डार्क

जीजा ने मुझे रंडी बना दिया 7

🇮🇳 हिंदी
गति: 1.0x
स्थिति: तैयार
×

प्लेबैक सेटअप सहायता

यदि आप पहले से ही Chrome/Edge का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्ले नहीं हो रहा है, तो अपने फ़ोन/पीसी सेटिंग्स की जाँच करें।
सुनिश्चित करें कि TTS इंजन सक्रिय है, उस भाषा का उपयोग कर रहा है जिसे आप सुनना चाहते हैं।

Android और अन्य OS उपयोगकर्ताओं के लिए

Android, Harmony, Lineage, Ubuntu Touch, Sailfish, ColorOS / FuntouchOS, hyperOS आदि के उपयोगकर्ताओं के लिए
मेनू एक्सेस: सेटिंग्स खोलें > एक्सेसिबिलिटी > टेक्स्ट-टू-स्पीच आउटपुट
यदि नहीं है, तो सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "text-to-speech" या "text" दर्ज करें
फिर टेक्स्ट-टू-वॉयस या टेक्स्ट-टू-स्पीच, या ऐसा ही कुछ चुनें।
भाषा जोड़ने के लिए, गियर आइकन ⚙ पर क्लिक करें > वॉइस डेटा इंस्टॉल करें और अपनी इच्छित भाषा चुनें।

iOS उपयोगकर्ताओं के लिए

सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट पर जाएं
या सेटिंग्स > ऊपर सर्च बॉक्स > "स्पोकन कंटेंट" दर्ज करें और एंटर करें
भाषा जोड़ने के लिए वॉइस चुनें और आवाज़ चुनें

MacOS पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए

मेनू एक्सेस: एप्पल मेनू पर क्लिक करें () > सिस्टम सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > स्पोकन कंटेंट

Windows उपयोगकर्ताओं के लिए

Windows 10 & 11
मेनू एक्सेस: स्टार्ट खोलें > सेटिंग्स > समय और भाषा > स्पीच
Windows 7 & 8
कंट्रोल पैनल > ईज़ ऑफ़ एक्सेस > स्पीच रिकग्निशन > टेक्स्ट टू स्पीच
Windows XP
स्टार्ट > कंट्रोल पैनल > साउंड, स्पीच और ऑडियो डिवाइस > स्पीच
Windows 2000 & ME
स्टार्ट > सेटिंग्स > कंट्रोल पैनल > स्पीच
अन्य प्रकार के पीसी उपयोगकर्ताओं के लिए, जैसे लिनक्स, क्रोमओएस, फ्रीबीएसडी, आदि।
कृपया Google, Bing आदि जैसे सर्च इंजन में टेक्स्ट-टू-स्पीच को सक्षम करने के लिए सेटिंग्स खोजें

नोट वर्तमान में, यह पृष्ठ आपके डिवाइस के इंजन के अनुसार काम करता है।
इसलिए उत्पन्न होने वाली आवाज़ आपके डिवाइस के TTS इंजन का अनुसरण करती है।

