. दोस्त के साथ मिलकर उसकी माँ का भोसड़ा चोदा हिंदी सेक्स स्टोरी दोस्तों जैसे ही मैंने मेरे दोस्त की माँ को देखा मेरी नियत खराब हो गयी और मेरा दिल मेरे दोस्त की सेक्सी माँ के साथ. अवैध शारीरिक संबंध बनाने का करने लगा.
मेरे मादरचोद दोस्त की माँ करीब 45 साल की होगी, लेकिन वो 30 साल की कुंवारी लड़की जैसी लग रही थी, वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी थी उन्हें देखकर किसी भी मर्द का दिल उनका काम लगाने का करने लग जाए ऐसा कातिल फिगर था उनका.
मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने अपनी साड़ी नाभि के नीचे पहनी हुई थी, उसकी नाभि काफ़ी गहरी और बहुत चौड़ी थी और उस साली की चूचीयाँ भी बहुत बड़ी और गोल थी, उसकी आँखे कामुक थी और होंठ गुलाबी और मुलायम थे, किसी को भी किस करने को जी चाहे ऐसे थे.
अब में तो उस साली का सेक्सी जिस्म एक टक देखता ही रह गया था.
यहाँ भी देखें>> अब में सोच रहा था कि कैसे मेरे हरामी दोस्त गिरीश के घर जाया जाए और उसकी माँ से नजदीकियां बड़ाई जाए? खैर मुझसे और सब्र नहीं हो रहा था तो मैं मुठ मरने के लिए टॉयलेट में चला गया.
जब मैं मेरे दोस्त की सेक्सी माँ को याद करते करते मार रहा था की तभी मेरे शैतानी दिमाग में एक बहुत ही ज्यादा मस्त तरकीब आई.
फिर में और गिरीश जब कंप्यूटर क्लास में मिले, तो तब मैंने उससे कहा कि गिरीश मेरे घर पर तो कंप्यूटर नहीं है, क्या में तुम्हारा कंप्यूटर यूज कर सकता हूँ? तो गिरीश खुश हो गया और बोला कि क्यों नहीं यार ? हम दोनों पक्के दोस्त है, तुम मेरी सभी चीजे यूज कर सकते हो.
फिर दूसरे दिन में मेरे हरामी दोस्त गिरीश के घर कंप्यूटर चलाने के बहाने पहुँच गया.
वो अपने कंप्यूटर पर इंडियन देसी पोर्न फिल्म देख रहा था, तो में भी उसके साथ देखने लगा.
फिर उस हिंदी देसी सेक्स विडियो में एक बहुत खूबसूरत आई, तो मैंने कहा कि ये तो तुम्हारी माँ जैसी दिखती है.
फिर गिरीश बोला कि लेकिन इसके मम्मे छोटे है, मेरी माँ के चूचे तो बहुत बड़े बड़े हैं.
अब में समझ गया था कि गिरीश भी अपनी सेक्सी माँ को गन्दी नजर से देखता है.
फिर थोड़ी देर के बाद गिरीश की माँ जिसका नाम मधुलिका है, वो अपने मोटे मोटे चुचे और गरम गांड मटकाते हुए आ गयी, वो बाहर गयी थी तो हमने जल्दी से इंटरनेट बंद कर दिया.
मधुलिका आंटी आज तो बहुत ही ज्यादा कमाल का सामान दिख रही थी.
मेरा मादरचोद दोस्त गिरीश रोज अपनी सेक्सी माँ को बेडरूम में अपने कपड़े बदलते हुए नंगी देखता था.
फिर जब मधुलिका आंटी कपड़े चेंज करने बेडरूम में गयी, तो गिरीश पेशाब जाने के बहाने रोशनदान में से अपनी माँ को नंगी देखने चला गया.
जब वो बहुत देर तक नहीं आया तो मैं उस बहन के लौड़े को ढूढ़ने लगा, तो वो एक टेबल रखकर रोशनदान में से अंदर अपनी माँ के बेडरूम में देख रहा था.
फिर मैंने कहा कि क्या देख रहे हो? तो उसने मुझे चुप करके ऊपर आने को कहा, तो में टेबल के ऊपर चढ़ गया.
अब में भी रोशनदान में से अंदर देखने लगा था.
फिर पहले तो मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने अपनी साड़ी उतारी, उस साली कुतिया रांड के मोटे मोटे मम्मे उसके ब्लाउज में समा नहीं पा रहे थे और के ऊपर से बाहर निकल रहे थे, तो इतने में उसने अपना ब्लाउज भी निकाल दिया, क्या गोरा शरीर था उस साली का? अब मेरा लम्बा मोटा मुसल तो एकदम टाईट हो गया था, उस साली रांड ने लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी.
