. वाकयी में उसकी चूत टाइट सी लग रही थी.
उसकी चूत की कसावट मुझे अपने लंड पर भी अलग से महसूस हो रही थी.
मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे लंड को चलाते हुए धक्के लगाने शुरू किये.
चुदाई शुरू हुई तो मुझे स्वर्ग सा आनंद मिलने लगा.
मैंने तेजी के साथ धक्के लगाना शुरू कर दिया.
दो मिनट के अंदर ही मेरी स्पीड काफी तेज हो गयी थी.
मैं तेजी से उसकी चूत में लंड पेलने लगा था.
अब नीलम की सिसकारियां भी और तेज हो गयी थीं.
उसकी कामुक सिसकारियां मेरे अंदर के जोश को और ज्यादा बढ़ा रही थीं.
उत्तेजना इतनी ज्यादा हो गयी कि पांच मिनट से ज्यादा मैं टिक ही नहीं पाया.
मैं झूठ नहीं बोलूंगा, पहली पांच मिनट में ही मेरा स्खलन हो गया.
बहुत दिनों बाद मेरे लंड को चूत का स्वाद मिला था.
मेरे हिसाब से चुदाई के पहले राउंड में वीर्य जल्दी ही निकल जाता है.
खैर वीर्य निकल गया तो मैं भी साइड में लेट कर हांफने लगा.
वो भी अपनी सांसों को सामान्य करने की कोशिश करने लगी.
एक मिनट के बाद वो गुस्सा करते हुए बोली- तुमने तो जान ही निकाल दी यार, मेरे बारे में भी तो सोचा करो! ऊपर से तुमने माल भी अंदर ही निकाल दिया! नीचे से मेरी चूत में सब कुछ गीला और चिपचिपा हो रखा है.
मैं उसको मनाने में जुट गया.
बड़ी मुश्किल से उसने मुझे हाथ लगाने दिया.
मैंने उसके बूब्स को फिर से छेड़ना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसके होंठों पर अपने होंठों को रख कर स्मूच करने लगा.
फिर मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया.
फिर वो मेरे ऊपर आ गयी.
उसने मेरी चेस्ट पर किस करना शुरू कर दिया.
वो भी मुझे पूरे जोश में चूम रही थी.
फिर उसने मेरी छाती के निप्पल्स पर बारी बारी से एक एक निप्पल पर अपने दांतों से काटना शुरू कर दिया.
बहुत ही रोमांचक फीलिंग आ रही थी.
पूरे बदन में सरसरी दौड़ रही थी.
नीचे से मेरे लंड ने भी सलामी देना शुरू कर दिया था.
नीलम की गांड मेरी जांघों पर टिकी हुई थी.
मेरा लंड उसकी चूत में टकरा रहा था.
इसी पोजीशन में उसने आगे पीछे होते हुए अपनी चूत में लंड लेना शुरू कर दिया.
मैं भी नीचे से उसकी चूत में लंड को पेलने लगा.
इस पोजीशन का एक फायदा ये रहा था कि इस पोज में मेरा लंड उसकी बच्चेदानी तक पहुंच रहा था.
उसको भी डबल मजा मिल रहा था.
पूरा कमरा उसकी सिसकारियों से गूंज रहा था.
दस मिनट तक वो यूं ही मेरा लंड अपनी चूत में लेती रही.
आगे पीछे होते हुए तो कभी ऊपर नीचे होते हुए पूरी मस्ती में वो अपनी चूत को चुदवा रही थी.
मैं भी उसकी चूचियों को भींच भींच कर उसकी चूत में धक्के लगा रहा था.
उसके बाद अब मैं ऊपर आ गया और मैंने उसकी चूत में ताबड़तोड़ धक्के लगाते हुए उसकी चूत की चुदाई शुरू कर दी.
बहुत ही मस्त नजारा था ये.
उसकी दोनों टांगें हवा में झूल रही थीं.
मैं उसकी टांगों को पकड़ कर लंड को जड़ तक उसकी चूत में पेल रहा था.
