. मैंने सुमन के गाउन में हाथ डाला और उसके चूचों को दबाते हुए उसके होंठ चूस रहा था। पायल शायद मेरे लौड़ा मुँह में नहीं लेना चाहती थी इसीलिए बैठ कर वो बस उसे हिला रही थी। अचानक उसने अपने मुलायम होंठों. में मेरा लौड़ा लिया और जितना हो सकता था अंदर लेने की कोशिश करने लगी.
पर मेरा नाम किंग है। ऐसे ही पूरा कोई मुँह में नहीं ले पाती। मैंने उसके सिर पर दवाब बनाया और उसके गले तक अपना लौड़ा फंसा दिया और हल्के से झटके देने लगा। अचानक आयी उसकी खाँसी से मेरा और सुमन का ध्यान टूटा और देखा कि मेरा लौड़ा इंदु चूस रही थी और पायल बराबर में बैठी है। हम सबके चेहरे पर हँसी की लहर दौड़ गयी.
मैंने सुमन को बेड पर झुकाया और उसका गाउन ऊपर कर के उसकी जालीदार पैंटी को उसकी चिकनी चूत से दूर कर दिया। और प्यार से मैंने अपना आधा लौड़ा एक झटके में अंदर डाल दिया। “आ… आह.. धीरे यार!“ उसकी सुरीली दर्दभरी आवाज उसके गले से निकली। “ये क्या है? मैंने बुक किया था इसे और मुझे ही चांस नहीं मिला। सुमन जब नहीं लिया जा रहा तो क्यों पागल हो रही थी इतनी देर से?” इंदु ने उससे बोला.
और मेरी तरफ नज़र करके बोली- छोड़ दो मनोज उसे … और पहले मेरे पास आओ। “परेशान मत हो मैडम। मैं सबको बराबर सर्विस दूंगा.
” मैंने प्यार से इंदु से बोला- अगर आप चाहती हो तो आप भी साथ में आ जाओ। मेरे मुंह से शब्द खत्म भी नहीं हुए थे कि पायल और इंदु दोनों अपने पूरे कपड़े उतार कर मेरे बराबर आ गयी और बोली- बताओ क्या करना है? इंदु का शरीर जन्नत की परी से कम नहीं था। गौरे चिकने हुस्न की मल्लिका है वो! गोल चूचे, चिकनी नाभि, गुलाबी चूत जितना सोचा था उससे बहुत खूबसूरत शरीर की मालकिन थी। सुमन और पायल जैसी महिलाओं को तो 2 साल से सर्विस दे रहा था। मैंने सोचा कि पहले सुमन और पायल को एक एक बार कर दूँगा और रात भर इंदु का जिस्म तोडूंगा इसीलिए एक बार में सुमन की. चूत में पूरा लौड़ा डाल दिया। इसके लिए वो तैयार नहीं थी और एक धीमी चीख के साथ अपनी चूत से मेरा लौड़ा निकालने के लिए हिलने लगी। पर मुझे 2 साल का अनुभव था। उसकी नाकामयाब कोशिश को और दर्द देने के लिए मैंने. पूरा लौड़ा निकाल कर तेज़ झटके के साथ फिर से डाल दिया जो उसकी सोच से परे था। “छोड़ दो मुझे प्लीज रुक जाओ!” उसने रुआंसी सी हालत में बोला। मैंने अपना लंड निकाल लिया और वो अपनी चूत पकड़ के बैठ गयी। इंदु खुश. थी.
मैं इंदु के होंठ चूसने लगा और एक उंगली इंदु की चूत में डाल कर हिलाने लगा, दूसरे हाथ से पायल के चूचे दबाने लगा। “मनोज, रुक नहीं पा रही हूँ मैं अब। कर दो मेरे साथ!“ मन तो कर रहा था कि अभी चोद दूँ इंदु को … पर 10 साल से इंदु के नाम की मुट्ठी मार रहा था। “सुमन और पायल को एक एक बार सर्विस दे दूँ फिर रात भर हम ही करेंगे.
