. मुझे अभी भी उसके आने का अहसास नहीं हुआ था.
मैं बस अपनी मस्ती में लंड हिला रहा था.
वो मेरे खड़े लंड को देखने लगी.
तभी मेरी आंख खुली, तो मैंने उसे अपने सामने खड़ा पाया.
मैं घबरा गया और मैंने एकदम से अपने हाथों से अपने लौड़े को छुपा लिया.
मैंने घबराहट में उससे पूछा- अ..आप वापस क्यों आ गईं? वह सिर नीचे किए हुए बोली कि मेरा फोन यहां रह गया है.
मैं चुपचाप अपना लंड छिपाए पड़ा था.
उसने मुझसे कहा- तुम यह सब क्या कर रहे हो? मैंने कुछ नहीं कहा और अपने कपड़े पहनने लगा.
उसने वापस से पूछा- तुम ये क्या कर रहे थे … बताओ नहीं, तो मैं यहां पर सब को बता दूंगी.
मैंने कुछ नहीं कहा और हाथ जोड़कर उससे माफी मांगने लगा.
वह हंसने लगी और पूछने लगी- सच में आपको मैं अच्छी लगती हूं? मैंने कहा- हां मुझे आप अच्छी लगती हो.
वो मुस्कान बिखेरने लगी.
मैंने कहा- मेरे साथ दोस्ती करोगी? उसने कहा- हां मुझे आपकी दोस्ती मंजूर है.
उसने मेरा फोन नंबर मांगा, तो मैंने उसको अपना नंबर दे दिया.
वो वहां से चली गई और कुछ देर बाद मैं सो गया.
रात करीब 1:00 बजे मेरा फोन बजा.
मैंने फोन उठाया और अनजान नम्बर देख कर पूछा- कौन? उसने कहा- मैं पम्मी.
मैं एकदम से उठ गया और उससे पूछा- हां बोलो क्या हुआ … आप सोई नहीं? वह बहुत ही मीठी आवाज में बोली- मुझे नींद नहीं आ रही है … क्या मैं आपके पास अभी आ सकती हूं? मैंने कहा- हां आ जाओ.
दो मिनट बाद वह मेरे कमरे में आ गई.
मैंने पूछा- क्या हुआ? वह बोली- मुझे नींद नहीं आ रही है … अजीब सी बेचैनी हो रही है.
मैंने कहा- कैसी बेचैनी … खुल कर बताओ क्या हुआ है? वो मेरे करीब आकर बैठ गई और कहने लगी- बस आपकी याद आ गई, तो फोन कर दिया.
आपसे बात करने का मन कर रहा था.
मैं उसकी तरफ देखने लगा.
वो मुझसे बोली- अभी तक आप सोए क्यों नहीं? मैंने कहा- मुझे भी आपकी याद आ रही थी.
वह बोली- मेरी याद क्यूं? तो मैंने कहा- पम्मी आई लव यू … मुझे आप अच्छी लगती हो.
मैं उसके पास को हो गया, तो वह भी मेरे पास हो गई.
हम दोनों की सांसें आपस में टकरा रही थीं.
पम्मी मुझसे पूछने लगी- आपको मुझमें क्या अच्छा लगता है? मैंने कहा- जिंदगी में मैंने पहली बार किसी लड़की को बिना कपड़ों के देखा है … और जब से मैंने आपको देखा है, आपका हर एक अंग मेरी आंखों के सामने घूम रहा है.
इतना कहने पर ही उसने मुझे पहला किस किया और अपनी बांहों में जकड़ लिया.
मैं भी उसका पूरा साथ देने लगा.
हम दोनों एक दूसरे को चूमने और चूसने लगे.
पहली बार किसी लड़की को मैंने अपनी बांहों में लिया था.
मैं उसकी पीठ और उसकी गांड को बाहर से सहलाने लगा.
वह भी मेरा भरपूर साथ देने लगी.
मैंने उसे अपनी बांहों में पकड़ कर अपने नीचे लेटा दिया.
उसके होंठ मेरे होंठों से टकराने लगे और मेरी जीभ उसकी जीभ के साथ टकराने लगी.
मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमीज में डाल दिए और अपने हाथों से उसकी पीठ को सहलाने लगा.
उसने भी मुझे अपनी बांहों में लिया और धीरे-धीरे मेरी टी-शर्ट और निक्कर को अपने हाथों से उतारने लगी.
उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए, मैं सिर्फ अपने अंडरवियर में ही था.
मैं भी उसके कपड़े उतारने लगा.
मैंने उसकी कमीज और सलवार दोनों उतारी.
वह सिर्फ अपनी लाल ब्रा और लाल कच्छी में थी.
ना मुझे कोई होश था … ना उसे कोई होश था.
हम दोनों के नंगे बदन एक दूसरे से लिपटे हुए थे और एक दूसरे को खाने के लिए बेताब हो जा रहे थे.
इतने में उसने मुझसे पूछा- राकेश क्या सच में मैं तुम्हें अच्छी लगती हूं? मेरे मुँह से कुछ ना निकला.
मैंने सिर्फ इतना कहा कि यस आई लव यू सो मच.
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स्रोत:इंटरनेट