. तब मुझे एहसास हुआ कि अपनी बीवी भले ही हूर की परी ही क्यों ना हो, लेकिन मर्दों को हमेशा दूसरे की बीवी ही अच्छी लगती है.
इधर जीजू मेरे पर लाइन मार रहे थे और उधर मेरे पति ना जाने दीदी के साथ क्या कर रहे थे.
फिर जीजू बोले- चलो आ गयी हो, तो मेरी टाई थोड़ी सी ठीक कर दो.
मैं उनके गले में टाई बांध ही रही थी कि इतने में जीजू ने मेरे गाल पर एक किस कर दी.
मैं थोड़ी गुस्से में बोली- जीजू ये क्या है.
आप बड़े बदतमीज हो गए हो.
भुनभुनाती हुई मैं कमरे से बाहर जाने लगी.
उधर जीजू मुझे मना रहे थे- अरे रुक जाओ रानी … ये कोई नई बात है क्या … जीजा साली में इतना तो चलता है.
मगर मैं बाहर चली गयी.
जैसे ही मैं हॉल में पहुंची.
तो अमित सोफे पर बैठकर टीवी देख रहा था.
मैं भी उसके पास जाकर बैठ गयी.
थोड़ी देर में जीजू ऑफिस चले गए.
उनके जाने के बाद हम तीनों ने मिलकर ढेर सारी बातें की … और पता ही नहीं चला कि कब लंच का टाइम हो गया.
दीदी ने सबके लिए बाहर से खाना आर्डर कर दिया.
फिर साथ मिलकर सबने लंच किया … और फिर से बात करने लगे.
बात करते करते पता नहीं मुझे कब नींद आ गयी और मैं वहीं सो गई.
लेकिन अमित और दीदी एक दूसरे से बात करने में लगे थे.
अमित दीदी को फुल लाइन दे रहा था और शायद दीदी भी इस चीज को एन्जॉय कर रही थी.
तकरीबन मैं दो घण्टे बाद जागी.
तब तक दोनों एक दूसरे के साथ हंस हंस कर बातें ही करने में लगे थे.
थोड़ी देर में जीजू भी आ गए.
फिर जीजू और अमित दोनों बाहर चले गए.
उनके जाने के बाद हम दोनों बहनें आपस में बात करने लगीं.
बातों बात में दीदी ने पूछा- अमित से तुम्हारा सेक्स रिलेशन कैसा है? मैं बोली- बहुत बढ़िया है दीदी.
इतने में मैंने दीदी को छेड़ते हुए पूछा- ऐसा क्यों पूछ रही हो … क्या जीजू आपको खुश नहीं कर पाते हैं? इस पर दीदी बोली- तेरे जीजू तो मुझे बहुत ज्यादा खुश कर देते हैं … पर शायद अमित तुमसे खुश नहीं है.
मैं बोली- नहीं ऐसी बात तो नहीं है दीदी.
हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुश हैं.
दीदी बोली- मैं एक बात कहूं, तुम बुरा तो नहीं मानोगी ना! मैं बोली- अरे बोलो न … मैं भला बुरा क्यों मानूंगी.
तो दीदी बोली- जब मैं किचन में थी, तब अमित मेरे पास आया था.
मैं अनजान बनते हुए बोली- कब और क्यों? दीदी बोली- इसलिए तो पूछ रही हूं ना कि तुम दोनों का सेक्स रिलेशन कैसा है.
मैं बोली- मैंने बताया न दीदी हमारे बीच सब कुछ बहुत अच्छा है, लेकिन आप ये बार-बार क्यों पूछ रही हो? फिर दीदी बोली- सुबह जब तू जीजू के पास गयी थी न.
अमित उससे पहले मेरे पास आया था.
मैं बोली- क्यों? दीदी बोली- जब अमित आया, तो मैं बर्तन धो रही थी.
तभी तेरा पति आया और मुझे पीछे से पकड़ कर पीछे से मेरे गालों को किस करने लगा.
मेरी चूचियों को दबाने लगा.
मैंने सोची कि तेरे जीजू हैं.
