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दोस्त की वर्जिन कजिन की चुदाई कर डाली मौका पाकर Hindi Sex Story

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दोस्त की वर्जिन कजिन की चुदाई कर डाली मौका पाकर Hindi Sex Story 1

. दोस्त की वर्जिन कजिन की चुदाई कर डाली मौका पाकर Hindi Sex Story मैंने अपनी धर्म पत्नी की तो जम कर चुत चुदाई कर रक्खी है मैंने उसकी इतनी चुदाई करी है की उसकी फुद्दी का अब खुल्ला. भोसड़ा बन गया.
मेरी धर्म पत्नी की गांड मार मार कर मैंने ऐसे कर डाली है कि अब उसकी गांड हमेशा उठी ही रहती है.
शुरू शुरू में तो उसे मेरे तगड़े लंड से अपनी चुत और गांड की चुदाई करवाने में बहुत दिक्कत हुई फिर वो भी मज़े से मुझसे चुदवाने लगी.
वैसे तो मेरी जिन्दगी में चुदाई के किस्सों की कोई कमी नही है लेकिन उनमे से सबसे यादगार चुदाई के बारे में आज बताता हूँ.
मेरे और मेरे दोस्त की की चुदाई का किस्सा.
मेरे दोस्त की बहन की चुदाई की यह घटना आज से करीब 4 साल पहले की है जब मैंने मौका पाकर उसकी चुदाई कर डाली थी और उसने भी मजे से मेरे साथ सेक्स करा था.
अभी मेरी नौकरी नही लगी थी.
अभी मैं बैंक के पेपर की तैयारी कर रहा था.
मेरा एक दोस्त है मुकेश.
जो मेरे साथ बचपन से रहा हम ने साथ में की और खूब मस्त भी की.
वो बहुत ही सीधा लड़का था.
एमें अक्सर उसके घर जाया करता था.
हम वहां साथ में बैठ कर टीवी देखते और पढाई भी करते.
मुकेश का घर ज्यादा दूर नही है इसी लिए हमारा ज्यादा समय साथ में ही बीतता था.
एक बार मैं मुकेश के घर गया तो देखा कि उसके घर कुछ मेहमान आये हुवे हैं.
मैं वापस जाने लगा.
तभी मुकेश आ गया.
वो मुझे अपने साथ में अपने कमरे में ले गया.
और बताया कि उसके घर पर उसके मामा जी का परिवार आया हुआ है.
हम बैठ कर साथ में टी वी देखने लगे तभी एक लड़की कमरे में आयी.
क्या मस्त माल थी.
उसका फिगर 36-30-32 था.
एक दम कड़क पटाका लग रही थी वो साली बहन की लौड़ी.
उसके बड़े बड़े तो बस देखते ही मुंह में रख लेने का मन हो रहा था.
वो जैसे ही कमरे में आयी मैं उसे घूरने लगा वो भी मुझे बड़े ध्यान से देखने लगी.
तभी मुकेश ने बताया कि वो सेक्सी सामान उसके मामा जी की लड़की है.
दोस्तों उसे देखते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गए वो लड़की दिखने में कमाल की बला थी.
जो उसे एक बार देख ले तो फिर मुठ मारे बिना नहीं रह पाए उस हुस्न की मलिका का नाम चंचल है.
और ये अभी मुंबई से MBA कर रही है.
वो उसके बारे में बताये जा रहा था लेकिन मैं तो बस मेरे दोस्त की कजिन के सेक्सी बदन को ताड़ने में लगा हुआ था और उसकी चुत चुदाई के सपने बुन रहा था.
तभी मुकेश ने बताया कि वो यहाँ दो महीने रुकने के लिए आयी है.
फिर तो मैंने सोच लिया कि कैसे भी इसे पटाउँगा.
फिर तो मैं अब रोज़ मुकेश के घर जाने लगा और ज्यादा से ज्यादा समय मुकेश के घर पर रहने लगा.
जिससे मेरी मेरे दोस्त की कजिन से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई.
एक बार की बात है शाम के वक्त मेरे मन में आया क्यों न एक बार मेरे दोस्त की कजिन से मिल आऊ.
ये सोच कर मैं मुकेश के घर चला गया.
जब मैं पहुंचा तो मैंने डोर बेल बजाई.
