. पड़ोसन भाभी की सील बंद गांड चोदकर होली मनाई फिर सपना भाभी अपने पति को थोड़े दिन के लिए उनके शराबी दोस्तों के साथ मेरे द्वारा बताये गए नशा मुक्ति केंद्र भेज दिया.
अब पड़ोस में रहने वाली कामुकता से भरी सपना भाभी घर में बिलकुल अकेली हो गयी थी इस वजह से मेरा उनके घर आना जाना बढ़ गया था.
दोस्तों मैं उनके उप्पर गंदी नजर रखता था और उनकी इज्जत लूटकर अपनी हवस शांत करना चाहता था बस मुझे अपनी हवस शांत करने के लिए सही मौका का इंतजार था.
फिर होली से एक दिन पहले जब मैं पड़ोसन भाभी से मिलने उनके घर गया तो वो बहुत ज्यादा उदार थी.
जब मैंने उनसे उनकी उदासी का कारण पूछा तब उन्होंने मुझे बताया कि कल होली का त्यौहार है और इस बार उन्हें होली अकेले ही मनानी पड़ेगी बस इसी वजह से वह उदास हैं.
मैंने कहा अरे भाभी जी बस इतनी सी बात है क्या चलो अब आप जल्दी से खुश हो जाओ और अब आपको उदास होने की जरा भी जरूरत नहीं है क्योंकि कोई बात नहीं इस होली के त्यौहार पर आपके पति आप के साथ नहीं है तो इस बार आप होली का त्यौहार अपने इस देवर के साथ मना लेना.
मुझे भाभी के घर काफी ज्यादा देर हो चुकी थी इस लिए मैं उन्हें होली खेलने की तैयारी रखने की बोलकर अपने घर आ गया और घर आकर मैंने भाभी को याद करके उनके नाम की मुठ मारी.
अगले दिन होली के त्यौहार पर मैंने खूब भांग पी और फिर भांग के और उनकी इज्जत लूटकर अपनी हवस शांत करने के लिए पहुंच गया.
भाभी मुझे देख कर बहुत खुश हो गईं.
मैंने कहा की भाभी जी मैं आपके साथ होली खेलने आया हूँ क्या आप तैयार हो मेरे रंगों में रंगने के लिए? भाभी मुझसे बोली की बही रुको देवर जी पहले मैं कपड़े बदल लेती हूं फिर मेरे शरीर पर रंग लगा लेना.
यह कहकर कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी अपने बेडरूम में कपड़े बदले के लिए चली गईं.
दोस्तों आज मैं होली खेलने के बहाने पड़ोसन भाभी की इज्जत लुटने और अपनी हवस शांत करने आया था इस लिए थोड़ा सोचने के बाद मैं भी पड़ोसन भाभी के बैडरूम की तरफ चल दिया.
मैंने देखा भाभी बैडरूम में बिलकुल नंगी थीं और अलमारी से कपड़े निकाल रही थीं मेरे साथ होली खेलने के लिए मगर उन्हें पता नहीं था की जो खेल मैं उनके साथ खेलने आया हूँ उसे बिना कपड़ों के नंगा होकर ही खेला जाता है.
दोस्तों यदि आप समझदार हो तो आप समझ चुके होने की मैं किस खेल की बात कर रहा हूँ यदि फिर भी आप को समझ नहीं आया तो मैं आप को बता दूँ की मैं चुदाई करने वाले खेल की बात कर रहा हूँ.
मैं भांग के नशे में था और पड़ोसन भाभी को बीना पकड़ो के बिलकुल नंगी देख कर मेरा लंड उनकी चुदाई करने के लिए खड़ा हो गया.
दोस्तों अब मेरी कामवासना अपने चरम पर पहुँच चुकी थी और अब मेरी हवस शांत करने का एक मात्र तरीका था पड़ोसन भाभी की चुदाई.
मैंने जल्दी से अपने दोनों हाथों में लाल लाल रंग लिया और जा कर पीछे से नंगी भाभी को पकड़ लिया और उनके गोर गोर गालों पोर लाल लाल रंग लगा दिया.
पड़ोसन भाभी मेरी इस हरकत से बहुत ज्यादा डर गईं क्योंकि यह सब अचानक से हुआ था उनके साथ.
