. धमाकेदार चुदाई के दर्द से नंगी बहन चिल्ला उठी चूत भी सूज गई दोस्तों हम भाई बहन के अवैध शारीरिक सम्बन्ध बनाने और चुदाई करने की यह दर्दनाक घटना आज से करीब तिन महीने पहले की है. जिसने हम भाई बहन के रिश्ते का रूप बदल कर रख दिया.
मेरी वर्जिन बहन दिखने में एकदम गोरी-चिट्टी है, मैं हमेशा से अपनी बहन का दीवाना रहा हूँ क्यूँकि पापा 2-3 महीने में एक बार घर आते थे और घर में, मम्मी और बहन ही रहते थे.
मेरी कामुक बहन कॉलेज कम ही जाती थी और मैं भी एम.
बी.
ए.
के बाद कुछ दिन घर पर छुट्टी बिताने आया था.
मेरी वर्जिन बहन घर में अपने जवान और सेक्सी जिस्म पर एक दम चुस्त सलवार सूट पहनती थी, जिसमें उसके आगे से एक दम गोल मटोल चूचे और पीछे उसके मोटे मोटे कूल्हों का आकर बहुत मस्त दिखाई देते थे.
उन्हें देख कर मेरा कड़क पेनिस हमेशा खड़ा रहता था.
दोस्तो, जैसा कि कहानियों में लिखा होता है उतनी आसानी से मम्मी या बहन नहीं पटती, उसे पटाने के लिए मैंने भी बहुत पापड़ बेले और दिन उसे पटा ही लिया.
अब मैं बताता हूँ कि मैंने मेरी वर्जिन बहन की सील पैक वर्जिन चूत की धमाकेदार चुदाई करी और उसकी चूत सुजा डाली…मैं उसे देखता था, यह बात उसे पता थी और मेरी कामुक बहन मेरा खड़ा हुआ कड़क पेनिस देखा करती थी.
कई बार मैंने उस वर्जिन लड़की को नंगी होकर नहाते हुए भी देखा था और सोने का नाटक करके उसे अपना नंगा कड़क पेनिस भी दिखाया था.
हम भाई बहन दोनों ही वर्जिन थे इस लिए पहली बार चोदा चादी करने की आग दोनों तरफ लगी थी.
फिर एक दिन मुझे मौका मिल गया मेरी कुंवारी बहन की सील पैक वर्जिन चूत में अपना कड़क पेनिस पेलकर उसकी चूत फाड़ने का.
मेरी नानी स्वर्ग सिधार गयी थी अर्थात उनकी मृत्यु हो गई थी, तो मम्मी को मेरी नानी माँ के घर जाना पड़ा और घर में हम जवान भाई बहन दोनों ही अकेले थे.
बहन की वर्जिन बुर को चोदने का यह हसीन मौका मैं खोना नहीं चाहता था.
मेरी कामुक बहन रसोई में खाना बना रही थी और एक दम चुस्त सलवार सूट पहने हुए थी.
उसके जवान और सेक्सी हुस्न को देख कर ही मेरा कड़क पेनिस खड़ा हो गया.
मैं सिर्फ़ बनियान और चड्डी में था, मैंने उसे पीछे से जाकर पकड़ लिया, मेरी कामुक बहन एकदम से डर गई और अलग हो गई.
तो मैंने कहा- क्या हुआ? मेरी कामुक बहन बोली- भैया.. क्या कर रहे हो? मैंने बहाना बना दिया कि तुझे डरा रहा था और फिर से उसके पीछे से चिपक गया.
तो उस बहन की लौड़ी ने फिर मना किया- क्या कर रहे हो? तो मैं बोला- अपनी छोटी बहन को प्यार कर रहा हूँ.
अब उस बहन की लौड़ी ने ज़्यादा विरोध नहीं किया और खड़ी रही.
लेकिन जब मेरा कड़क पेनिस उस कुंआरी कन्या की कूल्हों की दरार में छुआ तो मेरी कामुक बहन थोड़ा आगे को हो गई, ताकि मेरा कड़क पेनिस उस कुंआरी कन्या की कूल्हों से हट सके.
