. छोटे भाई से चुदने के लिए सलवार कमीज उतारी हिंदी सेक्स स्टोरी अब नुन्नु हर हफ्ते मेरे लिए सही लड़का ढूंढने जाने लगा.
पर एक सही लकड़ा ढूँढना इतना भी आसान नही था.
बेचारा नुन्नु ४ साल तक यहाँ वहां जाकर लड़का ढूंढ़ता रहा तब जाकर लड़का मिला.
मेरे छोटे भाई ने ही पूरी शादी निपटाई.
हलवाई, टेंट, दहेज़ की शौपिंग सारी भागदौड़ मेरे छोटे भाई ने ही की और फिर बड़ी धूम धाम से हो गयी.
सब कुछ अच्छे से चल रहा था मेरे पति बहुत अच्छे थे और मुझसे बहुत प्यार करते थे वो मुझे रोज रात को चोदा करते थे और कई बार दिन में भी मौका पाकर पेल दिया करते थे.
मेरे शादी शुदा जीवन में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था पर मेरी शादी के एक साल बाद ही मेरे पति एक कर दुर्घटना में गुजर गये और मेरा जीवन बर्बाद हो गया मैं विधवा हो गई.
मेरी सास ने मुझे मनहूस बताकर ससुराल से निकाल दिया और मेरे पति की सारी संपत्ति भी धोखे से हड़प ली.
मेरे पास कोई चारा नहीं था तो मैं वापिस अपने पिता के घर आ गयी.
मैं बहुत दुखी थी.
मैं बस सारा दिन दरवाजे पर बैठी रहती और रोती रहती.
मेरे छोटे भाई ने कितनी मेहनत करके मेरी शादी की थी, अब मैं विधवा होकर फिर से अपने घर वापिस लौट आई थी.
मैं खुद को घर पर बोझ मानने लगी थी.
एक दिन मैंने फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की.
एन मौके पर मेरा छोटा भाई नुन्नु आ गया और उसने मेरे हाथ से फिनायल की बोतल छीन ली.
ये क्या कर रही हो दीदी?? तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है क्या?? मेरे छोटे भाई ने मेरे गाल पर एक जोर का थप्पड़ मारा.
मैं मरना चाहती हूँ !! मैं मरना चाहती हूँ!! मैं तुम लोगों पर बोझ नही बनना चाहती!! मैं बोली और फूट फूट कर रोने लगी.
शबनम दीदी! तुम मेरी बड़ी दीदी हो! तुम मेरी हो! क्या कभी कोई बहन अपने भाई के लिए बोझ हो सकती है ?? नुन्नु बोला और उसने मुझे गले से लगा लिया.
बहुत देर तक मैं अपने भाई नुन्नु से गले लगकर रोती रही.
अगर आज वो मुझे नही रोक लेता तो मैं जहर पीकर अपनी इहलीला आज समाप्त कर लेती.
मैं नुन्नु की बातों को ध्यान से सुना और किसी तरह खुद को संभाला.
मैं मन ही मन अपनी छोटे भाई की और जादा इज्जत , उससे और जादा प्यार करने लगी.
मैंने मन ही मन सोच लिया की मैं नुन्नु के किसी तरह से काम आ सकूं.
अब मैं मेरे प्यारे भाई के सारे काम करने लगी, नुन्नु के कपड़े धोती उन्हें प्रेस करती, उसके कमरे में झाड़ू पोछा मारती, उसके जूते पोलिश करती.
दोस्तों, एक दिन नुन्नु शाम के ९ बजे अपने कमरे में था.
मैं उसके लिए खाना ले गयी थी, जैसे मैं अंदर गयी देखा मेरा छोटा भाई नुन्नु मुठ मार रहा था.
दीदी??? मुझे अचानक से देख कर वो बेहद डर गया और हाथ से अपना लम्बा मोटा लंड छुपाने लगा पर उसका लंड बहुत ज्यादा लम्बा और मोटा होने की वजह से मुझे बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था.
मेरी भाई का लम्बा मोटा लौड़ा देखकर मैं शरमा गई और फिर तुरंत खाना रखकर अपने बेडरूम में भाग आई.
