. मैं भाभी के घर करीब 11 बजे चला गया.
बिल्कुल सामने घर था तो एक मिनट में ही पहुँच गया.
उन्होंने बेटी को सुला दिया था और वो टीवी देख रही थीं.
मेरी मिस कॉल पर उन्होंने डोर खोल रखा था.
मैं दरवाजे के अन्दर घुस गया.
जैसे ही मैं भाभी के घर में घुसा.. और उनको देखा.. तो बस उन्हें देखता ही रह गया.
उन्होंने इस वक्त शॉर्ट्स पहना हुआ था और ऊपर ब्लू टी-शर्ट.
मैंने हाय बोला और एक आँख मार दी.
वो मुस्कुरा कर हाय बोलीं- बैठो! मैं सोफे पे बैठ गया, वो पानी लेने चली गईं.
मैं उनकी मटकती गांड देखता रहा.
मैं पानी पीकर बोला- मम्मी जी कब आएंगी? वो बोलीं- सुबह.. मैं बोला- मतलब पूरी रात है? वो अंगड़ाई लेकर बोलीं- हां.. तुम बैठो मैं चेंज करके आती हूँ.
मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खींच लिया.
उनके गाल पर किस करके बोला- इतनी सेक्सी तो लग रही हो.. अब चेंज करके क्या मार ही डालोगी? वो मुस्कुराईं और मैं उनको होंठों पर किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगीं.
उनके लाल होंठ रस से भरे लग रहे थे.
मैं चूसता रहा और वो भी मुझे कसके जकड़ने लगीं.
मैंने उनको गोद में उठाया और कहा- बेडरूम में चलें? उन्होंने यस का इशारा किया और मैं बेडरूम में अन्दर आ गया.
बेड पर आते ही मैं उन पर टूट पड़ा.
मैं उनको पागलों की तरह किस कर रहा था और वो भी कामुकता में ‘आह आह..’ करने लगीं.
मैं भाभी के मम्मों को दबाने लगा.
भाभी के मम्मे धीरे धीरे टाइट होते जा रहे थे.
मैं फिर भाभी जी की गांड को दबाने लगा और किस करता रहा.
भाभी एकदम गरम हो गई थीं और वे अपना हाथ मेरे सर में घुमाने लगी थीं.
मैंने उनको बैठाया और उनकी टी-शर्ट निकाल दी.
अन्दर भाभी ने ब्लू ब्रा पहन रखी थी, जिसमें से उनकी गोरी चुचियां चमक रही थीं.
ऐसा लग रहा था कि जैसे भाभी की चूचियां ब्रा को फाड़ कर बाहर ही आ जाएंगी.
भाभी शर्मा के हाथ लगाने लगीं लेकिन मैं हाथ हटा कर बोला- लव यू जान.
मैं भाभी के मम्मों को किस करने लगा.
वो आँखें बंद करके मादक आवाजें निकाल रही थीं.
उनकी आवाज़ों से मेरे रोंगटे भी खड़े हो रहे थे और मेरे बदन में खूब में गर्मी आती जा रही थी.
मैंने उनको उल्टा किया और कमर पर किस करने लगा.
मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसको दूर फेंक दिया.
हाय क्या चूचे थे उनके.. निप्पल तो जैसे छोटे जामुन हों.
मैं उनको बुरी तरह चूसने लगा और वो ‘आह आह बेबी धीरे आहह..’ बोलने लगीं.
मैं भाभी के एक निप्पल को मुँह में ले कर चूसने लगा और एक हाथ से उनकी पेंटी को टच किया.
कुसुम भाभी भी अब पागल होती जा रही थीं, उन्होंने खुद बोला- अब जल्दी से नीचे आ जाओ प्लीज़ आहह.
मैंने उनका शॉर्ट्स उतारा और उनकी काले रंग की पेंटी के ऊपर से ही चुत पर जीभ घुमाने लगा.
वो कसमसाते हुए बोलीं- आह मर गई हनी… आज मेरा सपना पूरा कर दो आह… मैंने झट से भाभी की पेंटी निकाल दी और उनकी चुत को किस कर दिया.
वो गांड उठा कर ‘आह आह..’ करने लगीं.
भाभी की चूत एकदम शेव्ड थी.
ऐसा लग रहा था कि जैसे कमसिन लड़की की चूत सामने खुली पड़ी हो.
मैं अब भाभी की चुत को ऊपर से चाटने लगा और वो बेड की चादर को कसके भींचते हुए पकड़ने लगीं.
उनकी ‘आह आह..’ कमरे के माहौल को रोमाँटिक करने लगी.
