. पति गे था नौकर के लंड से वर्जिन चूत की चुदाई करवाई Hindi Sex Story जिस प्रकार सुहागरात वाले दिन उन्हों ने मुझसे बोला था की मैंने मेरे घर वालों के दबाव में तुमसे शादी करी हैं में. एक गे हूँ तुम अपने लिए कुछ जुगाड़ कर लेना मैं तुम्हारी वर्जिन चूत के लिए योग्य नहीं हूँ.
मेरे उपर तो मनो जैसे मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था उस दिन पर जैसे उपर वाले की मरजी, मैं मेरे गे पति को छोड़ भी नहीं सकती थी क्यूंकि में एक गरीब घर से हूँ और गरीबो को इज्जत की थोड़ी ज्यादा परवाह होती हैं.
मैंने कुछ दिन तक मेरे गे पति को मेरी चूत चुदाई के लिए राजी करने की बहुत नाकाम कोशिश करी लेकिन एक दिन मेरे गे पति ने मुझे साफ़ – साफ कह दिया की उन्हें लड़कियों में बिलकुल भी रूचि नहीं है उन्हें केवल मर्द अच्छे लगते हैं.
मेरे पति ने मुझे पूरी आजादी दे दी थी उन्होंने मुझसे बोल दिया था की में अपनी मर्जी से किसी भी गैर मर्द से मेरी वर्जिन चूत की चुदाई करवा सकती हूँ और सेक्स का सुख प्राप्त कर सकती हूँ.
हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे की मेरी चूत लंड खाने के लिये मचलने लगी थी.
अपनी चूत की खुजली झांट करने के लिये मैं मनोमन अपने लिए एक योग्य मर्द की तलाश में लग गई.
मेरे पति का मेन मार्केट में एक बहुत बड़ा साड़ीयों का शोरूम हैं उनकी दुकान में करीब दस लड़के काम करते हैं और पांच लडकियाँ भी काम करती हैं.
दोस्तों में मेरे सेक्सी जिस्म पर साड़ी ब्लाउज ही पहना करती थी.
एक दिन में मेरे पति के साड़ी के शोरूम में मेरे खुद के लिये कुछ साड़ियाँ खरीदने गई वंहा मेरी नजर नवीन के उपर पड़ी, नवीन मेरे पति के साडी के शो रूम पर काम करता था और उसकी उम्र करीब 20 वर्ष थी वो दिखने में बहुत हेंडसम था.
में साड़ी देखते वक्त छुप छुपकर उसे देख रही थी वो मेरे मन को भा गया था.
मैंने हिम्मत करके धीरे धीरे नवीन को लाइन देना चालू कर दिया.
पहेले डर के मारे उस नौकर की गांड फट रही थी लेकिन एकाद महीने में वह भी मुझे स्माइल देने लगा.
एक दिन जब मेरे पति का नौकर हमारे घर पति का टिफिन लेने आया तो मैंने टिफिन पकडाते हुए उसके हाथ का लम्बा स्पर्श किया, उसने मेरे सुन्दर से मुखड़े की तरफ देखा और मैंने उसे आँख मारी.
वह हंस पड़ा और चला गया.
मैंने अपने पति को साफ़ कह दिया के मैं उनकी दुकान में काम करने वाले उनके नौकर जिसका नाम नवीन है उससे अपनी वर्जिन चूत की सील खुलवाउंगी और अपनी चूत की चुदाई करवाउंगी.
मेरे गे पति को इससे कोई एतराज नहीं था क्यूंकि उसे भी एक बच्चा चाहिए था जो उसके बस की बात नहीं थी.
मैंने मेरे पति देव से कह दिया की जब मैं कहूँ वह उनके नौकर नवीन को घर भेज दें बाकी मैं सब संभाल लुंगी.
एक दिन सास, और मेरी जेठानी किसी शादी में शरिख होने बाजू के शहर जा रहे थे, मुझे भी जाना था लेकिन मैंने बीमारी का बहाना करके जाना केंसल कर दिया.
मैंने दोपहर के 1 बजे पति को फोन किया की वह कुछ भी बहाना कर के उनके नौकर नवीन को घर भेज दें.
मेरे पति ने कहाँ ठीक है.
नवीन कुछ 15 मिनिट के बाद ही बेल बजा रहा था घर के बहार.
मैंने उसे लुभाने के लिए पारदर्शक साडी, और काली पहन रखी थी.
नवीन को मैंने हस्ते हुए घर के अंदर लिया और उसने तुरंत पुछा मेडम साब ने बोला है की आप को कुछ काम है.
मैंने कहाँ हां क्या आप मेरी मदद करोंगे.
उसने कहा हां बोलिए ना.
