. माया मॉम चहकती हुई बोलीं- पक्का नहीं बोलोगे … मैं जो बोलूँगी, वो करोगे? मैं- हां मॉम आज आप मांग कर देख लो.
माया मॉम- ठीक है, तुम पहले अपनी पूरी पैंट उतारो.
मैं- जैसा आप बोलें मॉम.
मैंने एक झटके में अपना पैंट उतार दिया.
रात को मैं अंडरवियर पहन कर नहीं सोता हूँ तो मेरा लंड खुली हवा में फनफनाने लगा.
माया मॉम- बाप रे.
मॉम का मुँह खुला का खुला रह गया.
मेरा लंड पूरा खड़ा था.
माया मॉम अपने मन में अपने पति के लंड से, बेटे के लंड की तुलना कर रही थीं.
उन्होंने देखा कि उनके पति प्रण के लंड के सुपारे से मेरे लंड का सुपारा चार गुना मोटा है और लंड भी दुगना बड़ा है.
लंड की मोटाई भी काफी ज़्यादा है.
माया मॉम- बेटा क्या मैं तुम्हारा लंड मुँह में लेकर चूस सकती हूँ? मैं- मॉम ,आपकी जो जरूरत हो, आप वैसा कर लीजिए … मैं आपको मना नहीं करूंगा.
इतना बोलते ही मॉम ने झट से अपने मुँह के अन्दर मेरे लंड का सुपारा ले लिया और उसको जोर जोर से चूसने लगीं.
वो लंड को हल्का हल्का काटने भी लगीं और अपने मुँह के थूक से उसको रसीला करने लगीं.
वो बार बार लंड के बाहर चूसतीं और फिर से पूरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगतीं.
वो एक पल के लिए भी लंड नहीं छोड़ रही थीं.
मेरा बदन झनझना रहा था और मस्त होने लगा था.
मैंने कई लड़कियों को चोदा था पर आज मेरी मॉम मेरे लंड को सपर सपर करके चूस रही थीं तो मुझको कुछ ज़्यादा ही अच्छा लग रहा था.
माया मॉम कभी मेरे लंड के सुपारे को चूसतीं तो कभी अन्दर लेकर गले तक लंड को चूसने लगतीं.
कभी मेरी मॉम मेरे टट्टे चाट लेतीं, तो कभी उनको मुँह में लेकर चुसकने लगतीं.
मैं खुद भी काफी गर्म हो गया था और मुझे अपने सामने एक चुदासी चूत दिखाई दे रही थी.
मेरी मॉम की सामने से खुलने वाली नाइटी के बटन खुले पड़े थे और मेरी मॉम के मस्त मम्मे मुझे दीवाना बना रहे थे.
मॉम ने अपनी चूत पर पैंटी पहनी हुई थी.
मुझे उनके हिलते हुए मम्मे वासना से उत्तेजित कर रहे थे.
मॉम ने मेरी नजरों का पीछा किया और अपने एक हाथ से मेरे एक हाथ को पकड़ कर अपने मम्मों पर रखवा दिया.
कुछ देर बाद मॉम ने मेरा हाथ लेकर अपने मम्मों से रगड़ कर बोलीं- जोर जोर से दबाओ न मेरे मम्मों को.
एक तरफ माया मॉम अपने बेटे का लंड को मस्ती से चपर चपर करके चूस रही थीं, लंड एकदम टाइट हो गया था और दूसरी तरफ वो मुझसे अपने दूध दबवा रही थीं.
यह सिलसिला कुछ 15 से 20 मिनट तक चला.
मैं माया मॉम को बोला- मॉम, अब रुक जाओ, मुझे सुसु लग रही है, मैं करके आता हूँ.
बाद आप में फिर से चूस लेना.
माया मॉम- बेटा, तुम टेंशन मत लो.
मैं हूँ ना.
तुमको कहीं जाने की जरूरत नहीं है.
ये कह कर माया मॉम और जोर जोर से लंड चूसने लगीं.
वो मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाने भी लगीं.
तभी मैं अकड़ गया और मेरी माया मॉम को अपने मुँह में जैली आती सी महसूस हुई.
वो पहले ही समझ गयी थीं कि मेरे लंड का रस निकलने वाला है; वो लंड को दबा दबा कर चूसने लगीं.
मैं झड़ता गया और मॉम अपने बेटे का लंड चूसती गईं.
उन्होंने मेरे लंड की एक बूंद भी नहीं छोड़ी.
खैर … मुझको भी मालूम था कि मेरे लंड से क्या निकलने वाला है, पर मैं अपनी बदमाशी छुपाए रहा था.
लंड साफ़ करके माया मॉम उठ गईं.
फिर उन्होंने चादर से मेरे लंड को अच्छे से साफ़ कर दिया.
माया मॉम- प्रतीक आज तुम्हें कैसा लगा … पसंद आया कि मैंने तुम्हारे लिए ये किया? मैं- मॉम आप तो कोई अप्सरा हो.
मुझे इतना सुकून कभी नहीं मिला.
माया मॉम- अभी तो मेरे पास और भी बहुत कुछ है मेरे प्यारे बेटे के लिए.
मैं- सच … वो कब मिलेगा मॉम? माया मॉम- जितनी जल्दी तुम नहा कर नाश्ता कर लोगे और मेरा काम खत्म होगा, उतना जल्दी मिलेगा.
मैंने कहा- क्या मैं जान सकता हूँ कि मुझे क्या मिलेगा? मॉम ने लंड सहलाते हुए कहा- इसे इसके लिए एक घर मिलेगा.
मैंने कहा- क्या वो घर मुझे देखने मिल सकता है? मॉम मुस्कुरा दीं और बोलीं- हां जरूर दिखा तो दूंगी … पर अभी मिलेगा नहीं.
मैंने कहा- दिखाओ.
मॉम खड़ी हो गईं और उन्होंने अपनी नाइटी उतार दी.
फिर पैंटी नीचे खिसका दी.
मेरे सामने मेरी मॉम की साफ़ चूत नुमाया होने लगी थी.
मेरा लंड गुर्राने लगा.
मॉम हंस दीं और मेरे लंड को मरोड़ कर बोलीं- अभी नहीं … लंच के बाद जब तेरी दोनों बहनें घर से कॉलेज चली जाएंगी, तब तू मुझे चोद लेना.
मैं उठा और मॉम को किस करके तुरंत नहाने चला गया.
दोस्तो आज यहीं तक.
देखिए मैं बहुत अच्छा राइटर तो नहीं हूँ, पर कोशिश कर रहा हूँ कि आपको मजा दिन.
यदि आपको लगता है कि मैं और अच्छा लिख सकता हूँ, तो आप प्लीज अपनी राय मुझे नीचे दिए गए किसी भी माध्यम से दें.
मुझे अच्छा लगेगा.
मैं मॉम के प्यार और ममता को उतनी अच्छी तरह से नहीं जानता हूँ.
आप लोग मुझे उस प्यार का अहसास दिला सकें, तो बहुत आभारी रहूंगा.
धन्यवाद.
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स्रोत:इंटरनेट