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जेठ के बेटे ने चोदकर सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी

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जेठ के बेटे ने चोदकर सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी 1

. जेठ के बेटे ने चोदकर सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी अब उनको भी मेरी चूत की चुदाई करने में कम आनंद आने लगा था.
वो मेरी चुदाई भी कम करने लगे थे.
मैं अब अक्सर सेक्स करने के लिए प्यासी ही रहती थी.
वैसे भी मेरे पति ज्यादा समय तो काम के कारण बाहर ही रहते थे.
जब घर में होते तब भी मेरी चूत की ज्यादा चुदाई नहीं करते थे जिस वजह से मुझे सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्राप्त नहीं हो पति थी.
जब मेरा मन चूत में उंगली करने का करता तो मैं अपने जेठ और जेठानी की चुदाई देखा करती थी.
मैं मेरे जेठ और जेठानी की खतरनाक चुदाई देखकर अपनी चूत में केला डालकर हस्तमैथुन करती थी.
मेरे जेठ और जेठानी की खतरनाक चुदाई देखने के लिए मैं देर रात तक जागा करती थी.
मेरे के मुकाबले मेरे जेठ का लंड ज्यादा लम्बा और मोटा था.
कई बार मैंने अपने जेठ को पटाने की कोशिश भी करी मगर मेरी जेठानी मेरे जेठ को बहुत खुश रहती थी वो सेक्स करने के दौरान किसी बदचलन रांड की तरह अपने आप को मेरी जेठ जी को बिलकुल समर्पित कर दिया करती थी इसलिए मैं अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए उन्हें मेरे जाल में नहीं फंसा सकी.
फिर ऐसे ही वक्त गुजरने लगा और हम दोनों के बच्चे जवान होने लगे.
मेरी चूत को मैं जैसे तैसे कभी खीरे से तो कभी लौकी से हस्तमैथुन कर करके शांत करती रही.
अब हमारी जवानी ढलने लगी और बच्चों में जवानी आने लगी.
मेरे जेठ का बेटा अब 19 साल का हो गया था.
मेरा बेटा भी उसी की उम्र का हो गया था.
मेरी चूत की आग अभी भी वैसे ही जलती रहती थी चुदवाने के लिए जैसे भरी जवानी में जला करती थी.
मेरे जेठ की जवानी भी ढल गयी थी मगर अब घर में कई जवान बच्चे हो गये थे.
एक बार की बात है कि मेरी जेठानी उसके मायके में गयी हुई थी.
उसकी बेटी भी साथ में गयी थी.
जबकि उसका बेटा राहुल घर में ही था.
वो मुझे चाची कहता था.
इधर मेरा बेटा अपने पिता के साथ ही कुछ दिन के लिए बाहर चला गया था.
मेरा जेठ सुबह जाता था और शाम को घर लौटता था.
घर में मैं और राहुल ही रहते थे.
मैं ही उसके लिए खाना बनाती थी.
उसके कॉलेज की छुट्टियां चल रही थीं.
राहुल की आदत थी कि वो अक्सर वो जब नहाने के लिए जाता था तो तौलिया भूल जाता था.
फिर वो अपनी अम्मी को आवाज लगाता था.
उस दिन भी ऐसा ही हुआ.
वो नहाने गया लेकिन तौलिया नहीं ले गया.
उसकी अम्मी तो घर में थी नहीं तो जेठ जी के बेटे ने मुझे आवाज लगाई- चाची, मेरा तौलिया ला दो.
मैं उसका तौलिया लेकर गयी.
जेठ जी के बेटे ने दरवाजा खोला और तौलिया ले लिया.
जेठ जी के बेटे ने अपने लंड के सामने अपनी लोअर लगा रखी थी.
जैसे ही वो दरवाजा बंद करने लगा तो उसकी लोअर हाथ से छूटकर गिर गयी.
मेरी नजर उसके लंड पर पड़ी तो वहीं ठहर गयी.
उसका लंड बहुत ही लम्बा और मोटा था जो किसी खीरे की तरह उसकी जांघों के बीच में लटक रहा था.
मुझे वो लंड देखते ही ये सोचते देर न लगी कि इसका लंड तो इसके बाप से भी ज्यादा आगे निकल गया है.
मेरे जेठ का लंड भी बहुत मोटा-लम्बा था.
मगर राहुल का लंड तो अभी से इतना लम्बा और मोटा हो गया था.