फिर उसने अपना पेटीकोट भी उतार दिया, वाह क्या जांघे थी? गोरी-गोरी और भारी-भारी.
फिर बाद में वो कांच में देखकर अपने मोटे मोटे मम्मे देखने लगी.
फिर मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने अपना गाउन पहन लिया, तो तब हम नीचे उतर गये और फिर से कंप्यूटर पर बैठ गये.
गिरीश प्री मेडिकल टेस्ट की तैयारी कर रहा था इसलिए वो कंप्यूटर पर कम बैठता था और में ही ज़्यादातर बैठता था.
यहाँ भी देखें>> फिर एक दिन में कंप्यूटर पर बैठा था, तो इतने में गिरीश की माँ हमारे लिए चाय लेकर आई और मुझसे कहा कि बेटा मुझे भी कंप्यूटर सीखना है.
तो मैंने बोला कि इसमें क्या है आंटी जी ? में आपको कंप्यूटर सिखा दूँगा, तो मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने कहा कि कल हम अपनी क्लास शुरू करेंगे, आज मुझे थोड़ा काम है, तो मैंने कहा कि अच्छा ठीक है.
फिर मुझे पूरी रात नींद नहीं आई, कल सेक्सी मधुलिका मेरे हरामजादे दोस्त की सेक्सी माँ को कंप्यूटर जो सिखाना था, वो मेरे पास बैठेगी ये सोचकर ही मेरा लम्बा मोटा मुसल तो खड़ा हो जाता था.
फिर मुझे पूरी रात उसके साथ चुदाई के विचार आते रहे.
फिर अगले दिन मैंने स्किन टाईट टी-शर्ट पहनी और सेंट भी लगाया.
अब में हर रोज से पहले ही मेरे हरामी दोस्त गिरीश घर पहुँच गया था.
मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने अपने गरम जिस्म पर स्लीवलेस गाउन पहन रखा था, अब वो कुतिया रांड मेरे पास कुर्सी रखकर बैठ गयी थी.
अब मैंने कंप्यूटर का माउस उसकी तरफ रखा था ताकि माउस को छूते वक़्त उसके मम्मे को भी छू जाए.
अब में कंप्यूटर के सभी पार्ट्स दिखा रहा था इसे की-बोर्ड कहते है और फिर बाद में माउस को छूते वक़्त मैंने जानबूझकर आंटी के मोटे मोटे मम्मे के साथ मेरा हाथ टकरा दिया.
फिर वो पीछे हट गयी, तो मैंने कहा कि सॉरी आंटी जी, तो वो कुतिया रांड बोली कि कोई बात नहीं बेटा.
फिर मैंने पहले उनसे माउस की प्रेक्टीस करने को कहा.
अब तो कई बार मेरा हाथ उस साली सेक्सी महिला के से भरे मोटे मोटे मम्मे से टकरा रहा था, अब वो पीछे भी नहीं हट रही थी.
फिर दूसरे दिन गिरीश बाहर गया था.
अब में और गिरीश की माँ अकेले ही थे.
फिर मैंने की-बोर्ड की प्रेक्टीस शुरू की, लेकिन उसकी उंगलियाँ उस पर बैठ ही नहीं रही थी, उन्होंने कई बार प्रेक्टीस की, लेकिन वो कामयाब नहीं हुई.
अब वो थक गयी थी, तो उसने कहा कि अब मुझे नहीं आएगा.
फिर मैंने कहा कि एक काम करो तुम मेरी गोद में बैठ जाओ, में पीछे से जिसके ऊपर उंगली रखूं, तो तुम भी उस पर रखना.
फिर वो कुतिया बोली कि ठीक है और फिर वो मेरी गोद में आकर बैठ गयी.
अब मेरा लम्बा मोटा मुसल तो पूरा टाईट हो गया था, लेकिन उसकी गांड में फिट नहीं हो रहा था इसलिए मैंने कहा कि थोड़ा ऊपर आ जाओ.
फिर वो जैसे ही ऊपर आई, तो मेरा लम्बा मोटा मुसल उसकी गांड के बीच में फिट हो गया था.
अब तो मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, शायद उसे भी मज़ा आ रहा था.
फिर मैंने पूरे एक घंटे तक उसके मम्मे और गांड का मज़ा लिया.