” इंदु के कान को काटते हुए धीरे से बोला मैंने। “नहीं। मैं रुक नहीं पाऊँगी। प्लीज पहले मेरे साथ कर दो यार। बस एक बार कर दो पर पहले मेरे साथ।“ “पायल जी, बेड पर लेट जाओ। इंदु, सुमन की चूत जीभ से थोड़ी सहला दो उसे आराम मिलेगा।“ मेरे शब्द उसे समझा रहे थे कि सब्र का फल मीठा होता है। फिर मैंने पायल को सीधा लेटाया और उसके ऊपर आ गया और जितना वो ले सकती थी उतना डालते हुए उसे चोदने लगा। इंदु सुमन की चूत को चाटने और सहलाने लगी जिससे उसे भी आराम मिलने लगा। 12-15 मिनट में पायल ने एक. मीठी सीत्कार के साथ पानी छोड़ दिया.
और फिर मैंने सुमन को चोदा जिसने मुश्किल से 2 से 3 मिनट में पानी छोड़ दिया और वो दोनों निढाल हो कर लेट गयी.
और शायद ड्रिंक की वजह से या थकान की वजह से सो गई। अब मैंने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और इंदु के नंगे शरीर को अपनी बांहों में भर लिया.
मैम के मोटे चूचे मेरी छाती से सटे हुए थे और मेरा लौड़ा उसकी गुलाबी चिकनी चूत को चूम रहा था। मैंने उसकी गर्दन, गाल, होंठ, आँख, नाक, हर अंग को चूमना चूसना और चाटना शुरूकर दिया और इंदु मुझे बांहों में भर कर मेरे सिर पर हाथ फेरते हुए पूरा साथ दे रही थी। “तुम सच में बड़े हो गए हो मनोज!” मेरे लौड़े पर हाथ फेरते हुए इंदु बोली। उसकी नशीली आँखों में चमक थी। मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में लिया और दोनों हाथों से उसके चूचे दबाने लगा। “बस आपको देख कर और आपको सोच कर ही बड़ा हुआ हूँ मैडम!“ अब हम दोनों बेड पर 69 की पोजीशन में आ गए और. दोनों के नाज़ुक अंगों पर एक दूसरे के होंठ कमाल दिखाने लगे। “प्लीज मनोज अब तो कर दो। नहीं तो तुम भी चिंटू की तरह झड़ गए तो तुम्हारा तो बहुत देर में खड़ा होगा। और वैसे भी मेरा मुँह दर्द करने लगा है अब।“. “किंग नाम है मेरा। आपको जब तक शांत नहीं कर दूंगा तब तक नहीं रुकूँगा।“ कहते हुए इंदु को सीधा लेटाया और उसके होंठ चूसने लगा.
पर उससे अब रुका नहीं जा रहा था और वो मेरे लौड़े को हाथ में लेकर अपनी चूत पर रगड़ने लगी। वैसे इंतज़ार तो अब मुझसे भी नहीं हो रहा था और मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में जकड़े हुए ही उसकी चूत पर दबाव बनाकर टोपा अंदर डाल दिया। उसने मीठी सी प्यारी सी सीत्कार के साथ अपने नाखून. मेरी पीठ में गाड़ दिए। “दर्द तो नहीं हो रहा मैडम?” मैंने थोड़ा दबाव बढ़ाते हुए पूछा। उसने होंठों को तेज दबाते हुए आंखों को कस के बंद किया हुआ था और सिर हिलाकर न का इशारा किया। “पूरा डाल दूँ न?” उसने. इशारे से हाँ बोला.