लेकिन मैं तो उसे चोदकर बहनचोद बनना चाहता था, तो मैं भी थोड़ा आगे को हुआ और फिर से कड़क पेनिस टिका दिया.
अब उसका चेहरा लाल हो गया और छूटने के लिए कसमसाने लगी और बोली- भैया छोड़ो ना.. क्या क्या रहे हो… मैं मम्मी और डैड को बोलूँगी की आप मेरे साथ जबरदस्ती सेक्स करने की कोशिक कर रहे थे..!लेकिन मैंने नहीं छोड़ा और पीछे से ही उस कुंआरी कन्या की गर्दन पर एक चुम्मा लिया और अपने नुकीले दातों से उसकी गर्दन पर हल्का हल्का काटने लगा.
तो उस बहन की लौड़ी ने मुझे डराना चाहा, बोली- मैं आपकी इस गन्दी हरकत के बारे में पापा और मम्मी को बता दूँगी.
फिर मैंने उसे कहा- तू एक जवान लड़की है, तेरा मन भी चुदवाने को करता होगा..! उसे मुझ हरामी से ऐसे सवाल की उम्मीद नहीं थी, मेरी कामुक बहन शरमा गई और कुछ नहीं बोली.
अब मैंने उसे एक और चुम्बन लिया तो मुझसे छूट कर चली गई और उस बहन की लौड़ी ने अपना कमरा लॉक कर लिया.
फिर मैंने उसे सॉरी बोलते हुए कमरा खुलवाया और रूम में अन्दर जा कर रूम लॉक कर लिया.
तो मेरी कामुक बहन बोली- यह क्या कर रहे हो?मैंने मेरी वर्जिन बहन को मेरे वर्जिन लंड से अपनी वर्जिन चूत चुदवाने के लिए समझाया और कहा- प्लीज़ मान जाओ मेरे साथ सेक्स करने के लिए, हम भाई बहन अब जवान हैं और हम दोनों को सेक्स की जरूरत है.
मैंने उसके हाथ पर हाथ रखा और अपनी तरफ खींचा और उसके गाल पर पप्पी देने लगा.
मेरी कामुक बहन बोली- यह पाप है… हम सगे भाई-बहन हैं और अगर किसी को पता चल गया तो समाज में बदनामी हो जाएगी.
तब मैंने उसे समझाया- किसी को पता नहीं चलेगा… यह बात हम जवान भाई बहन दोनों के बीच ही रहेगी..! और उस के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
मेरी कामुक बहन छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उसे ढीला नहीं छोड़ा, कुछ देर में मेरी कामुक बहन भी अपनी पहली चुदाई के लिए गर्म होने लगी और उस बहन की लौड़ी ने छूटने की कोशिश छोड़ दी.
तभी मैंने उसके मोटे मोटे बूब्स पर हाथ रखा और बड़े प्यार से सहलाना शुरु कर दिया.
15 मिनट तक ऐसा ही चलता रहा, फिर मेरी कामुक बहन भी मेरा साथ देने लगी.
फिर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके चूचे दबाने लगा और मेरी कामुक बहन सीत्कारने लगी- आआअहह्हा अहहहा..! मैंने मौके का फायदा उठाते हुए उस कुंआरी कन्या की सलवार का नाड़ा खोल दिया और सूट भी उतार दिया.
अब मेरी कामुक बहन मेरे सामने ब्रा और पैन्टी में थी.
आह दोस्तो.. क्या लग रही थी..! मैं बता नहीं सकता… उफ्फ उसके गोरे बदन पर काली ब्रा-पैन्टी…ओह्ह पूछो मत..बिल्कुल अप्सरा दिख रही थी..! फिर मैंने ब्रा के ऊपर से ही उसके दूध दबाने लगा.
मेरी कामुक बहन सिसकारियाँ भरने लगी और ‘आआआहह आआहह’ करने लगी.