अब दूसरे दिन उसने टी-शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी और नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी.
अब में समझ गया था कि मेरे हरामजादे दोस्त की सेक्सी माँ को भी अब मज़ा आ रहा है.
फिर आंटी आते ही मेरी गोदी में बैठ गयी.
अब गिरीश यह सब देख रहा था.
फिर जैसे ही वो मेरी गोदी में अपनी गरम गांड टीकाकार बैठी, तो मेरा लम्बा मोटा मुसल मेरी जीन्स में तन गया और उसकी गांड में फिट हो गया.
अब तो में बारी-बारी उस साली कुतिया रांड के मोटे मोटे मम्मे और उनके निप्पल को हाथ लगा रहा था.
अब मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ की निपल टाईट हो गयी थी और टी-शर्ट में से साफ दिख रही थी.
अब मैंने अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रख दिया था और अपना एक हाथ फेरने लगा.
अब वो कुछ नहीं बोल रही थी, लेकिन मुझे जीन्स की पैंट पहनने से तकलीफ़ हो रही थी.
अब वो ये बात समझ गयी थी और बोली कि अगर तुम्हें इसमें गर्मी लग रही हो तो गिरीश का ट्राउज़र पहन लो, तो मैंने कहा कि ये ठीक है.
फिर में झट से खड़ा हो गया, तो वो मेरे पीछे आई और मुझे गिरीश का ट्राउज़र दिया और टी-शर्ट दिया.
फिर मैंने उसके सामने ही अपनी शर्ट उतार दी.
अब वो तो इसी पल की राह देख रही थी.
मैं रोज जिम जाता हूँ और वर्जिश करना हूँ इसलिए मेरी बॉडी और मेरे मसल्स बहुत अच्छे थे.
मैं मेरे लंड की तेल मालिश भी करता हूँ इस लिए वो भी बहुत ही ज्यादा तगड़ा था.
फिर जैसे ही मैंने अपनी शर्ट उतारी तो वो मेरी बॉडी को देखती ही रह गयी.
फिर उसने मेरी छाती पर अपना हाथ फैरा और बोली कि तुम्हारी बॉडी तो मस्त है.
फिर तभी गिरीश ने उसे बुला लिया, तो में अपने कपड़े बदलकर वापस गया.
अब सेक्सी मधुलिका आंटी अपनी चूत खुजाते खुजाते मेरी राह देख रही थी और अब उस साली बहन की लौड़ी का भी चुदवाने का मन हो रहा था.
फिर जैसे ही में कुर्सी पर बैठा तो वो झट से मेरी गोदी में आकर अपनी मोटी गद्दे दार गांड टेक कर बैठ गयी.
अब मैंने भी अपना नेकर निकाल दिया था इसलिए मेरा लम्बा मोटा मुसल मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ की गांड का ज़्यादा अहसास कर रहा था.
यहाँ भी देखें>> अब में उसकी जाँघ पर अपना एक हथ फैर रहा था और उसकी स्कर्ट को ऊपर उठा रहा था.
फिर मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने कहा कि गिरीश देख लेगा, तो तभी मैंने गिरीश की तरफ देखा, तो वो किताब सामने रखकर मूठ मार रहा था.
फिर मैंने मेरे जिगरी यार की हरामजादी की बात मान ली और में बंद हो गया.
फिर दूसरे दिन मैंने गिरीश को समझा दिया.
फिर जब में उसके घर गया तो गिरीश बाहर चला गया.
अब मधुलिका आंटी मेरी गोदी में आकर बैठ गयी थी.
अब तो खुला मैदान था.
फिर मैंने उस साली के टॉप को ऊँचा उठाया और उसकी लाल रंग की ब्रा के ऊपर से उसके मोटे मोटे मम्मे को दबाने लगा था.
अब मधुलिका आंटी भी इसी वक़्त का इंतज़ार कर रही थी, अब वो कुछ भी नहीं बोल रही थी.
फिर मैंने उनके बूब्स से खेलने के लिए उनके टॉप को भी निकाल दिया और उसकी ब्रा को भी निकाल दिया, क्या मम्मे थे? नर्म-नर्म, गोरे-गोरे, बहुत मोटे.
अब में तो उसे ज़ोर-जोर से मसलने लगा था.
फिर तभी वो कुतिया रांड बोली कि धीरे से मेरे राजा.
तो मैंने अपना हाथ थोड़ा ढीला कर दिया, क्या निप्पल थी? लाल रंग की और अंगूर के दाने जैसी एकदम कड़क हो गयी थी.
