. पति के पांच दोस्तों ने मुझे रंडी छिनाल की तरह ग्रुप में चोदा हिन्दी सेक्स स्टोरी कुछ दिन पहले की बात है मेरे मादरचोद पति दो दिन के लिए घर से बाहर गए हुए थे और मै रंडी छिनाल घर. में अकेली टीवी पर ब्लू फ़िल्म देख रही थी.
गन्दी गन्दी हिन्दी और इंग्लिश ब्लू फ़िल्म देख देख कर मेरी चूत में से पानी आने लगा था.
मेरा मन कर रहा था कि कोई मज़ेदार लंड मिल जाए तो जी भर के चुदाई करवाऊं.
वो कहते हैं ना कि सच्चे दिल से मांगो तो सब कुछ मिलता है.
घर की कॉल बेल बजी तो मुझे लगा कि भगवान् ने मेरी सुन ली.
मै रंडी छिनालने दरवाजा खोला तो देखा कि मेरे मादरचोद पति के ख़ास दोस्तों मिस्टर चौधरी और मिस्टर खंडेलवाल बाहर खड़े थे.
अचानक उनको देख कर मै रंडी छिनाल चौंक गई.
मै रंडी छिनालने उनसे कहा कि ‘ये’ तो बाहर गए हैं दो दिन बाद आयेंगे.
यह बात सुन कर वो दोनों भी उदास हो गए और बाहर से ही वापस जाने लगे.
मै रंडी छिनालने सोचा कि अगर इन लोगों को अन्दर नहीं बुलाऊंगी तो ये लोग बुरा मान जायेंगे.
मै रंडी छिनालने उनसे कहा कि आप लोग अन्दर आ जाईये.
ये सुन कर मेरे मादरचोद पति के खास दोस्त मिस्टर चौधरी ने कहा कि नहीं सविता भाभी जी हम लोग चलते हैं.
हम लोग तो ये सोच कर आए थे कि पाटिल घर में होगा तो बैठ कर दो दो पैग लगायेंगे.
मै रंडी छिनाल आप लोगों को बता दूँ कि पाटिल मेरे मादरचोद पति का नाम है और ये सारे दोस्त हमारे घर में अक्सर दारू पार्टी करते हैं.
क्योंकि इन लोगों के घरों मै रंडी छिनाल दारू पीना मना है.
मेने कहा कि कोई बात नहीं आप लोग अन्दर बैठ कर शराब पीलीजिये मुझे कोई परेशानी नहीं है.
मेरी बात सुन कर दोनों खुश होते हुए बोले “क्या सचमुच हम लोग अन्दर बैठ कर पी सकते हैं.
” मै रंडी छिनालने कहा “क्यों नहीं आप का ही घर है आप लोग अन्दर आ जाईए, मै रंडी छिनाल आप लोगों के लिए पानी और सोडा का इंतजाम कर देती हूँ.
” ये सुन कर मिस्टर खंडेलवाल ने कहा कि एक शर्त है “आपको भी हमारा साथ देना होगा !” मै रंडी छिनाल पहले भी कई बार अपने पति के सामने इन लोगों के साथ शराब पी चुकी थी इसलिए इन लोगों को पता था कि मै रंडी छिनाल भी दारू पीती हूँ.
मै रंडी छिनालने उनके साथ शराब पिने के लिये तुंरत हाँ भर दी और वो दोनों अन्दर आ गए.
मै TV बंद करना भूल गई थी तो अन्दर आते ही उनकी निगाह टीवी पर चल रही इंडियन ब्लू फ़िल्म पर गई .
मै रंडी छिनालने जल्दी से शरमा कर टीवी बंद कर दिया.
लेकिन वो दोनों ये सब देख कर मुस्करा रहे थे.
मै रंडी छिनाल किचेन मै रंडी छिनाल पानी और सोडा लेने चली गई.
किचिन में जाकर मै रंडी छिनालने सोचा कि मै रंडी छिनाल तो एक लंड के इंतज़ार मै छिनाल थी और भगवान् ने मुझे दो दो लंड गिफ्ट में भेज दिए.
क्यों ना इस मौके का फायदा उठाया जाए और ये सोच कर मै रंडी छिनालने सोडा और पानी की बोतल फ्रीज़ में से निकली और तीन गिलास साथ में ले कर वापस कमरे में आ गई.
मिस्टर चौधरी ने अपनी जेब से व्हिस्की कि बोतल निकाल कर मुझे दी और मै रंडी छिनाल तीन पैग बनाने लगी.
वो लोग साथ मै रंडी छिनाल खाने के लिए स्नेक्स भी लाये थे.
हम लोग बातें करते हुए पैग लगा रहे थे.
