. पति से दुखी मौसी की चूत चाटने के बाद बुर में लौड़ा पेल दिया मैं आपको बता दूँ कि मेरी मौसी एक बहुत मस्त और सेक्सी जिस्म की मालकिन है.
एक दिन जब मैं कोचिंग सेंटर से आया तो मौसी जी रसोई में रो रही थी.
मैं समझ गया आज फिर इनका मौसा जी से लफड़ा हुआ है.
मेरे मौसा जी एक महीने के लिए बाहर गये हुए थे.
अब हम दोनों ही घर में एकदम अकेले थे.
मैंने शाम को मौसी जी के साथ घर का थोड़ा काम करवाया और फिर रात का खाना खाकर टेलीविजन देखने लगे.
मैंने मेरी सेक्सी माल मौसी जी को कहा- मैं अब सोने जा रहा हूँ.
मौसी जी ने कहा- बेटा जाते हुए टेलीविजन बंद करते जाना मुझे भी नींद आ रही है.
यहाँ भी देखें: मैं टेलीविजन बंद करके अपने बेडरूम में आकर सो गया.
आधी रात को मुझे पास के बेडरूम से किसी महिला के जोर जोर से रोने की आवाज़ आने लगी.
मैंने जाकर देखा तो मेरी मौसी जी जोर जोर से रो रही थी.
मैंने उनसे पूछा- आप क्यूँ रो रही हो मौसी जी…? तो उन्होंने बताया- मैं तुम्हारे मौसा जी के साथ बिल्कुल खुश नहीं हूँ, वो मुझे बिल्कुल भी प्यार नहीं करते.
मैंने मेरी सेक्सी माल मौसी के दो म्रद नैनो से बहते हुए उनके आँसू अपने हाथों से पौछे और उन्हें दिलासा दिया की सब कुछ बिलकुल ठीक हो जायगा आप चिंता मत करो.
वो मेरे कंधे पर अपना सिर रखकर बैठ गई.
मैं उस रात उन्हीं के पास सो गया.
रात को करीब 2 बजे मेरी आँख खुली, मैंने महसूस किया कि मेरा लण्ड तनकर खड़ा हो रखा है और मेरी सेक्सी माल मौसी जी का हाथ मेरे 11 इंच लम्बे और 4 इंच मोटे लण्ड के ऊपर है.
मैंने झट से मौसी जी का हाथ पकड़ कर मेरे लण्ड पर से हटा दिया और भाग कर अपने बेडरूम में चला गया.
जब मैं अपने बेडरूम में लेटा हुआ था तो मुझे वो सब ही याद आ रहा था जो मेरी अपने पति से दुखी मौसी जी के बेडरूम में हुआ.
अब मुझे भी लग रहा था कि मुझे वहाँ से भागना नहीं चाहिए था.
मैं भी अब मेरी सेक्सी माल मौसी जी के साथ सेक्स करना चाहता था और उन्हें अपनी रांड बनाकर खूब खतरनाक तरीके से पेलना चाहता था.
मैंने मुठ मारी और सो गया.
सुबह मौसी जी ने मुझे उठाया, जब मेरी आँखे खुली तो मैंने देखा वो अपने हाथ में कॉफ़ी लिए मेरे सामने खड़ी थी.
उन्होंने मुझे कॉफ़ी दी और कहा- बेटा सैंडी, मैं कल रात के लिए तुमसे माफी मांगती हूँ.
मैं क्या करूँ, मुझे बहुत दिनों से तुम्हारे मौसा जी का प्यार नहीं मिला है इस लिए मेरा जिस्म भूखा था सेक्स करने के लिए.
मैंने मौसी जी को कहा- कोई बात नहीं मौसी जी, आप टेन्शन मत लो, मैं कल रात के बारे में किसी से कुछ भी नहीं कहूँगा.
मैंने उन्हें अभी तक यह नहीं बताया था कि अब मैं खुद भी उनके रूप का कायल हो चुका हूँ.
मौसी जी ने कहा- तुम जल्दी से नहा लो, मैं नाश्ता बना देती हूँ.
फिर तुम सेंटर चले जाना.
पर मुझे तो आज मौसी की चुदाई करनी थी, मैंने मौसी को कहा- आज मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है, मैं आज सेंटर नहीं जा रहा.
मौसी जी ने नाश्ते के बाद मुझे कहा- सैंडी बेटा, मैं तुम्हारी तेल मालिश कर देती हूँ, तुम्हारा सिर दर्द ठीक हो जाएगा.
मौसी जी सरसों का तेल लेकर बेड पर बैठ गई और मैं उनकी दोनों टाँगों के बीच में ज़मीन पर बैठ गया, मौसी जी मालिश करने लगी पर मेरे दिमाग़ में अभी भी रात वाली बात थी, मैंने धीरे से मौसी जी की सलवार में अपना हाथ नीचे से डाल लिया और सलवार थोड़ी सी ऊपर कर दी.
मौसी ने कहा- सैंडी, ये क्या कर रहे हो? मैंने कहा- जो कल रात आप कर रही थी.