कुछ दिन बीते तो मैंने मेरे भाई से बात करी और उसे समझाया ‘भाई! मैंने तुम्हे कई बार मुठ मारते हुए देखा है.. तुम मुठ मत मारा करो.
हस्तमैथुन करने से तुम्हारा लंड कमजोर हो जाएगा और फिर जब तुम्हारी शोदी हो जायगी तो ये खड़ा नहीं हुआ करेगा और तो और बच्चे होने में भी दिक्कत आयगी.
दोस्तों भाई का देख कर मैं चुदने के लिए मचल उठी थी तो मैंने मेरी चूत चुदवाने के लिए भाई को ऑफर मारा की भाई तुम चाहो तो मेरी चूत मार लिया करो’ मैंने उससे कहा पर दीदी?? वो चौककर बोला.
हाँ! भाई, मैं बस तुम्हारे काम आना चाहती हूँ!!’ मैंने कहा.
धीरे धीरे हम भाई बहन में सेटिंग हो गयी.
मैं जब में नहाने जाती तो अपने भाई नुन्नु को इशारा करती की नहाने जा रही हूँ.
आना है तो आ जाना.
वो आ जाता.
वो मुझसे सिर्फ 2 साल छोटा था.
हम दोनों भाई बहन बाथरूम में बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड की तरह खूब चुम्मा चाटी करते.
धीरे धीरे हम दोनों सगे भाई बहन होने के बावजूद बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड की तरह रहने लगे.
एक दिन नुन्नु का मेरी विधवा चूत मारने का बड़ा मन था.
यहाँ भी देखें >> दीदी मुझे आपके साथ सेक्स करने है.. !! चूत दो ना प्लीस.
कितने दिन हो गये कोई चूत नही मारी… मैंने मेरे भाई से बोला की भाई! मेरी गांड और चूत को तुम अपनी ही समझो जो दिल करे वो करो तुम्हे रोका किसने है.
दोस्तों मैं भी मेरे भाई से चुदना चाहती थी पर उससे खुलकर बात नहीं कर पा रही थी पर अच्छा हुआ जो उसने पहल आगे से कर दी.
हम दोनों भाई बहन बाथरूम में आकर नहाने लगे.
मैंने अपनी सलवार और कमीज उतार दी.
फिर मैंने मेरे मोटे मोटे बूब्स पर से अपनी ब्रा भी निकाल दी.
मेरा छोटा भाई नुन्नु मेरी छाति पर लटके मेरे मोटे मोटे बूब्स देखकर पागल हो गया.
उसने मुझे गले से लगा लिया और मेरी छाति पर लटके मोटे मोटे बूब्स को हाथ में लेकर बहुत जोर जोर से दबाने लगा.
हम दोनों भाई बहन बथरूम में जमीन पर लेट गये.
नुन्नु मेरे देखकर दंग रह गया.
‘दीदी! तुम्हारे बूब्स कितने बड़े और मोटे मोटे है यह तो बहुत सुंदर है… वो आश्चर्य से बोला.
मैंने मेरे भाई से बोला की पी ले भाई अपनी बहन के इन मोटे मोटे बूब्स के रास को ! मेरे बूब्स अब तेरे ही है! पी ले भाई… नुन्नु अब खूब मजे से हाथ से दबा दबाकर मेरे रस से भरे पिने लगा.
मेरी रसभरी बड़ी बड़ी छातियों को उसने मुँह में भर लिया.
और मजे से पीने लगा.
मुझे भी बड़ी मौज आ रही थी.
नुन्नु दांत से चबा चबाकर मेरे बूब्स पीने लगा.
मुझे भी उसको अपनी गोरी गोरी मुलायम छातियाँ पीने में बड़ा मजा आ रहा था.
भाई बड़े मजे से मेरे दूध पी रहा था.
यहाँ भी देखें >> कुछ देर बाद मेरे छोटे भाई ने मेरी सलवार का नाडा खिंच दिया.
वो मुझे गन्दी नजरों से घूर रहा था.
मैं जान गयी थी की अब क्या होने वाला है.
मैं जान गयी थी की भाई अब मुझे चोदने वाला था.
मैंने कुछ नही कहा.
मैं अपने होंठों को जल्दी जल्दी चबाने लगी.
