. थूक मलने के बाद मेरे घरवाले ने मेरी गांड के छेद पर अपने तगड़े लंड का मोटा सा सुपारा रख दिया और मेरी सांसें तेज होने लगीं.
अब लंड मेरी गांड को चीरने के लिए तैयार हो चुका था.
पति ने हल्का सा दबाव दिया तो मैं उचक गई लेकिन उन्होंने मेरे चूतड़ों को अपने हाथों से पकड़ कर वापस ही नीचे दबा दिया.
फिर उन्होंने हल्का सा धक्का मारा तो सुपारा गांड में घुस गया.
मैं उछल गई.
लंड बहुत मोटा था और गांड का छेद टाइट हो गया था.
उन्होंने अपने हाथ से ही खुद ही मेरे चूतड़ों को फैला दिया और दबाव बढ़ाने लगे.
लंड अंदर नहीं सरक रहा था.
फिर उन्होंने लंड पर दोबारा से थूका और फिर से दबाव बढ़ाया तो लंड थोड़ा अंदर सरकने लगा.
मेरी गांड फैलने लगी.
फिर पति ने एकदम से पूरी ताकत के साथ जोर का धक्का मार दिया और लंड मेरी गांड में उतार दिया.
मैं दर्द से चीख पड़ी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ और उन्होंने मेरे चूचों को दबा दिया.
उनका लंड मेरी गांड में उतर गया था लेकिन दर्द भी बहुत कर रहा था.
फिर वो एक दो मिनट तक ऐसे ही मुझे पीठ पर चूमते रहे और फिर हल्के से मेरी गांड में धक्के देने लगे.
अब मेरा दर्द कम होता जा रहा था, गांड पूरी खुल कर फैलने लगी थी.
उनका लंड पूरा गांड में फंस गया था.
धीरे-धीरे पति ने मेरी गांड में अपने धक्कों की गति तेज की तो मुझे भी मजा आने लगा.
मेरी गांड की चुदाई शुरू हो गई.
पति के लंड से गांड चुदवाने का मजा ही अलग है.
मैं अपने पति के मोटे लंड को अब आराम से अपनी गांड में लेने लगी.
कुछ ही देर में मैं पति के लंड से चुदते हुए मदमस्त होने लगी.
वो कभी मेरे चूचों को दबा रहे थे तो कभी मेरी पीठ को चूम रहे थे.
मेरी गांड में पति का लंड तेजी से अंदर-बाहर हो रहा था.
जब मेरी गांड चुदते हुए पूरी तरह से खुल गई तो मैंने पति को नीचे लिटा लिया और खुद उनके लंड पर बैठ कर मैंने पूरा लंड अपनी गांड में ले लिया.
फिर मैंने पति की जांघों पर अपने हाथों का सहारा लेते हुए अपनी गांड को उनके लंड पर उछालना शुरू कर दिया.
मैं मस्ती से अपने चूचे हिलाती हुई अपने पति से गांड चुदवा रही थी.
मेरी छोटी सी कोमल गांड का भोसड़ा बना दिया मेरे पति के मोटे लौड़े ने। लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा था और पति के मुंह से भी कामुक सिसकारियां निकल रही थीं.
यूं ही कुछ देर पति के लंड पर कूदने के बाद उन्होंने मेरी गांड को कुतिया बनाकर चोदा.
इस पोज में चोदने के बाद उन्होंने मुझे दीवार के सहारे लगा लिया और पीछे से मेरी गांड में लंड डाल दिया और चोदने लगे.
फिर मेरी एक टांग को उठाकर चोदा.
फिर मुझे सीधी खड़ी करके पीछे से लंड डाल दिया और मेरे मम्मे दबाते हुए चोदा.
इतनी चुदाई करने के बाद हम दोनों थक गये थे.
मगर पति का लंड अभी भी खड़ा हुआ था.
वो मुझे बांहों में लेकर वहीं बेड पर लेट गये.
पति का लंड मेरी गांड से निकल गया था लेकिन ऐसा लग रहा था कि उनका लंड अभी भी मेरी गांड में घुसा हुआ है.
मेरी गांड में चींटियां सी चल रही थीं.
कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे.
फिर उसके बाद मैं उठ गई क्योंकि अब नहाने का मन कर रहा था.