इसके बाद भाभी ने मुझे धक्का मारा और गुस्सा हो गईं तो मैंने उनसे माफी मांगी.
लेकिन भाभी के मोटे मोटे स्तनों को देखकर मेरे अन्दर की हवस भड़क उठी और एक बार फिर मेरी नियत बिगड़ गयी.
अब मैंने मेरी हवस शांत करने के लिए नंगी पड़ोसन भाभी को पकड़ कर उनके सच चुम्मा चाटी करना शुरू कर दिया.
पहले तो भाभी ने आना कानी करी मेरे साथ चुम्मा चाटी करने से लेकिन वो शादी शुदा होने के बावजूद भी बहुत दिनों से लंड की भूखी थीं इसलिए उन्होंने अपनी कामवासना को शांत करने के लिए मेरा साथ देना ही उचित समझा.
अब नंगी पड़ोसन भाभी मेरे कपड़ों के ऊपर से ही मेरा खड़ा लौड़ा पकड़ कर मुझसे बोलने लगी की प्लीज देवर जी आज मेरे इस नंगे जिस्म को बहुत अच्छे से रंग दो और आज मेरे साथ ऐसी होली खेलना जो मुझे जिन्दगी भर याद रहे.
इतना सुनते ही मैंने ब्लोजॉब करवाने के लिए अपना खड़ा लंड पेंट से बाहर निकाला और उनके मुँह में डाल दिया.
नंगी पड़ोसन भाभी भाभी मेरे लंबे मोटे लंड को बड़ी उतावली होकर चूसने लगी.
कुछ देर बाद मैंने नंगी पड़ोसन भाभी को चोदकर उनकी होली यादगार बनाने के लिए उन्हें लिटाया और मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से चाटने व चोदने लग गया.
भाभी की चूत किसी वर्जिन लड़की की सील बंद चूत के जैसे बहुत ही ज्यादा टाइट थी.
करीब दस मिनट मैंने नंगी पड़ोसन भाभी की चूत को अपनी जीभ से चोदा होगा की इतने में ही उनकी बुर ने चिपचिपा सफेद पानी छोड़ना प्रारंभ कर दिया जिसे की मैं पीने लगा और अपनी प्यास भूजाने लगा.
कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी की सील बंद जैसी टाइट चूत का नमकीन पानी मुझे काफी स्वादिष्ट लग रहा था.
इसके बाद कामुकता से भरी नंगी भाभी ने मुझे कहा की प्लीज देवर जी अब मुझे और मत तड़पाओ आज का ये होली का त्योहार मेरे लिए यादगार बना दो और आज मेरी चूत को चोद चोदकर फाड़ डालो अपने लंबे मोटे लंड.
इतना सुनते ही मैं कामवासना से भरी नंगी पड़ोसन भाभी की सील बंद जैसी चूत को चोद चोदकर फाड़ने के लिए पूरा जोश में आ गया.
फिर मैंने कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी को चोदकर अपनी हवस शांत करने के लिए अपने सभी कपड़े उतारे और उनके साथ अवैध सेक्स संबंध बनाने के लिए बिलकुल नंगा हो गया.
फिर मैंने अपने लंबे और मोटे लंड को नंगी रंग में रंगी हुई नंगी भाभी की सील बंद जैसी टाइट चूत में थूक लगाकर घुसा दिया.
जैसी ही मेरा लंबा मोटा लौड़ा भाभी की सील बंद जैसी टाइट चूत की अंदर गया वो जोर जोर से चिल्लाने लगीं और चुदवाते चुदवाते मुझे मुझे बहुत ही ज्यादा गंदी गंदी गालियां देने लगीं जो की मेरे अंदर उर्जा भर रही थी.
थोड़ी देर की चुदाई के बाद मैंने उन्हें डॉगी सेक्स पोजीशन में चुदवाने के लिए कुतिया बनने को कहा और वो झट से कुतिया की पोजीशन में आ गईं.
मैं पीछे से उनकी चूत, जो थोड़ी चिकनी हो गयी थी, उसमें अपना लंड डाल दिया.
मैं पूरे जोश में उन्हें चोद रहा था.
