. भाभी ने लंड की तरफ लालसा से देखा तो मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ कर कहा- लो भाभी चूसो न लंड को.
भाभी मेरे लंड को पकड़ कर कहने लगीं- हां लाओ.. लंड का पानी पीये हुए बहुत दिन हो गए.
मैंने लवड़ा आगे किया तो भाभी ने पहले लंड के सुपारे पर जीभ घुमाई और कहा- बहुत मस्त स्वाद है.
मैंने लंड को तुनकी दी तो भाभी ने पूरा लंड मुँह में ले लिया और मस्त लंड चूसने लगीं.
लंड भाभी के गले तक गया तो मेरी मादक सीत्कार निकल गयी- अहाहाहा उम्म्ह… अहह… हय… याह… आ ऊह आहह.. दस मिनट तक भाभी लंड चूसती रहीं.
मेरे लंड का पानी निकल गया, लेकिन भाभी ने लंड बाहर नहीं निकाला बल्कि वे मेरे लंड के रस को बड़े चाव से चटखारा लेते हुए पूरा पी गईं.
मैं ज्यादा टाइम नहीं टिक पाया था इसलिए मैं जरा शरमा गया.
भाभी बोलीं- कोई बात नहीं.. पहली बार में सबका जल्दी ही हो जाता है.
भाभी ने मेरे लंड को चूस कर फिर से खड़ा कर दिया.
भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी और मैंने उनकी पैंटी को उतार दिया.
भाभी की चूत देख कर तो मैं देखता ही रह गया.
भाभी बोलीं- क्या देख रहे हो? मैंने कहा- भाभी ये इतनी खूबसूरत होती है… तभी तो सारी दुनिया के मर्द इसके पीछे पड़े रहते हैं.
भाभी की चूत क्या मस्त थी, पावरोटी की तरह फूली हुई थी.
मैं तो खुद को कंट्रोल ही नहीं कर पाया और भाभी की चुत को चूमने लगा.
भाभी बोलीं- रुको एक मिनट.
इतना कह कर भाभी बेड पर लेट गयी फिर रंडी की तरह पैर फैलाकर भाभी बोलीं- अब चाटो न मेरी चूत.. मैंने उनके दोनों पैरों को फैलाकर चुत को सूंघा तो उनकी चूत से एकदम मदहोश कर देने वाली खुशबू आ रही थी.
भाभी की चूत पूरी गीली हो गयी थी.
मैं चुत चाटने लगा, जिससे भाभी की आह निकल गयी.
भाभी- तुम तो मुझे पागल कर दोगे मेरे चोदू देवर.. उम्म आह आय याह चाटो मेरी बुर को.. आह्ह हाह यस्स बहुत अच्छा चाटते हो.. मेरी फाड़ दो देवर राजा.. आह्ह फाड़ दो साली ये चूत मुझे बहुत परेशान करती है.. रात में बिना उंगली किये सोने नहीं देती है साली.. मैं बस उनकी रस भरी चुत को चाटने में लगा था.
भाभी- आह.. यस देवर जी.. फाड़ दे साले.. मेरी चूत को.. हाँ और चाटो कुत्ते.. साले पूरी चूत खा जाओ.. आह.. यस हाहहह उंउउम याहह यस करते रहो.. बस मैं आ रही हूँ.
इतना कह कर भाभी झड़ने लगीं- आह.. चूस लो सारा रस.. आ ई.. गई.. भाभी तेज आवाज के साथ कमर उठा उठा कर झड़ने लगीं.
भाभी ने अपनी चुत के पानी से मेरा पूरा चेहरा भिगो दिया.
मैंने भी उनकी चूत को चाट कर पूरा साफ कर दिया.
पूरा रस साफ़ करने के बाद भी मैं भाभी की चूत को चाटता रहा.
इससे भाभी फिर गरमा गईं और बोलीं- आह मेरे चोदू देवर राजा.. अब और न तड़पाओ.. जल्दी से मेरी चूत में अपना कीला गाड़ दो और फाड़ दो मेरी चूत.. मैं भाभी के ऊपर आ गया, मुझसे भी कण्ट्रोल नहीं हो रहा था.
मैं अपना लंड चूत पर रखकर रगड़ने लगा तो भाभी बोलीं- क्यों तड़पा रहा है कुत्ते.. मादरचोद.. मार डालेगा क्या.. चोद मुझे साले कुत्ते.
भाभी अपनी गांड उठा उठाकर लंड लेने की पूरी कोशिश कर रही थीं.
मैंने भी एक ही झटके में पूरा लंड डाल दिया.
भाभी कई दिनों से चुदी नहीं थीं.
इसलिए मेरे तेज हमले से उनकी आह निकल गई- आह मार दिया साले मादरचोद.. आह हम्म मादरचोद अपने बाप का माल समझा है.. जो रंडी बना के चोद रहा है.. धीरे पेल हरामी.. मैंने उनकी कोई बात को नहीं सुना और धीरे धीरे चोदता रहा.
थोड़ी देर देर बाद भाभी साथ देने लगीं.