लगभग 25 मिनट तक इसी तरह पूरे जोश में चुदाई चली.
जब मेरा वीर्य निकलने को हुआ तो मैंने पूरी ताकत झोंक कर उसकी चूत को खोदना शुरू कर दिया.
हर एक धक्के के साथ उसकी चूत से पच-पच और उसके मुंह से आह्ह … आईई … ओह्ह … जैसी आवाजें आ रही थीं.
फिर मैंने भी कंट्रोल खो दिया और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी उसकी चूत में लगने लगी.
उधर से उसकी चूत ने भी फव्वारा चला दिया.
हम दोनों आह्ह … आह्ह करते हुए साथ में ही झड़ गये.
दो मिनट तक बेसुध से होकर पड़े रहे.
मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा और उसके हाथ को अपने लंड पर रखवा दिया.
उसकी चूत काफी गर्म हो गयी थी.
मेरा लंड भी फूल सा गया था.
मेरा मन तो था कि मैं उस टीचर की चुदाई का एक और राउंड खेलूं लेकिन फिर उसको वापस भी जाना था.
हमें होटल में आये हुए भी काफी टाइम हो गया था.
अब एक और राउंड करना संभव नहीं था.
इसलिए हम दोनों उठ कर बाथरूम में गये.
मैंने उसको साफ किया और उसने मुझे साफ किया.
एक दूसरे को साफ करने के बाद हम दोनों बाहर आ गये और अपने कपड़े समेटने लगे.
कपड़े ठीक-ठाक करने के बाद हम बाहर आये और होटल का बिल भुगतान किया और फिर बाहर आ गये.
हम दोनों वापसी के लिए निकल लिये.
रास्ते में एक मेडिकल स्टोर से मैंने उसके लिए गर्भनिरोधक गोली ली और उसको दे दी ताकि उसको गर्भ न ठहरे और बच्चा न हो.
कुछ समय के बाद उसका पति भी आ गया और वो उसके साथ ही रहने लगा.
उसके पति के आने के बाद अब वह मुझसे बात नहीं कर सकती थी इसलिए उसने मुझे बात करने के लिए मना कर दिया.
वो बोली कि जब तक उसका पति यहां घर पर है तब तक मैं उसको मैसेज या फोन कॉल न किया करूं.
मैंने भी उसकी बात मान ली.
मैंने उसको परेशान नहीं किया.
नीलम की चुदाई के इस वाकये को साल भर से ज्यादा बीत चुका है.
नीलम की चुदाई के बाद मैंने किसी और की चूत को नहीं चोदा है.
मैं तब से ही वेट कर रहा हूं कि किसी जवान लड़की की चुदाई या भाभी की चुदाई करने का मौका मिले.
मेरा बहुत मन है कि किसी लड़की की चुदाई तबियत से बिल्कुल दिल खोल कर करूं.
कोई सेक्सी भाभी मिले जिसकी चूत को मैं पूरा दिल खोल कर चोद सकूं.
मगर अभी तक किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया है.
मैं बस इंतजार कर रहा हूं.
कई बार सोचा कि किसी कॉल गर्ल की चुदाई करके ही मन को बहला लेता हूं मगर जो मजा किसी भाभी की चुदाई या किसी हॉट लड़की की चुदाई करने में है वो मजा किसी रंडी की चूत चुदाई करने में नहीं आयेगा.
उनको बस फॉर्मेलिटी करके पैसे ऐंठने होते हैं.
इसलिए मैं रंडी चोदने से परहेज करता हूं.
यहां देहरादून में मैं जहां पर रहता हूं वहां पर भी किसी भाभी का मिलना बहुत मुश्किल है.
अब तो बस मेरे पास इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं है.
दोस्तो, आपको इस टीचर की चुदाई की कहानी में मजा आया होगा.
तो मुझे अपने विचार जरूर भेजना.
कुछ पूछना या बताना हो तो आप सभी पाठकों का स्वागत है.
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स्रोत:इंटरनेट