. इस पर गुड्डी रानी ने झल्ला कर कहा- हरामज़ादे क्या मुझे उछाल के टॉस करेगा या बेबी को? मैं हँसते हुए बोला- रानी तुम दोनों को तो मैं लौड़े पर उछालूंगा जान … सुन … मैं तुम दोनों की तरफ पीठ करके खड़ा हो. जाता हूँ.
तुम दोनों अपनी पोजीशन बदलटि रहो … मुझे नहीं पता होगा तुम अभी वाली स्थिति में हो या अदल बदल कर ली … फिर मैं घूमूँगा और जिसकी चूची मेरे हाथ में आ गयी वो बाद में चुदेगी … ध्यान से सुन जिसकी चूची हाथ में आ गयी वो बाद में चुदेगी … ठीक है? दोनों रानियों ने सिर हिला कर हामी भरी.
पलट के मैंने उनकी तरफ पीठ कर ली.
थोड़ी देर के बाद बेबी रानी की आवाज़ आयी- ओके, घूम जा अब.
मैंने दायीं तरफ घूमते हुए पलटी खायी और जो सामने चूची आयी उसको ज़ोर से जकड़ लिया.
देखा तो बेबी रानी का चूचा था.
बेबी रानी थोड़ी निराश तो थी मगर यह शर्त सबने मानी थी इसलिए कुछ बोली नहीं.
चूंकि बेबी रानी का चूचा मैंने पकड़ा था इसलिए उसकी बारी बाद में चुदने वाली थी.
गुड्डी रानी तो बेचैन थी ही इस रिस्की वाली चुदाई को.
मैं उस चबूतरे के सिरे पर बैठ गया और टाँगें चौड़ी करके सीढ़ियों पर फैला ली.
गुड्डी रानी ने तुरंत ही अपनी ड्रेस ऊपर समेटते हुए चूत नंगी कर ली और लपक कर मेरे पास आ गयी.
रानी ने मेरे बरमूडा को खोल कर नीचे घुटनों तक घसीट दिया.
मेरा फुफकारता हुआ लौड़ा नंगा हो गया.
सुपारा चुदास की भयंकर आग से गर्म गर्म खून से भर के फूल के कुप्पा हो गया था और बार बार फुदक रहा था.
गुड्डी रानी ने एक चुम्बन लौड़े पर दागा और झट से चढ़ गयी.
मैंने लंड को थाम के आराम से रानी की चूत पर टिकाया और दूसरे हाथ से जो रानी के कंधे को दबाया.
तो लंड धम्म से उसकी रस से भरी हुई चूत में जा घुसा.
रिस्की चुदाई की कल्पना से ही शायद रानी बहुत अधिक उत्तेजित हो गयी थी क्यूंकि इधर लंड ने उसकी चूत में धमाका किया, उधर चूत ने ढेर सारा रस छोड़ दिया.
गर्मागर्म चिकने जूस से नहा कर लंड निहाल हो गया.
गुड्डी रानी स्खलित होने के बाद कुछ देर तो मेरे से चिपक के पड़ी रही, गहरी गहरी साँसें लेते हुए.
फिर उसमें दुबारा से हवस की बिजली कौंधी.
तब तो उसने उछल उछल के, चूतड़ कुदा कुदा जो धक्के ठोके हैं कि क्या बताऊँ.
इतने साल तक जो वह बिन चुदे रही थी.
तो ऐसा लगता था कि सारी कसर आज ही पूरी करेगी.
मेरे कंधे जकड के गुड्डी रानी हुमक हुमक के चोद रही थी.
उधर बेबी रानी तेज़ी से अपनी भगनासा को रगड़ रही थी.
दोनों रानियों के मुंह से अजीब अजीब सी आवाज़ें निकल रही थीं.
गुड्डी रानी जल्दी ही चरम सीमा पार कर गयी.
