. मैंने उठ कर गेट बंद कर लिया.
तभी अनिल ने मेरी बहन को गोद में उठा लिया और बेड पर पटक दिया.
मैंने देखा कि मेरी रंडी बहन को मेरी जरा भी शरम नहीं थी.
वो तो चुदाई के नशे में आ चुकी थी.
फिर अनिल उसे चूमने चाटने लगा, उसके बोबे मसलने लगा.
मीनाक्षी भी उसे खाने लगी.
वो कभी अनिल के होंठ खाती, कभी उसके गाल पर चूमती.
मैं पास के सोफे पर बैठा यह सब देख रहा था और मुझे मजा आ रहा था.
मेरा लंड भी खड़ा होने लगा.
फिर अनिल ने मीनाक्षी की टी-शर्ट उतार दी.
वह अब सिर्फ चोली में थी.
चोली में उसके बड़े-बड़े बूब गोरे गोरे फंसे से थे.
वो बड़ी ही मस्त लग रही थी.
अब अनिल मेरी बहन की चोली के ऊपर से उसके मम्मों को चाट रहा था.
चूची चाटते चाटते उसने मीनाक्षी की कैपरी भी उतार दी.
मीनाक्षी अब सिर्फ चोली और पैंटी में रह गई थी.
उसमें वो क्या मस्त माल लग रही थी! सच में दोस्तो, इस वक्त मेरी बहन की नशीली जवानी के सामने सनी लियोनि भी फेल थी.
उसका क्या मस्त दूध जैसा सफेद शरीर … क्या शानदार तने हुए बोबे और सबसे शानदार उसकी उठी हुई गांड … मैं तो उसकी गांड का ही दीवाना था.
मैं हमेशा यही सोचता कि कैसे मैं इसकी गांड को अपने हाथों से भींचू और मसलूँ … कब इसके मस्त छोटे पतले पतले और गुलाबी होंठ चूस लूँ.
अब मुझे लगा कि अब जल्दी ही ये सपना सच हो जाएगा.
तभी अनिल ने मेरी बहन मीनाक्षी की चोली खोल दी और उसके बोबे उछलते हुए बाहर आ गए.
क्या गेंद जैसे मम्मे लग रहे थे.
अनिल मेरी बहन के मम्मों पर झपटा और बुरी तरह से मेरी बहन मीनाक्षी के मम्मों को मुँह में लेकर चाटने और खाने लगा.
वो एक मम्मे को चूसता और दूसरे को अपनी मुठ्ठी में भर कर मसलता … तो कभी दूसरी चूची की चौंच को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगता.
इससे मेरी बहन मीनाक्षी बहुत गर्म होने लगी और ऐसे उसका कंठ ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ करके आवाज निकालने लगा.
वो बिना किसी डर के मजा लेने लगी.
अनिल भी अब तक पूरा नंगा हो गया था, वो मीनाक्षी से बोला- आ जा मेरी कुतिया … मेरी जान … चूस मेरा लंड.
मैंने सोचा मीनाक्षी शायद मेरे यहां होने से शर्म से अनिल का लंड नहीं चूसेगी.
पर वो तो झट से बैठ कर अनिल का लंड पकड़कर सहलाने लगी.
मैं यह देखकर दंग रह गया.
मैंने सोचा कि मेरी बहन तो बहुत बड़ी चुदक्कड़ है, इसे तो थोड़ी भी शर्म नहीं है.
फिर वो अनिल का लंड सहलाती रही.
मेरी बहन ने मेरे दोस्त का लंड एकदम खड़ा कर दिया.
अनिल का लंड वास्तव में बहुत बड़ा था करीब 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड रहा होगा.
मैंने सोचा कि मीनाक्षी इतना बड़ा लौड़ा कैसे ले लेती होगी.
अब मेरी बहन ने लंड को अपने मुँह के करीब किया और धीरे धीरे लंड का सुपारा चाटने लगी.
फिर वो अनिल का पूरा लंड अपने मुँह में अन्दर तक लेने लगी.
वो बीच बीच में जीभ से चाटती और उसके आंड भी चाटती, फिर पूरा लंड अन्दर ले लेती.
बार बार वो लंड और आंड चाटती जा रही थी.
अब अनिल को ही बड़ा मजा आ रहा था.
अनिल फुल मस्ती में हो कर मीनाक्षी को खूब गालियां दे रहा था- हाय मेरी कुतिया … मेरी रांड … खा जा रे मेरा लौड़ा … मजा आ रहा रे रंडी वेश्या! वो ऐसा बोलता जा रहा था.
मैं मन में सोचने लगा कि यार अनिल की क्या किस्मत चमकी है … क्या मस्त दूध जैसा गोरा माल चुदाई के लिए मिल गया.