जीजा ने मुझे रंडी बना दिया 7 1

. Chut Me ungli जीजा मेरी चूत में तेजी से उंगली करने लगे.
जैसे उन्होंने मेरी चूत में उंगली करना शुरू किया तो मैं भी मस्त हो गई.
मैं बोली- जीजा, अब जल्दी से अपनी साली की चूत में अपना लंड घुसा दो.
आपने मुझे बहुत गर्म कर दिया है.
जीजा बोले- पता है अगर कहीं भी गांव में या इधर-उधर जाओ और लड़कियों या माल की बात करो तो सब तेरी चर्चा आजकल जरूर करते हैं कि बंध्या बड़ी मस्त माल है.
मेरे कुछ दोस्त भी तेरे गांव के हैं.
उनके साथ जब बैठता हूं तो बोलते हैं तू बहुत लकी है यार, तेरी तो इतनी सेक्सी साली है.
तेरी तो पांचों उंगलियां घी में हैं.
मैं सब जानता हूं, अब मुझे तुझ पर गर्व है और खुद पर भी, आज तुझे रगड़ कर मजे दूंगा.
मेरी किस्मत बहुत अच्छी है बंध्या जो तू मुझे मिली है.
मैं तेरी चूत को चोद कर पूरा मजा लेना चाहता हूं.
अब जीजा मेरी चूत में उंगलियों को अंदर बाहर करने लगे.
वो जोर से मेरी चूत में उंगलियों को डाल कर सट सट करके अंदर करने लगे.
मेरी चूत से पानी गिरने लगा और पच-पच की आवाज होने लगी थी.
जीजा बोले- साली बंध्या, तू तो लंड लेने के लिए मरी जा रही है.
मैं बोली- हां जीजा, मेरी चूत लंड के लिए तड़प रही है.
उसके बाद जीजा ने तेजी से मेरी चूत में उंगली चलाना शुरू कर दिया.
फिर जीजा ने अपना लंड मेरे मुंह की तरफ कर दिया और खुद अपना मुंह मेरी चूत की तरफ ले गये.
मैंने बिना समय गंवाए जीजा के लंड को चूसना शुरू कर दिया.
मैंने तेजी के साथ जीजा का लंड चूसना शुरू कर दिया.
जीजा ने तीन उंगली मेरी चूत में घुसा दी तो मैं चीखने लगी.
जीजा बोले- अभी तो सिर्फ उंगली गई है साली रंडी.
तेरी चूत में लंड को पेलूंगा अभी मैं.
मैं भी तेजी से जीजा के लंड को चूस रही थी.
मैं बोली- बस जीजा, अब नहीं रहा जा रहा.
मैं चुदने के लिए मरी जा रही हूं.
अब मेरी चूत में लंड को डाल कर इसको फाड़ दो.
मेरे कहने पर जीजा ने मेरी चूत से उंगली निकाल ली.
वो मेरी चूत पर लंड को लगा कर रगड़ने लगे तो मैं तड़प उठी.
मैं जीजा को अपनी तरफ खींचने लगी.
लेकिन जीजा ने मेरी चूत में लंड नहीं डाला.
वो बोले- मैं एक शर्त पर तेरी चूत में लंड को डालूंगा.
मैं बोली- अब कैसी शर्त है.
जीजा बोले- अगर तूने मेरी बात नहीं मानी तो मैं अभी गांव वापस चला जाऊंगा.
मैं बोली- मुझे सब शर्त मंजूर है.
लेकिन अभी मेरी चूत में लंड पेल दो.
मैं अब और नहीं रुक सकती.
मगर जीजा उठ कर अपने कपड़े पहनने लगे.
मैं बोली- ये क्या कर रहे हो.
वो बोले- देख, मैं अपने सेठ दोस्तों को तेरे पास भेज रहा हूं.
अभी तेरी मां के पास जा रहा हूं.
मैं एक घंटे तक तेरी मां को तेरे पास नहीं आने दूंगा.
तब तक तू मेरे सेठ दोस्तों के साथ मजे करना.
जब तेरी मां सो जायेगी तो मैं भी तुझे चोदने के लिए आ जाऊंगा.
इतना कह कर जीजा जाने लगे.
मैं बोली- नहीं जीजा, मुझे ऐसे गर्म करके मत जाओ.
वो बोले- मैं तेरी मां के पास जा रहा हूं.
मेरे सेठ दोस्त आने वाले हैं.
तू भी अपनी नाइटी पहन ले.
इतना बोल कर जीजा चले गये.
मैं फिर से तड़पती रह गई.
जीजा रूम से बाहर चले गये.