और मैंने धीरे धीरे पूरा लौड़ा उसकी गुलाबी चूत में डाल दिया जो उसकी बच्चेदानी को चूमने लगा। उसने अपने पैरों से मुझे बांध लिया था और मुझे कस के सीने से लगा लिया और आ… आ…आह … मनोज! की तेज सीत्कार के साथ बहने लगी। “इतनी जल्दी? आप तो बोल रही थी कि चिंटू जी जल्दी झड़ जाते है पर मैंने तो अभी शुरू भी नहीं किया और आपने पानी छोड़ दिया।“ उसने कुछ नहीं कहा और न ही मेरा लौड़ा अपनी चूत से. निकाला बस पकड़ ढीली कर दी और बंद आंखों के साथ ही धीरे धीरे मेरे होंठ चूमने लगी। उनके चेहरे पर संतुष्टि की मुस्कान थी। पर मैं 10 साल का प्यासा था। मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा। उन्होंने मेरे शरीर को. जकड़ते हुए हुए भाव से रुकने का इशारा किया। “आई लव यू मनोज। आई एम रियली सॉरी … मैं कभी तुम्हारी फीलिंग नहीं समझ पायी।“ “मैं नादाँ था मैडम। आप कभी गलत नहीं थी। आपको देख कर कोई भी आपका दीवाना हो जाएगा तो. मैं पागल हो गया आपको पाने के लिए इसमें न आप गलत हो न मैं!“ “मनोज जब तुमने डाला तब मैं समझ पायी कि सुमन और पायल क्यों सो गयी। तुम में जादू है तुम किसी भी औरत को थका दोगे। मुझे भी बहुत दर्द हो रहा है पर. मैं तुम्हारा प्यार अपने लिए महसूस कर रही हूँ और कितना भी दर्द हो मैं तुम्हे नहीं रोकूंगी आज। इंदु आज से हमेशा के लिए तुम्हारी है मनोज। तुम्हें जो भी जैसे भी करना है तुम कर सकते हो।“ “दस साल से आपको. ख्यालों में रख कर हाथ से कर रहा हूँ। हर क्लाइंट में आपको देखता हूँ। सोच लो मैडम। मैं आज ही 10 साल का घूमार उतार दूंगा।“ “तुम भी जानते हो इंदु जुबान की पक्की है। आज से इंदु सिर्फ और सिर्फ मनोज की।“ ये. बोलते हुए उन्होंने मेरे होंठों को धीरे से चूमा और अपनी सोने की चैन उतार कर मेरे गले में डाल दी। “मैडम, थोड़ा दर्द होगा आपको पर आप मेरा साथ दोगी न?” मैंने मासूमियत से पूछा। “आखिरी साँस तक!” कह कर उसने मेरे होंठों को अपने होंठ पर दबा दिया और मुझे कस कर अपनी बांहों में जकड़ लिया। “नया साल मुबारक हो इंदु! आई लव यू।“ “आई लव यू टू मनोज!” मैंने झटके से स्पीड बढ़ा दी और लगभग 20 मिनट की चुदाई के बाद दोनों एक. साथ स्खलित हो गए। उसे दर्द हो रहा था जो शुरू में उसकी आँखों से बहने वाले आँसू बयाँ कर रहे थे पर थोड़ी देर में उसका शरीर दर्द को सहने लगा था और मेरा साथ देने लगी थी। इंदु ज़ुबान की एक पक्की महिला थी।. उसके पति का लन्ड मेरे लौड़े का आधा था और वो 1 मिनट से ज़्यादा नहीं कर पाता था। 3 साल से उसने सेक्स नहीं किया था पर सुमन और पायल के आने के बाद लेस्बियन करने लगी थी इसीलिए तीनों एक दूसरे के सामने नंगी हो. गयी थी। मैंने उस रात इंदु को घोड़ी बना कर 2 बार गांड मारी। वो दर्द सह नहीं पा रही थी, रो रही थी पर फिर भी हिलते हुए मेरे साथ दे रही थी। उसके बाद तीनों के साथ एक एक बार और किया मैंने और सुबह घर वापिस आ गया। दोस्तो, सपने जब तक देखेंगे नहीं तब तक सच कैसे होंगे। 2 साल की सर्विस में बहुत अनुभव हैं जो मैं आपको बताऊंगा। बस सपने देखो और उनके पीछे भागो। हर सपना सच होगा। जिंदगी में रिस्क तो लेना ही पड़ता है। रिस्क नहीं लेता तो न कभी छाया से मिलता, न कभी मम्मी को चोद पाता और न आज मुझे इंदु मिलती। दोस्तो। ये थी मेरे जीवन की एक और हक़ीक़त। उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आई होगी। कृपया अपने सुझाव मुझे मेल करें। धन्यवाद। आपका अपना किंग [email protected].
स्रोत:इंटरनेट