. भाभी बोली- मेरा नम्बर कब आएगा? वो बोला- 2 बार चुदाई करने के बाद.
भाभी बोली- ओके.
उसके बाद हम कुछ बातें करने लगे.
भाभी ने बताया कि उन्होंने किस तरह दूधवाले को पटाया और कितनों का लंड लिया.
तभी भाभी बोली- मेरे देवर जी का लंड कितना बड़ा है? मैंने कहा- 6 इंच का.
भाभी बोली- ठीक है, अब 9 इंच का मिला है.
मज़े करो.
इतना कहकर भाभी मुस्करा दी और मैं भी.
मुन्ना हमारे साथ ही खेल रहा था.
तभी दूधवाला बोला- आ जा बेटा तुझे एक और भाई देता हूँ.
भाभी बोली- हाँ ज़रूर … और उसके बाद दूधवाला मुझे किस करने लगा और बूब्स दबाने लगा.
इस बार वह कुछ ज्यादा ही ज़ोर से मुझे रगड़ रहा था.
15 मिनट बाद वो तैयार हुआ और मेरी दोनों टाँगें कंधे पर रख लंड को मेरी चूत में घुसेड़ दिया.
वह ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा.
इस बार वो ज्यादा ज़ोर से चोद रहा था.
किस करते हुए मेरी गांड को दबाने लगा और बोला- माल तो कड़क है.
चोदने में मज़ा आ रहा है.
मैंने कहा- हां मेरे राजा! जी भर कर चोदो.
उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी.
मुझे ज़ोर से चोदते हुए उसने अपने लंड का पानी मेरी चूत में ही छोड़ दिया.
इस तरह उसने मेरी चूत को तीन बार चोदा.
उसकी चुदाई बहुत मस्त थी.
रगड़-रगड़ कर वह मुझे चोद रहा था.
वह मेरी चूत में दोबारा झड़ गया.
मैं तो मस्त हो गई थी उसकी चुदाई से.
साथ ही चूत में दर्द भी होने लगा था.
उसके बाद उसने भाभी को पकड़ लिया और भाभी के चूचों को दबाने लगा.
भाभी उसको होंठों पर किस करने लगी.
साथ ही भाभी नीचे से हाथ ले जाकर उसके लिंग को सहला रही थी.
उसने कुछ देर पहले ही मेरी चूत में अपना वीर्य झाड़ दिया था.
इसलिए उसके लंड में अभी तनाव नहीं आ रहा था.
भाभी उसके सोए हुए लंड को अपने हाथ में लेकर प्यार कर रही थी.
कभी उसकी गोलियों को सहला देती तो कभी उसकी गांड पर हाथ फिराने लगती.
भाभी भी जल्दी से उसके लंड को खड़ा करना चाहती थी.
उन्होंने उसके उसके सीने से अपने चूचों को सटा दिया और उसके होंठों को चूसने लगी.
भाभी बहुत बड़ी खिलाड़ी थी.
उसको अच्छी तरह पता था कि मर्दों को कौन सी जगह पर किस करने या सहलाने से वे उत्तेजित होते हैं.
भाभी ने मनोहर के होठों को चूसते हुए उसके पूरे शरीर पर यहां-वहां किस करना शुरू कर दिया.
मनोहर के मुंह से कामुक सिसकारियाँ निकलने लगीं.
देखते ही देखते मनोहर का 6 इंच का लौड़ा 5 मिनट के अंदर ही फिर से बड़ा होने लगा.
जैसे ही भाभी को मनोहर के लंड में तनाव महसूस हुआ उसने मनोहर के लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
भाभी घुटनों के बल बैठकर मनोहर के लंड को चूस रही थी.
मनोहर भाभी के सिर को अपने हाथों से पकड़ कर आगे-पीछे धकेल रहा था.
उसका लंड अपने पूरे आकार में आकर 9 इंच का हो चुका था.