मैंने अपनी जीभ भाभी की चुत में डाल दी, उनकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी.
वो मेरा सर जोर जोर से अपनी चूत पर दबाने लगीं और ‘लव यू हनी लव यू..’ कहने लगीं.
मैं पूरी जीभ डाल कर उनकी चुत को चाटने लगा और चूचियों को हाथ से मसलने लगा.
भाभी जी पूरी टांगें चौड़ी करके लेटी हुई थीं.
वो जोर जोर से गांड हिलाने लगीं और उनकी चूत का जूस मेरे मुँह में आ गया.
मैं उनका सारा रस पी गया.
फिर मैं भाभी के ऊपर आ गया और उनको किस करने लगा.
वो पसीने में तर हो चुकी थीं.
अब उनकी बारी थी, वो मुझे लिटा कर ऊपर आ गईं और मेरी पेंट को निकाल के अंडरवियर के ऊपर से किस करने लगीं.
मैं बहुत चुदास फील करने लगा.
उन्होंने अंडरवियर उतारा और लंड देख कर मुस्कुरा दीं.
भाभी बोलीं- कितना बड़ा और प्यारा लंड है ना.. अब ये मेरा है.
मैं बोला- हां जान.
उन्होंने लंड को किस किया और मुँह में लेकर चूसने लगीं.
उनकी लंड चूसने की अदा बहुत गजब थी.
वो पूरी जीभ लगा लगा कर लंड चूसने लगी.
मैं भी जोश में आ आ करने लगा.
बस 5-6 मिनट तक चूसने के बाद वो बोलीं- हनी अब रहा नहीं जा रहा, फक मी बेबी.
मैं बोला- याह श्योर बेबी.
मैंने उनकी टांगें चौड़ी की और अपना लंड उनकी चुत पर रगड़ने लगा.
भाभी को थोड़ी गुदगुदी सी हुई और वो ‘आऊउच..’ बोलने लगीं.
मैंने फिर उनकी टांगें उठा कर अपना लंड उनकी चुत में डाल दिया.
वो थोड़ा चीखीं ‘आहहह..’ मैं पूरा ऊपर चढ़ गया और उनको किस करते हुए दूसरे झटके में ही पूरा लंड उनकी चुत में अन्दर तक पेल दिया.
वो मुझसे बुरी तरह लिपट गईं, उनके नाख़ून मेरी पीठ पे गड़ने लगे.
मुझमें और जोश आ गया और मैं जोर जोर से झटके लगाने लगा.
पूरा रूम हमारी ‘छाप छाप और आह आह..’ से गूंजने लगा.
मैं भाभी को चोदता जा रहा था और वो मज़े ले लेकर गांड उठा उठा कर चुद रही थीं.
फिर मैं बेड से नीचे उतरा, उनको किनारे पे लाया ताकि पूरा लंड अन्दर जा सके.
वो मुझसे ‘लव यू जान.. आह.. लव.. यू हनी.. आह..’ कहते हुए लिपटने लगीं.
मैं झटके पे झटके मारे जा रहा था.
इतना मज़ा आ रहा था कि क्या बताऊं.
उनकी गोल गोल चूचियां इतनी तेज़ी से उछल रही थीं कि बस ऐसा लग रहा था कि खा जाऊं इनको.
तभी वो मुझे कस कस कर जकड़ने लगीं.. और मैं समझ गया कि भाभी की चूत का रस निकल रहा है.
मुझे लंड पर उनकी चूत के गरम पानी भी अहसास हो रहा था.
थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ गया.
मैं उनके ऊपर छा गया और हम ऐसे ही पड़े रहे.
दो पल बाद वो मुझे होंठों पे गाल पे किस करने लगीं और बोलीं- थैंक्यू बेबी.
बहुत दिनों बाद इतना मज़ा आया है.
लव यू हनी.. मैंने भी ‘लव यू टू..’ बोला और उनकी चूचियों से चिपक कर लेटा रहा और पता ही नहीं चला कि हम दोनों कब सो गए.
सुबह 4 बजे मैं उठा, भाभी को जगाया और कहा कि अब मैं जा रहा हूँ.
भाभी ने फिर से मुझे चूमा और ‘लव यू…’ मैं कपड़े पहन कर आ गया.
उसके बाद हम कई बार मिले और मैंने भाभी की गांड भी मारी.
यह थी मेरी सेक्स स्टोरी.. कैसी लगी जरूर बताना.
मेल कीजिएगा.
[email protected] आपके मेल का इंतज़ार रहेगा.
स्रोत:इंटरनेट