उनके मुँह से बहुत ही ज्यादा मादक सिसकारियां निकल रही थीं, जो मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित कर रही थीं.
बीस मिनट की घमसान चुदाई के बाद मैंने उनसे बिन पूछे अपना पूरा माल उनकी चूत में खाली कर दिया.
अब चुदाई करके हम भाभी देवर दोनों बहुत ही ज्यादा थक चुके थे इसलिए हम वहीं बिस्तर में नंगे लेट गए.
फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों उठ कर बाथरूम गए और अपने नंगे शरीरी को साफ किया.
फिर मैं वैसे ही नंगा बैठ कर कंप्यूटर पर देखने लग गया और भाभी भी नंगी अवस्था में रसोई में चली गईं कुछ चाय नाश्ता लेन के लिए.
कुछ ही देर में नंगी भाभी अपने मोटे मोटे बूब्स हिलाते हिलाते कॉफ़ी और कुछ नमकीन ले आयी.
हम भाभी देवर नंगे ही साथ बैठकर उनके कंप्यूटर पर चल रही ब्लू फिल्म देखते देखते नाश्ता करने लगे.
कंप्यूटर पर चल रही में एक नंगा मर्द अपनी औरत के साथ अप्राकृतिक सेक्स कर रहा था अर्थात डॉगी सेक्स पोजीशन में उसकी गांड मार रहा था जिसे देखकर मेरा भी दिल भाभी के साथ अप्राकृतिक सेक्स करने का करने लगा.
अब एक दम से मेरी नजर कंप्यूटर की स्क्रीन से हटकर नंगी पड़ोसन भाभी की गांड की तरफ गयी जो कि काफी उठी हुई और मोटी मोटी थी.
भाभी की उभरी हुई गांड को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे भाभी की गांड मेरे लंड को अप्राकृतिक सेक्स करने के लिए निमंत्रण दे रही हो कि आओ मुझ में घुस जाओ.
मेरा लंड फिर से चुदाई करने के लिए खड़ा होने लगा और मैंने भाभी की गांड को हल्के से दबा दी.
भाभी बोली की यह क्या कर रहे हो देवर जी? मैं अपना खड़ा लंड सहलाते हुए बोला की भाभी जी जैसे इस ब्लू फिल्म में अप्राकृतिक सेक्स दिखा रहे हैं ना ठीक वैसे ही मुझे भी आपके साथ करना है और एक बार आपको घोड़ी बनाकर आपकी गांड मारनी. है.
भाभी बोली की नहीं… नहीं… देवर जी मुझे नहीं करना घोड़ी बनकर आपके साथ अप्राकृतिक सेक्स और वैसे भी मैंने सुना है डॉगी सेक्स पोजीशन में गांड की चुदाई करवाने में बहुत ज्यादा दर्द होता है इसलिए मैं गांड नहीं मरवा सकती आपसे.
फिर भाभी ने बोला की देवर जी वैसे भी मेरी गांड आज तक बिलकुल सील पैक है मेरे पति ने भी आज तक मेरी गांड नहीं मारी.
दोस्तों जब मुझे पता चला की कामुक पड़ोसन भाभी ने आज तक अप्राकृतिक सेक्स नहीं करा है अपने शराबी पति के साथ और उनकी गांड आज तक बिलकुल वर्जिन है तो मैं भाभी के साथ अप्राकृतिक सेक्स करने के लिए और ज्यादा उत्सुक हो उठा.
मैं बोला की प्लीज प्लीज भाभी जी डॉगी सेक्स पोजीशन में आप की गांड मारने दो ना एक बार मैं आप से बड़ा करता हूँ की आपकी गांड में मैं धीरे धीरे लंड अंदर डालूंगा और यदि आपको दर्द हुआ तो मुझे बता देना मैं वहीं रुक जाऊंगा और अपना लंड आपकी गांड के छेद से बाहर. निकाल लूँगा.
पर भाभी मेरे साथ अप्राकृतिक सेक्स करने के लिए नहीं मान रही थीं इसलिए मैंने थोड़ा और जोर दिया और थोड़ा उदास हो गया, जिससे भाभी मेरे साथ अप्राकृतिक सेक्स करने के लिए मान गईं.