अनिल अब मीनाक्षी का पूरा मुँह चोदने के बाद उससे बोला- अब कुतिया बन जा.
मेरी बहन बोली- नहीं एक बार आप ऊपर आके डालो … फिर मैं आपकी कुतिया बन जाऊंगी.
ऐसे अन्दर जाएगा नहीं.
फिर अनिल मीनाक्षी की टांगें चौड़ी करके ऊपर आ गया और मीनाक्षी की थोड़ी सी गांड उठा कर अपना बड़ा लंड मेरी बहन की चुत में डालने लगा.
उसका थोड़ा सा लंड मेरी बहन की चूत में अन्दर गया तो मीनाक्षी उछली और उसने अनिल को कस के पकड़ लिया.
उसने लौड़ा खूब चाटा हुआ था तो गीला था.
अनिल ने मीनाक्षी को एक जोरदार झटका दिया, जिससे पूरा लंड अन्दर चला गया.
मेरी बहन के मुँह से एक जोर की चीख निकल गई … तो मैंने मुँह पर उंगली रख के इशारा किया कि चुप रह … कोई जाग जाएगा.
तो मीनाक्षी ने गर्दन हिलाई.
अब अनिल उसकी चूत में जोर जोर से झटके देने लगा.
मीनाक्षी ‘आआह … आऊऊह … ऊईई …’ करके खूब मजे ले रही थी.
कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद मीनाक्षी खुद बोली- अब मुझे घोड़ी बनाकर चोदो.
मैं सोचने लगा कि देखो तो साले अनिल को क्या मस्त सुन्दर सी चूत चोदने को मिली है.
अनिल ने मीनाक्षी को कुतिया बना दिया.
इस वक्त मीनाक्षी का मुँह मेरी तरफ था.
फिर अनिल पीछे जाकर मेरी बहन को चोदने लगा.
उसका पूरा लंड अन्दर जाने लगा और मेरी रंडी बहन मीनाक्षी अपना मुँह चुत जैसा बनाकर ‘अआह … आआह ….
उई … ओह …’ धीरे धीरे मोन कर रही थी.
अब तो अनिल उसकी चुत को फाड़ देने वाले झटके देने लगा और उसने मीनाक्षी की गांड पर जोर जोर से थप्पड़ मारने स्टार्ट कर दिए.
मेरी बहन भी चुदाई का मजा ले रही थी.
अब ये सब देखकर मुझसे रहा न गया और मैंने मीनाक्षी के मुँह के पास जाकर अपना कच्छा नीचे कर दिया.
अपना लंड निकाल दिया और बोला- मीनाक्षी इसे पकड़ के चूस.
वह चुदती चुदती बोली- नहीं.
मैंने कहा- प्लीज़ एक बार तो चूस ले.
अनिल बोला- ले लो ना मेरी जान … इसे भी थोड़ा जन्नत का मजा मिल जाएगा.
मीनाक्षी बोली- ठीक है … पर सिर्फ चूसूंगी … और कुछ नहीं.
मैं बोला- हां ठीक है.
फिर मीनाक्षी ने मेरा लंड पकड़ा और सीधा अन्दर कंठ तक मुँह में लेकर वापस बाहर निकाला और बोली- भाई तेरा लंड अच्छा है … पर अनिल जैसा लम्बा चौड़ा नहीं है.
अनिल पीछे से गांड पर थप्पड़ मारते हुए मेरी बहन को जोर जोर से चोद रहा था.
जिससे मीनाक्षी हिल रही थी और मेरा लंड खुद ब खुद आगे पीछे हो रहा था.
वो मेरा लंड अन्दर बाहर करते हुए चाटने लगी.
वो कुछ ही देर बाद बुरी तरह गांड पीछे करके अनिल का लंड ले रही थी और मेरा भी लंड पूरी मस्ती से चूसने लगी थी.
कुछ ही देर में मैं तो मेरी बहन के मुँह में ही झड़ गया.
वो मेरा पूरा लंड चाट गई.
वो अब झड़ने वाली थी, तब भी उसने मेरा लंड नहीं छोड़ा.
उधर अनिल ने भी स्पीड बढ़ा दी.
फिर दोनों लगभग साथ ही झड़ गए और अनिल ने अपना सारा पानी मीनाक्षी के गांड और उसकी पीठ पर छोड़ दिया.
वे दोनों गिर गए और कुछ देर नंगे ही पड़े रहे.
दोस्तो, आगे कैसे अनिल ने मेरी बहन मीनाक्षी को कैसे चोदा … उसने क्या क्या किया … उसकी शादी के बाद भी उसको कैसे चोदता रहा और उसे अपनी रखैल जैसी बनाए रखा, वो सब अगले भाग में लिखूंगा.
धन्यवाद.
लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दी जा रही है.
स्रोत:इंटरनेट