. मैंने कहा कि थूको मत … रस पी जाओ.
उसने मुँह हिलाकर मना किया.
मगर मैंने उसको पकड़ लिया और होंठ दबाकर कहा- पी जाओ प्लीज़.
मैंने उसको जबरदस्ती वीर्य पिला दिया.
मेरे लंड का वीर्य तो उसके गले से उतर गया था, पर उसके चेहरे पर एक अजीब गुस्सा आ गया था.
मैंने उसको कसके पकड़ लिया, मगर उसने मुझे धक्का दे दिया.
मैंने उसको फिर से पकड़ा और चूमना शुरू कर दिया.
वो मुझसे दूर जाने की कोशिश कर रही थी.
यह हमारी मस्ती चलती रही.
मेरा लंड फिर से टाइट हो चुका था.
उसने लंड की सख्ती को देखा तो हैरानी से कहा- अभी तो इसे मैंने मुँह से निकाला था और इतनी जल्दी फिर से खड़ा हो गया, ये लंड है या मशीन? वो मेरे लंड के खड़े हो जाने से अचरज में थी.
पर खुश भी हो गई थी.
अब उसके सर से वीर्य पिलाने का गुस्सा उतर गया था और वो अपने मूड में फिर से आ गई थी.
अब वो लंड की सवारी के लिए वो कामुकता की चरम सीमा पर आ गई थी.
मैंने उसकी चुत में उंगली अन्दर बाहर हिलाना शुरू किया.
उसकी सिसकारियां निकलना शुरू हो गईं.
मैंने अपनी उंगली को थूक से चिकनी की और उसकी चुत में अन्दर तक पेल कर घुमाई ताकि चुत अन्दर तक चिकनी हो जाए.
वो लंड लेने के लिए मचल रही थी.
मैंने उसे चुदाई की पोजीशन में लिया और अपना लंड उसकी चुत की फांकों से लगा दिया.
उसको तो जैसे करेंट लग गया था.
उसके शरीर की सिहरन बता रही थी कि वो लंड लगने से उसके पूरे बदन में संवेदना हुई थी.
मैंने अपने लंड के टोपे को उसकी चुत के बाहरी हिस्से में घिसना शुरू कर दिया.
उसकी सिसकारियों की बौछार सी होना शुरू हो गई.
उसे पूरे बदन में, रोम रोम में, उर्जा का विस्पोट हो रहा था और बदन हिल रहा था.
मैंने लंड को उसकी चुत की फांकों में फंसा दिया और उसके होंठों पर अपने होंठों को जमाते हुए अन्दर घुसा दिया.
वो एकदम से लंड घुसने से चिल्ला उठी, मगर उसकी चीख बाहर न निकल पाई.
मैंने उसको अपनी बांहों में कसके जकड़ लिया.
उसकी सांस चढ़ी हुई थी.
मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और वो धीर धीरे शांत हो गई.
अब वो मुझे भी फ्रेंच किस करने लगी.
मैंने अपने लंड को उसकी चुत में बिना हिलाए डाले रखा और उसे मज़ा देने लगा.
हम दोनों किस करने में मशगूल थे.
उसने भी अब धीरे धीरे अपनी गांड हिलाना शुरू कर दिया … ताकि लंड अन्दर बाहर होने लगे.
मैंने उसकी गांड हिलते महसूस की, तो उसके पैरों को पूरा फैलाया और धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करने लगा.
उसको मज़ा आने लगा, उसने दोनों हाथों से मुझे छोड़ कर चादर पकड़ ली और हाथों की मुट्ठी से कस ली.
मैं लगातार लंड हिला रहा था.
लंड भी टाइट हुए जा रहा था.
उसकी चुत भी गरम होती चली जा रही थी.
वो मादक और कामुक सिसकारियों पर सिसकारियां निकाल रही थी.
हम दोनों को लंड चुत की रगड़न से बहुत मज़ा आ रहा था.
उसकी चुत बेहद टाइट हो चुकी थी और मेरा फंस फंस कर अन्दर बाहर हो रहा था.
तभी उसने अपने बदन को अकड़ा दिया और वो पानी पानी हो गई.
उसकी चुत के झड़ते ही मेरे लंड को चिकनाई मिल गई और मैंने उसको अब स्पीड में अन्दर बाहर करते हुए चोदना शुरू कर दिया.
वो कुछ ही धक्कों में फिर से चार्ज हो गई और हम दोनों मूड के फिर से चरम सीमा पर पहुंच गए थे.
उसकी आंखें लंड के धक्कों से बंद हो गई थीं.
वो पूरी तेजी से अपनी गांड हिला रही थी.
हम दोनों का स्खलन अपने अंतिम पड़ाव पर आ गया था.
मैंने लंड को अब बड़ी तेजी से अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
लंड चुत का मिलन इतनी तेजी से हो रहा था कि ठप ठप की आवाज़ आने लगी थी.
उसे बहुत मजा आ रहा था, मुझे भी बेहद आनन्द मिल रहा था.
हम दोनों इस समय एक अलग ही दुनिया में पहुंच गए थे.
तभी मेरा लंड वीर्य की बारिश करने के लिए तैयार हो उठा था.
मैं बड़ी तेजी से चुत को लंड से ठोक रहा था.
उसके मुँह से सिसकारियां निकले जा रही थी- अया ऊओह ह्म्म्म्म … मैं गईई! उसकी सांसें फूली हुई थीं.
तभी मेरे लंड से वीर्य की बारिश हो गई.
मैंने उसको और उसने मुझको अपनी बांहों की गिरफ्त में इस कदर ले लिया लिया था कि हमारे बीच से हवा भी नहीं निकल पा रही थी.
मैंने लंड को पिचकारियां मारने के लिए खुला छोड़ दिया था.
लंड ने अपनी गर्मी उसकी चुत में निकाल दी थी.
मैंने स्खलन के बाद कुछ देर के लिए लंड को चुत के अन्दर ही रहने दिया.
फिर जब लंड बाहर निकाला, तो वो और मैं बिल्कुल थक चुके थे.
उसकी चुत का रज मेरे वीर्य के साथ निकल रहा था.
उसने मस्ती करना शुरू कर दिया.
वो कहने लगी- अब इस रस को चाट लो और पी जाओ सब.
मैंने भी उसकी आंखों में देखा और आंख दबाते हुए नीचे आकर उसकी चुत से मुँह लगा दिया.
उसने भी अपनी टांगें खोल दीं और मुझे चुत चुसवाने का मजा लेने लगी.
उसको मज़ा आने लगा था.
मैंने चुत का सारा पानी पी लिया.
मेरे मुँह में सारा पानी भरा हुआ था.
मैंने उसको मुँह खोल कर दिखाया.
वो देखते ही रह गई.
उसने कहा- अब इसे थूक दो.
मगर मैंने मुँह हिलाकर मना किया और सारा पानी उसके सामने ही पी गया.
फिर मैंने उसको चूमना शुरू किया.
उसने भी मेरे मुँह को चूसते हुए हम दोनों के रज और वीर्य का स्वाद लेना शुरू कर दिया.
इस तरह हमने थोड़ा फोरप्ले किया और दोनों नंगे ही एक दूसरे की बांहों में सो गए.
इसके बाद हम दोनों की और भी मुलाकातें हुईं.
जब जब हॉस्पिटल में वो अकेली होती, तो मुझे बुला लेती और हम दोनों चुदाई के मज़े ले लेते! इस मस्त नर्स के साथ मेरी चुदाई की और भी मस्त कहानियां हैं … मैं एक एक करके सब लेकर आऊंगा.
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स्रोत:इंटरनेट