. जबरदस्ती सलवार खोलकर पड़ोसन आंटी की चुदाई करी XXX Story मेरे पड़ोस में ही एक आंटी रहती है जिनका नाम आशा है वो बहुत ज्यदा संस्कारी हैं.
वो अधिकतर सलवार सूट ही पहनती है.
आंटी सलवार सूट में बहुत कातिल लगती है.
मेरी पड़ोस में रहने वाली की उम्र करीब 40-42 वर्ष के आस पास होगी.
वो दिखने में बहुत खुबसूरत और सेक्सी हैं.
मेरी पड़ोसन आंटी वैसे तो दो बच्चो की माँ हैं पर उन्हें देख कर किसी भी एंगल से नहीं लगता की उनके दो बच्चे होंगे.
पड़ोसन आंटी ने अपने हॉट और सेक्सी जिस्म को बहुत अच्छी तरह से मेंटेन कर रखा है.
पड़ोसन आंटी के बूब्स का साइज़ 34सी या 34डी होगा उनके बोबे देखने में बहुत कमाल के हैं.
आंटी की गांड बहुत शानदार है और थोड़ी ज्यादा मोटी है.
मेरी और आशा आंटी की चुदाई की यह हिंदी सेक्स स्टोरी आज से करीब 5 साल पुरानी है, उस समय मैं कॉलेज में पढाई करा करता था.
आशा आंटी के घर मेरा रोज का आना जाना था.
मैं अपने फ्री टाइम मे आशा आंटी के घर चला जाता था.
आशा आंटी के पति के साथ मेरे एक दोस्त जैसे काफ़ी अच्छे सम्बन्ध थे.
के दीनो से ही मैं पड़ोसन आंटी को बहुत पसंद करता था और उनके साथ सेक्स करने का अरमान अपने दिल में दबाकर रख रखा था.
मैं चोरी छुपे पड़ोसन आंटी का क्लीवेज और गांड को देखा करता था, आशा आंटी जब सफाई करने के लिए झुकती थी तब उनकी सलवार से क्लीवेज सॉफ दिखाई देता था.
मैने अपने मे सेक्सी संस्कारी आंटी के क्लीवेज और गांड की काफ़ी सेक्सी सेक्सी फोटोस निकाल रखी थी और उन्हे देखकर ही मैं रोज रात को सोने से पहले उनके नाम की हस्तमैथुन करा करता था.
पड़ोसन आंटी के पति को काम के सिलसिले में कई बार शहर से बाहर जाना पड़ता था सो हर बार मैं उनकी ही बाइक से उन्हे स्टेशन छोड़ने जाता था.
जब आशा आंटी के घर पर नहीं होते थे तो मैं कई बार पड़ोसन आंटी के घर उनकी चुदाई करने की नीयत से पहुच जाया करता था पर कभी उनसे अपने दिल की बात जाहिर करने की हिम्मत ही नहीं होती थी और में वापस अपने घर चला आता था और उनके नाम की मारकर अपने लंड को सन्तुषट कर लिया करता था.
पर एक बार जब रात के समय मैं अंकल को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया तो मैंने सोचा की आज सही मौका है आशा आंटी की चुदाई करने का घर पर उनके छोटे बच्चो के अलावा और कोई नहीं है.
मैंने बाइक की स्पीड तेज करी और जल्दी से आशा आंटी के पति को छोड़कर वापिस उनके घर पर बाइक रखने आ गया.
मैने सोच लिया था की आज रात कैसे भी करके आशा आंटी की चूत चुदाई करके रहूँगा.
जब मैने पड़ोसन आंटी को बाइक की चाबी लौटाई तो उन्होंने बड़े प्यास से मेरे बालों को सहलाया और बोला थेंक्स बेटा तुम हमारी कितनी मदद करते हो.
दोस्तों जैसे ही संस्कारी आंटी ने मेरे बालों में अपने हाथ फेरे वैसे ही मेरे लंड में तनाव बढ़ गया और मेरी धड़कने बहुत तेज तेज चलने लगी मेरे अंदर पड़ोसन आंटी को चोदने की इच्छा और तीव्र हो उठी थी.
आधी रात के करीब 3 बज रहे थे.
मैंने पड़ोसन आंटी से पानी मागा.