होली के त्यौहार पर पड़ोसन भाभी की टाइट चूत की चुदाई करने के बाद उनकी सील बंद गांड चोदकर होली मनाई अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी :- उन्होंने कहा कि तेरी खुशी के लिए मान रही हूँ अपनी सील बंद गांड चुदवाकर अपनी गांड की. सील तुड़वाने के लिए लेकिन तू मुझसे वादा कर कि अगर मुझे गांड की चुदाई करवाने में जरा भी दर्द हुआ तो तू जबरदस्ती मेरी गांड की चुदाई नहीं करेगा.
मुझे तो बस हर हाल में उनकी गांड चाहिए थी चोदने के लिए इसलिए मैंने उन्हें वादा कर दिया.
इसके बाद मैं उन्हें किस करने लगा, जिससे वो चुदवाने के लिए जल्दी गर्म हो जाए.
किस करते करते मैं उनकी चूत की तरफ आ गया और उनकी टाइट चूत में अपनी जीभ डालकर उनकी चूत से खेलने लग गया.
अब तक वो भी चुदने के लिए बहुत ही ज्यादा गर्म हो गयी थीं और मुझसे बोलने लगी की वो भी मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसना चाहती हैं और ब्लोजॉब करना कहती है.
मैं झट से कामसूत्र की 69 सेक्स पोजीशन में आ गया.
अब हम दोनों आराम से एक दूसरे को चाट रहे थे.
नशीली पड़ोसन भाभी के मुँह में मेरा हथियार और भी ज्यादा गर्म और कड़क हो गया इसलिए मैंने देर न करते हुए उन्हें एक बार फिर से कुतिया बनाया और अप्राकृतिक सेक्स करने के गलत इरादे से उनके पीछे आ गया.
मैंने पास ही रखी वैसलीन की डिब्बी उठाई और वैसलीन निकाल कर अपने खड़े लंड के उप्पर बड़े अच्छे से लगा ली और भाभी की सील बंद गांड के छेद में भी वैसलीन लगा ली ताकि गांड के छेद में मेरा लंबा व् मोटा लंड लंड घुसने में कोई परेशानी न हो और भाभी को भी दर्द कम हो.
कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी की गांड बिलकुल कुंवारी थी और उसका छेद भी बहुत ही ज्यादा सकडा था जो यह साफ़ साफ़ दर्शा रहा था की आज तक उनकी गांड की सील बंद है.
उनकी सील बंद गांड देखकर मैं समझ चूका था की आज तक भाभी के पति ने उनकी गांड नहीं मारी है और आज पहली बार मैं ही उनके साथ अप्राकृतिक सेक्स करने वाला हूँ.
अब मैं अपने लंबे मोटे लंड को उनकी सील बंद गांड की दरार पर टिका दिया और उनकी सील बंद गांड की सील तोड़ने के लिए धीरे धीरे अपने कड़क लंड पर जोर लगाने लगा.
भाभी ने फिर से मुझे कहा की देवर जी प्लीज अपने इस लंबे मोटे लंड को धीरे डालना मेरी गांड के अंदर आज पहली बार गांड मरवा रही हूँ इस वजह से मुझे मेरी सील बंद गांड की सील तुड़वाने में बहुत ही ज्यादा डर लग रहा है.
मैं नंगी भाभी से बोला की भाभी जी आप जरा भी टेंशन मत लो आपको अपनी सील बंद गांड की सील तुड़वाने में जरा भी तकलीफ नहीं होने दूँगा बड़े प्यार से आप की गांड मरूँगा.
इतना कह कर मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और भाभी की गांड पर गुलाबी गुलाल लगाया और फिर अपना लंड उनकी गांड में डालने की कोशिश करने लगा, पर हर बार मेरा लंड फिसल जाता रहा.
इसलिए इस बार मैंने अपने दोनों हाथों से उनकी गांड को थोड़ा चौड़ा किया और एक जोरदार झटका दे मारा, जिससे मेरा लंड आधे से ज्यादा उनकी गांड में घुस गया.
