरम आनंद का सुख प्राप्त हो गया.
मैंने उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के कंधे को चूमा और धीमे से उस कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा के कान में बोला- साली रंडी थोड़ा और तेज़ ! वो हंस पड़ी, फिर उसने हिलाने की रफ़्तार बढ़ा दी और कुछ ही देर में मैं भी झड़ गया ! सेक्स खत्म करने के बाद मैंने नंगी नुपुर शर्मा के लाल लाल होंठो पर एक चुम्बन दिया और फिर कपड़े पहनने लगा.
उसने भी अपने मोटे मोटे बूब्स पर ब्रा और ब्लाउज पहनने के बाद अपनी साड़ी समेटी.
हम दोनों ही और मोज मस्ती करना चाहते थे पर सुबह होने वाली थी और थोड़ा थोड़ा उजाला भी होने लगा था तो हम खतरा नहीं लेना चाहते थे.
इस घटना के अगले दिन मैंने पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा से उसकी चुत चोदने की और गांड चोदने की बात करने की कोशिश की तो उसने मेरे साथ सेक्स करने से मना कर दिया.
शायद वो कुंवारी लड़की मेरे साथ बनाने में थोड़ा संकोच कर रही थी.
मैं बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था अगली रात का की पड़ोस में रहने वाली कुंवारी लड़की नुपुर शर्मा की सील खुल चुकी चुत को दुबारा से छत पर खुली हवा में चोदने को मिलेगा.
दोस्तों मैं तो सपने सजाने लगा था की आज रात को उसके डालूँगा और ब्लोजॉब का सुख प्राप्त करूँगा.
ब्लोजॉब के बाद उस पड़ोसन लड़की की गांड में लंड पेलूँगा और उसकी गांड की चुदाई करूँगा मगर अफ़सोस उसी दिन मेरे पिताजी नानी के घर हमें लेने के लिए आ गये.
मेरे मन में नुपुर के मुह में लंड डालने की और उसकी गांड मारने की कसक रह गई.
अभी भी नानी के गाँव में रहने वाली वह पड़ोसन लड़की कभी कभी मेरे ख्यालों में आ जाती है.
नानी की पड़ोसन लड़की नुपुर शर्मा ने मुझे ये तो दिखा दिया कि औरत के नंगे जिस्म के भीतर वो ताकत है जिसका कोई मुकाबला नहीं और जिसकी कोई सीमा नहीं.
हम मर्दों को लड़कियों और औरतों के लिए मन में पूरी इज्ज़त और सम्मान रखना चाहिए क्योंकी एक नंगी लड़की और औरत हम मर्दों को जो शारीरिक सुख दे सकती है, वह अमूल्य है.
स्रोत:इंटरनेट