. मैंने अपने लंड को इंदु के मुँह में डाला जो उसने थोड़ी देर तक चूसा.
साली गजब का लंड चूसती थी.
उसने मेरे लंड को पूरा गीला कर दिया.
मैंने इंदु के पैरों को छत की तरफ उठा दिया और अपना लंड इंदु की चुत के मुहाने पे रख के जोर से धक्का दे मारा.
मेरा मोटा लंड थोड़ी तकलीफ से पूरा अन्दर घुस गया.
इंदु के मुँह से हल्की सी आहहह निकली.
मैं धीरे धीरे चुत के अन्दर बाहर लंड करते जा रहा था.
इंदु आह आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उहहह कर रही थी और नीचे से अपनी कमर उठा उठा कर मजे से चुद रही थी.
साथ साथ में वो कभी कभी मेरे होंठों को भी चूस और काट लेती.
बहुत हॉट तरीके से वो चूत चुदवा रही थी.
सलहज चुद रही थी, बीच बीच में अपने पति को गालियां भी दे रही थी- आह मजा आ गया जीजा जी.. मेरा पति साला कुत्ता.. कभी भी एक मिनट से ज्यादा नहीं चोदता मुझे.. शराबी मादरचोद साला, आहहह आहहह.
मैं पूरी ताकत से लंड पेल रहा था.
वो लगातार बड़बड़ा रही थी- जीजा जी जोर से चोदो.. आहहह मजा आ रहा है और जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत को जीजा जी.. और जोर से आहह आहहह जोर चोदो, बहुत मजा आ रहा है आहाआह.
वो नीचे से अपनी कमर भी जोर जोर से हिला रही थी.
फच फच की आवाज से कमरा गूंज रहा था.
मादक सिसकारियां मन को मोहे जा रही थीं.
लंड सलहज की बच्चेदानी पर बार बार टकराता और वो सिसकारी लेती, इससे मेरा जोश और बढ़ जाता.
इस दौरान सलहज जोर जोर से सांसें लेने लगी और बड़बड़ाने लगी- जीजा जी और जोर से.
बस उसका शरीर अकड़ने लगा और वो मुझे अपनी बांहों में कस दबाने लगी.
वो जोर जोर से गांड उठाते हुए झड़ गयी.
मैं उसके ऊपर अभी भी लगा हुआ था.
इंदु बोलने लगी- जल्दी जल्दी कर लीजिये, अब कोई आ गया तो दिक्कत हो जाएगी.
मैंने कहा- भाभी, आप घोड़ी बन जाओ ऐसे कोई आ भी गया, तो फटाफट रेडी हो जाएंगे.
उनका बेड दरवाजे से बिल्कुल सामने था कोई आता भी, तो भाभी उसे झुके झुके चुदते टाइम आसानी से देख सकती थी.
अब इंदु बेड के नीचे आ के बेड को पकड़ के झुक गयी और मैं उसकी चुत में फिर से लंड डाल कर अन्दर बाहर करने लगा और मजा लेने लगा.
पर इंदु जल्दी जल्दी निपटने को बोल रही थी कि कोई आ ना जाये.
मैं भी उसकी चुत में जोर जोर से कमर पकड़ कर चुदाई करने लगा.
इंदु को इस आसन में मजा आने लगा, वो बोली- मैंने ऐसे पहले कभी नहीं किया.
अब मेरी सलहज फिर से गर्म होने लगी और पीछे से गांड हिला हिला कर लंड लेने लगी.
इंदु बोली- जीजा जी आप बहुत हॉट हो.. आपने मुझे फिर से गर्म कर दिया.
फिर वो वहीं बेड पे टांगें ऊपर करके लेट गयी और लंड के मजे लेने लगी.
वो फिर से आहहह आहह करने लगी.
मुझे शरारत सूझी, मैंने एक उंगली पे ढेर सारा थूक लगा कर उसकी गांड में डालने लगा.
वो जोश में सिर्फ गर्दन हिला मना कर रही थी और जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी.
मैंने सलहज इंदु को बोला- भाभी, आपकी गांड बहुत मस्त है, एक बार इसे भी चोदने दो.
वो साफ मना करने लगी, बोली- नहीं ये सब नहीं.. बहुत दर्द होता है.
मैंने बोला- प्लीज.. एक बार, अगर दर्द होगा, तो मैं निकाल लूंगा.
मैं एक उंगली तेल लगा कर गांड में देने लगा और चुत चोदने लगा.
फिर मैं दो उंगली गांड के अन्दर बाहर करने लगा.
जब आसानी से अन्दर बाहर होने लगा तो मैंने उसकी टांगों के नीचे तकिया रखा और अपने लंड के ऊपर ढेर सारा तेल लगा कर लंड तैयार कर लिया.
भाभी की गांड के अन्दर ढेर सारा सरसों का तेल डाल कर उंगली डाल के देखा आसानी से अन्दर बाहर हो रही थी.
फिर मैंने अपने लंड के टोपे को गांड के गुलाबी छेद पर लगा के जोर से अन्दर डालने लगा, तो उसने मुझे रोक दिया, बोली- दर्द हो रहा है रहने दो.
मैंने बोला- धीरे धीरे करता हूँ.
फिर मैंने धीरे से लंड के अगले भाग को हल्का से गांड में पुश किया, लंड थोड़ा सा अन्दर चला गया.
मैं रुक गया और वहीं से थोड़ा फिर अन्दर डालने की कोशिश की, अबकी बार मैंने थोड़ा और जोर लगाया.
थोड़ा लंड और अन्दर किया.
कुछ ही पलों में इंदु की गांड के अन्दर लगभग आधा लंड जा चुका था और वो दर्द के मारे लंड को निकालने के लिए बोल रही थी.
वो कह रही थी कि फिर कभी कर लीजियेगा, अभी दर्द हो रहा है.
मैंने बोला- बस मेरा भी काम होने वाला है.
मैंने इंदु की गांड में ही आखिरी के 8-10 धक्के के बाद जोर जोर से आहह हहह आहह करते हुए सलहज की गांड में अपना ढेर सारा कामरस छोड़ दिया.
इंदु ने भी अपना फिर से पानी छोड़ दिया.
मैंने लंड बाहर निकाल कर कपड़े से पौंछ लिया.
इंदु ने भी अपनी चुत और गांड को उसी कपड़े से साफ किया और अपना पेटीकोट साड़ी भी ठीक करके मुझे जोरदार चुम्बन दिया और बोली- अभी कितने दिन रहना है.
तीन दिन बाद घर के सभी लोग शादी में जा रहे हैं, सिर्फ मैं और सास रहेंगे.
रात को मैं फोन करके बता दूंगी, आप आ जाना.
उस दिन मजे से करेंगे पूरे दिल से आपको खुश कर दूंगी.
मैंने भी सलहज को उस दिन एक गिफ्ट देने का वादा किया और एक चुम्बन ले के बाहर आ गया.
अगले 3 दिन बाद क्या हुआ और मैंने क्या गिफ्ट दिया सलहज को … और उसने मुझे कैसे खुश किया, वो सब अगली कहानी में बताऊंगा.
तब तक इजाजत दीजिये, आप सबका अपना हैरी बावेजा.
आप मुझे मेल कर सकते हैं.
[email protected] Face book की भी यही ID है.
आप सभी का धन्यवाद.
आगे की कहानी: पति से परेशान सलहज की चुत मारी-2पति से परेशान सलहज की चुत मारी-2.
स्रोत:इंटरनेट