कुछ ही देर में हम सभी पर थोड़ा थोड़ा सुरूर छाने लगा.
उन दोनों ने आंखों ही आंखों में इशारा किया और फ़िर मिस्टर खंडेलवाल ने मुझसे पूछा “सविता भाभी जी आप टीवी पर देख रहीं थीं तो फिर आपने टीवी बंद क्यों कर दिया.
टीवी चलाओ ना हम लोग भी इंडियन पोर्न फ़िल्म देखना चाहते हैं.
” अब मुझ पर भी शराब का नशा चढ़ने लगा था और पांच पांच मर्दों को देख मेरे अंदर की रंडी जागने लगी थी.
मै रंडी छिनाल ने सोचा कि यही मौका है माहौल रंडी खाने जैसा बनाने का आज बात बन गई तो मुझे एक साथ ग्रुप में पांच पांच मर्दों के साथ गैंग बैंग सेक्स करने के मौका मिल जायगा.
पति के पांच दोस्तों के साथ ग्रुप सेक्स करने का मेरा बहुत मन था और यही सोच कर मै रंडी छिनाल उठी और टीवी चालू करने लगी.
टीवी चालू करते हुए मेरी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया जिसे मै रंडी छिनालने जानबूझ कर ठीक नहीं किया.
मेरे कसे हुए ब्लाउज में से बड़े बड़े बोबे आधे बाहर निकल आए थे.
मैने तिरछी नज़र से देखा कि वो दोनों मेरे बोबे पर निगाह गड़ाये हुए मुस्करा रहे हैं.
मैने टीवी पर ब्लू फ़िल्म चालू कर दी और उसी सोफे पर जा कर बैठ गई जिस पर वो दोनों बैठे हुए थे.
अब मै रंडी छिनाल उन दोनों के बीच में बैठी थी.
टीवी पर चल रही फ़िल्म मै रंडी छिनाल भी एक औरत को दो आदमी चोद रहे थे.
ये सीन देख कर हम तीनो ही गरम हो गए.
मैने जान बूझ कर अपने मोटे मोटे बोबो पर से अपनी नीचे सरका दिया और सोफे पर आधी लेट गई.
मेरे बगल में बैठे मिस्टर चौधरी ने पहल की और धीरे से मेरे बोबे के ऊपर हाथ फिराने लगा.
मैने कोई विरोध नहीं किया और आँखे बंद कर लीं.
थोडी ही देर में उन दोनों ने मिल कर मेरे ब्लाउज के हुक खोल दिए और मेरे बड़े बड़े फलों का रस चूसने लगे.
अब हम लोग खुल चुके थे इसलिए मैने भी हाथ बढ़ा कर पैंट के ऊपर से ही उनके लंड को टटोलना शुरू कर दिया था.
मिस्टर मेरे होटों को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मिस्टर खंडेलवाल मेरी एक चूची को मुंह में भर कर पीने लगा.
अभी हमारा गन्दा खेल चालू हुआ ही था कि अचानक घर कि बेल फ़िर से बज गई.
हम तीनो चौंक गए.
मैने कहा कि अब कौन हो सकता है.
तभी मिस्टर खंडेलवाल ने कहा ” अरे यार में समझ गया, मिस्टर शर्मा और मिस्टर ठाकुर होंगे हमने उन लोगों को भी बुलाया था.
” मैंने जल्दी से टीवी बंद कर दिया और अपने कपडे ठीक करने लगी तो मिस्टर चौधरी ने मेरे हाथ पकड़ कर मुझे रोक लिया और कहा ” रहने दो सविता भाभी जी ये लोग भी अपने ही दोस्त हैं इनसे क्या शरमाना” जब तक मै रंडी छिनाल कुछ कहती तब तक मिस्टर खंडेलवाल ने दरवाजा खोल दिया था. और मेरे सामने तीन नए लोग खड़े थे.
जिनका नाम मिस्टर शर्मा, मिस्टर ठाकुर और नारंग था.
अब घर में पॉँच मर्द थे और मै रंडी छिनाल अकेली औरत बिलकुल रंडी खाने जैसा माहोल बन चूका था.
शराब का दौर चल रहा था सब लोग नशे में थे.
मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे.
मेरी बरसों की इच्छा आज पूरी होने जा रही थी.
मेरी इच्छा थी की मै रंडी छिनाल एक साथ पॉँच मर्दों के साथ चुदाई का खेल खेलूं और आज ये सपना सच होने वाला था.
किसी ने मेरे जिस्म से ब्लाऊज़ उतर दिया था.
मिस्टर चौधरी और मिस्टर खंडेलवाल मेरी एक एक चूची को मुंह में लेकर चूस रहे थे.