मैं वहीं पर ठिठक सी गयी और नजर वहां से हटी ही नहीं.
राहुल अपने लंड को तौलिया से ढकते हुए बोला- चाची जाइये.
मैंने तौलिया ले लिया है.
जेठ जी के बेटे ने जब मेरा नाम लिया तो मुझे होश सा आया और मैं वहां से आ गयी.
मगर अब मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में जबरदस्त खुजली होने लगी थी.
जेठानी का जवान बेटा घर में अकेला था.
उसकी जवानी भी चुदाई के लिए तड़प रही होगी.
उसको भी चूत चोदने की ललक मची होगी … क्यों न मैं अपनी चूत की प्यास उसी के लंड से ही बुझा लूं? अब मेरे दिमाग में हर वक्त राहुल का लंड ही घूम रहा था.
उसका मोटा लम्बा बैंगन जैसा लंड मैंने देख लिया था और मुझे अब किसी भी वक्त चैन नहीं था.
मैं बस उसके लंड को अपनी चूत में चखना चाह रही थी.
अब मैंने मेरे जवान भतीजे राहुल को चेक करने का सोचा कि देखती हूं कि ये क्या सोचता है मेरे बारे में? जब मैं नहाने के लिए गयी तो मैं जानबूझकर अपने कपड़े वहीं बाहर ही छोड़ गयी.
नहाने के बाद मैंने मेरे जवान भतीजे को आवाज लगाई.
फिर वो मेरे कपड़े लेकर आ गया.
मैंने उससे नये कपड़े ले लिये पर अपने उतारे हुए कपड़े उसे दे दिये, कहा कि वाशिंग मशीन में डाल दे.
मेरे पुराने पहने हुए कपड़ों में मेरी ब्रा और पैंटी भी थी.
मैंने जानबूझकर उसको मेरी वो पैंटी और ब्रा दी थी.
फिर मैंने उसके सामने दरवाजा बंद कर लिया मगर अंदर से लॉक नहीं किया.
मैं जाते हुए चुपके से उसको देखने लगी.
वो मेरी ब्रा और पैंटी को सूंघ रहा था और हस्तमैथुन भी कर रहा था.
अब मुझे पता चल चूका था कि मेरे जेठ जी का लड़का भी सेक्स करने के लिए प्यासा है और इसी वजह से अब मेरा काम बहुत आसान हो चूका था अब मुझे तलाश थी सही मौके की.
उस दिन तो मुझे फिर मौका नहीं मिला लेकिन जेठ जी के बेटे ने अपना मौका नहीं छोड़ा.
बाद में मैंने देखा कि मशीन में पड़ी उस पैंटी पर उसका वीर्य माल लगा हुआ था जिसे देखकर मैं समझ गयी की उसने मुठ मारते मारते मेरी पैंटी पर अपने लंड से वीर्य की पिचकारी चलायी है.
फिर अगले दिन मैं जानबूझकर अपने कपड़े भूल गयी और बिना कपड़े लिए बाथरूम में नहाने के लिए चली गयी.
कुछ देर बाद मैंने दरवाजा खोल दिया.
मैंने आधा दरवाजा खोला था ताकि मेरे जेठ जी के लड़के को ये लगे कि दरवाजा अपने आप ही हल्का सा खुल गया है.
मैंने मेरे जवान भतीजे राहुल को मेरे कपड़े लाने के लिए कहा.
मैं अपनी गांड को उसकी ओर करके नहाने लगी.
मैं जानती थी कि बाहर से वो मुझे देख सकता था.
मैं नहाती रही और वो कुछ नहीं बोला.
फिर मैं अचानक से उसकी तरफ घूमी तो वो दूसरी ओर घूम गया और एकदम से बोला- चाची … ये … ये आपके कपड़े लीजिये.
मैंने थोड़ा सा दरवाजा खोलकर मुस्कुराते हुए अपने कपड़े उसके हाथ से ले लिये.
मैंने उसको अपनी गांड के दर्शन करवा दिये थे और जेठ जी के बेटे ने वो पूरा नजारा लिया.
अगले दिन तकरीबन 10 बजे वो उठकर चाय पी रहा था.
तब मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के सामने झुक झुककर झाड़ू पौंछा लगा रही थी और उसके सामने अपनी मोटी गांड हिला हिलाकर उसे मेरी चुदाई करने के लिए उकसा रही थी.