मेरी सेक्सी माल मौसी ने कहा- फिर कल रात क्यूँ भाग गये थे? मैंने कहा- वो मेरी ग़लती थी कि मैं इस सेक्सी माल रंडी औरत की टाइट चुत और गरम गांड का काम लगाने के बजाय डर कर भाग गया, आज मैं आपकी चुदाई करवाने की सारी प्यास बुझा दूँगा आज आप को बहूत खतरनाक तरीके से चोदुंगा.
मौसी ने कहा- फ़िर देर किस बात की है बेटा चुदाई करना शुरू करो.
इतना सुनते ही मैं मौसी के मोटे मोटे संतरों को पकड़ कर जोर जोर से मसलने लगा.
मौसी ने भी मुझे अपने आगोश में समा लिया.
वाह ! क्या मज़ा आ रहा था.
फिर मौसी बेड पे लेट गई और बोली- आजा मेरे राजा बेटा आज सेक्स करने के लिए अपनी इस चुदने की भूखी मौसी के उप्पर चढाई कर ले और मेरी गांड और चुत का काम लगाकर बुझा दे मेरी सारी प्यास और तू भी शांत कर ले अपनी चुदास! मैंने भी पति से. दुखी मौसी का काम लगाने में बिलकुल भी देर नहीं करी और चोदा चादी करने के लिए सीधा मौसी के ऊपर लेट गया.
मुझसे मेरी गरम माल मौसी बोली- बेटा पहले किसी जंगली की तरह मेरी टाइट चूत चाट कर इसका सारा रस निकाल दे कई ! मैंने उसी वक्त पति से दुखी मौसी की बुर चाटने के लिए 69 की सेक्स पोजीशन ली और आवारा कुत्ते की तरह मौसी की टाइट चूत चाटने में लग गया.
मौसी भी मेरा काला मोटा लौड़ा किसी रांड की तरह पूरी मस्ती के साथ चूस रही थी.
करीब बीस मिनट तक मुखमैथुन और यही सब चला, इस बीच हम दोनों एक बार झड़ गये थे, हमने एक दूसरे का सारा कामरस पी लिया था, ऐसा लग रहा था मानो अमृत पी लिया हो.
मैंने फिर से उनके स्तन चूसने शुरू किए, वो थोड़ी देर में फिर चुदने के लिए तैयार ही चुकी थी.
फिर आई बारी उनकी प्यासी बुर में अपना लम्बा मोटा लौड़ा डालने की, मैंने पहले एक हल्का सा धक्का मारा, मेरा लंड थोड़ा सा चुत के अंदर चला गया.
अपने पति से दुखी मौसी के मुँह से चुदते चुदते सिसकारियाँ निकालने लगी, मौसी बोली- अब अपने इस लंड को मेरी चुत मर पूरा पेल डाल बेटा, जल्दी कर, वरना मैं प्यासी महिला चुदने के लिए तड़पती रहूँगी.
मैंने दो धक्के और मारे और लंड मौसी की बुर में पूरा अंदर तक घुसा दिया.
अपनी प्यासी बुर को मेरे लम्बे मोटे लौड़े से चुदवाते बक्त मेरी नंगी मौसी के मुँह से एक बहुत जी ज्यादा तेज की चीख निकल गई, मैंने अपने होंठ उनके होंठों पे रखे और ज़ोर ज़ोर से बहुत जी ज्यादा खतरनाक चुदाई करना शुरू किया.
दोस्तों सेक्स करने के दौरान मेरा लौड़ा पूरा का पूरा अंदर बहार हो रहा था.
अब मेरी सेक्सी माल मौसी के मुँह से चीख नहीं निकल रही थी क्यों की अब उनका दर्द आनंद में बदल गया था और हम दोनों ही चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे थे.
पति से दुखी मौसी ने कहा- और ज़ोर से चोद सैंडी बेटा आज से मैं तेरी रांड हूँ मुझे खूब दबाकर पेल, वो तेरा बहन का लौड़ा मौसा तो कुछ करता नहीं, तू ही मेरी प्यास बुझा दे मेरे राजा.
मैंने उसके मोटे मोटे चूचे पकड़े और उनकी बुर में बहुत जी ज्यादा ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.
दोस्तों पति से दुखी मौसी आज मेरे लौड़े से अपनी बहुत ही ज्यादा खतरनाक चुदाई करवाते हुए बहुत ही ज्यादा खुश नजर आ रही थी.
मौसी दो बार झड़ चुकी थी, मैंने कहा- मैं भी झड़ने वाला हूँ, कहाँ निकालूँ? मौसी ने कहा- अंदर ही निकाल दे बेटा और कर दे मेरी को हरी भरी अपने वीर्य से.
करीब दस पंद्रह धक्कों के बाद मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी चल गई और फिर मैंने मेरा वीर्य मेरी अपने पति से दुखी मौसी की बुर के अंदर ही झाड़ दिया और हम एक साथ नंगे ही चिपक कर लेट गये.
स्रोत:इंटरनेट