मेरा भाई नुन्नु जान गया की उसकी यह भी चुदासी है और उनके लम्बे से लौड़े की दासी बनना चाहती हूँ.
मेरे छोटे भाई ने जब मेरी सलवार खोली तो मेरे पेडू को कुछ देर तक वो सहलाता रहा.
फिर वो मेरी चूत पर हाथ फिराने लगा.
शायद मेरा भाई अंदाजा लगा रहा हो की उसकी विधवा बहना की प्यासी चूत कैसी होगी, कितनी सुंदर होगी.
मैंने इस दौरान अपनी आँखें बंद कर ली.
कुछ देर बाद भाई ने मेरी पैंटी में हाथ डाल दिया.
मैंने कुछ देर पहले ही अपनी झांटे साफ़ की थी.
क्यूंकि मैं जानती थी की भाई अब जवान हो गया है.
उसको विधवा चूत की तलाश है.
मैं ये बात जानती थी.
मेरे छोटे भाई नुन्नु का हाथ मेरी पैंटी में घुसा हुआ था, उसकी उँगलियाँ मेरी मुलायम चूत पर यहाँ वहां फिसल रही थी.
कुछ देर तक नुन्नु मेरी चूत को सहलाता रहा.
फिर वो नीचे बढ़ गया और मेरी चूत का छेद ढूंढने लगा.
मैं भी चाहती थी की भाई मुझे चोदे.
तो मैंने भी अपने दोनों पैर खोल दिए.
कुछ ही सेकेंड में नुन्नु को मेरी चूत का छेद मिल गया.
उसने अपनी ऊँगली मेरे भोसड़े में डाल दी.
मुझे हल्का दर्द हुआ.
मेरे छोटे भाई ने अपनी ऊँगली निकाली और उसपर खूब सारा थूक दिया.
उसने फिर से अपनी थूक से सनी ऊँगली मेरी विधवा चूत में पेल दी.
इस बार मुझे कम दर्द हुआ क्यूंकि ऊँगली गीली थी.
मेरा भाई नुन्नु मेरी चूत फेटने लगा, बड़ी जल्दी जल्दी मेरी विधवा चूत में ऊँगली चलाने लगा.
मैं तो हॉट हॉट सिसकरी चोदने लगी.
मेरे दिल की धड़कन बढ़ गयी.
पर अब भाई पर तो कामदेव सवार हो चुके थे.
मैं चाहकर भी उसको रोक नही सकती थी.
नुन्नु का हाथ मेरी लाल रंग की पैंटी में घुसा था.
वो मेरी चूत फेट रहा था.
बड़ा मजा आ रहा था दोस्तों.
मैं जन्नत के मजे ले रही थी दोस्तों.
कुछ देर बाद भाई थक गया था.
उसने हाथ निकाल लिया.
उसने अब दूसरा हाथ मेरी पैंटी में डाला और मेरे भोसड़े में डाल दिया और फेटने लगा.
उस दिन तो भाई ने रिकॉर्ड ही बना दिया था.
घन्टों मेरी चूत उसने अपनी उँगलियों से फेटी.
यहाँ भी देखें >> फिर मुझे पूर्ण रूप से उसने बाथरूम में नंगा कर दिया.
भाई !! जिस तरह तुम मुझको चोद रहे हो, बिलकुल वैसे ही तुम्हारे जीजा जी भी चोदते खाते थे’ मैंने कहा नुन्नु मेरी बात पर हस दिया.
उसने अपने पकड़े निकाल डाले और नंगा होकर बाथरूम में मेरे उपर लेट गया.
मेरी दोनों नंगी टांगें उसने खोल दी.
मेरी विधवा चूत में मेरे बहनचोद भाई ने अपना बड़ा सा लंड घुसा दीया.
भाई का लंड इतना बड़ा है, मैं नही जानती थी.
नुन्नु अब मुझको चोद खा रहा था.
मैं अपने सगे भाई से चुद रही थी.
भाई मुझको चोद खा रहा था.
मेरी रस भरी छातियों को वो आटे की तरह अपने हाथ से दबा दबा के गूथ रहा था.
मुझे बड़ी मौज आ रही थी.