उनके ऐसा करते ही मैं चौंक कर बोली कि अरे क्या कर रहे हो … छोड़ो मधु आ जाएगी.
लेकिन वो बिना बोले मेरी कुर्ती में हाथ डालकर मेरी चूचियों को ब्रा के ऊपर से मसलने लगा.
मैंने आश्चर्य से दीदी से पूछा- फिर? दीदी- फिर वो जबरदस्ती मेरी ब्रा में हाथ डालने की कोशिश करने लगा और उसने मेरे गालों पर चुम्बन की बौछार कर दी.
मुझे ये बात थोड़ी सी अजीब लगी कि तेरे जीजू तो ऐसे नहीं करते.
मैंने पीछे मुड़ने की कोशिश की, लेकिन तेरे पति ने मुझे अपनी बांहों में जोर से जकड़ा हुआ था.
इतना कह कर दीदी मुझे देखने लगी.
मैंने पूछा- फिर क्या हुआ? दीदी- फिर वो मेरी ब्रा में हाथ डाल कर बड़ी जोर से मेरी दोनों चुचियों को मसलने लगा … और मेरे गालों और गर्दन को चूसने लगा था.
मैंने दीदी को बड़ी हैरानी से सुन रही थी और दीदी बोले जा रही थी- फिर मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर पीछे मुड़ी और देखते ही बिल्कुल अवाक रह गयी … और शर्म से पानी पानी हो गयी.
मैं गुस्से से एकदम लाल हो गयी थी.
मैं- आपने कुछ कहा नहीं? दीदी- हां मैं उससे बोली कि ये तुम क्या कर रहे हो … पागल हो गए हो क्या? मैं अभी मधु को बुलाती हूँ.
फिर मैंने आवाज़ लगाने के लिए जैसे ही मुँह खोला, वैसे ही अमित मेरे मुँह को दबाकर मेरे से रिक्वेस्ट करने लगा कि प्लीज दीदी ऐसा मत करो.
वो इस दौरान भी अपनी गर्मागर्म सांसें मेरी गर्दन पर छोड़े जा रहा था.
मैं ये सब सुनकर गुस्से में तमतमा रही थी कि आज अमित ने दीदी के साथ इतनी बड़ी हरकत कर दी और मुझे मालूम ही नहीं चला.
दीदी कहे जा रही थी- तू तो जानती ही है मधु कि गर्दन पर कोई सांस छोड़े, तो लड़की कितनी कामुक हो जाती है.
अमित की गर्म सांसों मैं भी थोड़ी थोड़ी गर्माने लगी थी … और कसमसाने लगी थी.
लेकिन तेरा पति तो मेरे साथ खेल रहा था.
देखते ही देखते उसने मेरी चूत में हाथ डाल दिया और मेरी चूत को मसलने लगा.
तू तो जानती ही है कि एक मदहोश औरत की चुदाई में चूत सहलाना … मतलब आग में पेट्रोल डालने के बराबर होता है.
अब मैं दीदी की इस गर्म बात को सुनकर और भी हैरान थी.
जबकि दीदी अपनी रौ में बोले जा रही थी.
दीदी- फिर मुझे होश आया और मैंने अपने आपको जैसे तैसे अमित से अलग किया.
मैं उससे थोड़ी गुस्से में बोली कि अब तुम यहां से बाहर जाओ, नहीं तो मैं मधु को बुलाती हूँ.
इस पर अमित बोला कि दीदी आपसे एक रिक्वेस्ट है.
उसके मुँह से रिक्वेस्ट शब्द सुनते ही मैंने सोची कि ये शायद माफी मांगेगा.
लेकिन मैं गलत थी.
मैं तो उसकी बातों को सुनकर एकदम हैरान हो गयी थी कि कोई इंसान इतना बेशर्म कैसे हो सकता है.
मेरी दीदी की चुत में मेरे पति का लंड कैसे घुस सका, ये आपको मैं अपनी जीजा साली सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगी.
आप लोग मुझे कमेंट्स जरूर कीजिएगा.
अन्तर्वासना जीजा साली सेक्स स्टोरी का अगला भाग: दीदी की चुत में मेरे पति का लंड-2
स्रोत:इंटरनेट