. दोस्तो, सच कहूँ तो उसका खुला निमंत्रण से मेरे लंड महाशय सर उठा चुके थे, लेकिन थोड़ी नौटंकी तो बनती ही है ना.
मैंने कहा- लेकिन तुम तो उससे शादी कर रही हो और वो मेरा दोस्त है.
मैं उसके ऐसा नहीं कर सकता.
पूनम- अगर ऐसा ही था तो मुझे अपना लंड क्यों दिखाया था? उसे देखने के बाद मैं जब भी राहुल से चुदवाती थी, तो तुम्हें सोच कर.
और वैसा मज़ा मुझे कभी नहीं आया.
इसलिए आज मैं तुमसे चुदना चाहती हूँ.
यह सब सुनके मुझे तो बहुत खुशी हुई कि चलो आख़िरकार ऊपरवाले ने मेरी सुन ली.
फिर मैं रात होने का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा.
जैसे तैसे रात हुई.
मैं दुल्हन के साथ वाले रूम में रुका हुआ था.
रात करीब दो बजे किसी ने मेरे कमरे पर दस्तक दी.
जैसे ही मैंने दरवाजा खोला पूनम अपनी शादी के लिबास में खड़ी मुझे खा जाने वाली नज़रों से घूर रही थी.
मैं कुछ कहता, उससे पहले ही वो मेरे ऊपर कूद पड़ी और पागलों की तरह मुझे चूमने लगी.
मैंने भी फिर उससे बांहों में उठाया और बिस्तर पर पटक दिया.
मैंने सोचा था कि आज मैं पूनम की चुत फाड़ दूंगा, लेकिन हुआ बिल्कुल उसके उल्टा, मैंने जैसे ही पूनम को बिस्तर पर लिटाया उसने मेरी शर्ट फाड़ दी और पैन्ट उतारने लगी.
उसे मैंने कहा- इतनी जल्दी क्या है जानेमन अब तो सारी रात अपनी है.
पूनम- चुप साले हरामी, इतने दिन तेरे कमरे में अपनी चुत चुदवाती रही, फिर भी कभी हिम्मत नहीं हुई तेरी मुझे चोदने की और आज मुझे सिखा रहा है.
मैं चुप था.
फिर उसने कहा- चल आजा मेरे घोड़े … चढ़ जा मेरे ऊपर मेरी चुत पहले से ही काफ़ी गीली है.
पेल दे अपना लंड मेरी फुद्दी में … कब से तेरे लंड के लिए तड़प रही थी.
मैंने भी उसकी बात मान ली और बिना देर किए उसकी चुत में अपना लंड घुसा दिया और उसने भी बड़ी आसानी से लंड निगल लिया.
दोस्तो, जब मैं चुदाई करता हूँ, तो मेरी एक आदत है कि मैं गाली देना पसंद करता हूँ.
खैर अब पूनम मेरे नीचे लेटी थी, उसकी टांगें हवा में थीं, उसका लहंगा उसकी कमर पर सरका आया था.
पेंटी फर्श पर पड़ी थी.
मैं पूरी ताक़त से उसे पेले जा रहा था.
पेलते हुए ही मैंने ऐसे ही उसे पूछ लिया कि साली रंडी एक बार में पूरा लौड़ा निगल गयी.
ना जाने कितनों से चुद चुकी है कुतिया.
फिर मेरे दोस्त से शादी की.
बोल साली छिनाल कितने लंड गए है तेरी चुत में? इस पर पूनम ने कहा- साले भैन्चोद … मेरी चुत तो चुदने के लिए ही बनी है.
मैं जब उन्नीस की थी, तभी पहला लंड ले लिया था.
वो भी अपने सगे मामा का लंड लिया था.
एक के बाद एक ऐसे तीन मामाओं ने मुझे चोदा था.
मैं खेतों में चुदाई करवाती थी.
तब से लेकर आज तक तेरी यह पूनम रंडी बहुतों से चुदी है.
मुझे तो यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन पूनम सच कह रही थी.
उसने बाद में मुझे अपने मोबाइल में करीब दस अलग अलग लंड की तस्वीरे दिखाईं, जो अब तक उसे चोद चुके थे.
खैर इसी तरह हम दोनों चुदाई करते रहे.
मैंने उसे तीन बार चोदा, जिसमें से एक बार मैंने उसे अपने लंड का पानी पिलाया और दो बार उसकी चुत में भर दिया.
फिर सवेरे करीब पांच बजे मेरे दरवाजे पर दस्तक हुई.
मैं बुरी तरह घबरा गया कि कहीं हम पकड़े तो नहीं गए.
उतने में पूनम ने नंगे बदन ही दरवाजा खोला, तो सामने पूनम की वही सहेली खड़ी थी, जिसने मुझे पूनम से मिलने बुलाया था.
वो सीधा अन्दर आ गयी और बोली- जल्दी से अपने कमरे में जा, निकलने की तैयारी करनी है.
फिर वो मेरे पास आई- क्या हुआ मेरे डरपोक राजा? डर गए थे क्या? वो मुझे आंख मार के हंस दी.
मैंने भी राहत की साँस ली और कपड़े पहनने लगा.
लेकिन पूनम ने मुझे रोक दिया.
उसने कहा- ये टीना है, ये भी तुमसे चुदना चाहती है.
तब मैंने टीना को गौर से देखा वो तो पूनम से ज़्यादा कयामत थी.
लेकिन टीना ने मना कर दिया, वो बोली- अभी वक़्त नहीं है, मैं फिर कभी तुमसे मिलूंगी.
उसने मेरा नंबर लिया.
लेकिन मैं उसे रोक लिया और कुछ पल बात करने को कहा.
पूनम हंसती हुई चली गई.
उसने जाते हुए कहा- टीना, एक बार लंड देख ले, बड़ा मस्त है.
टीना भी रुक गई और उसने मेरा लंड मुँह में लेके काफ़ी देर तक चूसा और तभी छोड़ा, जब मैं उसके मुँह में झड़ गया.
हालांकि उस वक्त उसे कोई जरूरी काम था इसलिए चुदाई न हो सकी.
उसकी चुदाई कहानी फिर कभी.
फिलहाल आप मुझे अपने विचार मेल कीजिये.
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स्रोत:इंटरनेट