धीरे-धीरे मैंने उस के पेट पर हाथ फिराते हुए उस कुंआरी कन्या की जाँघों पर ले गया और सहलाने लगा.
उस बहन की लौड़ी ने मेरा हाथ अपनी जाँघों में दबा लिया और अकड़ गई.
अब मैंने उस कुंआरी कन्या की ब्रा भी खोल दी और दूध को पीने लगा और एक हाथ से उसका दूसरा निप्पल दबाने लगा.
मेरी कामुक बहन तड़प उठी और बोली- उई माँ.. उमह… आह… भैया रहने दो ना.. प्लीज़ अब और नहीं मैं मर जाऊँगी उई माँ…आअहह आहह..! तभी मैंने पैन्टी के ऊपर से ही उस कुंआरी कन्या की चूत पर हाथ रखा और सहलाने लगा.
उस बहन की लौड़ी ने मेरा लण्ड पकड़ लिया और अचानक छोड़ दिया.
मैं बोला- क्या हुआ जान? तो बोली- यह तो बहुत मोटा और बड़ा है.. मेरे अन्दर नहीं जाएगा.
तब मैंने अपना चड्डी उतारा और अपना खड़ा हुआ कड़क पेनिस उसके सामने कर दिया और कहा- जान किस करो न.. इसे..! मेरी कामुक बहन बोली- नहीं मुझसे नहीं होगा.
तब मैंने उस कुंआरी कन्या की पैन्टी भी उतार दी और अब हम जवान भाई बहन दोनों बेड पर नंगे थे और एक-दूसरे से लिपटे हुए थे.
मैंने उस कुंआरी कन्या की चूत पर हाथ रख और एक उंगली चूत के अन्दर घुसेड़ दी.
मेरी कामुक बहन तड़प उठी और मेरे कड़क पेनिस को ज़ोर से दबा कर पकड़ लिया.
ओऊऊ..ओह गॉड.. क्या नजारा था..! मैंने अपना कड़क पेनिस उस के होंठों के पास रखा और मुँह में देने लगा.
कुछ देर मना करने के बाद मेरी कामुक बहन मजे से चूसने लगी और मेरे मुँह से सिसकारी निकलने लगी- आहहाअ…अहहहा.. इस काम को करते हुए हमें 15 मिनट हो गए थे और मेरी कामुक बहन एक बार झड़ चुकी थी.
फिर मैंने उसक कुंवारी लड़की के मुँह से अपना कड़क पेनिस निकाला और उसके गोल मटोल बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा.
मेरी कामुक बहन बोली- भैया, अब चोद भी दो ना.. अब रुका नहीं जा रहा है…! मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा तो मेरी कामुक बहन डरते हुए घोड़ी बन गई, मैं अपना कड़क पेनिस उस कुंआरी कन्या की चूत पर रगड़ने लगा.
मेरी कामुक बहन लगातार सिसकारियाँ भर रही थी और कह रही थी- प्लीज़.. जान डाल दो न …अन्दर प्लीज़ भैया चोद दो.. अपनी बहन को..! मैंने कड़क पेनिस उस कुंआरी कन्या की चूत पर रखा और हल्का सा धक्का लगाया, तो कड़क पेनिस अन्दर नहीं गया, क्योंकि उस कुंआरी कन्या की चूत बहुत कसी थी.
मेरी कामुक बहन दर्द से कराह कर आगे को हो गई लेकिन मैंने उसे फिर से कस कर के पकड़ा और थोड़ा ज़ोर से धक्का लगाया तो कड़क पेनिस का टोपा अन्दर गया.
मेरी कामुक बहन दर्द से चिल्ला उठी- प्लीज़ निकाल लो… वरना मैं मर जाऊँगी.. प्लीज़ भैयाया..! और उस कुंआरी कन्या की आँखों से आँसू निकल रहे थे.