जब भाभी ने देखा कि मनोहर का लंड अब पूरी तरह से तैयार है तो भाभी ने उठकर मनोहर को फिर से होंठों पर किस करना शुरू कर दिया.
किस करते हुए वह मनोहर को लेकर बेड की तरफ जाने लगी.
एकाएक भाभी ने मनोहर को बेड पर गिरा लिया और मनोहर भाभी के होंठों को चूसते हुए अपने एक हाथ से उनकी चूत में लंड को सेट करने लगा.
भाभी मेरी बगल में ही लेटी हुई थी.
मुन्ना फर्श पर खेल रहा था.
मैंने जाकर मुन्ने को संभाल लिया और उसे गोदी में उठा लिया.
दूधवाले ने भाभी की चूत में अपना लंड अंदर धकेल दिया था.
अब वह भाभी के ऊपर लेटकर उनकी चूत को चोदने लग गया.
भाभी की टांगें मनोहर के कंधे पर थीं और मनोहर भाभी के चूचों को दबाते हुए उनकी चूत की चटनी बना रहा था.
इतने तेज़ धक्कों के बावजूद भी भाभी उफ्फ तक नहीं कर रही थीं.
उनको बहुत मज़ा आ रहा था.
मुझे तो लगा कि भाभी का यह बच्चा भी मनोहर का ही है क्योंकि जिस तरह भाभी मनोहर को प्यार कर रही थी उससे तो यही लग रहा था कि भाभी ने मनोहर से बहुत बार चुदवाया होगा.
मैंने मुन्ने की शक्ल को ध्यान से देखा, उसकी शक्ल भी मनोहर से ही मिलती-जुलती थी.
मैं भी समझ गई कि जेठ जी के लंड से भाभी को मज़ा नहीं आता इसलिए शायद भाभी ने मनोहर के लंड से ही मज़े लिये हैं.
लेकिन मैंने भाभी से यह बात कभी नहीं पूछी कि वह बच्चा किसका है.
मनोहर भाभी को चोदते हुए 15 मिनट बाद उनकी चूत में ही झड़ गया.
उसके बाद तो मेरा शक यकीन में बदल गया था.
अगर दूसरा बच्चा हुआ तो वह भी मनोहर का ही होगा.
मनोहर का लंड बहुत ही दमदार था.
वह तो जैसे बच्चे पैदा करने की मशीन था.
इतने बड़े लंड से चुदकर कोई भी औरत प्रेग्नेंट हुए बिना कैसे रह सकती थी.
भाभी भी बिना कॉन्डॉम के ही मनोहर के लंड से चुदी और मनोहर हाँफते हुए भाभी के ऊपर पर गिर गया.
भाभी ने मनोहर की कमर को सहलाया.
फिर उसके बाद हमने मनोहर को वापस को भेज दिया क्योंकि उसको ज्यादा देर घर में रखना ठीक नहीं था.
सास-ससुर भी जल्दी ही जग जाते थे.
इसलिए हमने मनोहर को वापस बाहर भेज दिया.
फिर तो हर हफ्ते वह मुझे और भाभी को चोदने लगा और रोज़ सुबह मैं दूध लेने जाती तो तब भी वह मेरे बूब्स को मसल देता था.
3 महीने बाद मैं प्रेग्नेंट हो गई.
यह बात मैंने अपने पति को भी बताई.
पति बहुत खुश हो गए.
उन्होंने घर में सबको ये बात बताई.
भाभी बोली- मुबारक हो.
उन्होंने मेरे कान में आकर कहा- होने वाले के पापा जो हैं उनको भी बता दो.
मैं भी मुस्करा दी.
मेरी जिठानी ने दूध वाले को बताया कि आप बाप बनने वाले हो.
तो दोस्तो, देवरानी और जेठानी की चूत की चुदाई की स्टोरी कैसी लगी.
ज़रूर बताइएगा.
अगर स्टोरी पसंद आई हो तो और भी स्टोरी आपको बताऊंगी.
धन्यवाद! [email protected]
स्रोत:इंटरनेट