जब वो किचन मे पानी लेने गयी तब मैं भी चुपके चुपके सेक्सी पड़ोसन आंटी के पीछे किचन मे चला गया और बिना कोई आवाज़ करे किचन का दरवाज़ा अंदर से बंद कर दिया और उसकी और मुड़ा, आशा आंटी की पीठ मेरी और थी उन्होंने अपने हॉट और सेक्सी जिस्म पर हल्के ब्राउन कलर का चूड़ीदार सलवार सूट पहना था, मैं चुपके से पड़ोसन आंटी के पीछे गया और एकदम से उनके मूह को अपने राइट हॅंड से बंद कर दिया ताकि वो चिल्ला ना सके.
फिर मैने पड़ोसन आंटी के कान मे कहा की मुझे आप की चूत चुदाई करनी है, मैं आज आप की मर्ज़ी से या ज़बरदस्ती आप की चूत चुदाई करने वाला हू, तो आंटी जी आप के लिये अच्छा यही रहेगा की आप सेक्स करने में मेरा पूरा साथ दें क्या फर्क पड़ता है एक दिन आप के पति की जगह में ले लूँ तो… आप मुझे भी मजे करने दें और खुद भी मेरे लम्बे मोटे लंड के मज़े ले.
मेरी बात सुनकर आशा आंटी समझ गयी की आज उनका होना तय है.
वो डर के मारे घबरा गयी और मुझसे छुटने के लिये झटपटाने लगी.
मैने सेक्सी पड़ोसन आंटी का मूह ओर ज़ोर से दबाया और बोला की लास्ट चान्स दे रहा हू आंटी जी आप को, अगर झटपटाना बंद नही करोगी तो मुझे आप के इस के साथ ज़बरदस्ती करनी पड़ेगी.
पर मेरे बहुत समझाने के बाद भी वो मानने को तैयार नहीं थी.
फिर मैं सूट के उप्पर से ही अपने हाथों से पड़ोसन आंटी के मोटे मोटे बोबे मसलने लगा.
पड़ोसन आंटी के मोटे मोटे बोबे काफ़ी सॉफ्ट थे.
पड़ोसन आंटी अभी भी मुझसे छूटने की काफ़ी कोशिश कर रही थी.
फिर मैने धीरे से पड़ोसन आंटी की सलवार के अंदर हाथ डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा.
अब पड़ोसन आंटी ने रोना शुरू कर दिया था, मेरे पास अब और कोई रास्ता भी नही बचा था अगर मैं आंटी को ऐसे भी बिना चोदे छोड़ के चला जाता तो भी वो सब कुछ सबको बता देती, इसीलिए मैने सोचा की वैसे भी माँ तो चुदने ही वाली है जब सबको मेरी इस हरकत के बारे में पता चलेगा तो क्यों ना आंटी की चूत के मज़े लेकर ही अपनी भूख शांत करी जाए कल जोग जो देखा जायगा.
फिर मैने पड़ोसन आंटी की चूड़ीदार सलवार का नाडा खोला और उनकी को अलग निकाल दिया, ऐसा करते ही वो और ज्यादा घबरा गयी और मेरे हाथों को पकड़ने लगी, मैने बड़ी मुश्किल से अपना हाथ छुड़वाया और आशा आंटी की पैंटी मे हाथ डाल के उनकी फुद्दी में उंगली करने लगा, अब के दर से पड़ोसन आंटी का पूरा बदन कापने लगा था, और थोड़ी ही देर मे पड़ोसन आंटी की चूत के पानी से मेरा उल्टा हाथ गीला हो चुका था.
पड़ोसन आंटी एक बार तो झड़ चुकी थी उनकी चूत कामरस से तर हो रही थी, और अब वो मुझसे छूटने की भी कोशिश नही कर रही थी अब वो भी चुदास से भर चुकी थी.
मैने धीरे से अपना हाथ पड़ोसन आंटी के मूह से हटाया और पड़ोसन आंटी को अपनी और टर्न किया, आशा आंटी का खुबसूरत चहरा अपने दोनो हाथो से पकड़ कर उनके गुलाबी गुलाबी होट पर अपने होट रख दिए और अपनी ज़ुबान आंटी के मुह में डालना शुरू कर दिया कुछ देर बाद आंटी भी मेरा साथ देने लगी और वो भी मेरे मूह. में अपनी जीभ डालने लगी.