मैंने कहा की तुहारे मालिक बता रहे थे की आप मोच वगेरह के लिए मसाज करते है.
नवीन बोला हां मेडम वोह तो ऐसे ही कभी कभी दुकान पर कर देते है हम.
मेरी चूत के अंदर चुदाई का कीड़ा सलवटे ले रहा था, मेरी नजर नवीन के तगड़े बाजुओ पर ही थी और मैं खुली आँखों से उन बाजुओ से कस के जकड़ कर चुदाई करवाने के सपने देख रही थी.
नवीन बोला, बीबीजी आपको कहाँ मोच आई है, उसके बोलते ही मैं अपने चुदाई के दिन-स्वप्न से बहार आई.
मैंने उसे कहा पहले आप चाय तो लो, मालिक का टेंशन मत लो, उनको मैंने बोला है की आप को देर भी हुई तो दिक्कत नहीं है.
मैंने उसे ठंडा पानी और शरबत पिलाया.
मैंने उसके शरबत में मिला दिया था ताकि उसे सेक्स चढ़ने लग जाये.
नवीन को मैंने तिरछी नजर से देखा था वह मेरी साड़ी में लिपटी मोटी गांड की तरफ नजरे गडाए हुआ था.
उस नौकर के तगड़े लौड़े को चूस कर मैं भी उससे चुदाई करवाना चाहती थी लेकिन अभी एकदम से नहीं कह सकती थी के नवीन लाओ तुम्हारा लंड मेरी चूत में गुसा डालो और मुझे अपनी रंडी बनाकर चोद डालो तुम्हारे मालिक गे हैं और में चुदवाने के लिये तड़प रही हूँ…..! ठंडा पिलाने के बाद में बैडरूम में चली गई और फिर मैंने नवीन आवाज लगाकर मेरे बैडरूम में बुलाया.
हमारे नौकर के आते ही मैं पलंग के उपर उलटी मतलब उप्पर करके और चूत निचे करके लेट गई.
मैंने साडी हटाई और उसको मेरी चिकनी कमर दिखाते हुए कहाँ यहाँ पर मोच आई है.
मैंने उसे कमर के और गांड के बिच का हिस्सा दिखाया था.
नवीन बोला ठीक है मेडम आप आँखे बंध करके लेटे रहें.
वो पलंग के उपर चढ़ गया और उकडू बैठ गया.
मैंने उसे कहाँ आप मेरे पाँव पर बैठ जाओना तो मुझे पैर के दर्द में भी राहत होगी.
वोह मेरी गांड के थोड़े उपर पाँव के उपर बैठ कर मसाज करने लगा.
मैं जानबूझ कर कराहने की एक्टिंग करने लगी.
नवीन के घुटने मेरे जांघो को साइड से छू रहे थे.
वोह मेरे कमर के निचले हिस्से को दबा रहा था और मुझे पुरुष स्पर्श से एक अलग ही नशा चढ़ रहा था.
मैंने नवीन को कहा, और निचे…..! नौकर के हाथ लगभग मेरे कूल्हों को छू रहे थे और मैंने तभी उसे कहा, मजा आ रहा है..आपके हाथों में तो जादू हैं नवीन.
यह शायद नवीन को मेरे साथ सेक्स करने के लिये उकसाने के लिए काफी था.
वह मेरे कूल्हों के करीब अपना लंड ले आया, मुझे उसके तगड़े लौड़े की गर्मी अपनी गांड पर महसूस हो रही थी.
वो अभी भी कूल्हों के सिर्फ थोड़ी उपर मसाज कर रहा था.
मैंने आँखे खोली और पलट के उसकी तरफ देख के हंस दिया, नवीन पसीने में डूबा था.
यह जवान इंडियन लड़का शायद पहेली बार किसी भाभी की गांड के इतने करीब पहुंचा था.
मैंने जैसे उसकी तरफ देख हंस दिया उसकी हिम्मत खुलने लगी और वह लौड़े को और भी जोर से गांड के उपर गडाने लगा.
नवीन बोला, मेडम आपकी साडी बिच में आ रही है इसलिए मसाज सही नहीं हो रहा, मैंने कहा उतार दो ना फिर.
नवीन के हाथ मेरे पल्लू को हटाने लगे.
उसने धीमे से पल्लू हटा दिया.
अब में केवल ब्लाउज में उसके सामने पड़ी थी.
मैंने आगे होते हुए कहा, नवीन ब्लाउज भी उतार दो ना मुझे कमर पे भी अच्छेवाला मसाज करवाना है.
हमारे नौकर नवीन का लंड मेरी प्यासी गांड को बेहद ख़ुशी दे रहा था.