मैंने देखा कि वो घूर घूरकर मेरे दूध से भरे मोटे मोटे स्तनों को गन्दी नजर से देख देख रहा था.
फिर मैंने उसे मेरी चुदाई करने का न्यौता दे दिया.
मैंने मेरे भतीजे से कहा की राहुल बेटा मुझे आजकल रात में डरावने सपने आते हैं.
मैं अकेली हूं और डर जाती हूं.
अपने पापा से बोलकर तुम आज मेरे बैडरूम में ही सो जाना.
नहीं तो मैं रातभर जागती रहूंगी.
मेरा भतीजा बोला की ठीक है चाची.
मैं आपके साथ आप के बैडरूम में सो जाऊंगा.
अब मेरा आधा काम तो हो चूका था.
अपनी कामवासना शांत करने के लिए आज की रात मैं किसी भी हाल में अपने भतीजे के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाना चाहती थी.
फिर वो रात को शॉर्ट्स पहनकर मेरे बैडरूम में मेरे साथ सोने के लिए आया.
वो मुझ कामुकता से भरी रंडी से पूछने लगा की मैं कहां सोऊंगा चाची जी इधर तो एक ही बैड लगा हुआ है? मैं कामवासना की आग में जल रही शादी शुदा महिला अपने जेठ जी के बेटे से बोली की मेरे बेड पर ही सो जाना.
तुम तो मेरे बेटे जैसे ही हो.
तुम्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए मेरे साथ एक ही बेड पर सोने में? मुझ कामुकता से भरी रंडी से मेरा जवान भतीजा बोला की हां, बिल्कुल चाची, मुझे क्या तकलीफ हो सकती है.
मैं सो जाऊंगा इसी बेड पर आपके साथ आप भी तो मेरी माँ के जैसी ही हो.
फिर मैं कपड़े बदलने के लिए बाथरूम में चली गई.
मुझे पता था कि मेरे जवान भतीजे राहुल को लाल रंग बहुत अच्छा लगता है इसलिए मैंने लाल रंग की ब्रा-पैंटी और मैक्सी पहनी अपने कामुकता से भरे जिस्म पर.
जब मैं बाथरूम से बाहर आई तो वो मुझे देखता रह गया.
फिर मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के पास जाकर बैठ गयी.
वो टीवी देख रहा था.
मैं भी टीवी देखने लगी.
मैं बीच बीच में उसके साथ बातें करने लगी.
मैंने पूछा- राहुल कोई लड़की है तुम्हारी जिन्दगी में? मुझ कामुकता से भरी रंडी से मेरा जवान भतीजा बोला की नहीं चाची, मेरी जिन्दगी में तो अभी कोई नहीं है.
ये कहते हुए भी उसकी नजर मेरे चूचों पर ही जा रही थी.
मैंने मेरे दूध से भरे बड़े बड़े स्तनों को उसके सामने ही अपने हाथों से एडजस्ट किया ताकि उसे मेरे साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए चुदास से भर सकूँ.
ऐसा करते ही जेठ जी के बेटे ने मेरे चूचों से नजर हटा ली.
मैं कामवासना की आग में जल रही शादी शुदा महिला अपने जेठ जी के बेटे से बोली की अरे शर्मा क्यों रहा है तू … अगर मन कर रहा है तो देख ले.
मैं एक औरत हूं और तू एक जवान मर्द है … ये सब तो आम सी बात है.
वो शर्मा गया.
फिर मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के पास आकर बैठ गयी.
मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और सहलाने लगी.
मैं कामवासना की आग में जल रही शादी शुदा महिला अपने जेठ जी के बेटे से बोली की अगर तेरे दिल में कुछ बात है तो बेटा तू मुझे बेझिझक बता सकता है मैं किसी को नहीं कहूंगी.
मुझे तू अपनी दोस्त ही मान ले.
मेरा इतना समझाने के बाद भी वो कुछ नहीं बोला.
मैंने उसके हाथ को अपने हाथ में लिये हुए ही अपना हाथ उसके शॉर्ट्स के ऊपर उसके लंड की जगह पर टिका दिया और मेरा हाथ ठीक उसके लंबे मोटे लंड पर जा टिका.
कुछ ही पलों के अंदर उसके लंड में आ रहा तनाव मुझे अपने हाथ पर महसूस होने लगा.
देखते ही देखते उसका लंड नीचे ही नीचे तन गया और मेरे हाथ पर दबाव बढ़ाने लगा.