मिस्टर ठाकुर जो बाद में आया था उसने अपना लंड निकाल कर मेरे मुंह में डाल दिया और नारंग और मिस्टर शर्मा मेरे नीचे के कपडे हटाने की कोशिश कर रहे थे.
मै रंडी छिनाल ने उन सब को रोक कर कहा कि चलो अन्दर बेड रूम मै चलते हैं बैडरूम बना ही इन सब कामो के लिये है.
ये सुन कर मिस्टर चौधरी ने मुझे गोदी में उठा लिया और ले जा कर बेड पर पटक दिया जैसे मनो वो मेरे साथ जबरदस्ती सेक्स कर रहे हो.
अब मै पूरी नंगी धडंगी थी और मेरे जिस्म पर कोई कपडा नहीं था.
मिस्टर ठाकुर जिसका और ज्यादा ही लंबा था उसने मेरे मुंह में अपना पूरा लंड डाल दिया.
मै रंडी छिनाल उसके लंड को लेमनचूस की तरह चूसने लगी.
नारंग और मिस्टर चौधरी ने मेरे बोबे मसलने और चूसने चालू कर दिए.
मिस्टर चौधरी ने मेरी दायीं तरफ़ आ कर मेरे हाथ में अपना मोटा लंड पकड़ा दिया.
जिसे मै रंडी छिनालने आगे पीछे करना चालू कर दिया.
मिस्टर खंडेलवाल पलंग के नीचे बैठ कर मेरी चिकनी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा.
मुझे जन्नत का मज़ा मिल रहा था.
मेरे चारों तरफ़ अलग अलग तरह के लौड़े थे आज तो मेरी ग्रुप में सेक्स करने की तम्मना पूरी होने जा रही थी.
मै रंडी छिनाल किसी भी लंड को हाथ में लेकर खेलने लगती.
मेरे मुंह में भी अलग अलग साइज़ के लंड डाले जा रहे थे और मै रंडी छिनाल सभी लंड बड़े प्यार से चाट और चूस रही थी.
तभी उनमे में से किसी ने मेरी चूत में अपनी जीभ डाल दी.
खुशी के मारे मेरे मुंह से चीख निकल गई.
मै रंडी छिनाल जोर से चिल्लाई “आह….
आह… उई माँ….. ऐसे ही चूसो और चाटो बहन के लौड़ो मेरी इस चिकनी चूत को….
”.
मै रंडी छिनाल पूरे नशे में थी और बड़े मजे से ग्रुप में सभी मर्दों से अपनी चूत चुसवा रही थी.
मिस्टर ठाकुर ने मेरे मुंह में लंड डालकर मुंह की ही चुदाई शुरू कर दी.
दो लोग मेरे हाथ में लंड पकड़ा कर मुठ मरवा रहे थे.
एक जन अभी खाली था इसलिए मै रंडी छिनालने कहा,”मेरे यारोंरोंरोंरोंरोंरों….. अभी तो एक छेद बाकी है उसमे भी तो कुछ डालो” मेरी बात सुनते ही मिस्टर चौधरी ने सब को रोक कर कहा कि रुको पहले आसन लगा लेते हैं.
सब ने अपनी अपनी पोसिशन ले ली.
नीचे मिस्टर चौधरी सीधा लेट गया और मुझसे कहा “आओ सविता भाभी जीजान मेरे ऊपर आओ मै रंडी छिनाल तुम्हारी गांड में अपना लंड डाल कर मज़ा देता हूँ.
”मै रंडी छिनाल तुंरत अपनी गांड चौड़ी करके उसके 9 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लंड पर बैठ गई.
मिस्टर चौधरी का लंड मेरे मादरचोद पति के लंड से ज्यादा मोटा नहीं था इसलिए आराम से मेरी गांड में चला गया.
दोस्तों मै रंडी छिनाल आपको बता दूँ कि मेरे मादरचोद पति भी चुदाई में काफी माहिर और मंझे हुए खिलाडी हैं और मुझे बहुत मज़ेदार ढंग से चोदते हैं लेकिन मेरी प्यास उतनी ही बढ़ जाती है जितना मै रंडी छिनाल चुदवाती हूँ.
यही कारण है कि आज मै रंडी छिनाल अपने पति के पाँच दोस्तों से एक साथ चुदवाने को तैयार हूँ.
दोस्तों मिस्टर चौधरी का लंड मै रंडी छिनाल ने अपनी टट्टी से भरी मोटी गांड में डाल लिया और सीधी होकर अपनी चूत ऊपर की तरफ करते हुए बोली ” चलो कौन मेरी चिकनी चूत का बाजा बजाना चाहता है वो आगे आ जाए.
