. अगली सुबह जब उठे तो सब कुछ नॉर्मल था.
श्यामली भी नॉर्मल थी.
दिन गुजर गया और फिर दूसरी रात आई.
इस बार मैंने सोचा कि ज्यादा टाइम चूमा-चाटी में नहीं लगाऊंगा और थोड़ा किस करने के बाद लंड को सीधा चूत में डाल दूंगा.
उस रात फिर मैंने जल्दी जल्दी में अपनी बीवी को नंगी किया और उसके चूचे दबा दबा कर उसको गर्म कर दिया.
एक दो बार उसकी चूत को छेड़ा और चाटा और फिर अपना लंड उसकी चूत में लगा दिया.
मैंने देर न करते हुए अपना लंड उसकी चूत में दे दिया और चोदने लगा.
मैं आहिस्ता आहिस्ता उसकी चूत को चोद रहा था.
बहुत मजा आ रहा था.
10-15 धक्के लगाने के बाद फिर से मेरा वीर्य निकलने को हो गया तो मैं वहीं रुक गया.
मगर वीर्य का वेग रुका ही नहीं और फिर से मैं उसकी चूत में स्खलित हो गया.
आज मुझे बहुत ही ज्यादा शर्म महसूस हुई.
मैं एक तरफ होकर लेट गया.
श्यामली ने भी कुछ नहीं कहा और चुपचाप चादर ओढ़ कर लेट गयी.
अगले दिन मैं उससे कुछ बात भी नहीं कर पा रहा था.
फिर घर वालों ने हमें हनीमून पर भेजने का प्लान किया.
हम दोनों हनीमून के लिए चले गये.
दोस्तो, आप सभी जानते हैं कि शादी के बाद हनीमून सबके लिये कितना खास होता है.
जिन्दगी की हसीन शुरूआत के लिए लोग हनीमून का पूरा मजा लेना चाहते हैं.
मगर मेरी किस्मत में हमारे हनीमून का पूरा मजा लेना भी नहीं था.
हम लोग एक होटल में रुके.
पहले दिन हमने आराम किया.
फिर अगले दिन हम घूमने गये और शाम को फिर हनीमून की पहली रात थी.
मैं श्यामली को खुश रखने की पूरी कोशिश कर रहा था.
उस रात मेरी बीवी ने जालीदार ब्रा और पैंटी का सेट पहना हुआ था.
उसमें वो किसी हिरोइन के जैसी लग रही थी.
मैंने सोचा था कि मैं इन दिनों में बीवी को सेक्स का पूरा मजा दूंगा.
इसलिए मैंने सेक्स पावर बढ़ाने की गोली चुपके से अपने साथ रख ली थी.
मैंने सेक्स करने के समय से एक घंटा पहले वो गोली खा ली.
उसके बाद फिर हम दोनों सेक्स करने लगे.
मैंने अपनी बीवी को गर्म करके चूत में लंड डाला और चोदने लगा.
मुझे लगा कि गोली का असर होगा लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.
वहां भी मैं दो मिनट के पहले ही झड़ गया.
उस रात के बाद से मेरी बीवी मुझसे उखड़ी उखड़ी रहने लगी.
हम तीसरे दिन अपने हनीमून से लौट आये.
घर आने के बाद लाइफ पहले जैसी हो गयी.
वही रोज का ऑफिस जाना और शाम को थक कर आ जाना.
आने के बाद मैं अपनी बीवी को चोदने लगता तो वही होता.
जैसे ही लंड डालता तो थोड़ी ही देर में मेरा वीर्य निकल जाता.
6 महीने तक ऐसे ही चलता रहा.
मेरी बीवी अब मुझसे कुछ खास लगाव नहीं रखती थी.
घरवालों के सामने हम नॉर्मल रहते लेकिन अपने ही कमरे में दूरियां पैदा हो गयी थीं.
फिर कुछ दिन और बीते.
गुजरते समय के साथ हम दोनों में अनबन रहने लगी.
फिर हालात ये हो गये कि मेरी बीवी बात बात पर मुझसे झगड़ने लगी.
हर बात पर शिकायत करती रहती थी.
मैंने उससे एक दिन खुल कर पूछ लिया कि समस्या क्या है.
तो वो बोली कि वो मेरे साथ खुश नहीं है.
वो सेक्स में संतुष्ट नहीं हो पाती है.