तो फिर मेरे दोस्त की कजिन ने दरवाजा खोला.
उसने बताया कि कि मुकेश घर पर नही है.
तो मै वापस जाने लगा तो मेरे दोस्त की ने मुझे रोका और कहा आओ वो अभी आ जायेगा तब तक बैठो.
मै मान गया और उसके साथ अंदर चला गया.
तभी मैंने देखा कि घर में कोई नही था पूछने पर मेरे दोस्त की कजिन ने बताया कि आंटी बाज़ार गई है.
ये सुन कर मेरी धड़कने बढ़ गई.
तभी मैंने सोचा कि ये एक अच्छा मौका है अपने दोस्त की कजिन को चुदाई के लिये सेट करने का.
थोड़ी देर बाद बाते करते करते मैंने झट से मेरे दोस्त की कजिन का हाँथ पकड़ा और बोला की चंचल मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ जब से तुम्हे देखा है मेरी रातो की नींद उड़ गई है और दिन का चैन खो गया है कह दो कि तुम भी मुझसे प्यार करती हो.
वो मुझे ध्यान से देखने लगी.
मैं डर गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसने शरमाते हुए मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मुझे एक पप्पी देते हुए अपने गले से लगा लिया और बोली सुरेश मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ आई लव यु….
दोस्त की कजन की बात सुन मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना ही नही रहा.
ऐसा लग रहा था मानो मेरा सपना पूरा हो गया हो.
हम कुछ देर ऐसे ही चिपके रहे.
मुझे अब कुछ अजीब सा हो रहा था मैंने तुरंत उसके गले पर किस कर दिया.
उसने भी मुझे किस किया.
फिर मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये और जोर जोर से स्मूच करने लगा वो बेकाबू हो रही थी.
फिर मैंने उसके मम्मों पर हाँथ रख दिया और धीरे से दबाया उसकी आह्ह.. निकल गई.
उसने मन किया और बोली ये सब आज नही कोई आ जायेगा.
फिर फिर मैं मान गया और एक गाल पर किस दिया और चला आया.
मेरा लंड तो खड़ा हो चुका था इसीलिए मुझे मेरे द्सोत की बहन के नाम की मुठ मार कर अपने लंड को शांत करना पड़ा.
फिर क्या था अब तो रोज़ 2 – 3 बार मैं किसी न किसी बहाने मुकेश के घर जाता और आँखों ही आँखों में मेरे दोस्त की कजिन से बात होती.
तो कभी मौका पा कर मैं उसे किस कर देता तो कभी उसके बोबे को दबा देता था.
एक बार शाम को मेरे दोस्त की कजिन ने मुझे फ़ोन कर के अर्जेंट घर बुलाया मैं डर गया.
मैं जल्दी से भाग कर मुकेश के घर गया जैसे ही बेल बजाई.
मेरे दोस्त की कजिन ने दरवाज खोला मैंने पुछा कि क्या हुआ तो उसने कहा अन्दर चलो बताती हूँ.
मैं अंदर गया चंचल ने दरवाज़ा बंद किया और झटके से मेरे पास आ गई और मेरे लिप्स पे लिप्स रख दिए और मेरे होंठो को चूसने लगी.
मैंने कहा क्या हुआ तो उसने बोला कि तुमने मेरे अंदर जो चुदाई की आग भड़काई है उसे आज बुझा दो आज मौका है मुझे चोद चाद कर ठंडी कर डालो.
मैं अब और नही सह सकती फिर क्या था किसो का दौर शुरू हो गया.
वो मुझ को तेज़ तेज़ से किस किये जा रही थी.
फिर क्या था मेरा भी लंड एकदम तैयार हो गया था.
मै उसके मोटे मोटे फुटबोल जैसे बोबों पर भूखे कुत्ते की तरह टूट पड़ा और उसके मोटे मोटे बोबे जोर जोर से दबाने लगा.
वो आह….
उमह… करने लगी.
आह्ह्ह्ह… आह्हह….
आई लव यू जानू ….. मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और पूरी नंगी धड़ंग कर दिया उसके बाद मै उसकी चुदाई करने के लिये उसे बैडरूम में लेकर गया.
और जोर जोर से उसके बोबे को दोनों हाँथो से दबा कर उसे बोबों को निप्पलो को अपने मुह में लेकर पीने लगा.
वो अब और भी जोर से चिल्ला रही थी.