” नारंग जिसका लंड थोडी देर पहले मैंने अपने मुंह में डाल कर चूसा था वो मेरे ऊपर आ गया और निशाना लगाते हुए बोला “ सविता भाभी जी सबसे पहले आप अपने इस देवर के लंड का स्वाद चखाओ अपनी चिकनी चूत को …” मिस्टर खंडेलवाल भी मेरे सर कि तरफ़ आते हुए बोला “मेरी प्यारी सविता भाभी जी मुझे अपने. मुंह में डालने दो प्लीज़.
”अब मिस्टर शर्मा और मिस्टर ठाकुर बच गए थे.
मै रंडी छिनाल ने उनसे कहा कि आओ मेरे प्यारे देवरों अपनी सविता भाभी के पास, अभी तो तुम्हारी सविता भाभी के दोनों हाथ खाली हैं.
फिर मैंने उन दोनों का लौड़ा अपने हाथो में संभाला और घमासान चुदाई चालू हो गई.
और चिकनी चूत में एक साथ लंड अन्दर बाहर हो रहे थे.
मुझे जम कर मज़ा आ रहा था.
मै रंडी छिनाल बीच बीच में अपने मुंह से लंड निकाल कर सिस्कारियां लेने लगी “आआआ….
और जोर सेसेसेसे….. चोद….
ओऊऊऊऊऊ…..फाड़ डालोऊऊऊओ… मेरी चूत….
बहनचोदों मेरे इस सेक्सी शारीर का एक भी छेद मत छोड़ना… सब जगह डाल दोऊऊऊओ….
फाड़ डाल मेरी गांड….
मिस्टर चौधरी….
के बच्चे….. और जोर से नारंग…अन्दर तक डाल अपना हथियार…यार…आर आर अअअ आ आ आ….
मज़ा आ गया आज तो रंडी की तरह ग्रुप में गैंग बैंग सेक्स करने मेंआह….. उमह…..आह… आह……………….
और जोर से देवर जी अपनी इस रंडी सविता भाभी को आज पूरा का पूरा निचोड़ डालो…… अह….
आह….
”काफी देर तक पोसिशन बदल बदल कर ये चुदाई का कार्यक्रम चलता रहा.
कभी किसी ने मेरे मुंह में लंड डाला कभी किसी ने.
अलग अलग लंडों का स्वाद मेरे मुंह में आता रहा.
करीब एक घंटे तक चले इस खेल में मै रंडी छिनाल पॉँच बार झड़ चुकी थी.
अब की आग शांत होने लगी थी.
मै रंडी छिनालने उन सबसे कहा “मेरे यारों…एक बात ध्यान रखना कोई भी अपना पानी इधर उधर नहीं डालेगा….
सबको मेरे मुंह में ही अपना पानी डालना है… मै रंडी छिनाल बहुत प्यासी हूँ….
मेरी प्यास तुम्हारे पानी से ही बुझेगी.
कम से कम पचास ग्राम पानी पिलाना मुझे.
” वो सब लोग भी अब अपनी मंजिल पर पहुँच चुके थे.
मिस्टर खंडेलवाल ने कहा “चल रंडी अब नीचे लेट जा और मेरे लौड़े से निकला गरमा गर्म पानी पी… साली रंडी आज तो तुझे हमारे मूत और वीर्य से नहला देंगे….
” मै रंडी छिनाल पति के पांचो दोस्तों का वीर्य अपने मुह में लेने के लिये अपना मुह खोल कर पलंग पर सीधी लेट गई और फिर मेरे मादरचोद पति के रंडी चोद दोस्तों ने मेरे मुंह के चारों तरफ़ घेरा डाल लिया.
मै रंडी छिनालने एक एक करके उन सभी रंडी चोद मर्दों का लौड़ा अपने मुंह में ले कर पानी निगलना चालू कर दिया.
मेरा पूरा मुंह और गला लिसलिसे वीर्य से भर गया.
दोस्तों आज मुझे एक रंडी जैसा महसूस हो रहा था और मै रंडी छिनाल भी बड़े मजे से स्वाद ले ले कर उन पति के दोस्तों के लंड से निकला पानी पीती चली गई.
दोस्तों आज मै एक रंडी बन चुकी थी और आब ये घटना आये दिन मेरे साथ होने लगी और हम सभी मिल जुलकर सेक्स एन्जॉय करने लगे.
दोस्तों यदि आप सभी को मेरी यह हिन्दी सेक्स स्टोरी ” Group Sex Stories In Hindi पति के पांच दोस्तों ने मुझे रंडी छिनाल की तरह ग्रुप में चोदा हिन्दी सेक्स स्टोरी “ पसंद आई हो तो इस सेक्स स्टोरी को अपने दोस्तों के साथ व्हाटसप पर जरुर शेयर करना और निचे लाइक बटन. पर जरुर क्लिक करना.
स्रोत:इंटरनेट