जैसे ही मेरा लंबा मोटा लौड़ा पड़ोसन भाभी की सील बंद गांड की सील तोड़ते हुए उनकी टाइट गांड के छेद में गया वो दर्द के मारे जोर से चिल्ला उठी माँ….
आह….
आई….
देवर जी आपने तो आज मेरी सील बंद गांड की सील ही तोड़ डाली बड़ा दर्द हो रहा है…दोस्तों ये तो अच्छा हुआ की होली वाले दिन भाभी के घर में उनका शराबी पति नहीं था इस वजह से उनकी दर्द भरी चीखें सुनने वाला आज. कोई नहीं था उनके घर में.
दोस्तों गांड चुदाई के दौरान उन्हें अपनी गांड मरवाने में बहुत ही ज्यादा दर्द हो रहा था जिसकी वजह से उनकी मोटी मोटी आंखों से आंसू बहाने लगे थे साथ ही वो सेक्सी माल भाभी दर्द के मरे ऐसे छटपटाने लगीं थी मानो उनकी आज तक बिलकुल सील बंद हो और आज पहली बार अपनी सील बंद गांड मरवा कर अपनी सील खुलवा रही हो.
गांड चुदाई के दौरान कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी अपनी गांड के छेद में से मेरे लंबे मोटे लौड़े को निकालने की नाकाम कोशिश करने लगीं.
मेरी नंगी पड़ोसन भाभी अपनी टाइट गांड चुदवाते चुदवाते बहुत ही ज्यादा जोर जोर से चिल्लाने लगी की उई माँ… आह… आई… मार डाला देवर जी आज होली खेलने के बहाने आपने तो मुझे… प्लीज निकालो अपने लंड को मेरी गांड में से.
पड़ोसन भाभी मेरे आगे गिडगिडाने लगी थी की देवर जी आपका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा और लंबा है जबकि मेरी गांड का छेद बहुत सकडा है इस वजह से गांड चुदवाने में मुझे बहुत ही ज्यादा तकलीफ हो रही है इस लिए मुझे नहीं मरवानी अपनी गांड उई माँ आह.. आह… फाड़ दिया रे मादरचोद ने मेरी गांड को.
होली वाले दिन मुझे तो भांग का नशा हो रखा था इस वजह से भांग के नशे में मुझे तो जैसे भी हो अपनी कामुकता से भरी पड़ोसन भाभी की गांड को चोदना ही था और उनकी गांड के छेद में अपने लंड से वीर्य की पिचकारी चलानी ही थी और इसलिए मैंने गांड मारते मारते उनसे कहा की भाभी. जी बस पहली बार गांड मरवाने में ही दर्द होता है अभी थोड़ी देर में आपकी गांड का छेद पूरा खुल जायगा उसके बाद आपको गांड मरवाने में जार भी दर्द नहीं होगा बस थोड़ी देर की बात और है उसके बाद आपकी गांड का. दर्द मजे में बदल जायगा इस लिए थोड़ी हिम्मत और कर लो.
भाभी मुझे माँ बहन की गन्दी गन्दी गलियाँ बकते हुए बोली की सेल बहन के लौड़े तूने तो वादा करा था कि तू मेरे साथ जोर जबरदस्ती अप्राकृतिक सेक्स नहीं करेगा लेकिन तू तो धोखेबाज निकला.
उनके इतना कहते ही मैंने उनसे बिना कुछ कहे एक और जानदार झटका मारा, जिससे मेरा लंड उनकी गांड में पूरा घुस गया.
साथ ही मैंने उनको कस के पकड़ लिया और एक हाथ से उनके मुँह को दबा दिया, जिससे कारण वो छूट न सकें और चिल्ला न सकें.
थोड़ी देर यूं ही उनकी गांड में लंड डाले पड़े रहा.
थोड़ी देर बाद जब मुझे लगा कि सब नार्मल है, तो मैंने धीरे से अपना हाथ उनके मुँह से हटाया और उन्हें सॉरी बोला.
लेकिन अब वो खुद धीरे धीरे अपनी गांड को आगे पीछे करने लगीं, जिससे मैं समझ गया कि यह अब पूरी तरह तैयार हैं.
अब मैं भी धीरे अपने लंड को आगे पीछे करने लगा और उनकी गांड को चोदने लगा.