कुछ देर बाद नुन्नु सचिन तेंदुलकर की तरह शानदार चौके चक्के जड़ने लगा.
खप खप करके मुझे भाई बड़ी जल्दी जल्दी चोदने लगा.
भाई से चुदते – चुदते मैं आनंद के समुनदर में डूब गयी थी और अपनी दोनों आँखे बंद करते आह… आह.. यूई यूई माँ… आह… आह… करके चुदवाये जा रही थी.
नुन्नु के जोरदार धक्कों से मेरी छाती पर लटकी मोटी मोटी चूचियां बहुत तेजी से उप्पर निचे हिलने लगी.
मेरा बहनचोद भाई मेरी विधवा भोसड़ी की बहुत शानदार ठुकाई कर रहा था.
मेरे स्वर्गवासी पति जो मुझे दिन रात अपनी रांड बनाकर पेलते थे, मेरा बहनचोद भाई नुन्नु उसने भी जादा शानदार तरह से मुझे पेल रहा था भाई के लंड से चुदने में मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था.
अपनी कमर जल्दी जल्दी वो मेरी चूत पर चला रहा था मुझे थोक रहा था.
उस दिन दोस्तों, छोटे भाई ने मेरी बाथरूम में शानदार चुदाई की.
फिर हम दोनों ने नहाया.
पहले जहाँ मैं एक विधवा की तरह सदैव घर की चौखट पर उदास होकर बैठी रहती थी.
भाई के साथ सेक्स करके अब मैं डिप्रेशन से बाहर आ गयी थी.
मैंने मन ही मन अपने भाई नुन्नु को अपना पति मान लिया था और अब पुरा जीवन उसके लंड की छांव में बिताना चाहती थी.
जब रात में मेरे मम्मी पापा सोये रहते थे, मैं चुपके से भाई के कमरे में चुदने बहुच जाती थी.
मेरा भाई नुन्नु मेरे मुह को और मेरी चूत को खूब चोदता था और कई बार मेरी चूत चुदाई करने के साथ साथ भी चोदता था.
ऐसी ही एक बात मैं अपनी प्रजनन नलिका में ऊँगली कर रही थी.
यहाँ भी देखें >> फिर भाई से चुदवाने का जिया करने लग.
मैं तुरंत नुन्नु के कमरे में रात में चली गयी.
वो बेचारा चादर तानके सो रहा था.
नुन्नु!! भाई उठो! मैंने कहा नुन्नु आँख मीच कर उठा.
क्या है दीदी ??उसने पूछा.. भाई मेरी चूत को लौड़े की बड़ी तलब लगी है.
प्लीस मुझे चोदो भाई! मुझे चोद चोदकर मेरी विधवा चूत की गर्मी को शांत कर दो!! मैंने भाई से कहा.
नुन्नु कुछ देर तक वो आँखें ही मलता रहा.
पर जैसी ही मैंने भाई से चुदने के लिए अपनी सलवार कमीज उतारी और नंगी हुई मेरे भाई नुन्नु की सारी छूमंतर हो गयी.
आओ दीदी मेरी बिस्तर पर लेटो!! यहीं पर तुमको अपनी रंडी बनाकर चोदूगा.
यहीं तुम्हारी गरम भोसड़ी की सारी गर्मी शांत करूँगा!! मेरा बहनचोद भाई बोला.
मैं भाई से चुदने के लिए अपनी पेंटी उतारकर भाई के बिस्तर पर लेट गयी.
मेरे छोटे भाई ने मेरे दोनों नंगे पैर खोल दिए और थूक लगाकर अपना लम्बा मोटा लंड मेरी विधवा भोसड़ी में डाल दिया और किसी धंधा करने वाली रंडी की तरह मुझको बहुत जोर जोर से चोदने लगा वो मुझे चोदते चोदते बहुत गन्दी गन्दी गालियाँ भी दे रहा था.
मेरी चुदाई करते वक्त उसकी नजरें सिर्फ और सिर्फ मेरी विधवा चूत पर टिकी थी.
वो गच्च गच करके वो मुझे नॉन स्टॉप ठोक रहा था.