उसकी सांसें तेज हो गयी थीं और अब वो भी सेक्स करने के लिए कामवासना से भर चूका था.
वो अपने तनाव को रोक नहीं पा रहा था क्योंकि मेरी चूचियों की घाटी भी उसके सामने ही खुली हुई थी.
मैं कामवासना की आग में जल रही शादी शुदा महिला अपने जेठ जी के बेटे से बोली की तेरा मन कर रहा है ना? वो कुछ नहीं बोल पा रहा था.
फिर मैंने उसका खड़ा लंड अपने हाथ में उसके शॉर्ट्स के ऊपर से पकड़ लिया.
उसका लंड हाथ में लेते ही मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर उससे चुदवाकर शारीरिक संतुष्टि प्राप्त करने के लिए तड़प उठी.
इतना मोटा ताजा लंड था और वो भी एक 19 साल के जवान लड़के का.
मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के लंड को सहलाने लगी और बोली- मुझे पता है तू मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनाकर चोदना चाहता है.
तू शर्मा मत बेटा यदि तुझे मेरे साथ सेक्स करना है तो साफ़ साफ़ बता दे वैसे मैंने कल तुझे मेरी पैंटी को सूँघते हुए और हस्तमैथुन करते हुए देख लिया था.
जेठ जी के बेटे ने हैरानी से मेरी तरफ देखा और फिर मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के करीब सरक गयी.
उसके दोनों हाथों को मैंने अपनी कमर पर लपेटा और उसकी गोद में जाकर उसके होंठों पर होंठों रखकर उसे किस करने लगी.
पहले तो जेठ जी के बेटे ने साथ नहीं दिया और शर्माता रहा.
फिर मैंने उसके हाथ अपने चूचों पर रखवा दिये और धीरे धीरे वो उनको दबाने लगा.
अब उसके होंठ भी खुल गये और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.
कुछ ही देर में दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूम रहे थे.
वो मेरे पूरे बदन पर हाथ फिरा रहा था और मैंने उसके शॉर्ट्स में हाथ डालकर उसके लंड को पकड़ लिया था.
अब मैंने अपनी मैक्सी खोल दी.
मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के सामने लाल ब्रा पैंटी में थी.
वो मेरी चूचियों पर टूट पड़ा.
नया नया जवान हुआ था और उससे इंतजार नहीं हो रहा था.
फिर जेठ जी के बेटे ने मेरी चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही दबाया.
मेरी चूत को हाथ से सहलाया.
मेरी चूत पहले से ही गीली होना शुरू हो गयी थी.
फिर मैंने अपनी ब्रा उतार डाली.
अब वो मेरे मम्मों को चूसने लगा बिल्कुल एक छोटे बच्चे की तरह.
बीच बीच में वो मेरे दूध से भरे मोटे मोटे स्तनों के निप्पलों को काट भी लेता था.
अब हम दोनों अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए बिलकुल पूरे नंगे हो गए.
मैं उसका लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी और उसका मुठ मारने लगी.
मुझ कामुकता से भरी रंडी से मेरा जवान भतीजा बोला की मुंह में नहीं लोगी मेरी जान … मुंह में ले लो ना … एक बार इसको अपने मुंह की गर्मी दे दो.
आज तक मैंने किसी के मुंह में लंड नहीं दिया है.
मैं कामवासना की आग में जल रही शादी शुदा महिला अपने जेठ जी के बेटे से बोली की ये तो है ही चूसने लायक.
इसको कौन नहीं चूसना चाहेगी ऐसा मोटा ताजा रसीला लंड बहुत ही कम मर्दों के पास होता है.
तुम उन्हीं में से एक हो.
ये कहते ही मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के लंड पर झुक गयी और उसके लंड को मुंह में पूरा भरकर चूसने लगी.
मैंने अपने पति का लंड बहुत चूसा था लेकिन कभी इतना बड़ा लंड मुंह में नहीं लिया था.
राहुल का लंड मेरे मुंह में समा भी नहीं रहा था.
मैं उसे मुंह में लेने लगी.
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
वो मेरे बाल पकड़ कर लंड को धकेलने लगा.
मैं पूरा लंड गले तक लेने की खुद ही कोशिश कर रही थी.