फिर मैंने उसकी स्कर्ट को भी निकाल दिया, उसने आज वाईट रंग की पेंटी पहन रखी थी.
अब उस रंडी छिनाल की गोरी गोरी जाँघ देखकर में तो पागल सा हो गया था और उसे जोर जोर से मसलने लगा था आंटी की जांघों पर खूब सारा गोश था.
अब वो भी पूरी तरह तैयार हो गयी थी.
अब उसने मेरी टी-शर्ट और पेंट भी निकाल दी थी.
अब वो मेरे नेकर के ऊपर से मेरे लंड को सहलाने लगी थी.
अब मेरा तो लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था और अब मेरे लंड का टोपा मेरी नेकर से बाहर निकल आया था.
फिर मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी, वाह क्या मस्त भोसड़ा था उस साली कुतिया रांड का? बिल्कुल शेव करा हुआ चिकना भोसड़ा था साली हरामजादी का.
अब वो नंगी होकर मेरी गोदी में अपनी गांड टेक कर बैठ गयी थी और अब उसके दोनों कूल्हों के बीच में मेरा दस इंच का तगड़ा लौड़ा फनफना रहा था.
अब में पीछे से अपनी एक उंगली उस साली कुतिया रांड के चिकने भोसड़े में डाल रहा था और अपने एक हाथ से उसके मम्मे दबा रहा था.
अब वो पूरी तरह से कामुक हो गयी थी और अपने मुँह से आवाजे निकाल रही थी आहह, उईई माँ, अब उसकी साँसे बहुत तेज चल रही थी.
फिर मैंने उस साली हरामजादी को खड़ा कर दिया और उसके गुलाबी मुलायम गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठो को अपने मुँह में डाल दिया था और चूसने लगा था.
फिर उसने अपनी जीभ मेरे मुँह के अंदर डाल दी.
अब में उसकी जीभ को और होंठो को चूस रहा था.
यहाँ भी देखें>> फिर करीब 15 मिनट तक मैंने उसके होंठो को खूब चूसा.
फिर में उसको अपने हाथों में उठाकर बेडरूम में ले गया और बेड पर बैठा दिया.
फिर उसने मेरा लम्बा मोटा मुसल पकड़कर अपने मुँह में डाल दिया और चूसने लगी.
अब मेरे मुँह से आवाज निकल गयी थी आहह, उहह, चूस साली मेरी कुतिया रांड, पूरा लंड अपने गले तक लेकर चूस साली रंडी छिनाल.
फिर इतने में हमारे प्लान के मुताबिक गिरीश भी घर आ गया.
अब गिरीश को देखकर मधुलिका घबरा गयी थी और मेरा लम्बा मोटा मुसल अपने मुँह से बाहर निकाल दिया था.
फिर मैंने कहा कि घबराओं मत आंटी जी आप का लाड़ला बेटा गिरीश भी आप के साथ सेक्स करना चाहता है ये भी आप की गांड मारना चाहता है और आप के मुह में लंड देकर करना चाहता है.
तो इतने में गिरीश भी उसकी माँ के दूध से भरे मोटे मोटे मम्मे जोर जोर से दबाने लगा.
अब तो सेक्सी आंटी और ज्यादा के नशे में चूर हो चुकी थी, अब मेरे हरामजादे दोस्त की सेक्सी माँ को एक साथ दो-दो जवान लंड का मज़ा जो मिलने वाला था.
अब गिरीश ने भी अपने कपड़े उतार दिए थे और का काम लगाने के लिए पूरा नंगा हो चूका था.
अब में मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ की चूत को किसी जंगली की तरह पूरी मस्ती के साथ चाट रहा था और गिरीश उसके मम्मे को चूस रहा था और उसके निप्पल को अपने मुँह में ले रहा था.
अब मधुलिका तो पूरी तरह से नशे में थी.
गिरीश का तगड़ा लौड़ा मुझसे काफ़ी छोटा था.
अब मधुलिका मेरा और गिरीश दोनों के लंड को बारी-बारी चूसने लगी थी, तो तभी इतने में गिरीश ने मेरा लम्बा मोटा मुसल पकड़कर अपने मुँह में डाल दिया.
अब उसको भी मेरा लम्बा मोटा मुसल पसंद आ गया था.
थ्रीसम सेक्स करते करते अब हम तीनों त्रिभुज में हो गये थे.
अब मैं मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ का चिकना भोसड़ा किसी कुत्ते की तरह जोर जोर से चाट रहा था.