तभी मैंने एक और धक्का लगाया तो कड़क पेनिस आधा अन्दर घुस गया और उस के मुँह से ज़ोरदार चीख निकली- उउइईईई ममाआआआ मर गई आआआआआहह.. मेरी कामुक बहन जोर से रो रही थी, मैंने उसका मुँह नहीं पकड़ा हुआ था, क्योंकि घर बंद था और हमारे बंद घर से बाहर आवाज़ बिलकुल भी नहीं जाती थी.
मैं ऐसे ही रुका रहा, उस कुंआरी कन्या की चूत से खून निकल रहा था.
मेरी कामुक बहन आगे की तरफ़ झुकी ताकि छूट सके लेकिन उस कुंआरी कन्या की इस हरकत से कड़क पेनिस और टाइट हो गया.
अब उसका मुँह नीचे बेड पर टिका था और घुटने उठे हुए थे.
‘उओ आआहह आअहह चिल्ला’ रही थी और मुझसे बाहर निकालने के लिए कह रही थी लेकिन मैंने नहीं छोड़ा, मुझे मालूम था कि यदि इसको ऐसे ही छोड़ दिया तो फिर मेरी कामुक बहन कभी अन्दर नहीं डलवाती.
कुछ देर मैं ऐसे ही रुका रहा और उसके चूचे दबाता रहा.
मेरी नंगी बहन कुछ देर बाद नॉर्मल हुई किन्तु उसकी में अब सूजन आने लगी थी और खून भी निकल रहा था.
खैर मैंने उसकी फटी हुई बुर की सूजन को अनदेखा करते हुए फिर से खतरनाक तरीके से जोरदार धक्के लगाने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे पूरा कड़क पेनिस अन्दर डाल दिया.
मेरी कामुक बहन अभी भी दर्द से कराह रही थी, लेकिन कुछ ही देर में नॉर्मल हो गई और अपने मोटे मोटे कूल्हों को उठा उठाकर मेरे लंड पर मारने लगी और सेक्स करने में मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी.
चुदते चुदते मेरी नंगी बहन के मुँह से दर्द भरी आवाजें निकल रही थीं जो मेरा जोश और ज्यादा बढ़ा रही थी.
चुदाई से ‘छप-छप’ की आवाजों के कारण कमरा गूँज रहा था.
धकापेल चुदाई के बाद अब मैं झड़ने वाला था और तेज-तेज धक्के लगा रहा था, हर धक्के पर उसके मुँह से ‘आअहह’ निकलती.
लगभग एक घंटे की खतरनाक धमाकेदार चुदाई के बाद मैं उस कुंआरी कन्या की चूत में झड़ गया.
इस बीच मेरी कामुक बहन भी दो बार झड़ चुकी थी.
झड़ने के बाद मैं उस के ऊपर लेट गया और उसे चूमने लगा.
उससे पूछा- कैसा लगा..! तो बोली- पहले बहुत दर्द हुआ, लेकिन बाद में मजा आया.
फिर कुछ देर बाद हमने एक-दूसरे को चूमना चालू किया और हम फिर से तैयार हो गए.
वह साली बहन की लौड़ी मना कर रही थी, लेकिन चुदने के लिए बिलकुल गरम थी सो सेक्स करने के लिए मान गई और उस रात हमने 6 बार सेक्स करा.
रात की धमाकेदार चुदाई के कारण सुबह मेरी कामुक बहन दर्द के कारण सही से चल भी नहीं पा रही थी और चलते चलते मेरी कामुक बहन दर्द के मारे जोर जोर से चिल्ला भी रही थी.
रात की धमाकेदार चुदाई के कारण उस कुंआरी कन्या की चूत भी फटकर बहुत ज्यादा सूज गई थी.
तभी मेरे मोबाइल फोने मर मेरी मम्मी का कॉल आया और उन्होंने बताया की 7 दिन बाद घर आएंगी..! तो अब हम जवान भाई बहन दोनों बिल्कुल आज़ाद थे, हम घर में नंगे ही घूमने लगे और जब दिल करता चुदाई शुरू कर देते.
स्रोत:इंटरनेट