. फिर धीरे से मैंने उसके एक स्तन पर हाथ रखा.
उसका 36 का स्तन गर्म और मुलायम लगा.
मैंने धीरे से दूध दबाया.
वो सो रही थी या सोने का नाटक कर रही थी, पता नहीं.
एक बार और आराम से उसके स्तनों पर हाथ फेरते हुए पूरा दूध पकड़ कर आराम से दबाया.
इस बार वो जग गई, उसने मुझे देखा मैं तुरंत सोने का नाटक करने लगा और हल्की आंखों से देखने लगा कि वो क्या करती है.
उसने उसके मर्दों की तरफ देखा, सब सो रहे थे.
अब उसने अचानक अपने हाथ कंधे पर लिए और अपना सर शॉल के अन्दर ढक लिया.
उसके दोनों हाथ मेरे हाथों पर आ गए थे.
उसने मेरे हाथ अपने स्तनों से हटा दिए.
मैं पागल हो रहा था, मेरा लौड़ा कड़क हो गया था.
मैंने उसके दोनों हाथ जो मेरे घुटनों पर थे, उसको पकड़ कर अपनी जांघों के बीच लौड़े को ना छुए, ऐसे रख दिये.
उसने कुछ नहीं बोला.
मैंने महसूस किया कि मेरे हाथ निकलने पर भी उसने अपना ब्लाउज बंद नहीं किया था.
मैं कुछ देर शांत रहा, लेकिन मेरा लौड़ा उछाल मार रहा था.
शायद उसे ये महसूस हुआ, उसकी उंगली धीरे से मेरे लौड़े को टच कर गयी.
मेरी तो जान जा रही थी.
मैंने धीरे से अपने दोनों घुटने पास लाने शुरू कर दिये, उससे उनके स्तन मेरे घुटनों में दब गए.
अब उसने 2 से 3 उंगलियां मेरे लौड़े के पास लाकर उसे छू लिया.
मैं दोनों घुटने अन्दर कभी बाहर कर रहा था, शायद उसने मेरा लौड़ा देख लिया क्योंकि अब उसका सर मेरे पेट के सामने उठा हुआ था.
मैंने अपना लौड़ा तो पहले ही खोल कर रखा था, मुझे अपने लौड़े के ऊपर उसका हाथ महसूस हुआ.
उसने मेरे हथियार को पकड़ लिया और धीरे धीरे ऊपर नीचे करने लगी.
अब मैंने भी उसके चेहरे से अपना हाथ फेरते हुये धीरे से उसके गालों से होते हुये उसके होंठों पर अंगूठा टिका दिया.
उसके होंठ खुल गए.
मेरा अंगूठा उसके मुँह में घुस गया.
वो उसे चूसने लगी.
मैं अब अपना दूसरा हाथ उसके स्तनों पर फेरने लगा.
वो गरम हो गयी थी और लौड़ा जोर से ऊपर नीचे कर रही थी.
अब मैंने अपना अंगूठा उसके मुँह से बाहर निकाल लिया, उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने दूसरे स्तन पर रख लिया.
अब मैं कहां रुकने वाला था, मैंने अपना सर फिर से सामने वाली सीट पर लगाया.
तो मेरा लौड़ा उसके मुँह के सामने आ गया था.
वह समझ गयी और उसने लौड़ा मुँह में भर लिया और धीरे से चूसने लगी.
मैं तो जैसे स्वर्ग में था, क्योंकि मेरी बीवी ने आज तक कभी मेरा लंड मुँह में नहीं लिया था.
मैंने भी उससे कभी जबरदस्ती नहीं किया था.
ये मेरा पहला अनुभव था.
मैं उसके मम्मे दबा रहा था, पूरा दूध निकलकर मेरे हाथ गीले हो गए थे और उसके स्तनों पर चिकनाई आ गई थी.
वह लंड चूस रही थी, मैं दूध दबा रहा था.
मैंने उत्तेजना में अपना मुँह बंद कर लिया था.
वह अब जोर से लंड चूस रही थी, मेरा हाथ भी उसके स्तन जोर से दबा रहा था.
अचानक वह उठी, उसने अपने मर्दों को देखा.
वो खड़ी हो गयी.
अब मेरा शॉल उसके स्तनों पर नहीं था.
उस चांदनी की रोशनी में भी मुझे उसकी भरपूर गोलाईयां दिख गईं.
मुझे समझ नहीं आया कि ये अचानक खड़ी क्यों हो गई, जबकि नीचे उसका बच्चा सो रहा था.
उसने अब झट से मेरी तरफ पीठ की.. और अपनी साड़ी ऊपर उठाई.
शॉल को फिर से ओढ़ लिया और मेरे लौड़े को पकड़कर अपनी चूत पर सैट किया, आराम से अन्दर डाला और आगे की सीट पे झुकाव किया.
मैं समझ गया और मैंने भी पीछे से उसकी चूत में झटके देना शुरू किया.
मुझे डर भी लग रहा था और रहा भी नहीं जा रहा था.
पांच मिनट के बाद मेरा माल बाहर आ गया.
वह भी सिकुड़ गई, मेरा वीर्य उसकी जांघों के सहारे चुत से बाहर आ गया.
वह उठी और अपनी साड़ी से चूत को पौंछते हुए उसे नीचे की और फिर नीचे बैठ गयी.
अब मैंने नीचे झुककर उसे एक किस किया और थैंक्यू बोला.
तभी उसने अपना हाथ अपने स्तनों पर रखकर मेरे चेहरे पर अपना दूध उड़ाया और हंस दी.
मैंने उंगली से चेहरे के ऊपर का दूध पी लिया.
उसने अपना ब्लाउज बंद कर दिया.
वो मेरे सोये हुए लौड़े को सहला रही थी.
उतने में उसका बच्चा फिर जग गया.
मैंने अपना लौड़ा अन्दर किया और चैन लगा कर सो गया.
सबेरे जब नींद खुली तो उन लोगों का स्टॉप आ गया था.
उसके साथ के मर्दों को जबरदस्ती जगाना पड़ा कि भैया उतरो, स्टॉप आ गया है.
मैंने कभी बाहर की औरत से सम्बंध नहीं बनाये, लेकिन पत्नी अगर आपको बहुत दिनों तक लिफ्ट नहीं दे, तो मन भटकता है.
हर औरत सेक्सी लगती है.
मैं तो आज पैसे देकर भी चुदाई करने वाला था.
अपने नसीब को कोस रहा था, पर उसके घर में देर है.. अंधेर नहीं.
जाते समय उसने मुझे स्माइल दी, आज वो मुझे अपनी बीवी से भी सुंदर लग रही थी.
मेरा मचलता मन उसने शांत किया था.
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स्रोत:इंटरनेट