आंटी की प्रतिक्रिया देख मेरी खुशी का कोई ठिकाना ही नही था में समझ गया की आंटी ने हार मान ली है और मेरे आगे समर्पण कर दिया है.
थोड़ी देर तक पड़ोसन आंटी के साथ चुम्मा चाटी करने के बाद मैंने पड़ोसन आंटी के सेक्सी जिस्म से सारे कपड़े निकाल दिए और उन्हें चोदने के लिये पूरी नंगी धड़ंग कर दिया.
अब पड़ोसन आंटी मेरे सामने बिना कपड़ों के बिलकुल खड़ी थी.
सेक्सी पड़ोसन आंटी के नंगे बोबे देख मुझसे सब्र नहीं हुआ और में किसी भूखे कुत्ते की तरह उनके बोबों पर टूट पड़ा, एक के बाद एक खुबसूरत आंटी के दोनो को जी भर के चूस रहा था, थोड़ी देर बाद मैं भी पूरा नंगा हो गया, फिर कुर्सी पर बैठा और आशा को अपनी गोद मे बिठाया, और फिर से खुबसूरत आंटी के बूब्स चूसने लगा, खुबसूरत आंटी के बूब्स से दूध निकल रहा था जो स्वाद मे हल्का सा मीठा और गाढ़ा था, जी भर के उनका दूध पीने के बाद मैने पड़ोसन आंटी को किस किया फिर पड़ोसन आंटी को मेरा लंड चूसने को बोला.
मेरा लंड करीबन 9 इंच लंबा था और 4 इंच मोटा है.
आंटी ने पहले तो लंड मुह में लेकर चूसने से मना कर दिया पर थोड़ी देर बाद मान गयी, वो मेरे सामने घुटने पर बैठ गयी और मेरा लंड अपने मूह मे ले लिया वो सिर्फ़ लंड का टोपा ही चूस रही थी इस लिए मैने उनका सिर पकड़ के मैने पूरा लंड खुबसूरत आंटी के गले तक पेल दिया, इसके कारण उसकी आँख भर आई और वो ख़ासने लगी, फिर मैने ज़बरदस्ती पड़ोसन आंटी के मूह मे अपना पूरा लंड डाल दिया और उनके मूह की चुदाई करने लगा.
जब में आंटी का मुह चोद रहा था तो उनका मुह पूरा लाल हो चूका था मेरा लंड उनके गले तक जा रहा था जिस कारण ब्लोजॉब करते वक्त उन्हें बार बार खांसी भी आ रही थी.
खुबसूरत आंटी के मूह को चोदने के बाद मैने सेक्सी आंटी को डाइनिंग टेबल पर सुलाया और उनकी गोरी गोरी टाँग पकड़ के अपनी और खींच दी और अपने कंधे पर आंटी की नंगी टाँग रखी, फिर मैने अपना लंड खुबसूरत आंटी की गीली फुद्दी पर रखा, उस 42 साल की महिला की फुद्दी पर हल्के हल्के बाल थे और पूरी गीली हो चुकी थी उसकी फुद्दी, मैने एक ही झटके मे अपना पूरा लंड उसकी फुद्दी मे पेल दिया, इस से आंटी के मूह से हल्की सी आआह निकल गयी.
मैं ज़ोर ज़ोर से उसकी फुद्दी के अंदर बाहर करने लगा, उसकी फुद्दी के पानी से मेरा लंड गीला हो चुका था और हमारी चुदाई की पूछक… पूछक… और ठप… ठप… की आवाज़ से किचन गूँज रहा था जिस कारण मुझे डर था की आंटी के बच्चे जाग ना जाए पर नसीब अछा था की किसिको कुछ पता नही चला.
मैने करीब चार पाँच मिनिट तक पड़ोसन आंटी को इसी सेक्स पोज़िशन मे चोदा.
फिर मैं वापिस कुर्सी पर बैठ गया और पड़ोसन आंटी को अपनी गोद मे बिठाकर अपना लंड उसकी फुद्दी मे डाल दिया, अब वो मेरी गोद मे अपनी फुद्दी मे लिए उछाल रही थी, और खुबसूरत मेरी आँखो के सामने बाउन्स हो रहे थे, मैने फिर से खुबसूरत आंटी के बूब्स चूसना शुरू कर दिया और उसने पे उछालना जारी रखा.