रेस लगाए घोड़ी की तरह हांफते हांफते रानी मुझ से जोंक की तरह लिपट गयी और कंन्धे पर ज़ोर से दांत गाड़ दिए.
उसके लम्बे नाख़ून मेरी पीठ में गड़ गए थे.
बीस पच्चीस तगड़े धक्के टिका कर मैं भी झड़ गया.
मेरे झड़ते ही लावा रानी की चूत में जो भर गया उसकी गर्मी से रानी फिर से चरम आनंद को प्राप्त हुई.
तब तक बेबी रानी भी अपनी चूत रगड़ कर स्खलित हो गयी थी.
कुछ देर हम यूँही पड़े रहे.
फिर गुड्डी रानी ने मेरा लौड़ा चाट के साफ़ किया और बेबी रानी ने गुड्डी की चूत को जीभ से साफ़ किया.
मेरी पहले वाली कहानियां पढ़ पढ़ के इन दोनों को चुदाई के बाद लंड को जीभ से साफ करने में आनंद आने लगा था.
और सत्य में इसमें बहुत अधिक आनंद मिलता भी है.
पंद्रह बीस मिनट के बाद जब साँसें काबू में आ गयी तो बेबी रानी की चुदने की बारी थी.
मगर उसकी चुदाई सीढ़ियों पर बैठ के नहीं हुई क्यूंकि सख्त फर्श पर बहुत समय से बैठे बैठे धक्के लगाने से मेरे चूतड़ दुखने लगे थे.
इसलिए बेबी रानी को चोदा मैंने खड़े होकर.
उसको गोदी में लेकर कुतिया की पीठ दिवार से लगा के लंड पर सवार कर दिया.
रानी ने दोनों टाँगें मेरी कमर से लपेट लीं.
लौड़ा पूरा चूत में पेल के मैंने रानी को दीवार से सटा कर दबा के चोदा.
रानी को इस पोजीशन की चुदाई में बेहद मज़ा आ रहा था- राजे राजे राजे … आह आह आह … कुत्ते माँ चोद दे हरामी … आह आह आह आह … ऐसे ही चोदे जा मादरचोद … और ज़ोर से ठोक राजा … हाँ हाँ हाँ ठोके जा … आह आह … क्या बात है! राजे बहुत मज़ा देता है तू. कमीने … आह आह आह.
उधर गुड्डी रानी चूं चूं किये जा रही थी कि मुझे इस तरह से क्यों नहीं चोदा.
मैंने डांटा- चुप हरामज़ादी … तेरी माँ भी चोद दूंगा खड़ी करके … मरी क्यों जा रही है रंडी? भोसड़ी वाली, पचास बार झड़ के फालतू टांय टांय कर रही बहन की लौड़ी.
उसने डांट खाकर टांय टांय करनी तो बंद कर दी मगर मुंह में कुछ कुछ मुनमुन करती रही.
बहुत ज़्यादा हसीन है ना! इसलिए नखरे तो उसके स्वभाव में बने रहना तो आवश्यक ही है.
ऐसी हुस्न की मल्लिकाएँ अगर नखरे न करेंगी तो कौन करेगा.
उसे टीवी में न्यूज़ एंकर के स्थान पर फिल्मों में हीरोइन होना चाहिए था.
चुदाई के बाद जब दोनों झड़ गए तो लौड़ा और चूत साफ़ करने का काम इस बार गुड्डी रानी ने किया.
खैर रिस्की वाली चुदाई खत्म होने पर हम लोग वापिस रूम में आ गए.
बाद में गुड्डी रानी की खड़े होकर चुदने की इच्छा भी पूरी कर दी.
तीन दिन के बाद होटल से विदा लेने का वक़्त आ गया था.
चेक आउट करके हम सब अपने अपने घर चले गए.
[email protected] इंडियन सेलिब्रिटी सेक्स स्टोरी जारी रहेगी.
स्रोत:इंटरनेट