मैंने अपनी नाइटी पहन ली और सेक्स की मदहोशी में पेट के बल लेट गई.
उसके बाद करीब पांच मिनट के बाद दरवाजा खुला तो दोनों सेठ अंदर आ गये.
मैंने तब भी सिर को ऊपर नहीं किया.
मैं ऐसे ही पड़ी रही.
तभी जीजा बोले- साली नाराज हो गई क्या, एक बार उठ कर देख तो कौन आया है तेरे पास! ये यहां के सबसे बड़े ठेकेदार हैं.
बहुत करोड़पति आदमी हैं.
मैंने जीजा की बात का कोई जवाब नहीं दिया.
जीजा मुझे पकड़ कर उठाने लगे.
मैंने शरमाते हुए जीजा के बगल से देखा तो दो हट्टे-कट्टे मर्द जीजा के पास में खड़े हुए थे.
उनमें से एक पापा की उम्र के लगभग का था.
देखने में 50 साल के करीब लग रहा था.
उसने सफेद कुर्ता पजामा पहना हुआ था.
वो देखने में बहुत बड़े आदमी लग रहे थे.
दूसरे ने शर्ट और जीन्स पहनी थी और ऊपर से ब्लेजर डाला हुआ था.
वो करीब 35 की उम्र का रहा होगा.
दोनों के दोनों ही 6 फीट की हाइट के थे.
दोनों का ही थोड़ा सा पेट निकला हुआ था.
देखने में बिल्कुल सेठ की तरह ही लग रहे थे.
जीजा ने उनका परिचय देना शुरू किया.
जिसने कुर्ता पजामा पहना हुआ था उसका नाम अभय था.
वो बहुत बड़ा ठेकेदार था.
जबकि दूसरे का नाम विवेक था.
जीजा कहने लगे कि अगर तूने आज इनको खुश कर दिया तो मैं वादा करता हूं कि तेरी शादी आशीष के साथ करवा दूंगा.
जीजा की बात सुन कर मैं खुश हो गई.
साथ ही दोनों सेठ भी कहने लगे कि तेरी शादी में जितना खर्च होगा सब हम उठाने के लिए तैयार हैं.
बस तू आज रात को हम दोनों को खुश कर दे.
मैं बोली- जीजा, अगर आपने अपना वादा पूरा करते हुए मेरी शादी आशीष के साथ करवा दी तो जो आप कहोगे मैं वो सारी उम्र करने के लिए तैयार हूं.
मेरे अंदर आशीष को पाने के लिए ऐसा जुनून था कि मैं उसके लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थी.
उनकी बातों से मैं एकदम से खुश हो गई थी.
फिर जीजा बोले- अब मैं रूम से बाहर जा रहा हूं.
मैं तुम्हारी मां के साथ खाना खाऊंगा.
तुम इन दोनों को खुश कर देना.
मुझे इस बात की शिकायत न मिले कि तुमने इनके साथ कुछ नाटक किया है.
कमरे से आवाज बाहर नहीं आनी चाहिए.
अंदर से गेट को बंद कर लो.
तुम्हारी मां को व्यस्त रखने की गारंटी दे रहा हूं.
तुम बेफिक्र होकर इंजॉय करो.
उसके बाद जीजा रूम से बाहर चले गये.
अभय ने अंदर से गेट को बंद कर दिया.
वो मेरे पास में आये.
वो बोले- बंध्या तो कमाल की खूबसूरत हो.
इतना कहते हुए वो दोनों ही मेरे बगल में बैठ गये.
विवेक बोले- तुम तो बहुत ही सुंदर हो बंध्या.
तुम्हारा नाम बंध्या ही है ना? मैंने हां में गर्दन हिला दी.
फिर विवेक बोले- हमें अब कंफर्टेबल हो जाना चाहिए.
हम दोनों कपड़े उतार लेते हैं.
तुम भी सहज हो जाओ बंध्या.
मैंने हल्के से गर्दन हिला दी.
मुझे उन दोनों के सामने शर्म आ रही थी.
साथ में थोडा़ डर भी लग रहा था.
वो दोनों बहुत बड़े आदमी थे.
देखने में भी सांड के जैसे थे.
मुझे उनके सामने खुलने में परेशानी हो रही थी.
कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.
कहानी पर अपनी राय देने के लिए नीचे दिये गये कमेंट बॉक्स में कमेंट करें और मेल आईडी पर भी मैसेज कर सकते हैं.
[email protected]
स्रोत:इंटरनेट