अब नंगी मधुलिका आंटी किसी कुतिया की तरह अपने बेटे गिरीश का तगड़ा लौड़ा चाट रही थी और मैं उसकी माँ की चूत चाट रहा था.
फिर थोड़ी देर के बाद मैंने मेरा लम्बा मोटा मुसल मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ के चिकने भोसड़े के अंदर थूक लगाकर डाल दिया.
जैसे ही मेरे लौड़े का गुलाबी सुपाड़ा मेरे दोस्त की नंगी माँ की चूत के अंदर गया तो दर्द के मारे मधुलिका आंटी के मुँह से आवाज निकल गयी उईईईईईई माँ, आहह मर गई रे… अब मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने मेरा लम्बा मोटा मुसल पकड़कर पूरा अपनी चिकने भोसड़े डाल दिया था.
अब में अपने लंड को आगे पीछे करने लगा था और गिरीश का तगड़ा लौड़ा अभी भी मधुलिका के मुँह में ही था.
अब में खड़ा होकर मेरा लम्बा मोटा मुसल मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ की गांड में डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसकी गांड का छेद छोटा था.
यहाँ भी देखें>> फिर मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने कहा कि थोड़ा सा सरसों का कड़वा तेल लगाओ बेटा अपने लौड़े पर एक ही बार में फिसलते हुए मेरी गांड में घुस जायगा.
मेरे दोस्त की माँ के कहने पर मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा सरसों का कड़वा तेल लगाया और मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ की गांड पर भी तेल लगाया और ज़ोर से धक्का दिया, तो मधुलिका चिल्लाई कि फाड़ डाल मेरी गांड, ओह.
अब में पलंग पर सीधा सो गया था, अब मेरे ऊपर मधुलिका भी उसी तरह अपनी गांड में मेरा लम्बा मोटा मुसल डालकर सो गयी थी.
अब में धीरे-धीरे धक्का लगा रहा था.
फिर तभी गिरीश आया और उसने अपना लंड उसकी माँ के चिकने भोसड़े में डाल दिया.
अब नंगी मधुलिका आंटी तो थ्रीसम सेक्स करते करते बहुत ही ज्यादा मस्ती में आ गयी थी.
अब एक तगड़ा लंड उस साली की गरम गांड में था और एक मुसल जैसा लंड उस रांड के चिकने भोसड़े में घुसा हुआ था.
फिर तभी इतने में गिरीश ने अपना सफेद पानी निकाल दिया और मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने कहा कि तुम तो बहुत ढीले हो, 10 मिनट भी नहीं झेल पाए.
यहाँ भी देखें>> अब गिरीश बाहर चला गया था और फिर मैंने अपना पूरा दस इंच का तगड़ा लौड़ा पूरा मेरे जिगरी यार की हरामजादी माँ के चिकने भोसड़े में पेल दिया और उनके साथ चोदा चादी करने लगा .
थ्रीसम चोदा चादी के दौरान अब वो साली रांड बहुत अजीब अजीब सी आवाजे निकाल रही थी और में उसकी जमकर चुदाई कर रहा था.
अब वो रांड बोल रही थी चोद मुझे मेरे राजा बेटा, आज मेरे चिकने भोसड़े के अंदर डाल दे बहुत मज़ा आ रहा है बेटा आज तो तू मुझे समझकर मेरा पूरा नंगा शरीर मसल डाल.
फिर करीब आधे घंटे तक मैंने उस साली रंडी की खूब जमकर चुदाई करी, तो तभी वो झड़ गयी.
अब मेरे दोस्त की सेक्सी माँ के चिकने भोसड़े से सफेद पानी निकल गया था, लेकिन फिर भी में तो उसकी चुदाई करता ही जा रहा था.
फिर मैंने पूरे 1 घंटे तक उस साली कुतिया रांड की हार्डकोर चुदाई करी तो थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से भी सफेद पानी निकल गया.
अब मैंने अपना पूरा माल उसके मुँह में डाल दिया था और वो मेरा पूरा माल पी गयी थी.
फिर मेरे दोस्त की सेक्सी माँ ने कहा कि इतना मज़ा तो मुझे तेरे इस मादरचोद दोस्त के पापा के साथ चोदा चादी से कभी नहीं आया, तुमने तो मेरा प्यासा भोसड़ा चोदकर और गांड मरकर मुझे स्वर्ग की सैर करा दी.
अब हमें जब भी वक़्त मिलता है तो गिरीश मैं और उसकी माँ मिलकर बड़े मजे से करते है.
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स्रोत:इंटरनेट