उनकी गांड इतनी टाइट थी कि मेरे लंड में हल्का सा दर्द हो रहा था.
भाभी मुझे गन्दी गन्दी माँ बहन की गालियाँ देते हुए बोली की बहनचोद, तूने मुझसे झूठा वादा करके मेरी गांड फाड़ दी.
मैं नंगी भाभी से बोला की क्या करूँ आप हो ही इतनी मस्त माल और जब आपने मुझे बताया की आज तक आपने अप्राकृतिक सेक्स नहीं करा है और आप की गांड बिलकुल वर्जिन है तो इसने मेरी हवस और ज्यादा भड़का दी.
अब तक मैं पूरे जोश में आ गया था और पूरी स्पीड में उन्हें चोद रहा था.
भाभी जोर जोर से सिसकारियां भर रही थीं, जो कि इस चुदाई के कार्यक्रम को और भी मधुर बना रही थीं.
आखिरकार 15-20 झटके मारने के बाद मेरे लंड ने वीर्य की पिचकारी चलाकर गरम गर्म वीर्य उनकी गांड में भर दिया फिर अप्राकृतिक सेक्स करने के बाद जैसे ही मेरा वीर्य निकला तो मैं भाभी के ऊपर गिर गया.
भाभी की आंख में आंसू थे, लेकिन पहली बार अप्राकृतिक सेक्स करके अपनी वर्जिन गांड की सील तुड़वाने की खुशी भी थी.
अब हम नंगे एक बिस्तर में पड़े थे और वो मेरे बालों को सहलाने लगीं, जिससे कुछ ही देर में मुझे गहरी नींद आ गयी.
जब नींद खुली तो अंधेरा हो चुका था इसलिए मैं उठा और अपने कपड़े पहन कर उनको एक प्यार भरा किस दे कर अपने घर आ गया.
इसके बाद आगे हमें जब भी मौका मिलता है, हम चुदाई जरूर कर लेते हैं.
होली के त्यौहार पर पड़ोस में रहने वाली सेक्सी माल भाभी की चुदाई करके और उनकी सील बंद गांड की सील तोड़कर मुझे बड़ा आनंद आया.
उस दिन के बाद से हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड के जैसे रहने लगे और आये दिन मौका देखकर अवैध सेक्स सम्बन्ध बनाकर अपनी अपनी कामवासना शांत करने लगे थे.
दोस्तों जिस दिन से मैंने मेरी पड़ोसन भाभी की सील बंद गांड चोदकर होली मनाई थी उस दिन से मुझे गांड मारने का बड़ा चस्का पड़ चूका था और इसी वजह से मैं जब भी भाभी के साथ अवैध सेक्स संबंध बनता था तो उनके साथ अप्राकृतिक सेक्स जरुर. करता था.
भाभी की सील बंद गांड का छेद भी अब पहले से ज्यादा चौड़ा हो चूका था फटकार इस लिए अब वो अप्राकृतिक सेक्स करने का विरोध नहीं करती थी और खुद अपने आप अपनी चूत चुदवाने के बाद मेरे आंगे घोड़ी बन जाया करती थी.
पड़ोसन भाभी का पति अब से वापस आ गया है मगर उसने अभी तक शराब पीना बंद नहीं करा और यही वजह रही की उस शराबी की जवान और सेक्सी पत्नी मेरे साथ रहकर अपनी खुशियाँ तलाशने लगी थी.
मैं भी एक अच्छे बॉयफ्रेंड की तरह उनकी हर छोटी बड़ी जरुरत का ख्याल रखता था और उनकी बहुत देखरेख किया करता और इसी वजह से उन्होंने मन ही मन मुझे अपना पति स्वीकार कर लिया था.
दोस्तों उम्मीद करता हूँ की हम भाभी देवर के करने वाली यहाँ अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरी “होली के त्यौहार पर पड़ोसन भाभी की टाइट चूत की चुदाई करने के बाद उनकी सील बंद गांड चोदकर होली मनाई” आप सभी को बहुत पसंद आयी होंगी और आप इस ज्यादा से. ज्यादा शेयर भी करेंगे अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ….
स्रोत:इंटरनेट