अब मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और पूरी ताकत से चोदने लगा.
भाभी सिसकारी लेने लगीं- आह याहह यस्सस आहहह चोदते रहो.. मेरे चोदू देवर.. फाड़ दो अपनी भाभी को आहहहह.. साले पहले क्यों नहीं चोदा इतनी देर क्यों कर दी.. मैं भी लंड की ठोकर देते हुए कहा- यस्सस.. ले साली रंडी.. हां ले तूने बहुत तड़पाया मुझे.
“यस चोद दे.. आहह.
हहहय उउउउ आअअअ याह.. और चोद यस…” दस मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैं रुक गया.
भाभी गांड उचका कर बोलीं- क्या हुआ? मैं लंड निकाल कर भाभी के बाजू में चित लेट गया.
भाभी भी समझ गईं.
इस वक्त वे पूरे शवाब पे थीं.
भाभी झट से उठीं और मेरी कमर के दोनों तरफ पैर करके चूत के छेद को लंड पर रखकर एक जोरदार झटके के साथ बैठ गईं.
एक ही बार में पूरा अन्दर चला गया.
भाभी ‘आह याह यस्सस..’ करते हुए चुदने लगीं.
वे मेरे सीने पर चूची रगड़ते हुए बोलीं- तुम्हारा लंड बहुत मस्त है.. मेरी चूत में एकदम फिट बैठता है.
मैं उनको छेड़ा- क्यों भइया का कैसा है? भाभी- अरे उस भड़ुए की बात मत करो.. भैन के लौड़े का छोटा सा लंड है.. पांच मिनट में ही ‘पुच पुच..’ करके सो जाता है.
शायद इसी लिए तो अभी कोई बच्चा नहीं हो पाया.. साला नामर्द है.
मैंने बोला- टेंशन मत लो भाभी.. अब आपको बच्चा भी हो जाएगा.
“हाँ तुम चोदोगे तो बच्चा हो ही जाएगा.. यस्स जार हचक कर चोदो.
” मैं भी नीचे से ठोकता रहा- ले रंडी मादरचोद.. तेरी माँ को चोदूँ.. “याय यस्स..” करते हुए भाभी अकड़ने लगीं.
मैं उन्हें लंड डाले हुए ही पलट गया और उनके ऊपर आकर उनको चोदने लगा.
भाभी- हाँ यस.. माँ के लौड़े चोद और.. तेज चोद.. मैं भी गालियां देता हुआ भाभी की चुत का भोसड़ा बनाने में लगा था.
भाभी अपनी गांड नचा नचा के लंड ले रही थीं- यस्स हरामी.. मादरचोद जोर से पेल.. मेरा निकल रहा है.. हां यस गई ऊंउउउ हाहहह… यस्सस… ये कहते हुए जोर से भींचते हुए चूतड़ उछाल उछाल कर झड़ने लगीं.
मेरा भी होने वाला था.. तो मैं भी बड़बड़ाया- कुतिया छिनाल.. आइ मादरचोदी.. आहहह ईइइइ याययय.. मैं भाभी की चूत में ही झड़ने लगा.
भाभी ने अपनी पूरी ताकत से मुझे भींच लिया.
इस दमदार चुदाई में भाभी अब तक तीन बार झड़ चुकी थीं.
मैंने लगभग आधे घंटे तक भाभी को चोदा होगा.
भाभी बोलीं- बहुत देर तक चोदा तुमने.. मजा आ गया.
मैंने कहा- भाभी आपकी चूत का कमाल है.
हम लोग चुपचाप दस मिनट इसी तरह पड़े रहे.. तभी मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और हम दोनों अगले राउड के लिए तैयार हो गए.
उस रात हमने चार बार चुदाई का मजा लिया और सुबह तक मैं नंगा ही लेटा रहा.
सुबह भाभी चाय लेकर रूम में आईं और मुझे जगाकर चाय दी.
मैं उठ कर गया मुँह धोकर आया.
हम दोनों ने साथ में चाय पी.
मैं बोला- एक राउंड और हो जाए.
भाभी हंस दीं, उनका मन भी था.
मैंने सुबह की ताज़ी ऊर्जा के साथ भाभी से सेक्स किया और इसके बाद मैं घर चला आया.
उस दिन के बाद से हम दोनों ने कई बार चुदाई की.
भाभी ने मेरे लंड से संतुष्ट होकर अपनी दो सहेलियों को भी मुझसे चुदवाया.
बस तभी से मैं एक कॉलब्वाय हो गया हूँ.
अब तो आलम ये है कि रास्ते पर जितनी लड़कियों या औरतों को चलती हैं, उन सबमें मुझे चूत की चुदाई ही नजर आती है.
भाभी की सहेलियों को कैसे चोदा.
ये किस्से अगली कहानी में लिखूँगा.
भाभी से सेक्स की कहानी पर आप अपनी राय जरूर देना.
आपके अच्छे मेल मिलने के बाद कहानी जरूर लिखूंगा.
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स्रोत:इंटरनेट