हमारे नौकर ने जैसे ही मेरे बोबों पर से मेरा ब्लाउज उतारा और मुझे उप्पर से आधी नंगी करा मैंने बिना वक्त गंवाए हमारे के नौकर के तगड़े लौड़े को हाथ में भर लिया.
नौकर के लंड को हाथ में लेते ही वह कड़क होकर एंठने लगा.
मैंने मेरे पति के नौकर से कहा, नवीन मुझ से रहा नहीं जाता, प्लीज़ अपने कपडे उतार दो और मुझे भी नंगी कर दो.
हमारे नौकर बिना समय बर्बाद करे फटाक से मेरे सारे कपडे उतार डाले और मुझे पूरी नंगी कर डाला और वह खुद भी पेंट और शर्ट निकाल के चड्डी में आ गया.
मैंने अपने हाथ से उसकी चड्डी निकाली और उसके कड़े लंड से खेलने लगी.
मेरी वर्जिन चूत एकदम गीली हो चुकी थी और मुझे नौकर के लंड से अपनी चूत की चुदाई करवाने की एक तलब सी लगी पड़ी थी.
मैंने उसके तगड़े लौड़े को हाथ से तोला, बिलकुल जवान लंड था और मेरी चूत के लिए बिलकुल सही साइज़ था इसका.
मैंने नवीन को पलंग की उपर लिटा दिया और खुद उसकी जांघो के बिच बैठ गई और हमारे नौकर के लंड के निचे लटके एंडकोष को अपने मुह में लेकर चूसने लगी और अपने दांतों से काठने लगी जिस वजह से नौकर को हल्का हल्का और मीठा मीठा दर्द होने लगा. और वो आंहे भरने लगा .
नवीन अभी भी एंठ रहा था.
मैंने अपना मुख चलाया और उसके तगड़े लौड़े के गुलाबी रंग के सुपाडे को मुहं में दबाया.
नवीन के मुहं से आह ओह निकलने लगा और मैं अब उसके तगड़े लौड़े को अपने मुहं के अंदर घुसाने लगी.
उसका लौड़ा बहुत लम्बा और मोटा था तक़रीबन आधे से ज्यादा लंड मुहं में घुसते ही वह जैसे की मेरे गले तक पहुँच चूका था और मुझ से और आगे लिया भी नहीं गया.
मैंने नौकर के लौड़े को किसी भूखी रांड की तरह चुसना शुरू किया और नवीन लंड को मेरे मुहं में धकेलने लगा और मेरे मुह की चुदाई करने लगा.
मैंने उसके जांघ पर हाथ रख उसके झटको को अंकुशीत किया.
नवीन भी चुदाई के लिए उत्सुक था बिलकुल मेरी तरह.
नवीन मेरे चुंचे और गाल, कंधे पर हाथ फेर रहा था.
मैं भी उसके हाथों का स्पर्श मस्त मजे से भोग रही थी.
नवीन का लंड अब बिलकुल तन के लकड़े जैसा सख्त हो चूका था और मेरी चूत भी मस्त गीली हो चुकी थी, मैंने चुदाई करवाने के लिए नवीन का लंड मुहं से निकाला.
नवीन भी चुदाई मारने को बेताब ही था.
मैं वर्जिन चूत चुदवाने के लिये अपनी दोनों टाँगे फैला के पलंग पर लेटी और नवीन लंड हाथ में लिए मेरी चूत में लंड पेलने के लिये मेरे करीब पहुँचा.
उसने अपना लंड मेरे चूत के समीप कर दिया.
मैंने उसके तगड़े लौड़े को अपने हाथ से पकड के चूत के ऊपर सहलाया.
क्या असीम सुख था चुदाई का जिस से मैं कितने दिन से विमुख थी.
मेरे पति के नौकर ने अपना मोटा तगड़ा लंड थोडा और अंदर धकेला और मैं एंठ पड़ी, मेरे बोबे बहुत बड़े बड़े थे और बहुत मोटे मोटे भी थे तो नवीन ने मेरे स्तन मेरे मुहं में भर दिया और वह अपने मोटे लम्बे लंड को मेरी वर्जिन चूत के अंदर धीमे धीमे धकेलने लगा.
कुछ ही देर में उसका पूरा लंड मेरी चूत की सील तोड़ते हुए अंदर चूत की तह तक पहुँच गया और फिर चालू हुई मेरी ताबड़ तोड़ चुदाई.
उसका लंड चूत से रेस में जितने के लिए अंदर बहार हो रहा था.
और मेरी चूत लौड़े को अपने अंदर पूरा समा के उससे आगे होने की दौड़ में थी.
लंड और चूत की रेस में कोई भी जीते, चुदाई जरुर अच्छी मिल रही थी हम दोनों को.
नवीन के मस्तक पर पसीने की धार थी और मेरे पेट और सीने पर भी पसीना आया था.