थोड़ी देर बाद आंटी ने बोला की वो अब बहुत ज्यादा थक गयी है, तो मैने खुबसूरत आंटी के हाथ डाइनिंग टेबल पर रखे और उन्हें झुकाकर घोड़ी बना दिया और फिर पीछे से उनकी फुद्दी मे अपना लंड डाल दिया, और पड़ोसन आंटी को डॉगी स्टाइल में पीछे से ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा.
पड़ोसन आंटी को चोदते हुए मैने अपना एक हाथ उसकी डाल दिया इससे वो एकदम चौक गयी और अपनी फुद्दी को और टाइट कर दिया, मैने अपना हाथ के अंदर ही रखते हुए चोदने की स्पीड और बढ़ा दी, अब मैं झड़ने वाला था.
बड़ी बेरहमी से उसकी फुद्दी पेलने के बाद मे उसकी फुद्दी मे ही झड़ गया, फिर उसने बिना अपनी फुद्दी सॉफ करे ही कपड़े पहन लिए और मैने भी अपने कपड़े पहन लिए, फिर वो बिना कुछ बोले ही किचन से बाहर जाने लगी, तब मैने उनका हाथ पकड़ के अपने पास खिंचा और फिर में कुर्सी पर बैठ गया और आंटी को अपनी गोद मे बिठाया, और फिरसे उन्हें किस करने लगा.
थोड़ी देर तक आंटी के साथ चुम्मा चाटी करने के बाद मेरा लंड फिर से तन गया, तो मैने ब्लोजॉब के मजे लेने के लिये अपना लंड एक बार फिर पैंट से बाहर निकाला और आशा आंटी को मूह मे लेने को बोला, वो बिना कुछ बोले ही नीचे घुटनो पर बैठ गयी और मेरे लंड को अपने गले तक लेकर चूसने लगी.
आंटी के मुह में जाते ही का आकर और बढ़ गया और मैने पुरे जोश के साथ खुबसूरत आंटी के मूह को चोदना शुरू किया.
थोड़ी देर तह आंटी के मुह की चुदाई करने के बाद मैने पड़ोसन आंटी को खड़ा किया और एक बार फिर उनके हॉट और सेक्सी जिस्म से उनकी और पैंटी निकाली और डाइनिंग टेबल के सहारे उन्हें कुतिया बनाया और डॉगी स्टाइल में पीछे से उनकी गांड की चुदाई करने लगा.
करीब दस मिनट के बाद मैंने संस्कारी से अपना लंड बाहर निकाला और पड़ोसन आंटी को फिर से लंड मुह में लेकर चूसने को बोला.
थोड़ी देर तक खुबसूरत आंटी के मूह की चुदाई करने के बाद मैं झड़ने वाला था तब मैंने आंटी का सिर कस कर पकड़ा और उनके मूह में अपना सारा वीर्य छोड़ दिया.
आंटी किसी की तरह मेरा सारा का सारा वीर्य पी गयी, मेरा वीर्य पिने के बाद फिर से आंटी जी ने अपने सारे पहने और मैं भी अपने कपडे पहन कर आंटी के घर से अपने घर चला आया.
दोस्तों ने इस चुदाई की घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताया है नहीं तोअपवित्रीकरण करने के आरोप में मुझे जेल हो जाती.
अब वो संस्कारी आंटी भी मुझसे प्यार करने लगी है और उन्हें मेरे लंड से अपनी गांड मरवाना और चूत चुदवाना बहुत पसंद है.
दोस्तों जिस दिन हमने पहला सेक्स करा था उसी दिन से मेरा और आशा आंटी का अफेयर शुरू हो गया जो आज तक चल रहा है जब जब अंकल शहर से बाहर जाते है तब तब में की प्यासी रातें हसीन करने पहुच जाता हूँ और हम खूब मजे से सेक्स का आनंद लेते हैं.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की आप सभी को मेरी हिंदी सेक्स स्टोरी “Old Women And Young Boy Sex – जबरदस्ती सलवार खोलकर पड़ोसन आंटी की चुदाई करी XXX Story” बहुत पसंद आई होगी आप इस सेक्स कहानी को अपने दोस्तों के साथ सरुर शेयर करा करो ताकि हमें प्रोत्साहन. मिले और हम आप के लिये और भी अच्छी अच्छी हिंदी सेक्स कहानी लेकर आए….
स्रोत:इंटरनेट