जब मैं नहा कर बाहर आई तो पति का लंड सो चुका था और उनकी आंख लग गई थी.
मैंने पति का सोया हुआ लंड देखा और उसको बेड पर आकर अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी.
मेरे घरवाले की आंख खुली तो वो मेरे चूचों को फिर से भींचने लगे.
मैंने उनका लंड फिर से पूरी तरह खड़ा कर दिया था.
फिर मैंने उसको अपने मुंह में ले लिया.
दो-तीन मिनट तक लंड को चूस कर गीला कर लिया.
फिर मैं पति के साथ ही लेट गई.
लेकिन मेरे अंदर की चुदास फिर से जाग चुकी थी इसलिए मैंने उनके लंड की तरफ अपना मुंह कर लिया और अपनी चूत को उनके मुंह की तरफ कर दिया.
उसके बाद मैंने उनके लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
मुझे पति के लंड से निकलने वाले नमकीन पानी का स्वाद चखने का मन कर रहा था.
इसलिए मैंने तेजी के साथ उनके लंड को चूसने लगी.
पति का लंड जब पूरी तरह से तन गया तो उन्होंने मेरी चूत को भी चूसना शुरू कर दिया.
जब वो भी सेक्स के लिए उत्तेजित हो गये तो उनके लंड से नमकीन पानी रस कर बाहर आने लगा.
मुझे उनके लंड से निकल रहे पानी का स्वाद अपनी जीभ पर महसूस होने लगा.
मैं उनके लंड को चूसते हुए उनके पानी का स्वाद लेती रही और वो मेरी चूत को चाटते रहे.
मैंने पति के लंड को पूरा मुंह में ले लिया और उन्होंने मेरी चूत में जीभ को पूरी घुसा दिया.
मैं बहुत चुदासी हो गई थी.
लगभग दस मिनट तक पति के मोटे लौड़े को चूसने के बाद उनके लंड में तनाव बहुत ज्यादा ही बढ़ गया मुझे लगने लगा था कि अब उनके लंड का वीर्य निकलने वाला है.
मेरा मुंह भी दुखने लगा था.
फिर दो मिनट बाद ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और पति के लंड ने भी अपना वीर्य मेरे मुंह में छोड़ दिया.
मैंने अपने पति के लंड से निकलने वाला सारा वीर्य पी लिया.
फिर दोनों शांत हो गये.
उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में रख दिया और मैं उनकी बांहों से लिपट गई.
उसके बाद फिर मेरी आंख लग गई.
मुझे पति का लंड चूत में लेकर लेटने के बाद ही नींद अच्छी आती है.
फिर मैं दोपहर को उठी क्योंकि खाना बनाने का टाइम हो गया था.
मैंने उठकर खाना बनाया और तब तक बेटी के आने का समय भी हो गया था.
मैंने पति को उठ कर कपड़े पहनने के लिए कह दिया क्योंकि वो अभी तक बेड पर नंगे ही लेटे हुए थे.
वो उठकर नहा लिये और तब तक बेटी भी घर आ गयी.
तो दोस्तो, इस तरह चार दिन की जुदाई के बाद पति ने मेरी चूत और गांड की जमकर की चुदाई की.
मैं उम्मीद करती हूँ कि मियां-बीवी की चुदाई की ये गांड चुदाई कहानी आपको पसंद आई होगी.
मैं आगे भी हम पति-पत्नी की चुदाई की कहानियाँ आप तक लेकर आती रहूंगी.
आपको मेरी आज की गांड चुदाई कहानी कैसी लगी मुझे मैसेज करके बताना और कमेंट भी करना अगर अच्छी नहीं लगी हो तो.
एक बात फिर मैं आपसे कहना चाहती हूँ कि कृपया गंदे कमेंट ना लिखें क्योंकि मुझे गंदे कमेंट बिल्कुल भी पसंद नहीं है.
कहीं ऐसा न हो कि मैं आपके गंदे कमेंट्स के कारण आगे कहानी लिख ही न पाऊं.
इसलिए आप कमेंट सोच-समझकर लिखें.
मेरी गांड चुदाई कहानी पढने के लिए धन्यवाद। [email protected]
स्रोत:इंटरनेट