मैं एक विधवा औरत थी इसके बावजूद मुझे चुदवाने के लिए लंड मिल गया था ये मेरे लिए बहुत खुशनसीबी की बात थी.
मेरे प्यारे छोटे भाई की कृपा से मुझे अब जीवन में कोई दुःख नही था.
क्यूंकि मेरी विधवा चूत और गांड के लिए मेरे छोटे भाई के लौड़े का इंतजाम जो हो गया था इसलिए मुझे उपरवाले से अब कोई नगिला शिकवा नहीं था.
मेरी प्यासी चूत में पति का लंड नही तो भाई का लंड ही सही.
यहाँ भी देखें >> मेरा भाई नुन्नु मुझे गप गप करके पेल खा रहा था.
वो मेरे गोरे गोरे गाल, नाक, गले को दांत से काट काटकर मुझे और उत्तेजित करके चोद खा रहा था.
कुछ देर बाद भाई मेरे भोसड़े में ही झड गया.
वो मुझे सीने से लगाकर मेरे बगल ही लेट गया.
मेरे छोटे भाई ने मुझे बाहों में भर लिया.
मेरे गोरे गोरे मलाई जैसे बूब्स भाई किसी छोटे बच्चे की तरह अपने मुह में लेकर चूसने लगा.
मुझे बड़ी मस्ती आ रही थी.
कुछ देर बाद मेरे का लंड फिर से खड़ा हो गया.
वो मुझसे बोला दीदी!! अपने दोनों पैर खोल! तुमहारी चूत को और खाऊंगा! अभी एक बार की चुदाई में ज्यादा कुछ मजा नहीं आया.
मैं भी और ठुकवाना चाहती थी.
मेरे छोटे भाई ने अपना लम्बा मोटा लंड मेरे भोसड़े में फिर डाल दिया और मुझे गच हच करके पेलने लगा.
दोस्तों, उस रात तो मौज आ गयी.
मेरे छोटे भाई ने मुझे एक भी पकड़ा न पहेनने दिया.
पूरी रात मेरे बहनचोद भाई ने ने मुझे नंगा ही रखा और बार – बार मुझे अपनी रांड बनाकर पेला.
इतनी शानदार ठुकाई तो मेरे स्वर्गवासी पति ने भी नहीं की थी मेरी प्यासी चूत की.
मेरा भाई नुन्नु अभी बिलकुल जवान था और उसे कम उम्र में भी सेक्स की बहुत ज्यादा नॉलेज थी शयद वो इन्टरनेट पर सेक्स से सम्बंधित विडियो और स्टोरी पढ़ता होगा पर उसकी उत्सुकता देखकर ऐसा लग रहा था की शयद उसने उसके जीवन का पहला सेक्स मेरे ही साथ करा था.
उसका चोदने का स्टैमिना बहुत जादा था और मेरा चुदने का स्टैमिना बहुत कम था मै चुदते चुदते बहुत जल्दी झड जाया करती थी और मेरे झड़ने के बाद करीब आधे घंटे तक मेरा भाई मेरी चूत में धक्के देता रहता था .
दोस्तों, मैं अपने नुन्नु से अब पूरी तरह से संतुष्ट हो गयी थी.
मेरी प्यासी चूत को मेरे भाई का लंड भा गया था.
जब भी मेरी गांड और चूत को लौड़े की तलब होती थी तो मैं मेरी सलवार खोलकर मेरे छोटे भाई के बेडरूम में पहुच जाती थी और उससे बोल देती थी ‘भाई !! मेरी को लौड़े की तलब लगी है आओ भाई मुझे अपनी बनाकर चोदो!! मेरा भाई भी बहुत खुश होता था जब मैं आगे से चलकर उससे चुदने के लिए जाती थी.
तो दोस्तों मै विधवा लड़की शबनम उम्मीद करती हूँ की आप सभी को हम भाई बहन के अवैध शारीरिक संबंधों की हिंदी सेक्स स्टोरी ” अपने सगे छोटे भाई के लंड से चुदने के लिए सलवार कमीज उतारी हिंदी सेक्स स्टोरी ” बहुत पसंद आई होगी हमें सपोर्ट करने के लिए इस. हिंदी सेक्स स्टोरी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करना….
स्रोत:इंटरनेट