मगर मेरे जवान भतीजे राहुल को अभी भी चैन नहीं था वो साला हरामी मेरे बालों को खींचते हुए पूरे लंड को अंदर धकेल देना चाहता जबकि उसका लंबा मोटा लंड पहले ही मेरे गले में फंसा हुआ था.
दम मिनट तक किसी तरह मैंने उसका लंड चूसा मगर अब मेरी हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी थी.
फिर जेठ जी के बेटे ने मुझे जोर से धक्का देकर निचे पटक लिया.
मैं मन ही मन खुश हो रही थी कि किसी जवान लड़के के लंड से चुदवाकर अपनी कामवासना शांत करने का सपना आज मेरे जेठ जी का बेटा पूरा करेगा.
मैं जानती थी कि राहुल आज मेरी टाइट चूत को फाड़कर भोसड़ा बना देगा और मैं भी यही चाहती थी.
फिर मेरे जेठ जी के जवान बेटे ने मेरी टाइट चूत को चाटने के लिए मेरी दोनों गोरी गोरी नंगी टांगों को पकड़ कर फैला दिया.
जेठ जी के बेटे ने मेरी दोनों टांगों के बीच उसका मुंह डाला और मेरी चूत को बेतहाशा चूसने और चाटने लगा उसकी ये अश्लील हरकत मुझे काफी ज्यादा शारीरिक संतुष्टि प्रदान कर रही थी.
अपनी चूत चटवाते चटवाते मेरे मुंह से एकदम से सीत्कार फूट पड़े- आह्ह … आह्ह … ओह्ह … राहुल … मेरे बच्चे … ओह्ह … यही तो चाहती थी मैं … आह्ह … आह्ह और जोर से चूस … आह्ह … मेरी चूत की प्यास मिटा दे और मुझे चोदकर शारीरिक संतुष्टि प्रदान कर दे बेटा … आह्ह … चोद दे … और मेरी टाइट चूत को फाड़ कर इसका भोसड़ा बना दे बेटा.
उसके मेरी चूत चाटने की वजह से मेरी अन्तर्वासना बहुत ज्यादा भड़क उठी थी.
मैंने बड़ी मुश्किल से अपनी आन्तार्वसना को कंट्रोल कर लिया नहीं तो उस रात मैं मेरे जवान भतीजे राहुल को अपनी चूत में ही घुसा लेती.
अपने भतीजे से अपनी चूत चटवाते चटवाते अब मेरे पैर जो जोर से कांपने लेट थे तो फिर मैंने अपने जेठ जी के बेटे से बोली की बस बेटा अब चूत चाटना बंद कर और मुझे चोदकर वो शारीरिक संतुष्टि प्रदान कर दे जो तेरे चाचा मुझे आज तक नहीं दे पाए .
मैं कामवासना से भरी एक बच्चे की माँ अपने जेठ जी के बेटे के आगे गिडगिडाने लगी की अब जल्दी से अपने फाड़ दे और मुझे शारीरिक संतुष्टि प्रदान कर दे… मुझ कामुकता से भरी रंडी से मेरा जवान भतीजा बोला की हां चाची मैं आज आपकी चूत को. चोद चोदकर फाड़ डालूँगा और इसका भोसड़ा बनाकर ही दम लूँगा आज! फिर जेठ जी के बेटे ने मुझे कामसूत्र की में चोदने के लिए कुत्तिया बना दिया और थूक लगाकर मेरी चुदने की भूखी चूत पर अपना लंबा और मोटा लंड सेट. करने लगा.
लंड लगाकर जेठ जी के बेटे ने मेरी कमर से मुझे पकड़ लिया और एक जोर का धक्का दे मारा.
उसका लंड मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में आधा जा घुसा.
मेरी तो बांछें खिल गयीं.
इतने सालों के बाद किसी जवान लड़के का दमदार लंड मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में गया था.
फिर जेठ जी के बेटे ने मुझे चोद चोदकर सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करना शुरू कर दिया और सेक्स करने के दौरान मैंने अपनी चूत को पूरी तरह से ढीली छोड़ दिया ताकि उसका लंड जितना हो सके मेरी चूत के अंदर जा सके.
जेठ जी के बेटे ने दो तीन झटकों में पूरा का पूरा लंड मेरी बच्चे दानी तक पहुँचा दिया था.
उसका लंड मुझे मेरी बच्चेदानी पर चोट करता हुआ अलग से महसूस हो रहा था.