वो बोली कि मेरा लंड बहुत छोटा है.
अगर छोटा लंड भी नजरअंदाज कर दिया जाये तो भी सेक्स में कोई मजा नहीं.
मेरा जल्दी झड़ जाना उसको बहुत अखरता था.
वो कहने लगी कि तुम्हारे अंदर चोदने वाला दम है ही नहीं.
श्यामली की बातों से लग रहा था जैसे कि वो कहना चाहती हो मुझसे शादी होकर उसकी जिन्दगी बर्बाद हो गयी हो.
मैं उसको समझाने लगा लेकिन फिर लगा कि मेरी नाकामी के कारण अगर वो संतुष्ट नहीं हो पा रही है तो उसमें उसकी कोई गलती नहीं है.
मुझे लगा कि उसको भी खुश रहने का अधिकार है.
अब मैं श्यामली से ज्यादा लड़ाई झगड़ा नहीं करता था.
कमी मुझमें थी और मैं अपनी बीवी को खुश करने का कोई और तरीका सोच रहा था.
मैंने कई जगह इसके बारे में पता किया.
मुझे कोई भरोसेमंद इन्सान नहीं मिला जो मेरी इस समस्या का हल बता सके.
एक दिन मैं ऐसे ही चिंता में लेटा हुआ था.
मुझे ख्याल आया कि अगर मेरी जगह यदि मेरी बीवी के साथ कोई और सेक्स करे और किसी गैर मर्द के साथ चुदने के बाद यदि वो खुश रहने लगे तो कैसा रहेगा.
मैं तो अपनी बीवी की चुदाई में उसको खुश नहीं कर पा रहा था मगर कोई बाहर का आदमी तो उसको खुश कर ही देगा.
इसलिए मैंने अपनी बीवी को पराये मर्द से चुदवाने का सोच लिया.
इसके बारे में मैंने श्यामली को कुछ नहीं बताया.
अब मैं अपनी बीवी की चूत के लिए कोई दूसरा लंड तलाशने लगा.
कई बार तो ये सोच कर कि जब मेरी ही आंखों के सामने कोई और मर्द मेरी बीवी की चुदाई करेगा तो कैसा लगेगा, ये सोच कर मेरी भी लुल्ली खड़ी हो जाती थी.
मैं ख्यालों में अक्सर अपनी बीवी को किसी गैर मर्द से चुदते हुए देखने लगा था.
मैंने सोच लिया था कि अगर उसके दुखी होने का कारण मैं हूं तो मुझे ही उसकी खुशी के लिए भी कुछ इंतजाम करना होगा.
मेरे लिये यह कदम उठाना काफी मुश्किल था क्योंकि अपनी ही बीवी को किसी और चुदवाने में बहुत हिम्मत चाहिए होती है.
मगर फिर भी मैं श्यामली की खुशी के लिए ऐसा करने के लिए तैयार था.
मैं उसको किसी भी कीमत पर खुश देखना चाहता था.
इसके लिये मैंने अपने नेटवर्क में तलाश शुरू कर दी.
मैं एक व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गया.
मैं रोज उस ग्रुप में चैट देखता रहता था.
उस ग्रुप में कई कपल भी थे जो अपनी चुदाई की कहानी शेयर करते रहते थे.
मैं भी सबकी चैट पढ़ता रहता था.
फिर एक दिन मुझे एक लड़का मिल गया.
मेरी उससे इस बारे में बात हुई.
अन्तर्वासना हिंदी स्टोरी अगले भाग में जारी रहेगी.
दूसरे भाग में मैं आपका बताऊंगा कि कैसे मैंने एक पराये मर्द को अपनी बीवी की चुदाई के लिए तैयार किया.
उसने मेरी बीवी की चूत को खुश कैसे किया और उसके बाद क्या हुआ.
इस अन्तर्वासना हिंदी स्टोरी पर अपने कमेंट्स के जरिये मुझे बतायें कि मैंने ये फैसला करके सही किया या नहीं? मेरी जैसी समस्या में अपनी ही बीवी को किसी गैर मर्द से चुदवाना कहां तक सही है? मुझे आप लोगों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है.
मेरा ईमेल आईडी है [email protected] कहानी का अगला भाग: छोटे लंड वाले की बीवी-2.
स्रोत:इंटरनेट