फिर मैं नीचे बैठ गया और मैंने धीरे से मेरे दोस्त की कजिन बहन की फुद्दी को किस किया वो एकदम चिहुक गई आह्हह … अब मुझे और न तड़पाओ मेरी जान.
मैंने कहा आज मैं तुम्हे पूरा मज़ा दूंगा और.
मैंने अपनी जबान उसकी फुद्दी में डाल दी और उसे चाटने लगा.
मेरे दोस्त की कजिन के मुहं से निकलती हुई आवाजें और भी तेज हो गई.
फिर थोड़ी ही देर में उसने पानी छोड दिया.
मै उसकी वर्जिन चुत से निकला सारा कामरस पी गया.
उसकी वर्जिन चुत से निकले कामरस को पीते ही अब मेरा लंड एकदम कड़क हो गया.
मैंने मेरे दोस्त की वर्जिन कजिन बहन से मेरा लंड मुह में लेकर चूसने और मुझे ब्लोजॉब देने को कहा तो उसने मेरा लंड अपने मुह में लेकर चूसने से मना कर दिया मुझे बुरा लगा लेकिन मैंने भी लंड चुसवाने के लिये कोई जोर जबरदस्ती नही करी.
फिर मैंने मेरे दोस्त की कजिन को बेड पर सीधा लिटा दिया और अपना लंड उसकी वर्जिन छुट के छेद के अन्दर घुसाना चाहा.
लेकिन उसकी बड़ी टाईट थी इसलिए मेरा लंड फिसल गया.
उसने मेरे लंड को पकड के सही लगाया और फिर मैं धीरे धीरे कर के अपना लंड उसकी फुद्दी में घुसा दिया और उसकी चुदाई करने लगा.
मेरे दोस्त की कजिन बहन वर्जिन थी चुदवाते वक्त उसकी चुत में बहुत दर्द हो रहा था जिस कारण वो जोर जोर से चिल्ला रही थी.
होने के कारण शुरू शुरू में मेरे दोस्त की बहन को मुझसे चुदवाते वक्त बहुत तेज दर्द हुआ लेकिन थोड़ी ही देर में वो दर्द मजे में बदल गया और फिर उसे मेरे लंड से अपनी चुदवाने में मज़ा भी आने लगा.
पहले तो मैंने एकदम धीरे धीरे चोदा.
फिर मेरी चुदाई करने की स्पीड बढ़ गई.
वो भी आह्ह्हह्ह्ह्हह्ह… आय्ह्ह्ह…अय्य्य्हह्ह्ह कर के हिल रही थी.
और अब मस्त चुदवा रही थी.
उसके बाद मैं सीधा लेट गया और फिर मेरे दोस्त की वर्जिन कजिन बहन मेरे ऊपर आ कर बैठ गई और मेरा लंड अपनी फुद्दी में ले लिया.
और खूब कूद कूद कर मज़े से मेरे लंड की सवारी करने लगी और जोर जोर से आह….
आह…उमह… उमह… उई आह… आह जैसी मादक आवाजे करने लगी.
ऐसे ही करीब 2 घंटे तक मैंने मेरे दोस्त की वर्जिन कजिन बहन को पेला इस दौरान मेरे ने भी मेरा पूरा साथ दीया.
उसकी चुदाई करने के बाद मै अपने कपडे पहन कर अपने घर चला गया और वो नहाने के लिये बाथरूम में चली गयी उसकी बह रहा था क्यों की आज उसकी चुत की टूटी थी पर इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं थी क्यों की हर लड़की के जीवन में कभी ना कभी ये दिन आता है.
कुछ दिनों के बाद मेरे दोस्त की कजिन वापस अपने घर चली गई भगवान ने शायद उसे यंहा अपनी वर्जिन चुत की झिल्ली फटवाने के लिये ही भेजा था.
फिर उसने मुझसे दोबारा कांटेक्ट नही किया.
बाद मुझे पता चला कि उसकी शादी हो गई है और वो अपने पति के साथ बहुत खुश है.
वो दोबारा मुझे नही मिली लेकिन उसकी चुदाई के बारे में जब भी सोचता हूँ मेरा लड़ खड़ा हो जाता है.
उम्मीद करता हूँ की उसे भी उसकी याद होगी.
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स्रोत:इंटरनेट