नवीन के झटके बढ़ते गए और साथ ही उसका एंठना भी.
मैं भी मस्ती में अपनी गांड हिला हिलाकर उसे ज्यादा से ज्यादा मजा देने की कोशिस कर रही थी.
मेरे पति का नौकर भी पूरा जोश में आकर अपने लंड को बहुत तीव्र झटके दे रहा था.
नवीन के लंड से अब लावा बहने लगा और इस चुदाई के रस ने मेरी चूत को जैसे की पिगला दिया.
मैंने नवीन को एकदम कस के जकड लिया और मेरे चुंचे उसकी छाती से चिपक गए.
मैंने अपनी चूत टाईट कर के उसके तगड़े लौड़े का सारा काम रस चूत के अंदर भर लिया.
नवीन भी मुझे कमर से खिंच के और जकड़ने लगा.
मैंने उसके होंठो से अपने होंठ लगाये और हम दोनों एक मिनिट तक एक लंबी लिप किस करने लगे.
इसी बिच मेरी प्यासी चूत भी तृप्त हो गई.
नवीन ने जकड़ ढीली की और मैं आँखे बांध कर के वही लेटी रही.
जब मैंने आँखे खोली नवीन अपने कपडे पहन चूका था, मैंने उससे ऊँगली से इशारा किया और वो जैसे झुका मैंने उसकी कमीज की कोलर पकड के अपनी तरफ खिंच के उसके होंठ पर दुबारा अपने होंठो से ताला लगा दिया.
हम किस करते रहे….
!दोस्तों मेरे लिये तो सही मायनो में आज ही मेरी सुहागरात थी आज मेरे बैडरूम में सुहागरात की सेज भले नहीं सजी हुई थी और काण्ड तो सुहागरात वाला ही हुआ था.
क्यों की आज पहली बार मेरी चूत की किसी ने चुदाई करी थी और मुझे लड़की से औरत बनाया था.
मेरी चूत फट गई थी जिस कारण उसमे से बहुत ज्यादा खून बह रहा था तो मैंने मेरी चूत में पलंग पर पड़ी मेरी ठूस ली ताकि मेरी फटी हुई चूत से बह रहा खून रुक जाए और फिर मैंने उठ कर नौकर को अपने पर्स से 500 का नोट दिया, वैसे भी अपने गे पति के पैसे अच्छे काम में ही यूज़ करने थे ना.
नवीन से मैंने उसका मोबाइल नम्बर ले लिया और उसे कह दिया की मैं उसे हफ्ते में एकाद बार सेक्स करने के लिये बुलाऊंगी.
नौकर बोला मेमसाहब मुझे भी आज आप को चोदने में बहुत मजे आये में भी आप को बार बार चोदना चाहता हूँ पर को पता चल गया तो…??? मैंने कहा तुह्मारे मालिक की टेंशन तू मुझ पे छोड़ दे.
मेरे पति के नौकर से अपनी वर्जिन चूत की सील तुड़वा कर चुदाई करवाते हुए और गांड मरवाते हुए मुझे आज पुरे दोतिन साल हो चुके है.
मेरे गे पति भी मर्दों के साथ सेक्स करने में खुश हैं और में नौकर से अपनी भूख शांत करवाकर बहुत खुश हूँ.
मेरा एक बेटा भी है और वो हमारे नौकर की बदौलत है क्यों की तो किसी काम के नहीं हैं.
मेरे पति ने लाज शरम के चलते मेरे और नौकर के बच्चे को अपना नाम दिया है ताकि किसी को ये पता नहीं चले की वो एक गे हैं और मेरे साथ नहीं बल्कि मर्दों के साथ सेक्स करते हैं.
समाज में उनके परिवार के बहुत बड़ा रुतबा हैं तो वो भी चाहते हैं की उनके गे होने का राज हमेशा राज ही रहे.
दोस्तों अब तो मेरे पति का सारा फर्ज हमारा नौकर निभाता है और में भी उसे अपने तन मन और धन से अपना पति मान चुकी हूँ.
दोस्तों आप सभी को मेरी हमारी दुकान में काम करने वाले नौकर से अपनी चूत चुदाई करवाने की हिन्दी सेक्स स्टोरी “Wife Fucked By Servant Hindi Sex Story – पति गे था नौकर के लंड से वर्जिन चूत की चुदाई करवाई Hindi Sex. Story” पसंद आई हो तो इस हिन्दी सेक्स कहानी को अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करना.
दोस्तों हमारे नौकर ने मुझे बताया की मेरे पति भी उसके साथ सेक्स करते हैं और वो पैसो के लालच में उनकी भी गांड मरता है खैर वो वाली सेक्स कहानी अगले भाग में लिखती हूँ.
स्रोत:इंटरनेट