मेरी चूत की दीवारें चरमरा गयी थीं लेकिन ऐसा सुकून मिल रहा था जो जन्नत में भी नसीब न हो.
चूत को केवल लंड चाहिए होता है.
मेरी चूत को राहुल का लंड मिल गया था.
लंड इतना दमदार था कि मेरी 50 साल की चूत से खुशी के आंसू गिरने लगे थे.
चुदते चुदते मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था और वो पच पच की आवाज के साथ राहुल के लंड से चुद रही थी.
जेठ जी के बेटे ने दस मिनट तक कामसूत्र की डॉगी सेक्स पोजीशन में मुझे कुतिया बनाकर पीछे से चोदा और मुझे सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी.
फिर वो हरामी मुझे दीवार के पास ले गया और मेरी एक टांग उप्पर उठाकर अपनी कमर पर रखवा ली और नीचे से अपना लंड मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में पेल दिया.
नीचे ही नीचे धक्के देते हुए वो मुझ कामुकता से भरी की बुर में लंड को नापने लगा.
चुदवाते चुदवाते मेरे दूध से भरे बड़े बड़े स्तन उसके हर धक्के के साथ फुटबाल की तरह उछल रहे थे.
चुदवाते चुदवाते मेरी प्यासी चूत आज काफी सालो के बाद अंदर तक तृप्त हो रही थी.
फिर वो मेरी चूचियों को काटते हुए मेरी चुदाई करने लगा.
अब मुझ कामुकता से भरी रंडी से रुका न गया और मैं झर झर झरने की तरह कामरस की धारा बहाने लगी.
मेरी चूत का रस पच पच … होती चुदाई के साथ ही मेरी जांघों पर बह निकला.
अब राहुल ने मुझे बेड की ओर धक्का मारा और झुकाकर पीछे से मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में लंड दे दिया.
वो पीछे से मुझे चोदने लगा.
चुदवाते चुदवाते मेरा सिर बेड से टकराते हुए धम धम की आवाज कर रहा था.
मगर वो मुझे अपनी रंडी बनाकर पूरे जोश के साथ चोदे जा रहा था.
उसका लंबा मोटा लंड अब मुझे में और ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मैं चुदवाते चुदवाते दर्द से कराहने लगी थी.
फिर चुदवाते चुदवाते पांच मिनट तक किसी तरह मैंने उसके मुसल जैसे लौड़े को बर्दाश्त किया और वो भी मुझ कामुकता से भरी शादी शुदा महिला की बुर में झड़ता हुआ मेरे ऊपर लेट गया.
उसने अपना वीर्य मेरे अंदर ही निकाला था जिसकी गर्मी मैं महसूस कर पा रही थी.
इस खतरनाक चुदाई के बाद मेरा अंग अंग मेरे जवान भतीजे राहुल को दुआ दे रहा था क्योंकि आज जेठ जी के बेटे ने मुझे चोदकर वो शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी थी जिसके लिए मैं ना जाने कब से तरस रही थी.
मेरी ऐसी खतरनाक चुदाई न जाने कितने सालों के बाद हुई थी और वो भी अपने बेटे की उम्र के जवान भतीजे के मुसल जैसे लंबे मोटे लौड़े से.
आज अपने बेटे की उम्र के भतीजे के साथ अवैध सेक्स संबंध बनाकर मैं बहुत खुश थी आज मुझे वो सुख प्राप्त हुआ था जो मुझे मेरे पति कभी नहीं दे पाए थे.
मैं तो मेरे भतीजे राहुल के लंबे और मोटे लंड की दीवानी हो गयी थी क्योंकि जेठ जी के बेटे ने मुझे चोदकर सम्पूर्ण शारीरिक संतुष्टि प्रदान करी थी.
सेक्स ख़त्म करने के बाद हम दोनों ऐसे ही नंगे लिपट कर सो गये.
तीन चार दिनों तक जब तक कि मेरा बेटा वापस न आ गया मैं अपने जेठ के बेटे से खूब चुदी.
हम दोनों ने सेक्स खूब इंजॉय किया.
फिर सबके आने के बाद भी हम चाची और भतीजा मौका पाकर कभी स्टोर रूम में तो कभी घर की छत पर चुदाई कर लेते थे.
अब मेरा भतीजा मुझ शादी शुदा महिला को वो शारीरिक संतुष्टि प्रदान करने लगा था जिसके लिए मैंने तडपा करती थी.

स्रोत:इंटरनेट